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Chapter 3 of 10
NCERT Solutions

एक आशीर्वाद

CBSE · Class 8 · Hindi

NCERT Solutions for एक आशीर्वाद — CBSE Class 8 Hindi.

44 questions20 flashcards5 concepts

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24 Questions Solved · 14 Sections

मेरी समझ से

1कविता में किसे संबोधित किया गया है?
- युवा वर्ग को
- नागरिकों को
- बच्चों को
- श्रमिकों को
Show solution
युवा वर्ग को
बच्चों को

स्पष्टीकरण: कविता 'एक आशीर्वाद' में कवि दुष्यंत कुमार ने 'जा, तेरे स्वप्न बड़े हों' जैसी पंक्तियों के माध्यम से आने वाली पीढ़ी — अर्थात् बच्चों और युवा वर्ग — को संबोधित किया है। कविता में उन्हें बड़े सपने देखने, आत्मनिर्भर बनने और चुनौतियों का सामना करने का आशीर्वाद दिया गया है।
2"तेरे स्वप्न बड़े हों" पंक्ति में 'स्वप्न' से क्या आशय है?
- कल्पना की उड़ान भरना
- आकांक्षाएँ और रुचियाँ रखना
- बहुत-सी उपलब्धियाँ पाना
- बड़े लक्ष्य निर्धारित करना
Show solution
आकांक्षाएँ और रुचियाँ रखना
बड़े लक्ष्य निर्धारित करना

स्पष्टीकरण: यहाँ 'स्वप्न' का अर्थ केवल रात को देखे जाने वाले सपने नहीं है, बल्कि जीवन में ऊँची आकांक्षाएँ रखना और बड़े लक्ष्य निर्धारित करना है। कवि चाहते हैं कि व्यक्ति अपने जीवन में महत्त्वाकांक्षी बने और अपनी रुचियों के अनुसार लक्ष्य तय करे।
3"उँगली जलाएँ" पंक्ति में उँगली जलाने का भाव है—
- चुनौतियों को स्वीकार करना
- प्रकाश का प्रसार करना
- अग्नि के ताप का अनुभव करना
- कष्टों से नहीं घबराना
Show solution
चुनौतियों को स्वीकार करना
कष्टों से नहीं घबराना

स्पष्टीकरण: 'उँगली जलाएँ' एक प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति है। दीये की रोशनी पाने के लिए उसकी लौ के पास जाना पड़ता है, जिससे उँगली जल सकती है। इसका भाव यह है कि लक्ष्य प्राप्ति के मार्ग में कष्ट और चुनौतियाँ आती हैं, उनसे घबराना नहीं चाहिए बल्कि उन्हें स्वीकार करना चाहिए।
4"अपने पाँवों पर खड़े हों" पंक्ति से क्या आशय है?
- अपने पैरों पर खड़े होना
- सफलता प्राप्त करना
- कठिनाइयों का सामना करना
- आत्मनिर्भर होना
Show solution
आत्मनिर्भर होना
कठिनाइयों का सामना करना

स्पष्टीकरण: 'अपने पाँवों पर खड़े होना' मुहावरे का अर्थ है — किसी पर निर्भर न रहकर स्वयं अपनी शक्ति और सामर्थ्य से जीवन में आगे बढ़ना। इसमें आत्मनिर्भरता और कठिनाइयों का डटकर सामना करने का भाव निहित है।

मिलकर करें मिलान

1कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ स्तंभ 1 में दी गई हैं। उन पंक्तियों के भाव या संदर्भ स्तंभ 2 में दिए गए हैं। पंक्तियों को उनके सही भाव अथवा संदर्भों से मिलाइए।Show solution
सही मिलान इस प्रकार है:

| क्रम | स्तंभ 1 | स्तंभ 2 |
|---|---|---|
| 1. | भावना की गोद से उतरकर जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें | 3. भावनाओं में न बहकर वास्तविकता का सामना करना |
| 2. | हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ | 1. विविध ज्ञान के प्रति आकृष्ट होना और उसे पाने की ललक होना |
| 3. | चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठना-मचलना सीखें | 4. असंभव से लगने वाले लक्ष्यों के लिए हठ और प्रयास करना |
| 4. | ...हँसें/मुसकराएँ/गाएँ | 2. सपनों को आनंद और मुस्कुराहटों में बदलें। कठिन परिस्थितियों में भी मनोबल बनाए रखें। |

