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Chapter 7 of 10
NCERT Solutions

मत बाँधो

CBSE · Class 8 · Hindi

NCERT Solutions for मत बाँधो — CBSE Class 8 Hindi.

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46 Questions Solved · 18 Sections

मेरी समझ से — (क) बहुविकल्पीय प्रश्न

1आप इनमें से कविता का मुख्य भाव किसे समझते हैं?
- सपने मात्र कल्पनाएँ हैं
- सपनों को भूल जाना चाहिए
- सपनों की स्वतंत्रता बनी रहनी चाहिए
- सपने देखना अच्छी बात है
Show solution
★ सपनों की स्वतंत्रता बनी रहनी चाहिए
★ सपने देखना अच्छी बात है

स्पष्टीकरण: कविता 'मत बाँधो' में कवयित्री महादेवी वर्मा बार-बार यह कहती हैं कि सपनों के पंख न काटे जाएँ और उनकी गति न बाँधी जाए। इससे स्पष्ट होता है कि कविता का मुख्य भाव सपनों की स्वतंत्रता बनाए रखना है। साथ ही, कविता में सपनों को सकारात्मक रूप में चित्रित किया गया है, इसलिए 'सपने देखना अच्छी बात है' भी एक सही उत्तर है।
2'मत बाँधो' कविता किसकी स्वतंत्रता की बात करती है?
- प्रेम की
- शिक्षा की
- सपनों की
- अधिकारों की
Show solution
★ सपनों की

स्पष्टीकरण: कविता में 'इन सपनों के पंख न काटो / इन सपनों की गति मत बाँधो' जैसी पंक्तियाँ स्पष्ट रूप से सपनों की स्वतंत्रता की बात करती हैं। पूरी कविता में सपनों को बंधनमुक्त रखने का आग्रह किया गया है।
3"इन सपनों के पंख न काटो" पंक्ति में सपनों के 'पंख' होने की कल्पना क्यों की गई है?
- सपने जीवन में कुछ नया करने की प्रेरणा देते हैं
- सपने सफलता की ऊँचाइयों तक ले जाते हैं
- सपने पंखों की तरह उड़ान भर भ्रमण करवाते हैं
- सपने पंखों की तरह कोमल और अनेक प्रकार के होते हैं
Show solution
★ सपने जीवन में कुछ नया करने की प्रेरणा देते हैं
★ सपने सफलता की ऊँचाइयों तक ले जाते हैं
★ सपने पंखों की तरह उड़ान भर भ्रमण करवाते हैं

स्पष्टीकरण: जिस प्रकार पंख पक्षी को ऊँचाइयों तक उड़ने में सहायता करते हैं, उसी प्रकार सपने मनुष्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाते हैं, नई प्रेरणा देते हैं और जीवन में विचरण करने की शक्ति देते हैं। इसीलिए सपनों के 'पंख' होने की कल्पना की गई है।
4"स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प" पंक्ति में 'स्वर्ग' से आप क्या समझते हैं?
- जहाँ किसी प्रकार का शारीरिक कष्ट न हो
- जहाँ अतुलनीय धन संपत्ति हो
- जहाँ परस्पर सहयोग एवं सद्भाव हो
- जहाँ सभी प्राणी एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील हों
Show solution
★ जहाँ परस्पर सहयोग एवं सद्भाव हो
★ जहाँ सभी प्राणी एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील हों

स्पष्टीकरण: कविता में 'स्वर्ग' का अर्थ भौतिक सुख-सुविधाओं से नहीं, बल्कि एक ऐसे आदर्श समाज से है जहाँ सभी लोग मिलकर रहें, एक-दूसरे का सहयोग करें और संवेदनशीलता से व्यवहार करें। सपनों की स्वतंत्रता से ऐसे ही समाज का निर्माण संभव है।
5यदि बीज धूल में गिर जाए तो क्या हो सकता है?
- वह बहुत तेजी से उड़ सकता है
- वह और गहरा हो सकता है
- उसकी उड़ान रुक सकती है
- वह बढ़कर पौधा बन सकता है
Show solution
★ उसकी उड़ान रुक सकती है
★ वह बढ़कर पौधा बन सकता है

स्पष्टीकरण: कविता की पंक्ति 'बीज धूलि में गिर जाता जो / वह नभ में कब उड़ पाता है?' से स्पष्ट है कि धूल में गिरने पर बीज की उड़ान रुक जाती है। साथ ही, वास्तविकता में बीज धूल/मिट्टी में गिरकर अंकुरित होकर पौधा भी बन सकता है। कविता में यह उदाहरण सपनों को बंधनों में जकड़ने के दुष्परिणाम को दर्शाने के लिए दिया गया है।

मेरी समझ से — (ख) समूह चर्चा

हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?Show solution
संकेत (चर्चा के लिए):

यह एक समूह-गतिविधि है। विद्यार्थी अपने-अपने उत्तरों के कारण बताएँ। उदाहरण के लिए—

- प्रश्न 1 में यदि किसी ने 'सपने देखना अच्छी बात है' चुना तो वह बता सकता है कि कविता में सपनों को सकारात्मक रूप में दिखाया गया है।
- प्रश्न 3 में यदि किसी ने 'सपने सफलता की ऊँचाइयों तक ले जाते हैं' चुना तो वह 'नभ तक जाने से मत रोको' पंक्ति का संदर्भ दे सकता है।

चर्चा में सभी विद्यार्थी अपने तर्क प्रस्तुत करें और एक-दूसरे के विचारों को सुनें।

पंक्तियों पर चर्चा

"सौरभ उड़ जाता है नभ में / फिर वह लौट कहाँ आता है? / बीज धूल में गिर जाता जो / वह नभ में कब उड़ पाता है?" — इन पंक्तियों का अर्थ लिखिए।Show solution
अर्थ एवं भाव:

इन पंक्तियों में कवयित्री ने दो उदाहरणों के माध्यम से सपनों की विशेषता बताई है—

1. सौरभ (सुगंध) का उदाहरण: जब फूल की सुगंध आकाश में उड़ जाती है तो वह वापस नहीं लौटती। अर्थात् सुगंध स्वतंत्र रूप से फैलती है और उसे बाँधा नहीं जा सकता।

2. बीज का उदाहरण: यदि बीज धूल में गिर जाए (अर्थात् बंधनों में पड़ जाए) तो वह आकाश में कभी नहीं उड़ सकता।

मुख्य भाव: इन पंक्तियों के माध्यम से कवयित्री यह कहना चाहती हैं कि सपने सुगंध की तरह स्वतंत्र होते हैं। यदि उन्हें बंधनों में जकड़ दिया जाए (जैसे बीज को धूल में दबा दिया जाए) तो वे कभी ऊँचाइयों तक नहीं पहुँच सकते। इसलिए सपनों को स्वतंत्र रहने देना चाहिए।
"मुक्त गगन में विचरण कर यह तारों में फिर मिल जायेगा, मेधों से रंग और किरणों से दीप्ति लिए भू पर आयेगा!" — इन पंक्तियों का अर्थ लिखिए।Show solution
अर्थ एवं भाव:

इन पंक्तियों में कवयित्री ने सपनों की यात्रा का सुंदर चित्रण किया है—

- 'मुक्त गगन में विचरण' — सपना स्वतंत्र आकाश में विचरण करता है, अर्थात् जब सपनों को स्वतंत्रता मिलती है तो वे असीमित ऊँचाइयों तक जाते हैं।
- 'तारों में फिर मिल जायेगा' — सपना तारों जैसी ऊँचाइयों को छूता है, महान लक्ष्यों से जुड़ता है।
- 'मेघों से रंग और किरणों से दीप्ति लिए' — वह सपना बादलों से रंग (विविधता, सौंदर्य) और सूर्य की किरणों से चमक (ज्ञान, प्रकाश) ग्रहण करता है।
- 'भू पर आयेगा' — और फिर यह सपना धरती पर वापस आता है, अर्थात् वास्तविकता में साकार होता है।

