एक टोकरी भर मिट्टी (कहानी)-माधवराव सप्रे
CBSE · Class 8 · Hindi
NCERT Solutions for एक टोकरी भर मिट्टी (कहानी)-माधवराव सप्रे — CBSE Class 8 Hindi.
Interactive on Super Tutor
Studying एक टोकरी भर मिट्टी (कहानी)-माधवराव सप्रे? Get the full interactive chapter.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for ncert solutions and more.
1,000+ Class 8 students started this chapter today
22 worked solutions below. Unlock all 43 free in Super Tutor
मेरी समझ से
1(क)(1)ज़मींदार को झोंपड़ी हटाने की आवश्यकता क्यों लगी?Show solution
स्पष्टीकरण: कहानी में बताया गया है कि जमींदार साहब को अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा हुई। इसीलिए उन्होंने वकीलों की सहायता से अदालत के माध्यम से झोंपड़ी पर कब्जा कर लिया। झोंपड़ी जर्जर होने या रास्ते में बाधा होने का उल्लेख कहानी में नहीं है।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
1(क)(2)वृद्धा ने मिट्टी ले जाने की अनुमति कैसे माँगी?Show solution
स्पष्टीकरण: वृद्धा ने जमींदार के सामने हाथ जोड़कर, पैरों पर गिरकर और विनम्र शब्दों में प्रार्थना की — 'महाराज क्षमा करें तो एक विनती है।' उसने न तो क्रोध किया, न अदालत गई और न चुपचाप उठाकर ले गई।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
1(क)(3)वृद्धा की पोती का व्यवहार किस भाव को दर्शाता है?Show solution
स्पष्टीकरण: पोती ने अपने घर (झोंपड़ी) से इतना गहरा लगाव था कि घर छिन जाने के बाद उसने खाना-पीना छोड़ दिया। यह व्यवहार उसके अपने घर के प्रति गहरे लगाव और जुड़ाव को दर्शाता है।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
1(क)(4)कहानी का अंत कैसा है?Show solution
स्पष्टीकरण: कहानी का अंत सकारात्मक और प्रेरणादायक दोनों है। जमींदार को अपनी गलती का बोध होता है, वह पश्चाताप करता है, वृद्धा से क्षमा माँगता है और झोंपड़ी वापस कर देता है। यह अंत पाठक को यह प्रेरणा देता है कि सत्य और नैतिकता की अंततः जीत होती है।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
1(ख)हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?Show solution
- प्रश्न (1) में 'अहाते का विस्तार' चुनने का कारण: कहानी में स्पष्ट लिखा है कि जमींदार को महल का अहाता बढ़ाना था।
- प्रश्न (3) में 'लगाव' चुनने का कारण: पोती का खाना छोड़ना घर के प्रति गहरे लगाव को दर्शाता है।
- प्रश्न (4) में 'प्रेरणादायक' और 'सकारात्मक' दोनों चुनने का कारण: अंत में न्याय की जीत होती है जो दोनों भावों को व्यक्त करती है।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
मिलकर करें मिलान
(क)पाठ में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। प्रत्येक वाक्य के सामने दो-दो निष्कर्ष दिए गए हैं। इन्हें इनके सर्वाधिक उपयुक्त निष्कर्षों से मिलाइए।Show solution
1. 'अब यही उसकी पोती इस वृद्धाकाल में एकमात्र आधार थी।'
→ उपयुक्त निष्कर्ष: वृद्धावस्था में वृद्धा का सहारा उसकी पोती ही थी।
(वाक्य में 'वृद्धाकाल' वृद्धा की अवस्था को दर्शाता है और 'एकमात्र आधार' पोती को।)