स्पष्टीकरण:
- पंक्ति 1 में 'भावना की गोद' से उतरकर 'पृथ्वी पर चलने' का अर्थ है — भावुकता छोड़कर व्यावहारिक जीवन की वास्तविकता का सामना करना।
- पंक्ति 2 में 'हर दीये की रोशनी देखकर ललचाना' का अर्थ है — हर प्रकार के ज्ञान और अवसर के प्रति जिज्ञासा और ललक रखना।
- पंक्ति 3 में 'चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों' के लिए 'रूठना-मचलना' का अर्थ है — कठिन और असंभव लगने वाले लक्ष्यों के लिए भी दृढ़ता से प्रयास करना।
- पंक्ति 4 में 'हँसें/मुसकराएँ/गाएँ' का अर्थ है — जीवन में प्रसन्नता बनाए रखना और कठिन समय में भी उत्साह न खोना।

पंक्तियों पर चर्चा

"जा, तेरे स्वप्न बड़े हों" — इस पंक्ति का अर्थ लिखिए।Show solution
दिया गया भाव:

इस पंक्ति में कवि आशीर्वाद के रूप में कह रहे हैं — 'जा, तेरे सपने बड़े हों।'

अर्थ एवं विश्लेषण:
यहाँ 'स्वप्न' का अर्थ केवल रात को देखे जाने वाले सपने नहीं हैं, बल्कि जीवन में रखी जाने वाली ऊँची आकांक्षाएँ, महत्त्वाकांक्षाएँ और लक्ष्य हैं। कवि चाहते हैं कि व्यक्ति छोटी-छोटी इच्छाओं तक सीमित न रहे, बल्कि बड़े और उद्देश्यपूर्ण लक्ष्य निर्धारित करे। बड़े सपने देखने से ही बड़ी उपलब्धियाँ संभव होती हैं। यह पंक्ति एक बड़े के द्वारा छोटे को दिए जाने वाले आशीर्वाद की तरह है जिसमें उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई है।
"जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें" — इस पंक्ति का अर्थ लिखिए।Show solution
दिया गया भाव:

इस पंक्ति में कवि कहते हैं कि भावनाओं की दुनिया से जल्दी बाहर निकलकर वास्तविक जीवन में कदम रखना सीखो।

अर्थ एवं विश्लेषण:
'भावना की गोद' का अर्थ है — कल्पनाओं और भावनाओं में डूबे रहना। 'पृथ्वी पर चलना' का अर्थ है — व्यावहारिक जीवन की वास्तविकताओं का सामना करना। कवि का संदेश है कि केवल सपने देखते रहना पर्याप्त नहीं है; उन्हें साकार करने के लिए व्यावहारिक धरातल पर उतरकर कार्य करना आवश्यक है। जो व्यक्ति भावनाओं में बहता रहता है और वास्तविकता से मुँह मोड़ता है, वह जीवन में आगे नहीं बढ़ सकता।
"चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठना-मचलना सीखें" — इस पंक्ति का अर्थ लिखिए।Show solution
दिया गया भाव:

इस पंक्ति में कवि कहते हैं कि जो लक्ष्य चाँद-तारों की तरह दूर और कठिन लगते हों, उन्हें पाने के लिए भी हठ और दृढ़ता के साथ प्रयास करना सीखो।

अर्थ एवं विश्लेषण:
'चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयाँ' उन लक्ष्यों और सत्यों का प्रतीक हैं जो बहुत कठिन और असंभव-से लगते हैं। 'रूठना-मचलना' का अर्थ है — बच्चे की तरह जिद करना और हार न मानना। कवि का संदेश है कि असंभव लगने वाले लक्ष्यों के लिए भी हार नहीं माननी चाहिए। जिस प्रकार एक बच्चा अपनी माँ से मनचाही चीज़ पाने के लिए रूठता-मचलता है, उसी प्रकार जीवन में भी कठिन लक्ष्यों के लिए दृढ़ता और लगन से प्रयास करते रहना चाहिए।

अनुमान और कल्पना से

कविता में सपनों के बड़े होने की बात की गई है। आपके अनुसार बड़े सपने कौन-कौन से हो सकते हैं और क्यों?Show solution
बड़े सपने और उनका महत्त्व:

बड़े सपने वे होते हैं जो न केवल हमारे अपने जीवन को बेहतर बनाएँ, बल्कि समाज और देश के लिए भी उपयोगी हों। कुछ बड़े सपनों के उदाहरण:

1. एक कुशल वैज्ञानिक बनना — ताकि नई खोजें करके मानवता की समस्याओं का समाधान किया जा सके।
2. एक अच्छा शिक्षक बनना — ताकि आने वाली पीढ़ियों को ज्ञान और संस्कार दिए जा सकें।
3. देश की सेवा करना — सेना, प्रशासन या समाजसेवा के माध्यम से।
4. पर्यावरण की रक्षा करना — ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरा-भरा संसार मिले।
5. गरीबी और भुखमरी दूर करना — समाज के वंचित वर्गों की मदद करना।

ये सपने 'बड़े' इसलिए हैं क्योंकि इनमें स्वयं के साथ-साथ दूसरों की भलाई का भाव भी निहित है।
"हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ/उँगली जलाएँ" पंक्ति में सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ललक की बात की गई है। ललक के साथ और क्या-क्या होना आवश्यक है और क्यों?Show solution
ललक के साथ आवश्यक तत्त्व:

केवल ललक (इच्छा) होना पर्याप्त नहीं है। लक्ष्य प्राप्ति के लिए निम्नलिखित बातें भी आवश्यक हैं:

1. योजना (Planning): लक्ष्य को छोटे-छोटे चरणों में बाँटकर एक सुनिश्चित योजना बनानी चाहिए। बिना योजना के ललक दिशाहीन हो जाती है।

2. निरंतर प्रयास (Consistent Effort): केवल सोचने से काम नहीं चलता; नियमित और कठोर परिश्रम करना आवश्यक है।

3. धैर्य (Patience): सफलता तुरंत नहीं मिलती। असफलताओं से निराश हुए बिना धैर्यपूर्वक प्रयास जारी रखना चाहिए।

4. आत्मविश्वास (Self-confidence): स्वयं पर विश्वास रखना आवश्यक है कि हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।

5. सहयोग (Cooperation): परिवार, मित्रों और गुरुजनों का मार्गदर्शन और सहयोग लेना भी महत्त्वपूर्ण है।

इन सभी तत्त्वों के संयोग से ही ललक सफलता में बदलती है।
कल्पना कीजिए कि आपका सपना ही आपका मित्र है। आपको उससे बातचीत करनी हो तो क्या बात करेंगे?Show solution
सपने से बातचीत (कल्पनाशील उत्तर):

मैं: नमस्ते मित्र! तुम मेरे साथ बहुत समय से हो, पर मैंने तुमसे कभी ठीक से बात नहीं की।

सपना: हाँ, मैं तो हमेशा तुम्हारे साथ हूँ — दिन में भी, रात में भी। पर तुम कभी-कभी मुझे भूल जाते हो।

मैं: मित्र, मैं तुम्हें पूरा करना चाहता हूँ। मुझे बताओ, मुझे क्या करना होगा?

सपना: सबसे पहले मुझ पर विश्वास करो। फिर मेहनत करो, पढ़ो, सीखो। हर बाधा को पार करने की हिम्मत रखो।

मैं: क्या तुम हमेशा मेरे साथ रहोगे?

सपना: जब तक तुम मुझे याद रखोगे और मेरे लिए प्रयास करते रहोगे, मैं तुम्हारे साथ हूँ। मुझे मत छोड़ना।

मैं: वादा करता हूँ, मैं तुम्हें साकार करके रहूँगा।

इस प्रकार अपने सपने से बातचीत करने से हमें अपने लक्ष्य के प्रति प्रेरणा और दिशा मिलती है।
यदि आप किसी को आशीर्वाद देना चाहते हों तो आप किसे और क्या आशीर्वाद देंगे और क्यों?Show solution
आशीर्वाद:

यदि मुझे किसी को आशीर्वाद देना हो तो मैं अपने छोटे भाई/बहन को आशीर्वाद देना चाहूँगा।

आशीर्वाद के शब्द:

'जा, तू खूब पढ़, खूब सीख। तेरे सपने बड़े हों और तू उन्हें पूरा करने का साहस रखे। जीवन में कभी हार मत मान। हर कठिनाई को एक अवसर समझ। अपने पाँवों पर खड़ा हो और दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन।'