मुख्य भाव: स्वतंत्र सपने ऊँचाइयों पर जाकर नई शक्ति, रंग और प्रकाश लेकर वापस धरती पर आते हैं और जीवन को सुंदर व समृद्ध बनाते हैं। यह सपनों के आरोहण और अवरोहण दोनों का सुंदर चित्रण है।

मिलकर करें मिलान

1स्तंभ 1 की पंक्तियों को स्तंभ 2 के सही भाव से मिलाइए।Show solution
सही मिलान इस प्रकार है:

| क्रम | स्तंभ 1 (पंक्तियाँ) | स्तंभ 2 (भाव) |
|---|---|---|
| 1. | इन सपनों के पंख न काटो / इन सपनों की गति मत बाँधो! | → 3. किसी पक्षी के पंख काट दिए जाएँ तो वह उड़ नहीं सकता, वैसे ही अगर हम किसी के सपनों को बाधित करें तो उसकी कल्पनाशीलता और संभावनाएँ समाप्त हो जाएँगी। |
| 2. | सपनों में दोनों ही गति हैं / उड़कर आँखों में आता है! | → 5. सपनों में ऊपर उठने (आरोहण) और नीचे आने (अवरोहण) दोनों की विशेषता होती है। सपना विचार की तरह जन्म लेता है और फिर व्यवहार में पूरा होता है, तभी वह कल्पना से निकलकर सच्चाई बनता है। |
| 3. | इसका आरोहण मत रोको / इसका अवरोहण मत बाँधो! | → 1. सपनों के उठने (आरोहण) और उनके व्यवहार में वापस आने (अवरोहण) में बाधा न डालें, क्योंकि स्वतंत्रता ही सपनों को साकार करने की कुंजी है। |
| 4. | नभ तक जाने से मत रोको / धरती से इसको मत बाँधो! | → 2. सपनों को ऊँचाइयों तक जाने से मत रोको। उन्हें धरती से बाँधकर मत रखो। |
| 5. | स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प / भूमि को सिखलायेगा! | → 4. रचनात्मक और स्वतंत्र विचार समाज को सुंदर, समृद्ध और शांतिपूर्ण बना सकता है। |

सोच-विचार के लिए

कविता में 'मत बाँधो', 'पंख न काटो' आदि संबोधन किसके लिए किए गए होंगे?Show solution
उत्तर:

कविता में 'मत बाँधो' और 'पंख न काटो' जैसे संबोधन उन सभी लोगों के लिए किए गए हैं जो दूसरों के सपनों, विचारों और कल्पनाओं को सीमित करते हैं या उन पर बंधन लगाते हैं। ये संबोधन निम्नलिखित के लिए हो सकते हैं—

1. समाज के लिए — जो व्यक्ति की स्वतंत्र सोच पर अंकुश लगाता है।
2. परिवार के लिए — जो बच्चों के सपनों को अपनी इच्छाओं के अनुसार बदलना चाहते हैं।
3. शासन-व्यवस्था के लिए — जो नागरिकों की स्वतंत्र अभिव्यक्ति को रोकती है।
4. स्वयं के लिए भी — कभी-कभी हम स्वयं ही अपने सपनों को डर या संकोच से बाँध लेते हैं।

संक्षेप में, यह संबोधन हर उस व्यक्ति या शक्ति के लिए है जो किसी के सपनों और विचारों की उड़ान को रोकती है।
कविता में सपनों की गति न बाँधने की बात क्यों कही गई होगी?Show solution
उत्तर:

कविता में सपनों की गति न बाँधने की बात इसलिए कही गई है क्योंकि—

1. सपने प्रगति के आधार हैं: सपने ही मनुष्य को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। यदि सपनों को बाँध दिया जाए तो व्यक्ति की प्रगति रुक जाती है।

2. सपने समाज को बेहतर बनाते हैं: स्वतंत्र सपने और विचार ही नए आविष्कारों, कलाओं और समाज-सुधार का आधार बनते हैं।

3. बंधन से संभावनाएँ नष्ट होती हैं: जैसे पंख काटने से पक्षी उड़ नहीं सकता, वैसे ही सपनों को बाँधने से व्यक्ति की कल्पनाशीलता और संभावनाएँ समाप्त हो जाती हैं।

4. सपनों में दोनों गतियाँ हैं: सपने ऊपर उठते हैं (आरोहण) और फिर वास्तविकता में उतरते हैं (अवरोहण)। यह चक्र तभी पूरा होता है जब सपनों को स्वतंत्र रखा जाए।

इसलिए कवयित्री ने सपनों की गति न बाँधने का आग्रह किया है।
कविता में सौरभ, बीज, धुआँ, अग्नि जैसे उदाहरणों के माध्यम से सपनों को इनसे भिन्न बताते हुए उसे विशेष बताया गया है। आपकी दृष्टि में इन सबसे अलग सपनों की और कौन-सी विशेषताएँ हो सकती हैं?Show solution
उत्तर:

सौरभ, बीज, धुआँ और अग्नि — ये सभी प्राकृतिक तत्व हैं जिनकी सीमाएँ हैं। सपने इनसे इस प्रकार भिन्न और विशेष हैं—

1. सपने असीमित हैं: सुगंध एक सीमा तक फैलती है, बीज एक ही पौधा बनता है, परंतु एक सपना असंख्य लोगों को प्रेरित कर सकता है।

2. सपने संक्रामक होते हैं: एक व्यक्ति का सपना दूसरों का भी सपना बन सकता है, जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का सपना पूरे देश का सपना बन गया।

3. सपने अमर होते हैं: अग्नि बुझ जाती है, सुगंध उड़ जाती है, परंतु एक महान सपना पीढ़ियों तक जीवित रहता है।

4. सपने रूपांतरित होते हैं: सपने विचार से कर्म में और कर्म से वास्तविकता में बदल जाते हैं।

5. सपने सृजनशील होते हैं: सपने नई कला, नए विज्ञान और नए समाज का निर्माण करते हैं।
कविता में 'आरोहण' और 'अवरोहण' दोनों के महत्व की बात की गई है। उदाहरण देकर बताइए कि आपने 'आरोहण' और 'अवरोहण' को कब-कब सार्थक होते देखा?Show solution
उत्तर:

आरोहण का अर्थ है — नीचे से ऊपर की ओर जाना।
अवरोहण का अर्थ है — ऊपर से नीचे की ओर आना।

दोनों के सार्थक उदाहरण—

आरोहण के उदाहरण:
- एक विद्यार्थी जब कठिन परिश्रम करके परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करता है — यह उसके जीवन का आरोहण है।
- पर्वतारोही जब एवरेस्ट की चोटी पर पहुँचता है — यह आरोहण का सार्थक उदाहरण है।
- एक छोटे से गाँव का बच्चा जब वैज्ञानिक बनता है — यह सामाजिक आरोहण है।

अवरोहण के उदाहरण:
- नदियाँ पर्वतों से उतरकर मैदानों में आती हैं और खेतों को सींचती हैं — यह अवरोहण सार्थक है।
- एक शिक्षक अपने ज्ञान को सरल भाषा में छात्रों तक पहुँचाता है — यह ज्ञान का अवरोहण है।
- वर्षा का जल बादलों से धरती पर आता है और जीवन देता है — यह प्रकृति का सार्थक अवरोहण है।