2. 'बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम कर उन्होंने अदालत से उस झोंपड़ी पर अपना कब्जा कर लिया।'
→ उपयुक्त निष्कर्ष: जमींदार ने वकीलों को पैसे देकर कानूनी दावपेंच से झोंपड़ी पर कब्जा किया।
('थैली गरम करना' = रिश्वत देना; यह न्यायपूर्ण नहीं था।)
3. 'आपसे एक टोकरी भर मिट्टी नहीं उठाई जाती और इस झोंपड़ी में तो हजारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है।'
→ उपयुक्त निष्कर्ष: वृद्धा ने टोकरी को प्रतीक बनाकर जमींदार को उसके अन्याय का अनुभव कराया।
(वृद्धा ने प्रतीकात्मक भाषा में जमींदार को उसके अन्याय का बोध कराया।)
4. 'जमींदार साहब धन-मद से गर्वित हो अपना कर्तव्य भूल गए थे।'
→ उपयुक्त निष्कर्ष: धन और अहंकार ने जमींदार को मानवीयता और करुणा से दूर कर दिया था।
('धन-मद' = धन का नशा/घमंड; इसने उसे कर्तव्यहीन बना दिया।)
5. 'कृतकर्म का पश्चाताप कर उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी।'
→ उपयुक्त निष्कर्ष: अपने द्वारा किए अन्याय पर पछताकर जमींदार ने क्षमा माँगी।
('कृतकर्म' = अपने किए हुए कार्य; जमींदार ने अपनी गलती स्वीकार की।)
6. 'उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठा सकेंगे?'
→ उपयुक्त निष्कर्ष: वृद्धा ने प्रतीकात्मक रूप से कहा कि अन्याय का नैतिक भार उठाना आसान नहीं है।
(यहाँ 'भार' केवल मिट्टी का नहीं, बल्कि अन्याय के पाप का नैतिक बोझ है।)
7. 'कृपा करके इस टोकरी को जरा हाथ लगाइए जिससे कि मैं उसे अपने सिर पर धर लूँ।'
→ उपयुक्त निष्कर्ष: वृद्धा ने चतुराई से जमींदार को शर्मिंदा करने की योजना बनाई।
(वृद्धा जानती थी कि जमींदार टोकरी नहीं उठा पाएगा और उसे अपने अन्याय का बोध होगा।)
8. 'उसे पुरानी बातों का स्मरण हुआ और उसकी आँखों से आँसू की धारा बहने लगी।'
→ उपयुक्त निष्कर्ष: झोंपड़ी में प्रवेश करते ही वृद्धा पुराने दिनों के कारण भावुक हो गई।
(झोंपड़ी में बिताए जीवन की यादें ताजा होने से वृद्धा भावुक हो गई।)
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
(ख)अपने मित्रों के उत्तर से अपने उत्तर मिलाइए और चर्चा कीजिए कि आपने कौन-से निष्कर्षों का चुनाव किया है और क्यों?Show solution
- वाक्य 7 के लिए: कुछ विद्यार्थी 'विनम्र निवेदन' चुन सकते हैं क्योंकि वृद्धा ने विनम्रता से कहा। किंतु 'चतुराई से शर्मिंदा करने की योजना' अधिक उपयुक्त है क्योंकि वृद्धा का उद्देश्य जमींदार को उसके अन्याय का बोध कराना था।
- वाक्य 3 के लिए: 'प्रतीकात्मक रूप से अन्याय का अनुभव कराना' अधिक गहरा अर्थ रखता है।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
पंक्तियों पर चर्चा
(क)"आपसे एक टोकरी भर मिट्टी नहीं उठाई जाती और इस झोंपड़ी में तो हजारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है। उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठा सकेंगे?" — इन पंक्तियों का क्या अर्थ है?Show solution
इन पंक्तियों में वृद्धा ने दो स्तरों पर बात की है:
शाब्दिक अर्थ: जमींदार एक छोटी-सी टोकरी भर मिट्टी भी नहीं उठा सका। झोंपड़ी में तो हजारों टोकरियाँ भर मिट्टी है — इतना भारी बोझ वह जीवन भर कैसे उठाएगा?