कारण:
मैं यह आशीर्वाद इसलिए देना चाहूँगा क्योंकि छोटे भाई-बहन हमारे सबसे करीबी होते हैं। उनकी सफलता और खुशी हमें भी खुशी देती है। बड़े होने के नाते यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन्हें सही दिशा दिखाएँ और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करें।

कविता की रचना

1इस कविता में सपने को मनुष्य की तरह हँसते, मुसकराते, गाते हुए बताया गया है। इस प्रकार की अन्य विशेषताएँ भी दिखाई देंगी। उन्हें लिखिए।Show solution
कविता में मानवीकरण (Personification) की विशेषताएँ:

इस कविता में 'स्वप्न' को एक जीवित मनुष्य की तरह चित्रित किया गया है। यह मानवीकरण अलंकार का सुंदर उदाहरण है। निम्नलिखित पंक्तियों में यह विशेषता दिखाई देती है:

1. 'हँसें/मुसकराएँ/गाएँ' — सपने को हँसने, मुसकराने और गाने की क्षमता दी गई है, जो मनुष्य के भाव हैं।

2. 'रूठना-मचलना सीखें' — रूठना और मचलना बच्चों या मनुष्यों की क्रियाएँ हैं जो यहाँ सपने पर आरोपित की गई हैं।

3. 'पृथ्वी पर चलना सीखें' — चलना सीखना एक शिशु की क्रिया है, जिसे यहाँ सपने के संदर्भ में प्रयुक्त किया गया है।

4. 'उँगली जलाएँ' — यह भी एक मानवीय क्रिया है जो सपने को साकार करने के प्रयास से जोड़ी गई है।

इस प्रकार पूरी कविता में 'स्वप्न' को एक जीवंत, भावनाशील और क्रियाशील मनुष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो इस कविता की सबसे बड़ी काव्य-विशेषता है।

सृजन

1किसी एक संज्ञा शब्द के साथ विभिन्न क्रिया शब्दों का प्रयोग करते हुए अपनी कविता बनाइए।Show solution
नमूना कविता — 'नदी' को केंद्र में रखकर:

नदी को
बहते देखा है,
गाते देखा है,
पत्थरों से टकराते देखा है,
किनारों को सींचते देखा है,
सागर से मिलते देखा है।

---

एक और नमूना — 'पवन' को केंद्र में रखकर:

पवन को
बहते देखा है,
गाते देखा है,
फूलों को हिलाते देखा है,
पत्तों से खेलते देखा है,
थके मुसाफिर को सहलाते देखा है।

---

विद्यार्थियों के लिए निर्देश: आप 'सूरज', 'पेड़', 'माँ', 'पुस्तक' आदि किसी भी संज्ञा शब्द को केंद्र में रखकर इसी प्रकार क्रिया शब्दों का प्रयोग करते हुए अपनी मौलिक कविता बना सकते हैं।

कविता का शीर्षक

1यदि इस कविता की ही किसी पंक्ति या शब्द को कविता का शीर्षक बनाना हो तो आप कौन-सी पंक्ति या शब्द चुनेंगे और क्यों?Show solution
चुना गया शीर्षक: 'तेरे स्वप्न बड़े हों'

कारण:

मैं इस पंक्ति को कविता का शीर्षक बनाना चाहूँगा क्योंकि:

1. यह पंक्ति कविता के केंद्रीय भाव को सबसे सटीक रूप से व्यक्त करती है। पूरी कविता 'स्वप्न' के इर्द-गिर्द बुनी गई है।

2. यह पंक्ति एक आशीर्वाद के रूप में है जो कविता के मूल उद्देश्य — बड़े सपने देखने की प्रेरणा देना — को दर्शाती है।

3. यह पंक्ति संक्षिप्त, सरल और प्रभावशाली है जो पाठक को तुरंत कविता के विषय से परिचित करा देती है।