निष्कर्ष: आरोहण और अवरोहण दोनों मिलकर जीवन को पूर्ण बनाते हैं।
"सपनों में दोनों ही गति है / उड़कर आँखों में आता है!" क्या आप सहमत हैं कि सपने 'आँखों में लौटकर' वास्तविकता बन जाते हैं? अपने अनुभव या आस-पास के अनुभवों से कोई उदाहरण दीजिए।Show solution
उत्तर:

हाँ, मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूँ कि सपने 'आँखों में लौटकर' वास्तविकता बन जाते हैं। सपना पहले मन में जन्म लेता है, फिर कठिन परिश्रम और लगन से वह वास्तविकता का रूप लेता है।

उदाहरण:

1. डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम — एक छोटे से मछुआरे के बेटे ने वैज्ञानिक और राष्ट्रपति बनने का सपना देखा। उनका यह सपना वास्तविकता बन गया।

2. आस-पास का उदाहरण: हमारे पड़ोस में एक लड़की थी जो डॉक्टर बनना चाहती थी। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, परंतु उसने अपना सपना नहीं छोड़ा। कठिन परिश्रम से छात्रवृत्ति प्राप्त की और आज वह एक सफल डॉक्टर है।

3. स्वतंत्रता का सपना: हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने स्वतंत्र भारत का सपना देखा और वह सपना 15 अगस्त 1947 को वास्तविकता बन गया।

निष्कर्ष: सपने जब आँखों में लौटते हैं तो वे हमें कर्म करने की प्रेरणा देते हैं और धीरे-धीरे वास्तविकता बन जाते हैं।

शीर्षक

1कविता का शीर्षक है 'मत बाँधो'। यदि आपको इस कविता को कोई अन्य नाम देना हो तो क्या नाम देंगे? आपने यह नाम क्यों सोचा? यह भी लिखिए।Show solution
उत्तर:

यदि मुझे इस कविता को कोई अन्य नाम देना हो तो मैं इसे निम्नलिखित नाम दे सकता/सकती हूँ—

नाम: 'सपनों को उड़ने दो'

कारण: कविता का मूल संदेश यही है कि सपनों को स्वतंत्र रूप से उड़ने दिया जाए। 'सपनों को उड़ने दो' शीर्षक कविता के भाव को सकारात्मक और प्रेरणादायक रूप में व्यक्त करता है।

अन्य संभावित नाम:
- 'स्वतंत्र सपने' — क्योंकि पूरी कविता सपनों की स्वतंत्रता के बारे में है।
- 'पंख मत काटो' — क्योंकि पंख काटना सपनों को नष्ट करने का प्रतीक है।
- 'सपनों की उड़ान' — क्योंकि कविता में सपनों की ऊँची उड़ान का वर्णन है।

इनमें से 'सपनों को उड़ने दो' सबसे उपयुक्त लगता है क्योंकि यह कविता के सकारात्मक संदेश को सीधे और सरल भाषा में व्यक्त करता है।

अनुमान और कल्पना से

मान लीजिए आप एक नया संसार बनाना चाहते हैं। उस संसार में आप क्या-क्या रखना चाहेंगे और क्या-क्या नहीं? अपने उत्तर का कारण भी बताइए।Show solution
उत्तर:

नए संसार में रखना चाहूँगा/चाहूँगी:

1. समानता — सभी को समान अधिकार और अवसर मिलें, कोई भेदभाव न हो।
2. शिक्षा — हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले ताकि वह अपने सपने पूरे कर सके।
3. प्रकृति — हरे-भरे जंगल, स्वच्छ नदियाँ और शुद्ध वायु हो।
4. स्वतंत्रता — हर व्यक्ति को अपने विचार और सपने स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने की आज़ादी हो।
5. सहयोग और प्रेम — सभी लोग मिलकर एक-दूसरे की सहायता करें।
6. कला और संगीत — जीवन को सुंदर बनाने के लिए।

नए संसार में नहीं रखना चाहूँगा/चाहूँगी:

1. युद्ध और हिंसा — क्योंकि इससे जीवन और सपने दोनों नष्ट होते हैं।
2. गरीबी और भूख — क्योंकि खाली पेट सपने नहीं देखे जा सकते।
3. प्रदूषण — क्योंकि स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ वातावरण आवश्यक है।
4. भेदभाव — जाति, धर्म, लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं।
5. स्वार्थ — क्योंकि स्वार्थ से समाज टूटता है।
कविता में शिल्प और कला के महत्व की बात की गई है। कलाएँ हमारे आस-पास की दुनिया को सुंदर बनाती हैं। आप अपने जीवन को सुंदर बनाने के लिए कौन-सी कला सीखना चाहेंगे? उससे आपका जीवन कैसे सुंदर बनेगा? अनुमान करके बताइए।Show solution
उत्तर:

मैं चित्रकला सीखना चाहूँगा/चाहूँगी।

कारण और जीवन पर प्रभाव:

1. आत्म-अभिव्यक्ति: चित्रकला के माध्यम से मैं अपने विचारों और भावनाओं को रंगों में व्यक्त कर सकूँगा/सकूँगी।

2. मानसिक शांति: चित्र बनाते समय मन शांत रहता है और तनाव दूर होता है।

3. सौंदर्यबोध: चित्रकला सीखने से मैं प्रकृति और जीवन की सुंदरता को और गहराई से देख और समझ सकूँगा/सकूँगी।

4. रचनात्मकता: यह कला मेरी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता को बढ़ाएगी जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी होगी।

5. समाज को योगदान: अपनी कला से मैं दूसरों के जीवन में भी रंग और खुशी भर सकूँगा/सकूँगी।

अनुमान: यदि मैं चित्रकला सीखूँ तो मेरा जीवन अधिक रंगीन, अर्थपूर्ण और आनंदमय बनेगा।
"सौरभ उड़ जाता है नभ में / फिर वह लौट कहाँ आता है?" यदि आपके पास अपने बीते हुए समय में लौटने का अवसर मिले तो आप बीते हुए समय में क्या-क्या परिवर्तन करना चाहेंगे?Show solution
उत्तर:

यदि मुझे बीते हुए समय में लौटने का अवसर मिले तो मैं निम्नलिखित परिवर्तन करना चाहूँगा/चाहूँगी—

1. अधिक पढ़ाई: जो समय मैंने व्यर्थ गँवाया, उसमें अधिक पढ़ाई और नई चीजें सीखने में लगाता/लगाती।

2. बड़ों का सम्मान: जो बातें मैंने बड़ों की नहीं मानीं और बाद में पछताया, उन्हें ध्यान से सुनता/सुनती।

3. मित्रों के साथ अच्छा व्यवहार: कभी-कभी जाने-अनजाने में किसी मित्र को दुख पहुँचाया हो, उसे सुधारता/सुधारती।

4. प्रकृति की रक्षा: पर्यावरण के प्रति और अधिक जागरूक रहता/रहती।

5. सपनों पर ध्यान: जो सपने मैंने डर से छोड़ दिए, उन पर काम करता/करती।

निष्कर्ष: बीता समय लौटता नहीं, इसलिए वर्तमान में ही सही निर्णय लेना चाहिए।
"बीज धूलि में गिर जाता जो / वह नभ में कब उड़ पाता है?" यदि सपने बीज की तरह हों तो उन्हें उगने के लिए किन चीजों की आवश्यकता होगी? (संकेत— धूप अर्थात मेहनत, पानी अर्थात लगन आदि।)Show solution
उत्तर:

यदि सपने बीज की तरह हों तो उन्हें उगने के लिए निम्नलिखित चीजों की आवश्यकता होगी—

| प्राकृतिक तत्व | सपनों के लिए अर्थ |
|---|---|
| उपजाऊ मिट्टी | अनुकूल वातावरण और परिवार का सहयोग |
| धूप | कठिन परिश्रम और मेहनत |
| पानी | लगन और निरंतर प्रयास |
| खाद | शिक्षा और ज्ञान |
| समय | धैर्य और प्रतीक्षा करने की क्षमता |
| देखभाल | आत्मविश्वास और आत्म-अनुशासन |
| खरपतवार हटाना | नकारात्मक विचारों और बाधाओं को दूर करना |
| वायु | स्वतंत्रता और खुला मन |

निष्कर्ष: जैसे बीज को उगने के लिए सभी प्राकृतिक तत्वों की आवश्यकता होती है, वैसे ही सपनों को साकार करने के लिए मेहनत, लगन, शिक्षा, धैर्य और सकारात्मक सोच सभी की आवश्यकता होती है।
"स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प / भूमि को सिखलायेगा!" यदि अच्छे सपनों या विचारों से स्वर्ग बनाया जा सकता है तो बुरे सपनों अथवा विचारों से क्या होता होगा? बुरे सपनों या विचारों से कैसे बचा जा सकता है?Show solution
उत्तर:

बुरे सपनों या विचारों से क्या होता है:

1. बुरे विचार समाज में नफरत, हिंसा और अशांति फैलाते हैं।
2. बुरे सपने व्यक्ति को गलत रास्ते पर ले जाते हैं।
3. इनसे परिवार और समाज में कलह उत्पन्न होती है।
4. बुरे विचारों से 'नरक' जैसी स्थिति बन जाती है — जहाँ दुख, भय और अशांति हो।
5. ये विचार व्यक्ति की रचनात्मकता और सकारात्मकता को नष्ट करते हैं।

बुरे सपनों या विचारों से बचने के उपाय:

1. अच्छी पुस्तकें पढ़ें — अच्छे विचार मन को सकारात्मक बनाते हैं।
2. सत्संग करें — अच्छे लोगों की संगति में रहें।
3. ध्यान और योग करें — मन को शांत और स्थिर रखें।
4. रचनात्मक कार्यों में लगे रहें — कला, संगीत, खेल आदि में मन लगाएँ।
5. परिवार और मित्रों से बात करें — मन की बात साझा करने से बुरे विचार दूर होते हैं।
6. दूसरों की सहायता करें — परोपकार से मन में सकारात्मकता आती है।
"इन सपनों के पंख न काटो / इन सपनों की गति मत बाँधो!" कल्पना कीजिए कि हर किसी को सपने देखने और उन्हें पूरा करने की पूरी स्वतंत्रता मिल जाए, तब दुनिया कैसी होगी? आपके अनुसार उस दुनिया में कौन-सी बातें महत्वपूर्ण होंगी?Show solution
उत्तर:

यदि सभी को सपने देखने और पूरा करने की पूरी स्वतंत्रता मिल जाए तो दुनिया ऐसी होगी—

1. नवाचार और आविष्कार: हर व्यक्ति अपनी रचनात्मकता से नए आविष्कार करेगा। विज्ञान, कला, साहित्य सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति होगी।

2. खुशहाल समाज: जब हर व्यक्ति अपनी पसंद का काम करेगा तो वह खुश रहेगा और समाज में प्रसन्नता फैलेगी।

3. समानता: सभी को समान अवसर मिलने से भेदभाव समाप्त होगा।

4. विविधता: अलग-अलग सपनों से दुनिया में विविधता और रंगीनी आएगी।

उस दुनिया में महत्वपूर्ण बातें:

1. जिम्मेदारी — स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी आवश्यक होगी।
2. सहयोग — एक-दूसरे के सपनों में सहायता करना।
3. सम्मान — दूसरों के सपनों का सम्मान करना।
4. संतुलन — व्यक्तिगत सपनों और सामाजिक हित में संतुलन।
"इन सपनों के पंख न काटो / इन सपनों की गति मत बाँधो!" आपके विचार से यह सुझाव है? आदेश है? प्रार्थना है? या कुछ और है? यह बात किससे कही जा रही है?Show solution
उत्तर:

मेरे विचार से यह पंक्ति प्रार्थना और आग्रह दोनों है।

स्पष्टीकरण:

- यह आदेश नहीं है क्योंकि कवयित्री किसी पर अपनी बात थोप नहीं रहीं।
- यह केवल सुझाव भी नहीं है क्योंकि इसमें भावनात्मक गहराई है।
- यह प्रार्थना और आग्रह है — कवयित्री विनम्रतापूर्वक समाज से, परिवार से और हर उस व्यक्ति से निवेदन कर रही हैं जो दूसरों के सपनों को बाधित करता है।

यह बात किससे कही जा रही है:

1. समाज से — जो व्यक्ति की स्वतंत्र सोच पर अंकुश लगाता है।
2. परिवार से — जो बच्चों के सपनों को अपनी इच्छाओं से बाँधता है।
3. शासन-व्यवस्था से — जो नागरिकों की अभिव्यक्ति को सीमित करती है।
4. स्वयं से भी — क्योंकि हम कभी-कभी स्वयं ही अपने सपनों को डर से बाँध लेते हैं।

निष्कर्ष: यह एक भावपूर्ण आग्रह है जो हर उस शक्ति से किया गया है जो सपनों की उड़ान को रोकती है।

कविता की रचना

कविता में छिपी विशेषताओं की सूची बनाइए।Show solution
कविता 'मत बाँधो' की प्रमुख काव्य-विशेषताएँ:

1. प्रतीकात्मकता (Symbolism): सौरभ, बीज, धुआँ, अग्नि, पंख — ये सभी सपनों के प्रतीक के रूप में प्रयुक्त हुए हैं।

2. शब्द-चित्र (Word Pictures): 'सौरभ उड़ जाता है नभ में', 'बीज धूलि में गिर जाता' जैसी पंक्तियाँ आँखों के सामने चित्र उपस्थित करती हैं।

3. विपरीतार्थक शब्दों का प्रयोग: आरोहण-अवरोहण, नभ-धरती, उड़ना-बाँधना।

4. पुनरावृत्ति (Repetition): 'मत बाँधो' का बार-बार प्रयोग।

5. प्रश्न-शैली: 'वह नभ में कब उड़ पाता है?' जैसे प्रश्न।

6. मानवीकरण (Personification): सपने को मनुष्य की तरह चित्रित किया गया है।

7. संबोधन शैली: 'मत काटो', 'मत बाँधो' — सीधे संबोधन।

8. समानार्थी शब्दों का प्रयोग: नभ और गगन।

9. प्रकृति के उदाहरण: प्राकृतिक तत्वों से सपनों की तुलना।
कविता की विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए।Show solution
सही मिलान:

| क्रम | कविता की विशेषताएँ | कविता की पंक्तियाँ |
|---|---|---|
| 1. | एक-दूसरे के विपरीत अर्थ वाले शब्दों का प्रयोग किया गया है। | → 2. इसका आरोहण मत रोको / इसका अवरोहण मत बाँधो! |
| 2. | एक ही शब्द का प्रयोग बार-बार किया गया है। | → 4. इन सपनों के पंख न काटो (यहाँ 'मत' और 'बाँधो' जैसे शब्द बार-बार आते हैं) |
| 3. | समानार्थी शब्दों का प्रयोग किया गया है। | → 5. नभ तक जाने से मत रोको / धरती से इसको मत बाँधो! (नभ और गगन समानार्थी) |
| 4. | प्रश्न पूछा गया है। | → 1. वह नभ में कब उड़ पाता है? |
| 5. | संबोधन का प्रयोग किया गया है। | → 6. दीप्ति लिए भू पर आयेगा। / स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प / भूमि को सिखलायेगा! |
| 6. | सपने को मनुष्य की तरह चित्रित किया गया है। | → 3. स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प / भूमि को सिखलायेगा! |