प्रतीकात्मक/गहरा अर्थ: वृद्धा यहाँ केवल मिट्टी की बात नहीं कर रही। 'हजारों टोकरियाँ मिट्टी' का अर्थ है — एक गरीब, असहाय वृद्धा का घर छीनने का पाप और अन्याय का नैतिक बोझ। वृद्धा कह रही है कि जो व्यक्ति एक छोटी टोकरी भी नहीं उठा सकता, वह इस अन्याय के भारी नैतिक बोझ को जीवन भर कैसे वहन करेगा? यह पंक्ति जमींदार की अंतरात्मा को झकझोरती है और उसे उसके कृत्य का बोध कराती है।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
(ख)"जमींदार साहब पहले तो बहुत नाराज हुए, पर जब वह बार-बार हाथ जोड़ने लगी और पैरों पर गिरने लगी तो उनके भी मन में कुछ दया आ गई। किसी नौकर से न कहकर आप ही स्वयं टोकरी उठाने को आगे बढ़े। ज्यों ही टोकरी को हाथ लगाकर ऊपर उठाने लगे त्यों ही देखा कि यह काम उनकी शक्ति के बाहर है।" — इन पंक्तियों का क्या अर्थ है?Show solution
इन पंक्तियों में कहानी का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ है:
शाब्दिक अर्थ: जमींदार पहले क्रोधित था, किंतु वृद्धा की विनम्रता और गिड़गिड़ाहट देखकर उसके मन में दया जागी। उसने स्वयं टोकरी उठाने का प्रयास किया, परंतु वह टोकरी उठा नहीं सका।
गहरा अर्थ: यह प्रसंग प्रतीकात्मक है। टोकरी की मिट्टी उस वृद्धा के जीवन भर के परिश्रम, उसकी यादों और उसके अस्तित्व का प्रतीक है। जमींदार शारीरिक रूप से टोकरी नहीं उठा सका — यह दर्शाता है कि वह नैतिक रूप से भी इस अन्याय का बोझ उठाने में असमर्थ है। यह घटना उसके परिवर्तन का आरंभ बिंदु है। 'किसी नौकर से न कहकर स्वयं आगे बढ़ना' यह दर्शाता है कि उसके भीतर मानवीयता जागने लगी थी।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
सोच-विचार के लिए
(क)आपके विचार से कहानी का सबसे प्रभावशाली पात्र कौन है और क्यों?Show solution
मेरे विचार से इस कहानी का सबसे प्रभावशाली पात्र वृद्धा है। इसके निम्नलिखित कारण हैं:
1. धैर्य और विनम्रता: वृद्धा ने अपना घर छिन जाने पर भी क्रोध नहीं किया, बल्कि विनम्रता से अपनी बात रखी।
2. बुद्धिमत्ता और चतुराई: उसने 'एक टोकरी मिट्टी' माँगने की चतुर युक्ति से जमींदार को उसके अन्याय का बोध कराया।
3. प्रतीकात्मक भाषा: उसके शब्दों में गहरा अर्थ था जो जमींदार की अंतरात्मा को जगाने में सफल रहा।
4. पोती के प्रति प्रेम: पोती की खुशी के लिए उसने यह सब किया — यह उसके निःस्वार्थ प्रेम को दर्शाता है।
5. न्याय की विजय: उसकी बुद्धि और धैर्य के कारण अंततः न्याय की जीत हुई।
इस प्रकार वृद्धा एक साधारण स्त्री होते हुए भी असाधारण साहस, बुद्धि और प्रेम की प्रतीक है।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
(ख)वृद्धा की पोती ने खाना क्यों छोड़ दिया था?Show solution
