नेताजी का चश्मा
Tripura Board · Class 10 · Hindi
NCERT Solutions for नेताजी का चश्मा — Tripura Board Class 10 Hindi.
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Explore the full setनेताजी का चश्मा — प्रश्न-उत्तर (क्षितिज-2, कक्षा 10)
1सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे?Show solution
उत्तर: चश्मेवाला सेनानी नहीं था, परंतु उसके हृदय में देशभक्ति की भावना कूट-कूटकर भरी थी। वह नेताजी सुभाषचंद्र बोस की मूर्ति को बिना चश्मे के नहीं देख सकता था, इसलिए वह अपनी दुकान के उपलब्ध फ्रेमों में से एक चश्मा मूर्ति पर लगा देता था। जब भी कोई ग्राहक उस फ्रेम को खरीद लेता, वह दूसरा चश्मा मूर्ति पर लगा देता। इस प्रकार वह अपनी सीमित सामर्थ्य के बावजूद देश के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान प्रकट करता था। उसकी इसी देशभक्ति की भावना और नेताजी के प्रति अगाध प्रेम के कारण लोग उसे सम्मानपूर्वक 'कैप्टन' कहते थे। यह उपाधि उसकी देशप्रेम की भावना का प्रतीक थी।
2(क)हालदार साहब पहले मायूस क्यों हो गए थे?Show solution
उत्तर: हालदार साहब इसलिए मायूस हो गए थे क्योंकि जब उन्हें पानवाले से यह पता चला कि कैप्टन चश्मेवाला अब नहीं रहा, तो उन्हें लगा कि अब नेताजी की मूर्ति पर चश्मा लगाने वाला कोई नहीं बचा। उन्हें यह सोचकर दुख हुआ कि देशभक्ति की वह छोटी-सी लौ जो कैप्टन जलाए रखता था, अब बुझ गई। इसीलिए उन्होंने ड्राइवर को चौराहे पर रुकने से मना कर दिया था, क्योंकि वे मूर्ति को बिना चश्मे के देखना नहीं चाहते थे — वह दृश्य उन्हें और अधिक उदास कर देता।
2(ख)मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है?Show solution
उत्तर: मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा यह उम्मीद जगाता है कि देशभक्ति की भावना केवल बड़े-बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भावना बच्चों के कोमल हृदय में भी जीवित है। किसी बच्चे ने अपनी सरल बुद्धि और निश्छल देशप्रेम से सरकंडे का चश्मा बनाकर मूर्ति पर रखा — यह संकेत करता है कि आने वाली पीढ़ी में भी राष्ट्रीय भावना जीवित है। यह इस बात की उम्मीद जगाता है कि देश में देशभक्ति की परंपरा कभी समाप्त नहीं होगी और नई पीढ़ी इसे आगे बढ़ाती रहेगी।
2(ग)हालदार साहब इतनी-सी बात पर भावुक क्यों हो उठे?Show solution
उत्तर: हालदार साहब एक संवेदनशील और देशभक्त व्यक्ति थे। वे पहले से ही कैप्टन की मृत्यु से दुखी थे और सोच रहे थे कि अब मूर्ति पर चश्मा लगाने वाला कोई नहीं रहा। ऐसे में जब उन्होंने देखा कि किसी बच्चे ने सरकंडे का छोटा-सा चश्मा बनाकर मूर्ति पर रख दिया है, तो उनका मन भर आया। यह दृश्य उन्हें यह विश्वास दिला गया कि देशभक्ति की भावना अभी भी जीवित है। एक छोटे बच्चे की इस निश्छल देशभक्ति ने उनके हृदय को गहराई से छू लिया और वे भावुक हो उठे।
3आशय स्पष्ट कीजिए— 'बार-बार सोचते, क्या होगा उस कौम का जो अपने देश की खातिर घर-गृहस्थी-जवानी-ज़िंदगी सब कुछ होम देनेवालों पर भी हँसती है और अपने लिए बिकने के मौके ढूँढ़ती है।'Show solution
