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Chapter 12 of 15
NCERT Solutions

यशपाल (लखनवी अंदाज़)

Tripura Board · Class 10 · Hindi

NCERT Solutions for यशपाल (लखनवी अंदाज़) — Tripura Board Class 10 Hindi.

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Exercises

1लेखक को नवाब साहब के किन हाव-भावों से महसूस हुआ कि वे उनसे बातचीत करने के लिए तनिक भी उत्सुक नहीं हैं?Show solution
लेखक को नवाब साहब के हाव-भावों से यह लगा कि वे बातचीत में तनिक भी रुचि नहीं रखते। वे खिड़की से बाहर देखते रहे, संगति के लिए उत्साह नहीं दिखाया, और उनके चेहरे पर एकांत चिंतन में विघ्न का असंतोष झलक रहा था। इन संकेतों से लेखक ने समझ लिया कि वे बातचीत करने के इच्छुक नहीं हैं।

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2नवाब साहब ने बहुत ही यत्न से खीरा काटा, नमक-मिर्च बुरका, अंततः सूँघकर ही खिड़की से बाहर फेंक दिया। उन्होंने ऐसा क्यों किया होगा? उनका ऐसा करना उनके कैसे स्वभाव को इंगित करता है?Show solution
नवाब साहब ने खीरा इसलिए इस तरह तैयार किया क्योंकि वे खीरे के स्वाद का नहीं, उसके रसास्वादन की कल्पना का आनंद लेना चाहते थे। उन्होंने खीरा सूँघकर, देखकर और उसके प्रति बनावटी शौक दिखाकर ही संतोष कर लिया। यह उनका दिखावटी, नफासत-प्रिय, सनकी और बनावटी स्वभाव दर्शाता है। इससे पता चलता है कि वे खानदानी रईसपन का प्रदर्शन करना चाहते थे, वास्तविक आवश्यकता या उपयोगिता से अधिक आडंबर को महत्त्व देते थे।

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3बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिखी जा सकती है। यशपाल के इस विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं?Show solution
मैं यशपाल के इस विचार से आंशिक रूप से सहमत हूँ। विचार, घटना और पात्र कहानी के मुख्य आधार होते हैं, इसलिए इनके बिना सामान्य अर्थ में कहानी रचना कठिन है। लेकिन लेखक अपनी भाषा, शैली, व्यंग्य, वातावरण और संकेतों के सहारे किसी प्रसंग को रोचक और अर्थपूर्ण बना सकता है। इस पाठ में भी खीरे की साधारण-सी घटना के माध्यम से नवाबी दिखावे और पतनशील सामंती वर्ग पर व्यंग्य किया गया है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि कहानी के लिए केवल घटना नहीं, बल्कि उद्देश्यपूर्ण प्रस्तुति भी आवश्यक है।

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4आप इस निबंध को और क्या नाम देना चाहेंगे?Show solution
मैं इस निबंध को “रईसी का दिखावा” या “नवाबी नज़ाकत” नाम देना चाहूँगा। यह नाम नवाब साहब के बनावटी शौक, आडंबर और व्यंग्यात्मक स्वर को ठीक से व्यक्त करता है।

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रचना और अभिव्यक्ति

5. (क)नवाब साहब द्वारा खीरा खाने की तैयारी करने का एक चित्र प्रस्तुत किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए।Show solution
नवाब साहब ने खीरा खाने की तैयारी बहुत यत्न और नफ़ासत से की। पहले उन्होंने तौलिया झाड़कर सामने बिछाया, फिर लोटे से खीरों को खिड़की से बाहर धोया और तौलिए से पोंछा। इसके बाद चाकू निकालकर दोनों खीरों के सिर काटे और उन्हें गोदकर झाग निकाला। फिर उन्होंने खीरे को एहतियात से छीलकर फाँकों में काटा और उन फाँकों को तौलिए पर करीने से सजाया। अंत में नमक-मिर्च छिड़ककर, उन्हें सूँघा और खिड़की से बाहर फेंक दिया।

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5. (ख)किन-किन चीजों का रसास्वादन करने के लिए आप किस प्रकार की तैयारी करते हैं?
6खीरे के संबंध में नवाब साहब के व्यवहार को उनकी सनक कहा जा सकता है। आपने नवाबों की और भी सनकों और शौक के बारे में पढ़ा-सुना होगा। किसी एक के बारे में लिखिए।
7क्या सनक का कोई सकारात्मक रूप हो सकता है? यदि हाँ तो ऐसी सनकों का उल्लेख कीजिए।

भाषा-अध्ययन

8निम्नलिखित वाक्यों में से क्रियापद छाँटकर क्रिया-भेद भी लिखिए—

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in यशपाल (लखनवी अंदाज़) for Tripura Board Class 10 Hindi?
Key topics in यशपाल (लखनवी अंदाज़) include नवाब साहब का खीरे वाला पूरा प्रसंग — सही बनाम गलत व्याख्या, लखनवी अंदाज़ - अध्याय का वैचारिक मानचित्र, लखनवी अंदाज़ — विषय-वस्तु का मानचित्र. These are the concepts Tripura Board Class 10 examiners draw on most — study them first, then practise related questions.
How to score full marks in यशपाल (लखनवी अंदाज़) — Tripura Board Class 10 Hindi?
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Sources & Official References

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