वृद्धा की पोती ने खाना-पीना इसलिए छोड़ दिया था क्योंकि उसे अपने घर (झोंपड़ी) से बहुत गहरा लगाव था। जमींदार ने कानूनी दावपेंच से उनकी झोंपड़ी पर कब्जा कर लिया था और उन्हें वहाँ से निकाल दिया था। पोती के लिए वह झोंपड़ी केवल एक मकान नहीं थी — वह उसका घर था, उसकी यादों का केंद्र था, उसके जीवन का आधार था। अपना घर छिन जाने के दुख और पीड़ा में उसने खाना-पीना छोड़ दिया। वृद्धा को विश्वास था कि यदि वह उस झोंपड़ी की मिट्टी से चूल्हा बनाकर रोटी पकाए तो पोती खाना खाने लगेगी।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
(ग)जमींदार ने झोंपड़ी पर कब्जा कैसे किया?Show solution
जमींदार ने झोंपड़ी पर कब्जा करने के लिए निम्नलिखित तरीका अपनाया:
उसने 'बाल की खाल निकालने वाले' अर्थात् कानूनी दावपेंच में माहिर वकीलों को पैसे दिए (उनकी 'थैली गरम की')। इन वकीलों ने कानूनी चालाकियों का सहारा लेकर अदालत से झोंपड़ी पर जमींदार का कब्जा दिलवा दिया। इस प्रकार जमींदार ने धन के बल पर न्याय-व्यवस्था का दुरुपयोग करके एक गरीब, असहाय वृद्धा का घर छीन लिया। यह कार्य नैतिक दृष्टि से अन्यायपूर्ण था, भले ही कानूनी रूप से कर लिया गया था।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
(घ)"महाराज क्षमा करें तो एक विनती है। जमींदार साहब के सिर हिलाने पर उसने कहा..."। यहाँ जमींदार द्वारा सिर हिलाने की इस क्रिया का क्या अर्थ है?Show solution
यहाँ जमींदार द्वारा सिर हिलाने का अर्थ है — अनुमति देना या स्वीकृति देना। जब वृद्धा ने कहा 'महाराज क्षमा करें तो एक विनती है' — तो जमींदार ने सिर हिलाकर उसे आगे बोलने की अनुमति दी। यह एक मौन सहमति थी जिसका अर्थ था — 'हाँ, कहो, क्या विनती है?' इस प्रकार सिर हिलाना एक अशाब्दिक संकेत (non-verbal communication) था जो सकारात्मक प्रतिक्रिया को दर्शाता है।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
(ड)"किसी नौकर से न कहकर आप ही स्वयं टोकरी उठाने आगे बढ़े।" यहाँ जमींदार के व्यवहार में परिवर्तन का आरंभ दिखाई देता है। पहले जमींदार का व्यवहार कैसा था? इस घटना के बाद उसके व्यवहार में क्या परिवर्तन आया?Show solution
पहले जमींदार का व्यवहार अहंकारी, क्रूर और स्वार्थी था:
- उसने धन के बल पर वकीलों को पैसे देकर एक गरीब वृद्धा का घर छीन लिया।
- वह 'धन-मद से गर्वित' था और अपना कर्तव्य भूल गया था।
- वृद्धा के आने पर पहले वह बहुत नाराज हुआ।
- उसे किसी गरीब की पीड़ा से कोई सहानुभूति नहीं थी।
इस घटना के बाद परिवर्तन:
टोकरी न उठा पाने की घटना के बाद जमींदार के व्यवहार में क्रमशः परिवर्तन आया:
- उसे अपनी शारीरिक असमर्थता का बोध हुआ।
- वृद्धा के शब्दों ने उसकी अंतरात्मा को झकझोरा।
- उसकी 'आँखें खुल गईं' — अर्थात् उसे अपने अन्याय का बोध हुआ।
- उसने अपने 'कृतकर्म का पश्चाताप' किया।
- उसने वृद्धा से क्षमा माँगी और झोंपड़ी वापस कर दी।
इस प्रकार अहंकारी जमींदार एक पश्चातापी और न्यायप्रिय व्यक्ति में बदल गया।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