आशय: इस पंक्ति में लेखक ने उन लोगों पर व्यंग्य किया है जो देशभक्तों का सम्मान करने के बजाय उनका उपहास करते हैं। जो लोग देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व — घर, परिवार, जवानी और जीवन तक — न्योछावर कर देते हैं, उन पर हँसना और उनका मज़ाक उड़ाना अत्यंत निंदनीय है। इसके विपरीत, जो लोग स्वयं के स्वार्थ के लिए देश को बेचने के अवसर खोजते हैं, वे समाज के लिए घातक हैं।
लेखक का आशय यह है कि जिस समाज में देशभक्तों का उपहास होता है और स्वार्थी लोगों को सम्मान मिलता है, उस समाज का भविष्य अंधकारमय होता है। ऐसी कौम कभी उन्नति नहीं कर सकती। यह पंक्ति हमें आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती है कि हम देशभक्तों का सम्मान करें और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें।
4पानवाले का एक रेखाचित्र प्रस्तुत कीजिए।Show solution
पानवाला कस्बे के चौराहे पर अपनी छोटी-सी पान की दुकान चलाता था। वह एक मोटा और खुशमिज़ाज व्यक्ति था जिसके गाल हमेशा पान से भरे रहते थे। उसकी आँखें चमकदार और वाणी में व्यंग्य का पुट था।
वह बातूनी स्वभाव का था और हर बात पर फ़ौरन टिप्पणी करता था। कैप्टन चश्मेवाले के बारे में उसने हँसते हुए कहा था — 'वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!' — इससे उसके उथले स्वभाव का पता चलता है।
हालाँकि वह ऊपर से कठोर और व्यंग्यी दिखता था, परंतु भीतर से वह संवेदनशील भी था। जब उसने कैप्टन की मृत्यु की बात बताई तो वह उदास हो गया, उसने पान नीचे थूका, सिर झुका लिया और धोती के सिरे से आँखें पोंछने लगा। इससे स्पष्ट होता है कि उसके हृदय में कैप्टन के प्रति सम्मान और स्नेह था, भले ही वह उसे बाहर से प्रकट नहीं करता था।
संक्षेप में, पानवाला एक साधारण, बातूनी, व्यंग्यप्रिय किंतु भीतर से भावुक व्यक्ति था।
5'वो लँगड़ा क्या जाएगा फ्रौज में। पागल है पागल!' — कैप्टन के प्रति पानवाले की इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया लिखिए।Show solution
पानवाले की यह टिप्पणी अत्यंत संकुचित सोच और असंवेदनशीलता को दर्शाती है। कैप्टन शारीरिक रूप से अक्षम था, परंतु उसका हृदय देशभक्ति से ओत-प्रोत था। वह फ़ौज में भर्ती नहीं हो सका, परंतु उसने अपने तरीके से देशप्रेम प्रकट किया — नेताजी की मूर्ति पर बार-बार चश्मा लगाकर।
पानवाले ने उसे 'पागल' कहा, जबकि वास्तव में कैप्टन जैसे लोग ही सच्चे देशभक्त होते हैं। देशभक्ति केवल युद्धभूमि पर लड़ने से नहीं, बल्कि मन में राष्ट्र के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना रखने से भी प्रकट होती है।
पानवाले की टिप्पणी उन लोगों का प्रतिनिधित्व करती है जो दूसरों की भावनाओं और योगदान को नहीं समझते। हमें ऐसे लोगों से प्रेरणा लेनी चाहिए जो अपनी सीमाओं के बावजूद देश के लिए कुछ करते हैं, न कि उनका उपहास करना चाहिए। कैप्टन 'पागल' नहीं, बल्कि एक सच्चा देशभक्त था जिसे हमारा सम्मान मिलना चाहिए था।
6(क)हालदार साहब हमेशा चौराहे पर रुकते और नेताजी को निहारते — यह वाक्य पात्र की कौन-सी विशेषता की ओर संकेत करता है?Show solution
हालदार साहब एक व्यस्त अधिकारी थे, फिर भी वे हर बार उस कस्बे से गुज़रते समय चौराहे पर रुककर नेताजी की मूर्ति को ध्यान से देखते थे। यह उनके हृदय में नेताजी के प्रति गहरे सम्मान और देश के प्रति प्रेम को दर्शाता है। साथ ही यह उनकी जिज्ञासु और भावुक प्रकृति को भी उजागर करता है।