शब्दों की बात

रिक्त स्थान में 'आरोहण' और 'अवरोहण' का उपयुक्त प्रयोग करके वाक्यों को पूरा कीजिए।Show solution
उत्तर:

1. पर्वतारोहियों ने बीस दिन तक पर्वत पर आरोहण कर विजय प्राप्त की।

2. नदियाँ विशाल पर्वतों से अवरोहण करते हुए सागर में मिल जाती हैं।

3. अंकगणित में बड़ी संख्या से छोटी संख्या की ओर लिखने की प्रक्रिया अवरोहण क्रम कहलाती है।

'आरोहण' और 'अवरोहण' से बनाए गए नए वाक्य:

1. पक्षियों का आरोहण देखकर मन प्रसन्न हो जाता है।
2. सूर्यास्त के समय सूर्य का अवरोहण बहुत सुंदर दिखता है।
3. संगीत में स्वरों का आरोहण और अवरोहण राग की पहचान बनाता है।
4. जल-चक्र में वाष्प का आरोहण और वर्षा का अवरोहण होता है।
'नभ' और 'गगन' समानार्थी शब्द हैं। रेखांकित शब्दों के समानार्थी शब्दों का प्रयोग करते हुए कुछ नई पंक्तियों की रचना कीजिए।Show solution
उत्तर:

मूल पंक्तियाँ:
- "वह नभ में कब उड़ पाता है?"
- "धूम गगन में मँडराता है।"

'नभ' के स्थान पर 'आकाश' या 'अंबर' का प्रयोग:

- "वह आकाश में कब उड़ पाता है?"
- "वह अंबर में कब उड़ पाता है?"

'गगन' के स्थान पर 'नभ' या 'आसमान' का प्रयोग:

- "धूम नभ में मँडराता है।"
- "धूम आसमान में मँडराता है।"

नई पंक्तियाँ (लय बनाए रखते हुए):

- "सपना अंबर में उड़ जाता है,
फिर वह धरती पर आ जाता है।"

नोट: समानार्थी शब्द बदलने पर लय बनाए रखने के लिए कभी-कभी अन्य शब्दों में भी परिवर्तन करना पड़ता है।
कविता में 'मत' शब्द के साथ 'बाँधो', 'काटो' क्रिया लगाई गई है। आप 'मत' के साथ कौन-कौन सी क्रियाएँ लगाना चाहेंगे?Show solution
उत्तर:

'मत' के साथ निम्नलिखित क्रियाएँ लगाई जा सकती हैं—

1. मत डरो — डर से कभी काम नहीं रुकना चाहिए।
2. मत रोको — किसी की प्रगति को मत रोको।
3. मत भूलो — अपने सपनों को मत भूलो।
4. मत छोड़ो — अपनी मेहनत को मत छोड़ो।
5. मत हारो — कठिनाइयों से मत हारो।
6. मत झुको — अन्याय के सामने मत झुको।
7. मत रोओ — छोटी-छोटी बातों पर मत रोओ।
8. मत घबराओ — परीक्षा से मत घबराओ।
9. मत टालो — अपने काम को कल पर मत टालो।
10. मत थको — अपने लक्ष्य के लिए मत थको।
आपकी भाषा में 'बाँधने' के लिए और कौन-कौन सी क्रियाएँ हैं? अपने समूह में चर्चा करके लिखिए और उनसे वाक्य बनाइए।Show solution
उत्तर:

'बाँधने' के अर्थ में प्रयुक्त होने वाली क्रियाएँ और उनसे बने वाक्य—

1. जोड़ना — दो रस्सियों को आपस में जोड़ना।
2. कसना — जूते के फीते को कसना।
3. लपेटना — घाव पर पट्टी लपेटना।
4. बंधन में डालना — किसी को बंधन में डालना उचित नहीं।
5. गाँठ लगाना — रूमाल में गाँठ लगाकर याद रखना।
6. 締める (締める)
7. रोकना — नदी के पानी को बाँध से रोकना।
8. थामना — किसी गिरते हुए को थामना।

वाक्य:
- मैंने अपनी किताबें रस्सी से जोड़कर बाँध दीं।
- माँ ने घाव पर पट्टी लपेट दी।
- उसने रूमाल में गाँठ लगाकर याद रखा।
- बाँध ने नदी के पानी को रोक लिया।
'मत' शब्द को उलट कर लिखने से शब्द बनता है 'तम' जिसका अर्थ है 'अँधेरा'। कविता में से कुछ ऐसे और शब्द छाँटिए जिन्हें उलट कर लिखने से अर्थ देने वाले शब्द बनते हैं।Show solution
उत्तर:

कविता में से ऐसे शब्द जिन्हें उलट कर लिखने से नए अर्थपूर्ण शब्द बनते हैं—

| मूल शब्द | उलटा शब्द | अर्थ |
|---|---|---|
| मत | तम | अँधेरा |
| नव | वन | जंगल |
| रस | सर | तालाब/सिर |
| कर | रक | (रक्षा करना — रक्) |
| नल | लन | (लन — एक प्रकार का पौधा) |
| तन | नत | झुका हुआ |
| जल | लज | लज्जा (संक्षिप्त) |
| पल | लप | लपट |

नोट: यह एक रोचक भाषाई खेल है। विद्यार्थी कविता में से और शब्द खोजकर इस सूची को बढ़ा सकते हैं।

काल परिवर्तन

1कविता में वर्तमान काल में लिखी गई पंक्तियों को ढूँढ़कर भूतकाल और भविष्य काल में लिखिए।Show solution
उत्तर:

कविता की वर्तमान काल की पंक्तियाँ और उनके काल-परिवर्तित रूप—

1. वर्तमान काल: सौरभ उड़ जाता है नभ में
- भूतकाल: सौरभ उड़ गया नभ में
- भविष्य काल: सौरभ उड़ जाएगा नभ में

2. वर्तमान काल: बीज धूलि में गिर जाता (जो)
- भूतकाल: बीज धूलि में गिर गया
- भविष्य काल: बीज धूलि में गिर जाएगा

3. वर्तमान काल: अग्नि सदा धरती पर जलती
- भूतकाल: अग्नि सदा धरती पर जली
- भविष्य काल: अग्नि सदा धरती पर जलेगी

4. वर्तमान काल: धूम गगन में मँडराता है
- भूतकाल: धूम गगन में मँडराया
- भविष्य काल: धूम गगन में मँडराएगा

5. वर्तमान काल: (सपना) उड़कर आँखों में आता है
- भूतकाल: उड़कर आँखों में आया
- भविष्य काल: उड़कर आँखों में आएगा

शब्दकोश से

1शब्दकोश से 'शिल्प' शब्द से जुड़े निम्नलिखित शब्दों के अर्थ खोजकर लिखिए — शिल्पकार/शिल्पी/शिल्पजीवी/शिल्पकारक/शिल्पिक/शिल्पकारी, शिल्पकला, शिल्पकौशल, शिल्पगृह/शिल्पगेह, शिल्पविद्या, शिल्पशाला/शिल्पालयShow solution
उत्तर:

1. शिल्पकार / शिल्पी / शिल्पजीवी / शिल्पकारक / शिल्पिक / शिल्पकारी:
- शिल्पकार / शिल्पी: वह व्यक्ति जो हाथ से कोई वस्तु बनाता है; कारीगर, दस्तकार।
- शिल्पजीवी: वह व्यक्ति जो शिल्प (हस्तकला) से अपनी जीविका चलाता है।
- शिल्पकारक: शिल्प का निर्माण करने वाला।
- शिल्पिक: शिल्प से संबंधित; शिल्पकार।
- शिल्पकारी: हाथ से वस्तुएँ बनाने की कला; दस्तकारी।