4. इसमें आशीर्वाद का भाव भी निहित है जो मूल शीर्षक 'एक आशीर्वाद' से मेल खाता है।

इस प्रकार 'तेरे स्वप्न बड़े हों' एक उपयुक्त और अर्थपूर्ण शीर्षक होगा।

भाषा की बात

'स्वप्न' से जुड़े शब्द लिखिए।Show solution
'स्वप्न' से जुड़े शब्द:

| श्रेणी | शब्द |
|---|---|
| समानार्थी शब्द | सपना, ख्वाब, कल्पना, आकांक्षा, इच्छा |
| स्वप्न से बने शब्द | स्वप्नदृष्टा, स्वप्नलोक, स्वप्निल, स्वप्नावस्था |
| स्वप्न से जुड़े भाव | आशा, उम्मीद, महत्त्वाकांक्षा, लक्ष्य |
| विपरीत भाव | यथार्थ, वास्तविकता, सच्चाई |

'स्वप्न' का प्रयोग करते हुए वाक्य:
- मेरे स्वप्न बड़े हैं।
- वह स्वप्निल दुनिया में खोया रहता है।
- स्वप्नदृष्टा ही महान कार्य करते हैं।
कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं और उनके सामने कुछ अन्य शब्द भी दिए गए हैं। उन शब्दों पर घेरा बनाइए जो समान अर्थ न देते हों।Show solution
जो शब्द समान अर्थ नहीं देते (उन पर घेरा लगाना है):

| शब्द | अन्य शब्द | समान अर्थ न देने वाला शब्द |
|---|---|---|
| पृथ्वी | धरा, वसुधा, अवनि, सुता | सुता (सुता = पुत्री) |
| चाँद | मधुकर, शाशि, निशाकर, मयंक | मधुकर (मधुकर = भँवरा/भ्रमर) |
| तारे | नक्षत्र, सोम, तारक, उड्डगण | सोम (सोम = चंद्रमा/एक पौधा) |
| रोशनी | प्रकाश, लालिमा, उजाला, आलोक | लालिमा (लालिमा = लाल रंग की आभा) |
| स्वप्न | सपना, इच्छा, यथार्थ, कल्पना | यथार्थ (यथार्थ = वास्तविकता — स्वप्न का विपरीत) |
| दीया | दीन, ज्योति, दीपक, प्रदीप | दीन (दीन = गरीब/असहाय) |

स्पष्टीकरण: उपर्युक्त तालिका में जो शब्द घेरे में लिए गए हैं, वे अपने स्तंभ के मुख्य शब्द के समान अर्थ नहीं देते, बल्कि उनके बिल्कुल अलग अर्थ हैं।

आना-जाना

1'आना' और 'जाना' क्रियाओं का प्रयोग करते हुए सार्थक वाक्य बनाइए।Show solution
'आना' क्रिया के वाक्य:

1. कल मेरे घर मेहमान आने वाले हैं।
2. बसंत ऋतु आने पर फूल खिल उठते हैं।
3. परीक्षा का समय आते ही सभी छात्र पढ़ाई में लग जाते हैं।
4. माँ बाज़ार से जल्दी आ जाएगी।
5. मुझे तैरना आता है।

'जाना' क्रिया के वाक्य:

1. राम कल दिल्ली जाएगा।
2. सूरज ढलते ही अँधेरा छा जाता है।
3. बचपन के दिन बहुत जल्दी चले जाते हैं।
4. मेहनत करने से थकान दूर हो जाती है।
5. पक्षी सुबह होते ही उड़ जाते हैं।

'आना-जाना' दोनों का एक साथ प्रयोग:

1. उसका यहाँ आना-जाना लगा रहता है।
2. जीवन में सुख-दुख का आना-जाना लगा रहता है।

डायरी — हँसें-मुसकराएँ-गाएँ

1अपने किसी एक दिन की समस्त गतिविधियों पर ध्यान दीजिए और अपनी डायरी में लिखिए कि आप दिनभर में कब-कब हँसे, कब-कब मुसकराए, कब-कब गाए, कब-कब रूठे, कब-कब मचले?Show solution
दिनांक: ________ (विद्यार्थी अपनी तिथि लिखें)

प्रिय डायरी,

आज का दिन बड़ा रोचक रहा। आज मैंने अपने हर भाव पर ध्यान दिया।

हँसा: सुबह नाश्ते के समय जब छोटे भाई ने दूध पीने से मना करते हुए मुँह बनाया तो मैं खूब हँसा। दोपहर में मित्र ने एक मज़ेदार चुटकुला सुनाया, तब भी हँसी आई।

मुसकराया: जब अध्यापक ने मेरी कॉपी देखकर शाबाशी दी तो मैं मुसकरा उठा। शाम को माँ ने मेरी पसंद का खाना बनाया, तब भी मुसकराया।