6(ख)पानवाला उदास हो गया। उसने पीछे मुड़कर मुँह का पान नीचे थूका और सिर झुकाकर अपनी धोती के सिरे से आँखें पोंछता हुआ बोला—साहब! कैप्टन मर गया। — यह वाक्य पात्र की कौन-सी विशेषता की ओर संकेत करता है?Show solution
पानवाला ऊपर से व्यंग्यी और कठोर दिखता था, परंतु कैप्टन की मृत्यु की बात करते समय उसका दुख छलक पड़ा। उसने आँखें पोंछीं — यह दर्शाता है कि वह भीतर से भावुक था। यह वाक्य यह भी बताता है कि साधारण दिखने वाले लोगों के हृदय में भी गहरी संवेदनाएँ होती हैं।
6(ग)कैप्टन बार-बार मूर्ति पर चश्मा लगा देता था — यह वाक्य पात्र की कौन-सी विशेषता की ओर संकेत करता है?Show solution
कैप्टन एक गरीब फेरीवाला था। उसके पास धन-संपत्ति नहीं थी, शरीर भी अक्षम था, परंतु उसके हृदय में देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित थी। वह बार-बार मूर्ति पर चश्मा लगाता था — यह उसकी दृढ़ता, लगन और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। वह अपनी सीमाओं के बावजूद देश के प्रति अपना कर्तव्य निभाता रहा।
7जब तक हालदार साहब ने कैप्टन को साक्षात् देखा नहीं था तब तक उनके मानस पटल पर उसका कौन-सा चित्र रहा होगा, अपनी कल्पना से लिखिए।Show solution
जब तक हालदार साहब ने कैप्टन को साक्षात् नहीं देखा था, तब तक उनके मन में उसका एक विशेष चित्र रहा होगा। 'कैप्टन' शब्द सुनकर उनके मानस पटल पर एक लंबे-चौड़े, स्वस्थ, गठीले शरीर वाले, वर्दीधारी और रौबदार व्यक्ति की छवि उभरती होगी। वे सोचते होंगे कि यह कोई पूर्व सैनिक होगा जो देश की सेवा कर चुका है और अब सेवानिवृत्त होकर यहाँ रह रहा है।
उन्हें लगता होगा कि कैप्टन एक अनुशासित, गंभीर और देशभक्त व्यक्ति होगा जो अपनी सैनिक पृष्ठभूमि के कारण नेताजी की मूर्ति का सम्मान करता है। उसकी आवाज़ में दृढ़ता और चाल में फ़ौजी अकड़ होगी।
परंतु जब उन्होंने वास्तव में कैप्टन को देखा — एक दुबले-पतले, लँगड़े, साधारण से फेरीवाले के रूप में — तो वे चौंक गए। इस वास्तविकता ने उनकी कल्पना को पूरी तरह बदल दिया, परंतु साथ ही उनके मन में कैप्टन के प्रति सम्मान और भी बढ़ गया।
8(क)कस्बों, शहरों, महानगरों के चौराहों पर मूर्ति लगाने के क्या उद्देश्य हो सकते हैं?Show solution
1. प्रेरणा का स्रोत: महान व्यक्तियों की मूर्तियाँ आने-जाने वाले लोगों को उनके जीवन और कार्यों से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
2. सम्मान और श्रद्धांजलि: जिन लोगों ने देश, समाज या किसी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना।
3. इतिहास का संरक्षण: मूर्तियाँ इतिहास को जीवित रखती हैं और नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के बलिदान और योगदान से परिचित कराती हैं।
4. राष्ट्रीय एकता: राष्ट्रीय नेताओं की मूर्तियाँ देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करती हैं।
5. सांस्कृतिक पहचान: स्थानीय महापुरुषों की मूर्तियाँ उस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती हैं।
8(ख)आप अपने इलाके के चौराहे पर किस व्यक्ति की मूर्ति स्थापित करवाना चाहेंगे और क्यों?Show solution
मैं अपने इलाके के चौराहे पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित करवाना चाहूँगा/चाहूँगी।
कारण:
1. डॉ. अंबेडकर ने समाज के दलित और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
2. वे भारतीय संविधान के निर्माता थे जिसने सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए।
3. उनकी मूर्ति समाज में समानता, न्याय और भाईचारे का संदेश देगी।
4. उनका जीवन संघर्ष और सफलता की कहानी युवाओं को प्रेरित करेगी।
5. वे शिक्षा के प्रबल समर्थक थे — उनकी मूर्ति बच्चों को शिक्षा के महत्व की याद दिलाएगी।
*(नोट: विद्यार्थी अपनी पसंद के किसी भी महापुरुष का नाम लिखकर उचित कारण दे सकते हैं।)*
8(ग)उस मूर्ति के प्रति आपके एवं दूसरे लोगों के क्या उत्तरदायित्व होने चाहिए?Show solution
1. स्वच्छता: मूर्ति और उसके आसपास के क्षेत्र को साफ-सुथरा रखना।
2. सम्मान: मूर्ति के साथ अभद्र व्यवहार न करना, उस पर कुछ न लिखना और न ही तोड़-फोड़ करना।
3. रखरखाव: समय-समय पर मूर्ति की मरम्मत और रंग-रोगन करवाना।
4. जागरूकता: उस महापुरुष के जीवन और कार्यों के बारे में लोगों को जागरूक करना।
5. प्रेरणा ग्रहण करना: केवल मूर्ति लगाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिए।
6. विशेष अवसरों पर सम्मान: उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करना।
9सीमा पर तैनात फ़ौजी ही देश-प्रेम का परिचय नहीं देते। हम सभी अपने दैनिक कार्यों में किसी न किसी रूप में देश-प्रेम प्रकट करते हैं — ऐसे कार्यों का उल्लेख कीजिए।Show solution
1. सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा: सरकारी इमारतों, पार्कों, सड़कों आदि को नुकसान न पहुँचाना।
2. पर्यावरण संरक्षण: पेड़-पौधे लगाना, प्लास्टिक का उपयोग कम करना, जल संरक्षण करना।
3. ईमानदारी से कर चुकाना: सरकार को सही कर देना ताकि देश का विकास हो सके।
4. मतदान: चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करना।
5. स्वच्छता अभियान: अपने घर, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना।
6. स्वदेशी उत्पादों का उपयोग: भारत में बने उत्पादों को प्राथमिकता देना।
7. शिक्षा का प्रसार: निरक्षर लोगों को पढ़ाने में सहयोग करना।
8. यातायात नियमों का पालन: सड़क पर अनुशासन बनाए रखना।
9. सामाजिक सद्भाव: जाति, धर्म, भाषा के भेदभाव से ऊपर उठकर सभी के साथ मिलकर रहना।
10. राष्ट्रीय पर्वों का सम्मान: स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस आदि को उत्साह से मनाना।
10निम्नलिखित पंक्तियों में स्थानीय बोली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है, आप इन पंक्तियों को मानक हिंदी में लिखिए— 'कोई गिराक आ गया समझो। उसको चौड़े चौखट चाहिए। तो कैप्टन किदर से लाएगा? तो उसको मूर्तिवाला दे दिया। उदर दूसरा बिठा दिया।'Show solution
'समझो कोई ग्राहक आ गया। उसे चौड़े फ्रेम चाहिए। तो कैप्टन कहाँ से लाएगा? तो उसने (कैप्टन ने) वह फ्रेम मूर्तिवाले को दे दिया। और वहाँ दूसरा (चश्मा) लगा दिया।'
स्पष्टीकरण:
- 'गिराक' = ग्राहक
- 'चौखट' = फ्रेम
- 'किदर से' = कहाँ से
- 'उदर' = वहाँ
11'भई खूब! क्या आइडिया है।' इस वाक्य को ध्यान में रखते हुए बताइए कि एक भाषा में दूसरी भाषा के शब्दों के आने से क्या लाभ होते हैं?Show solution
उपर्युक्त वाक्य में हिंदी के साथ अंग्रेज़ी का शब्द 'आइडिया' प्रयुक्त हुआ है। इससे निम्नलिखित लाभ होते हैं:
1. भाषा का विस्तार: दूसरी भाषाओं के शब्द आने से भाषा का शब्द-भंडार समृद्ध होता है।
2. सरल संप्रेषण: जब किसी भाषा में किसी विचार को व्यक्त करने के लिए उचित शब्द न हो, तो दूसरी भाषा का शब्द लेने से बात आसानी से समझ में आती है।
3. व्यावहारिकता: बोलचाल की भाषा में ऐसे शब्द स्वाभाविक रूप से घुल-मिल जाते हैं और भाषा को जीवंत बनाते हैं।
4. सांस्कृतिक आदान-प्रदान: भाषाओं का मिश्रण विभिन्न संस्कृतियों के बीच सेतु का काम करता है।
5. भाषा का विकास: भाषाएँ स्थिर नहीं होतीं; दूसरी भाषाओं के शब्द ग्रहण करके वे विकसित होती हैं। जैसे हिंदी में अरबी, फ़ारसी, अंग्रेज़ी आदि के अनेक शब्द आ गए हैं।
6. सहजता: परिचित विदेशी शब्दों का प्रयोग करने से वक्ता और श्रोता दोनों को सहजता महसूस होती है।
12(क)निम्नलिखित वाक्य से निपात छाँटिए और उनसे नए वाक्य बनाइए— 'नगरपालिका थी तो कुछ न कुछ करती भी रहती थी।'Show solution
नया वाक्य: राम पढ़ाई के साथ-साथ खेलता भी है।
12(ख)निम्नलिखित वाक्य से निपात छाँटिए और उनसे नए वाक्य बनाइए— 'किसी स्थानीय कलाकार को ही अवसर देने का निर्णय किया गया होगा।'Show solution
नया वाक्य: इस काम को तुम ही कर सकते हो।
12(ग)निम्नलिखित वाक्य से निपात छाँटिए और उनसे नए वाक्य बनाइए— 'यानी चश्मा तो था लेकिन संगमरमर का नहीं था।'Show solution
नया वाक्य: वह आया तो था, परंतु जल्दी चला गया।
12(घ)निम्नलिखित वाक्य से निपात छाँटिए और उनसे नए वाक्य बनाइए— 'हालदार साहब अब भी नहीं समझ पाए।'Show solution
नया वाक्य: इतनी मेहनत के बाद भी वह परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाया।
12(ङ)निम्नलिखित वाक्य से निपात छाँटिए और उनसे नए वाक्य बनाइए— 'दो साल तक हालदार साहब अपने काम के सिलसिले में उस कस्बे से गुज़रते रहे।'Show solution
नया वाक्य: वह रात तक काम करता रहा।
13(क)निम्नलिखित वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए— 'वह अपनी छोटी-सी दुकान में उपलब्ध गिने-चुने फ्रेमों में से नेताजी की मूर्ति पर फिट कर देता है।'Show solution
13(ख)निम्नलिखित वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए— 'पानवाला नया पान खा रहा था।'Show solution
13(ग)निम्नलिखित वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए— 'पानवाले ने साफ़ बता दिया था।'Show solution
13(घ)निम्नलिखित वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए— 'ड्राइवर ने जोर से ब्रेक मारे।'Show solution
13(ङ)निम्नलिखित वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए— 'नेताजी ने देश के लिए अपना सब कुछ त्याग दिया।'Show solution
13(च)निम्नलिखित वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए— 'हालदार साहब ने चश्मेवाले की देशभक्ति का सम्मान किया।'Show solution
14(क)निम्नलिखित वाक्य को भाववाच्य में बदलिए— 'माँ बैठ नहीं सकती।'Show solution
14(ख)निम्नलिखित वाक्य को भाववाच्य में बदलिए— 'मैं देख नहीं सकती।'Show solution
14(ग)निम्नलिखित वाक्य को भाववाच्य में बदलिए— 'चलो, अब सोते हैं।'Show solution
14(घ)निम्नलिखित वाक्य को भाववाच्य में बदलिए— 'माँ रो भी नहीं सकती।'Show solution
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