2. शिल्पकला: हाथ से वस्तुएँ बनाने की कला; मूर्तिकला, चित्रकला, बुनाई आदि सभी हस्तकलाएँ शिल्पकला के अंतर्गत आती हैं।

3. शिल्पकौशल: शिल्प बनाने में दक्षता और निपुणता; हस्तकला में विशेष योग्यता।

4. शिल्पगृह / शिल्पगेह: वह स्थान या घर जहाँ शिल्प-कार्य किया जाता है; कारखाना, कार्यशाला।

5. शिल्पविद्या: शिल्प बनाने की विद्या या ज्ञान; हस्तकला की शिक्षा।

6. शिल्पशाला / शिल्पालय: वह स्थान जहाँ शिल्प सिखाया जाता है या शिल्प-कार्य होता है; कार्यशाला (Workshop)।

पाठ से आगे — आपकी बात

कविता में गति को न बाँधने की बात कही गई है। आप 'बाँधने' का प्रयोग किन-किन स्थितियों या वस्तुओं के लिए करते हैं? बताइए।Show solution
उत्तर:

'बाँधने' का प्रयोग हम निम्नलिखित स्थितियों और वस्तुओं के लिए करते हैं—

1. गाँठ बाँधना — रूमाल में गाँठ बाँधकर कोई बात याद रखना।
2. पोटली बाँधना — सामान को कपड़े में बाँधकर ले जाना।
3. बाल बाँधना — बालों को चोटी या जूड़े में बाँधना।
4. जूते के फीते बाँधना — जूते पहनते समय फीते बाँधना।
5. घाव बाँधना — चोट लगने पर पट्टी बाँधना।
6. बाँध बाँधना — नदी पर बाँध बनाकर पानी रोकना।
7. रिश्ते बाँधना — विवाह या मित्रता के रिश्ते बाँधना।
8. मन बाँधना — किसी काम में मन लगाना।
9. नियम बाँधना — कोई नियम या शर्त तय करना।
10. किताबें बाँधना — किताबों को रस्सी से बाँधकर रखना।
'स्वर्ग' शब्द से आशय है 'सुखद स्थान'। अपने घर, आस-पड़ोस और विद्यालय को सुखद स्थान बनाने के लिए आप क्या-क्या प्रयास करेंगे? सूची बनाइए।Show solution
उत्तर:

घर को सुखद बनाने के प्रयास:
1. घर में स्वच्छता बनाए रखूँगा/रखूँगी।
2. परिवार के सभी सदस्यों से प्रेम और सम्मान से बात करूँगा/करूँगी।
3. घर में पौधे लगाऊँगा/लगाऊँगी।
4. बड़ों की बात मानूँगा/मानूँगी और छोटों का ध्यान रखूँगा/रखूँगी।

आस-पड़ोस को सुखद बनाने के प्रयास:
1. पड़ोसियों से मिलनसार व्यवहार करूँगा/करूँगी।
2. गली-मोहल्ले में कूड़ा नहीं फेंकूँगा/फेंकूँगी।
3. जरूरतमंद पड़ोसियों की सहायता करूँगा/करूँगी।
4. पेड़-पौधे लगाकर वातावरण को हरा-भरा बनाऊँगा/बनाऊँगी।

विद्यालय को सुखद बनाने के प्रयास:
1. कक्षा में अनुशासन बनाए रखूँगा/रखूँगी।
2. सहपाठियों से मित्रतापूर्ण व्यवहार करूँगा/करूँगी।
3. विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखूँगा/रखूँगी।
4. शिक्षकों का सम्मान करूँगा/करूँगी।
5. सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर विद्यालय को जीवंत बनाऊँगा/बनाऊँगी।
कविता में सपनों की बात की गई है। आपका कौन-सा सपना ऐसा है जो यदि सच हो जाए तो वह दूसरों की सहायता कर सकता है? उसके विषय में बताइए।Show solution
उत्तर:

मेरा सपना है कि मैं एक डॉक्टर बनूँ।

यह सपना दूसरों की सहायता कैसे करेगा:

1. गरीब मरीजों की सेवा: मैं गाँव और दूर-दराज के क्षेत्रों में जाकर उन लोगों का इलाज करूँगा/करूँगी जो महँगे अस्पतालों में नहीं जा सकते।

2. स्वास्थ्य जागरूकता: लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करूँगा/करूँगी ताकि वे बीमारियों से बच सकें।

3. निःशुल्क चिकित्सा शिविर: समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाऊँगा/लगाऊँगी।

4. महिला स्वास्थ्य: विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान दूँगा/दूँगी।

निष्कर्ष: यह सपना न केवल मेरे लिए बल्कि समाज के लिए भी उपयोगी होगा। एक अच्छा डॉक्टर समाज में 'स्वर्ग' बनाने में सहायक होता है।

चर्चा-परिचर्चा

1"सपनों में दोनों ही गति है / उड़कर आँखों में आता है।" किसी एक के द्वारा देखा गया सपना बहुत से लोगों का सपना भी बन जाता है। साथियों से चर्चा कीजिए कि आपके कौन-से ऐसे सपने हैं जिन्हें पूरा करने के लिए आप अन्य लोगों को भी जोड़ना चाहेंगे।Show solution
उत्तर (चर्चा के लिए संकेत):

यह एक समूह-चर्चा गतिविधि है। विद्यार्थी निम्नलिखित सपनों पर चर्चा कर सकते हैं—

ऐसे सपने जिनके लिए दूसरों को जोड़ना आवश्यक है:

1. स्वच्छ विद्यालय का सपना — इसके लिए सभी छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को जोड़ना होगा।

2. पर्यावरण संरक्षण का सपना — पेड़ लगाने और प्रदूषण रोकने के लिए पूरे समाज को जोड़ना होगा।

3. शिक्षा का सपना — हर बच्चे को शिक्षित करने के लिए परिवार, समाज और सरकार सभी को मिलकर काम करना होगा।

4. भ्रष्टाचार मुक्त समाज का सपना — इसके लिए सभी नागरिकों को एकजुट होना होगा।

ऐतिहासिक उदाहरण: महात्मा गाँधी का स्वतंत्रता का सपना पूरे देश का सपना बन गया और करोड़ों लोग उससे जुड़ गए।

निष्कर्ष: बड़े सपनों को पूरा करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक होते हैं।

सृजन

विराम चिह्न का फेरबदल — 'रोको मत, जाने दो' और 'रोको, मत जाने दो' का अर्थ स्पष्ट कीजिए। दिए गए चित्रों के लिए उचित वाक्य का चयन कीजिए।Show solution
उत्तर:

अर्थ-स्पष्टीकरण:

1. 'रोको मत, जाने दो' — इसमें 'रोको मत' के बाद अल्पविराम है। अर्थ: बिना रोके जाने दिया जाए। (जाने की अनुमति है।)

2. 'रोको, मत जाने दो' — इसमें 'रोको' के बाद अल्पविराम है। अर्थ: रोको और जाने मत दो। (जाने से रोका जाए।)

चित्रों के लिए उचित वाक्य (चित्र उपलब्ध न होने के कारण सामान्य उदाहरण):

- पक्षी को उड़ते हुए दिखाया गया हो: 'रोको मत, जाने दो' — पक्षी को स्वतंत्र उड़ने दो।
- किसी बच्चे को खतरनाक जगह जाते दिखाया गया हो: 'रोको, मत जाने दो' — बच्चे को खतरनाक जगह जाने से रोको।
- नदी के बहाव को दिखाया गया हो: 'रोको मत, जाने दो' — नदी को स्वतंत्र बहने दो।