गाया: स्कूल से घर लौटते समय मन ही मन एक गाना गुनगुनाता रहा। रात को सोने से पहले भी एक लोरी-सी गुनगुनाई।

रूठा: जब छोटे भाई ने मेरी पेंसिल बिना पूछे ले ली तो थोड़ा रूठ गया।

मचला: शाम को बाज़ार में एक नई किताब देखकर मन मचल उठा। माँ से उसे दिलाने की ज़िद की।

आज का दिन सिखा गया कि जीवन में हर भाव का अपना महत्त्व है।

तुम्हारा अपना,
(नाम)

*(नोट: विद्यार्थी अपने वास्तविक अनुभव के आधार पर डायरी लिखें।)*

आपकी बात

कविता के माध्यम से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें पूरा करने का आशीर्वाद दिया गया है। दिन-प्रतिदिन के जीवन में आपको अपने माता-पिता, अध्यापक एवं परिजनों से किस तरह के आशीर्वाद मिलते हैं?Show solution
दिन-प्रतिदिन मिलने वाले आशीर्वाद:

मेरे जीवन में माता-पिता, अध्यापक और परिजनों से अनेक प्रकार के आशीर्वाद मिलते हैं:

माता-पिता से:
- 'खूब पढ़ो और एक अच्छे इंसान बनो।'
- 'हमेशा सच बोलो और ईमानदार रहो।'
- 'जीवन में कभी हार मत मानो।'
- परीक्षा से पहले माथे पर हाथ रखकर आशीर्वाद देते हैं।

अध्यापकों से:
- 'मन लगाकर पढ़ो, सफलता अवश्य मिलेगी।'
- 'अपनी प्रतिभा को पहचानो और उसे निखारो।'

दादा-दादी/नाना-नानी से:
- 'जीते रहो, फलते-फूलते रहो।'
- 'भगवान तुम्हें सदा खुश रखे।'

ये आशीर्वाद मुझे प्रेरणा और शक्ति देते हैं। इनसे मुझे लगता है कि मेरे जीवन में बड़े-बुजुर्गों का प्यार और शुभकामनाएँ सदा मेरे साथ हैं।
आप भी अपने से छोटों के प्रति किसी न किसी प्रकार से शुभेच्छा प्रकट करते हैं, उन्हें लिखिए।Show solution
छोटों के प्रति शुभेच्छाएँ:

मैं अपने से छोटे भाई-बहनों और मित्रों के प्रति निम्नलिखित प्रकार से शुभेच्छा प्रकट करता हूँ:

1. परीक्षा के समय: 'तुम ज़रूर अच्छे अंक लाओगे, मेहनत करते रहो।'

2. जन्मदिन पर: 'तुम्हारा जन्मदिन मुबारक हो! तुम खूब बड़े हो और अपने सपने पूरे करो।'

3. किसी कठिनाई में: 'घबराओ मत, मैं तुम्हारे साथ हूँ। सब ठीक हो जाएगा।'

4. किसी उपलब्धि पर: 'शाबाश! तुमने बहुत अच्छा किया। ऐसे ही आगे बढ़ते रहो।'

5. सामान्य जीवन में: छोटे भाई की पीठ थपथपाकर, उसे गले लगाकर या उसकी मदद करके शुभेच्छा प्रकट करता हूँ।

इस प्रकार शब्दों और कार्यों दोनों से हम अपने से छोटों के प्रति प्रेम और शुभकामनाएँ व्यक्त कर सकते हैं।

सपनों की बातें

1आप क्या करना चाहते हैं और क्या पाना चाहते हैं? सपनों को पूरा करने के लिए किस तरह के प्रयत्न करने होंगे, किस तरह से योजना बनानी होगी, किससे और किस प्रकार का सहयोग लिया जा सकता है, और लक्ष्य-प्राप्ति में संभावित चुनौतियाँ कौन-कौन सी हो सकती हैं?Show solution
मेरा सपना: मैं एक कुशल डॉक्टर बनना चाहता हूँ ताकि गरीब और बीमार लोगों की सेवा कर सकूँ।

आवश्यक प्रयत्न:
- नियमित रूप से विज्ञान विषयों — जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिकी — का गहन अध्ययन करना।
- NEET परीक्षा की तैयारी करना।
- स्वास्थ्य और चिकित्सा से संबंधित पुस्तकें और लेख पढ़ना।

योजना:
- कक्षा 9 से ही विज्ञान पर विशेष ध्यान देना।
- प्रतिदिन कम से कम 4-5 घंटे पढ़ाई करना।
- कक्षा 11-12 में जीव विज्ञान समूह लेना।
- कोचिंग या ऑनलाइन संसाधनों की सहायता लेना।

सहयोग:
- माता-पिता से आर्थिक और भावनात्मक सहयोग।
- अध्यापकों से मार्गदर्शन।
- मित्रों के साथ मिलकर पढ़ाई करना।

संभावित चुनौतियाँ:
- परीक्षा में कठिन प्रतिस्पर्धा।
- पढ़ाई का बोझ और मानसिक दबाव।
- आर्थिक कठिनाइयाँ।
- समय प्रबंधन की समस्या।

*(नोट: विद्यार्थी अपने वास्तविक सपने के अनुसार उत्तर लिखें।)*

हमारे सपने

1अपने माता-पिता या अभिभावक से उनके द्वारा देखे गए सपने और इच्छाओं के बारे में पूछिए। नीचे दी गई तालिका में उन सपनों को लिखिए।Show solution
घर के सदस्यों के सपने (नमूना — विद्यार्थी अपने परिवार से पूछकर भरें):

| घर के सदस्य | उनके सपने |
|---|---|
| माता | एक अच्छी शिक्षिका बनना चाहती थीं ताकि बच्चों को शिक्षित कर सकें। |
| पिता | इंजीनियर बनकर देश के विकास में योगदान देना चाहते थे। |
| दादा | अपने गाँव में एक विद्यालय खोलना चाहते थे। |
| दादी | सभी बच्चों को पढ़ा-लिखाकर आत्मनिर्भर बनाना चाहती थीं। |
| नाना | एक सफल किसान बनकर अपने परिवार को खुशहाल जीवन देना चाहते थे। |
| नानी | घर-परिवार को सुखी और स्वस्थ रखना उनका सबसे बड़ा सपना था। |
| बहन | एक प्रसिद्ध चित्रकार बनना चाहती है। |
| भाई | क्रिकेटर बनकर देश का प्रतिनिधित्व करना चाहता है। |

*(नोट: विद्यार्थी अपने परिवार के सदस्यों से वास्तविक बातचीत करके यह तालिका भरें। यह एक नमूना मात्र है।)*

सबके सपने

1प्रतिदिन की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग देने वाले किसी एक व्यक्ति (जैसे शाक विक्रेता, स्वच्छताकर्मी, रिक्षाचालक, सुरक्षाकर्मी) से साक्षात्कार कीजिए और उनके सपनों के विषय में जानिए। साक्षात्कार के प्रश्नों की सूची बनाइए।Show solution
साक्षात्कार के लिए प्रश्नों की सूची:

*(उदाहरण: स्वच्छताकर्मी से साक्षात्कार)*

1. आपका नाम क्या है और आप कहाँ के रहने वाले हैं?
2. आप यह काम कब से कर रहे हैं?
3. आपने यह काम क्यों चुना?
4. आपके बचपन में आपका क्या सपना था?
5. क्या आप अपना सपना पूरा कर पाए? यदि नहीं, तो क्यों?
6. आपके बच्चों के लिए आपका क्या सपना है?
7. आपके काम में सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
8. आपको अपने काम में क्या अच्छा लगता है?
9. समाज से आप क्या अपेक्षा रखते हैं?
10. आने वाली पीढ़ी को आप क्या संदेश देना चाहेंगे?

साक्षात्कार का नमूना सारांश:

स्वच्छताकर्मी रामलाल जी ने बताया कि उनका सपना था कि वे एक दिन अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएँगे। वे चाहते हैं कि उनके बच्चे पढ़-लिखकर एक अच्छा जीवन जिएँ। उनका कहना था — 'हम भले ही पढ़ नहीं पाए, पर हमारे बच्चे ज़रूर पढ़ेंगे।'

*(नोट: विद्यार्थी वास्तविक साक्षात्कार करके उत्तर लिखें।)*

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in एक आशीर्वाद for CBSE Class 8 Hindi?
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How to score full marks in एक आशीर्वाद — CBSE Class 8 Hindi?
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Sources & Official References

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