निष्कर्ष: विराम चिह्न का सही प्रयोग वाक्य का अर्थ पूरी तरह बदल देता है।
नीचे दी गई पंक्तियों को आगे बढ़ाते हुए अपनी एक कविता तैयार कीजिए — 'इन सपनों के पंख न काटो / इन सपनों की गति मत बाँधो।'Show solution
उत्तर (नमूना कविता):

इन सपनों के पंख न काटो,
इन सपनों की गति मत बाँधो।

ये सपने हैं जीवन की आशा,
इनसे मिलती नई परिभाषा।
ऊँचे नभ में उड़ने दो इन्हें,
तारों से मिलने दो इन्हें।

सपनों में है शक्ति अपार,
सपनों से बनता नया संसार।
इन सपनों को जीने दो,
इन सपनों को खिलने दो।

मेहनत से जब सपने जागें,
धरती पर स्वर्ग के फूल लागें।
इन सपनों के पंख न काटो,
इन सपनों की गति मत बाँधो।
मान लीजिए आपका सपना कहीं खो गया है। उसके खो जाने की रिपोर्ट तैयार करें। स्कूल प्रशासन के नाम एक पत्र लिखिए।Show solution
उत्तर:

सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय/महोदया,
[विद्यालय का नाम]
[विद्यालय का पता]

विषय: खोए हुए सपने की सूचना।

महोदय/महोदया,

सविनय निवेदन है कि मैं [अपना नाम], कक्षा [कक्षा], अनुक्रमांक [नंबर] का/की छात्र/छात्रा हूँ।

मुझे यह बताते हुए अत्यंत दुख हो रहा है कि मेरा एक बहुत प्रिय सपना कहीं खो गया है। यह सपना था — एक महान वैज्ञानिक बनने का और देश के लिए कुछ नया आविष्कार करने का।

इस सपने की विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
- यह सपना बहुत उज्ज्वल और चमकदार था।
- इसमें मेहनत, लगन और जिज्ञासा की सुगंध थी।
- यह सपना मुझे हर सुबह नई ऊर्जा देता था।

यह सपना तब से खो गया जब मुझे बार-बार यह कहा जाने लगा कि 'यह तुम्हारे बस की बात नहीं।'

आपसे विनम्र निवेदन है कि विद्यालय में एक ऐसा वातावरण बनाया जाए जहाँ सभी छात्रों के सपनों को प्रोत्साहन मिले और कोई भी सपना खोने न पाए।

आपका/आपकी आज्ञाकारी छात्र/छात्रा,
[नाम]
[कक्षा]
[दिनांक]

वाद-विवाद

"व्यक्ति को बाँध सकते हैं उसकी कल्पना और विचारों को नहीं।" — इस विषय पर वाद-विवाद के लिए पक्ष और विपक्ष के तर्क तैयार कीजिए।Show solution
उत्तर:

पक्ष में तर्क (समूह 2 — स्वतंत्र विचार और कल्पना प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं):

1. विचार और कल्पना मन में उत्पन्न होते हैं, इन्हें शारीरिक रूप से नहीं बाँधा जा सकता।
2. इतिहास में जितने भी महान आविष्कार और क्रांतियाँ हुई हैं, वे स्वतंत्र विचारों का परिणाम थीं।
3. स्वतंत्र कल्पना से ही कला, साहित्य और विज्ञान का विकास होता है।
4. विचारों पर नियंत्रण से समाज का विकास रुक जाता है।
5. महादेवी वर्मा की कविता भी यही कहती है — 'इन सपनों की गति मत बाँधो।'

विपक्ष में तर्क (समूह 1 — व्यक्ति की कल्पना और विचारों पर नियंत्रण आवश्यक है):

1. बुरे विचारों और कल्पनाओं पर नियंत्रण आवश्यक है अन्यथा समाज में अराजकता फैल सकती है।
2. असीमित स्वतंत्रता से दूसरों के अधिकारों का हनन हो सकता है।
3. बच्चों के विचारों को सही दिशा देना आवश्यक है।
4. कुछ विचार समाज के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

निष्कर्ष: सकारात्मक और रचनात्मक विचारों को स्वतंत्र रखना चाहिए, परंतु हानिकारक विचारों पर उचित नियंत्रण आवश्यक है।
विद्यार्थी वाद-विवाद के अनुभवों पर एक अनुच्छेद लिखिए।Show solution
उत्तर (नमूना अनुच्छेद):

वाद-विवाद का अनुभव

आज कक्षा में 'व्यक्ति को बाँध सकते हैं उसकी कल्पना और विचारों को नहीं' विषय पर वाद-विवाद का आयोजन हुआ। यह अनुभव अत्यंत रोचक और ज्ञानवर्धक रहा। हमारे समूह ने पक्ष में तर्क दिए कि स्वतंत्र विचार ही प्रगति का आधार हैं। दूसरे समूह ने विपक्ष में कहा कि बुरे विचारों पर नियंत्रण आवश्यक है। दोनों पक्षों के तर्क सुनकर मुझे समझ आया कि सच्चाई दोनों के बीच में है। सकारात्मक और रचनात्मक विचारों को स्वतंत्र रखना चाहिए, परंतु हानिकारक विचारों पर उचित नियंत्रण भी आवश्यक है। इस वाद-विवाद से मेरी तर्क-शक्ति और अभिव्यक्ति-क्षमता दोनों में वृद्धि हुई।

देखना-सुनना-समझना

जो व्यक्ति देख पाने में सक्षम नहीं है, आप उन्हें निम्नलिखित स्थितियों का अनुभव कैसे करवा सकते हैं — वर्षा की बूँदों का, धूएँ के उड़ने का, खेल के रोमांच का।Show solution
उत्तर:

वर्षा की बूँदों का अनुभव:
- उनके हाथ पर वर्षा की बूँदें पड़ने दें — स्पर्श द्वारा।
- वर्षा की आवाज़ सुनाएँ — श्रवण द्वारा।
- वर्षा की सुगंध (मिट्टी की खुशबू) सूँघने दें — घ्राण द्वारा।
- शब्दों में वर्णन करें: 'ठंडी-ठंडी बूँदें आकाश से गिर रही हैं, धरती पर टप-टप की आवाज़ हो रही है।'

धूएँ के उड़ने का अनुभव:
- धुएँ की गंध सूँघने दें — घ्राण द्वारा।
- धुएँ की गर्माहट का अनुभव करवाएँ — स्पर्श द्वारा।
- शब्दों में वर्णन करें: 'धुआँ हल्का-हल्का ऊपर उठ रहा है, जैसे कोई धागा हवा में घुमाया जा रहा हो।'

खेल के रोमांच का अनुभव:
- खेल की कमेंट्री सुनाएँ — श्रवण द्वारा।
- दर्शकों की तालियों और जयकारों की आवाज़ सुनाएँ।
- खेल के दौरान उनका हाथ थामकर उत्साह व्यक्त करें — स्पर्श द्वारा।
- शब्दों में वर्णन करें: 'खिलाड़ी दौड़ रहा है, सभी दर्शक उत्साहित हैं, गोल हो गया!'
मूक अभिनय द्वारा कविता का भाव — इस गतिविधि का वर्णन कीजिए।Show solution
उत्तर (गतिविधि के लिए निर्देश):

यह एक समूह-गतिविधि है। इसे इस प्रकार करें—

1. दो दल बनाएँ: 'कल्पना' और 'आकांक्षा'।

2. 'कल्पना' दल का कार्य: एक प्रतिभागी आगे आए और बिना बोले, केवल हाव-भाव और संकेतों से कविता की किसी पंक्ति का भाव प्रस्तुत करे।

उदाहरण:
- 'इन सपनों के पंख न काटो' — हाथों को पंखों की तरह फैलाएँ, फिर कोई उन्हें काटने का अभिनय करे और आप रोकें।
- 'सौरभ उड़ जाता है नभ में' — नाक से सूँघने का अभिनय करें, फिर हाथ ऊपर की ओर उड़ाएँ।
- 'बीज धूलि में गिर जाता' — कुछ गिराने का अभिनय करें।

3. 'आकांक्षा' दल का कार्य: निर्धारित समय में पहचानें कि किस पंक्ति का अभिनय किया जा रहा है।

4. अंक: सही उत्तर देने पर अंक मिलें।

**यह गतिविधि कविता की समझ को गहरा करती है और सहयोग की भावना विकसित करती है।

आपदा प्रबंधन

क्या-क्या करेंगे यदि — कहीं अचानक आग लग जाए / आपके क्षेत्र में बाढ़ आ जाए / भूकंप आ जाए।Show solution
उत्तर:

यदि अचानक आग लग जाए:
1. तुरंत '101' (अग्निशमन) या '112' (आपातकालीन) नंबर पर फोन करें।
2. इमारत से बाहर निकलें — लिफ्ट का प्रयोग न करें, सीढ़ियों का उपयोग करें।
3. धुएँ से बचने के लिए नीचे झुककर चलें।
4. यदि कपड़ों में आग लगे तो 'रुको, गिरो, लोटो' (Stop, Drop, Roll) करें।
5. दूसरों को सचेत करें।
6. आग बुझाने के लिए अग्निशामक यंत्र का उपयोग करें।

यदि बाढ़ आ जाए:
1. ऊँचे स्थान पर चले जाएँ।
2. बाढ़ के पानी में न चलें।
3. बिजली के उपकरण बंद कर दें।
4. आपातकालीन नंबर '112' पर सूचना दें।
5. पीने का साफ पानी और खाना सुरक्षित रखें।
6. सरकारी निर्देशों का पालन करें।

यदि भूकंप आ जाए:
1. मेज के नीचे छिप जाएँ या किसी मजबूत दीवार के पास बैठ जाएँ।
2. खिड़कियों और भारी वस्तुओं से दूर रहें।
3. बाहर हों तो खुले मैदान में चले जाएँ।
4. भूकंप रुकने के बाद ही इमारत से बाहर निकलें।
5. गैस और बिजली बंद कर दें।
6. आपातकालीन नंबर पर सूचना दें।
"मैं आपदा के समय क्या करूँगा या करूँगी?" — एक सूची या चित्र आधारित योजना बनाइए।Show solution
उत्तर (आपदा प्रबंधन योजना):

मेरी आपदा प्रबंधन योजना:

तैयारी (आपदा से पहले):
- [ ] आपातकालीन नंबर याद रखूँगा/रखूँगी: 112, 101 (आग), 102 (एम्बुलेंस), 100 (पुलिस)
- [ ] घर में प्राथमिक चिकित्सा किट रखूँगा/रखूँगी
- [ ] परिवार के साथ आपदा की स्थिति में मिलने का स्थान तय करूँगा/करूँगी
- [ ] जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखूँगा/रखूँगी

आपदा के समय:
- [ ] शांत रहूँगा/रहूँगी और घबराऊँगा/घबराऊँगी नहीं
- [ ] परिवार के सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर ले जाऊँगा/जाऊँगी
- [ ] आपातकालीन नंबर पर सूचना दूँगा/दूँगी
- [ ] बड़ों के निर्देशों का पालन करूँगा/करूँगी

आपदा के बाद:
- [ ] घायलों की सहायता करूँगा/करूँगी
- [ ] अफवाहों पर ध्यान नहीं दूँगा/दूँगी
- [ ] सरकारी सहायता केंद्रों की जानकारी लूँगा/लूँगी

शिल्प — मिलान गतिविधि

शिल्प-कार्यों को उनके सही अर्थों या व्याख्या से मिलाइए।Show solution
सही मिलान:

| शिल्प-कार्य | सही अर्थ/व्याख्या |
|---|---|
| 1. काष्ठ शिल्प | → 4. लकड़ी से वस्तुएँ, खिलौने, मूर्तियाँ आदि बनाना |
| 2. मृत्तिका शिल्प | → 5. मिट्टी से बर्तन, दीये, मूर्तियाँ और सजावटी चीजें बनाना |
| 3. धातु शिल्प | → 6. ताँबा, पीतल, लोहे जैसी धातुओं से दीपक, मूर्तियाँ, थालियाँ आदि बनाना |
| 4. काँच शिल्प | → 1. काँच से झूमर, सजावटी वस्तुएँ और रंगीन खिड़कियाँ आदि बनाना |
| 5. वस्त्र शिल्प | → 2. कपड़ों पर कढ़ाई, बुनाई, छपाई, बंधेज आदि सजावटी कार्य |
| 6. कागज शिल्प | → 3. कागज से खिलौने, सजावट, लिफाफे और पेपर मेशी बनाना |
| 7. पत्थर शिल्प | → 13. संगमरमर या अन्य पत्थरों से मूर्तियाँ बनाना, मंदिरों की सजावट करना आदि |
| 8. चमड़ा शिल्प | → 12. चमड़े से जूते, बेल्ट, बैग और अन्य उपयोगी वस्तुएँ बनाना |
| 9. बाँस और बेंत शिल्प | → 11. बाँस और बेंत से टोकरियाँ, कुर्सियाँ, चटाई, पंखे आदि बनाना |
| 10. मोती एवं आभूषण शिल्प | → 14. रंग-बिरंगे मोतियों से हार, कंगन, झुमके आदि गहने बनाना |
| 11. लाख शिल्प | → 9. लाख से चूड़ियाँ, खिलौने, डिब्बे और अन्य सजावटी वस्तुएँ बनाना |
| 12. शीशा शिल्प | → 8. कपड़ों या सजावट की वस्तुओं में शीशे जोड़ना या जड़ाई करना |
| 13. चित्रकला शिल्प | → 7. पारंपरिक चित्रकलाओं, जैसे मधुबनी, गोंड, वरली आदि से कलाकृतियाँ बनाना |
| 14. नक्काशी शिल्प | → 10. लकड़ी, पत्थर या धातु पर बारीक खुदाई द्वारा डिजाइन बनाना |
राष्ट्रीय हस्तशिल्प संग्रहालय की वेबसाइट में आपको कौन-सा हस्तशिल्प या कलाकृति सबसे अच्छी लगी और क्यों?Show solution
उत्तर (नमूना):

राष्ट्रीय हस्तशिल्प संग्रहालय की वेबसाइट (https://nationalcraftsmuseum.nic.in/) पर मुझे मधुबनी चित्रकला सबसे अच्छी लगी।

कारण:

1. रंगों की विविधता: मधुबनी चित्रकला में चटख और जीवंत रंगों का प्रयोग होता है जो मन को प्रसन्न करते हैं।

2. प्राकृतिक विषय: इसमें प्रकृति, देवी-देवताओं और जीवन के दृश्यों को बहुत सुंदर ढंग से चित्रित किया जाता है।

3. परंपरा और संस्कृति: यह बिहार की प्राचीन परंपरा है जो पीढ़ियों से चली आ रही है।

4. महिला सशक्तीकरण: यह कला मुख्यतः महिलाओं द्वारा की जाती है और उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता देती है।

5. विश्व प्रसिद्धि: यह कला आज विश्व भर में प्रसिद्ध है और भारत की पहचान बन गई है।

निष्कर्ष: मधुबनी चित्रकला भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है जो 'स्वर्ग बनाने के शिल्प' का सुंदर उदाहरण है।

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in मत बाँधो for CBSE Class 8 Hindi?
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Sources & Official References

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