(च)"उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी और उसकी झोंपड़ी वापस दे दी।" जमींदार ने ऐसा क्यों किया?Show solution
जमींदार ने वृद्धा से क्षमा माँगी और झोंपड़ी वापस की, इसके निम्नलिखित कारण थे:
1. टोकरी न उठा पाने का बोध: जब जमींदार एक छोटी टोकरी भी नहीं उठा सका, तो उसे अपनी वास्तविक शक्तिहीनता का अहसास हुआ।
2. वृद्धा के प्रतीकात्मक शब्दों का प्रभाव: 'हजारों टोकरियाँ मिट्टी का भार जन्म भर कैसे उठाएँगे' — इन शब्दों ने उसे अन्याय के नैतिक बोझ का अहसास कराया।
3. अंतरात्मा का जागरण: वृद्धा के वचन सुनकर उनकी 'आँखें खुल गईं' — उन्हें अपने कृत्य की क्रूरता और अन्याय का बोध हुआ।
4. पश्चाताप: उन्होंने अपने 'कृतकर्म का पश्चाताप' किया — अर्थात् अपनी गलती स्वीकार की।
5. मानवीयता का पुनर्जागरण: धन-मद में डूबा जमींदार अंततः अपनी मानवीयता और करुणा को पुनः प्राप्त कर सका।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
अनुमान और कल्पना से
(क)यदि वृद्धा की पोती जमींदार से स्वयं बात करती तो वह क्या कहती?Show solution
यदि वृद्धा की पोती जमींदार से स्वयं बात करती तो वह शायद यह कहती:
"श्रीमान, आप बड़े और समर्थ हैं, हम गरीब और असहाय हैं। लेकिन यह झोंपड़ी हमारा घर है — हमारी दादी ने यहाँ अपना पूरा जीवन बिताया है। यहाँ की हर दीवार में उनकी यादें बसी हैं। आपके पास बड़ा महल है, हमारे पास यही एक छोटी-सी झोंपड़ी है। क्या आप इसे हमसे छीनकर सुखी रह सकेंगे? मैं आपसे हाथ जोड़कर विनती करती हूँ — हमारा घर हमें वापस कर दीजिए। हम आपका कोई नुकसान नहीं करते। दया करके हमारी झोंपड़ी हमें लौटा दीजिए।"
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
(ख)यदि आप जमींदार की जगह होते तो क्या करते?Show solution
यदि मैं जमींदार की जगह होता तो मैं निम्नलिखित कार्य करता:
1. मैं किसी गरीब और असहाय वृद्धा का घर कभी नहीं छीनता।
2. यदि अहाते का विस्तार करना आवश्यक होता तो मैं वृद्धा को उचित मुआवजा देकर और उसके लिए दूसरी व्यवस्था करके ही आगे बढ़ता।
3. मैं वृद्धा और उसकी पोती की सहायता करता, न कि उन्हें बेघर करता।
4. मैं यह समझता कि धन और शक्ति का उपयोग दूसरों की सहायता के लिए होना चाहिए, न कि उन्हें कष्ट देने के लिए।
5. मैं अपने कर्तव्य को नहीं भूलता और मानवीयता को सर्वोपरि रखता।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
(ग)जमींदार को टोकरी उठाने में सफलता क्यों नहीं मिली होगी?Show solution
जमींदार को टोकरी उठाने में सफलता नहीं मिली, इसके दो स्तरों पर कारण हो सकते हैं:
शारीरिक कारण:
- जमींदार एक संपन्न व्यक्ति था जो शारीरिक श्रम नहीं करता था। उसका शरीर ऐसे भारी काम का अभ्यस्त नहीं था।
- मिट्टी से भरी टोकरी बहुत भारी रही होगी।
प्रतीकात्मक/नैतिक कारण:
- वृद्धा की झोंपड़ी में केवल मिट्टी नहीं थी — उसमें एक जीवन भर की यादें, परिश्रम और भावनाएँ थीं। यह नैतिक बोझ इतना भारी था कि जमींदार उसे उठाने में असमर्थ था।
- यह घटना प्रतीकात्मक रूप से यह दर्शाती है कि अन्याय का बोझ कोई भी व्यक्ति जीवन भर नहीं उठा सकता।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
(घ)"झोंपड़ी में तो हजारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है..."। यहाँ केवल मिट्टी की बात की जा रही है या कुछ और बात भी छिपी है?Show solution
यहाँ केवल मिट्टी की बात नहीं की जा रही — इसमें बहुत गहरा प्रतीकात्मक अर्थ छिपा है:
मिट्टी का प्रतीकात्मक अर्थ:
- यादों और भावनाओं का प्रतीक: झोंपड़ी की मिट्टी वृद्धा के जीवन भर की यादों, उसके परिवार के सुख-दुख और उसके अस्तित्व का प्रतीक है।
- अन्याय के पाप का प्रतीक: 'हजारों टोकरियाँ मिट्टी' उस भारी नैतिक बोझ का प्रतीक है जो एक गरीब का घर छीनने से जमींदार पर आ पड़ा है।
- जीवन और मृत्यु का प्रतीक: मिट्टी जीवन का आधार है — 'मिट्टी से बने हैं, मिट्टी में मिल जाएँगे' — यह भाव भी यहाँ निहित है।
वृद्धा क्या कहना चाहती है:
वृद्धा कह रही है कि जो व्यक्ति एक छोटी टोकरी नहीं उठा सकता, वह एक असहाय वृद्धा का घर छीनने के पाप का बोझ जीवन भर कैसे उठाएगा? यह उसके अन्याय की याद दिलाने का प्रतीकात्मक तरीका है।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
(ड)यह कहानी आज से लगभग सवा सौ साल पहले लिखी गई थी। इस कहानी के आधार पर बताइए कि भारत में स्त्रियों को किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता होगा?Show solution
इस कहानी के आधार पर उस समय भारत में स्त्रियों को निम्नलिखित चुनौतियों का सामना करना पड़ता होगा:
1. संपत्ति का अधिकार नहीं: वृद्धा वर्षों से झोंपड़ी में रह रही थी, फिर भी जमींदार ने आसानी से उसे बेघर कर दिया। स्त्रियों को संपत्ति पर अधिकार नहीं था।
2. न्याय तक पहुँच कठिन: गरीब स्त्री के लिए अदालत जाना और वकील रखना संभव नहीं था। जमींदार ने पैसे के बल पर न्याय खरीद लिया।
3. असहायता और निर्भरता: वृद्धा के पास कोई पुरुष सहारा नहीं था — पति, बेटा, बहू सब चल बसे थे। अकेली स्त्री और भी असहाय थी।
4. सामाजिक शोषण: धनी और शक्तिशाली लोग गरीब स्त्रियों का शोषण करते थे और उन्हें न्याय नहीं मिलता था।
5. आवाज उठाने का अधिकार नहीं: स्त्री को विनती और गिड़गिड़ाहट का ही सहारा था — वह सीधे अपना अधिकार नहीं माँग सकती थी।
6. आर्थिक असुरक्षा: स्त्रियों के पास आजीविका के साधन नहीं थे, जिससे वे आर्थिक रूप से असुरक्षित थीं।
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
बदली कहानी
1कल्पना कीजिए कि कहानी कैसे आगे बढ़ती — यदि जमींदार टोकरी उठाने से मना कर देता / यदि जमींदार टोकरी उठा लेता / यदि जमींदार मिट्टी देने से मना कर देता / यदि जमींदार एक स्त्री होती / यदि पोती जमींदार से अपनी झोंपड़ी वापस माँगती। किसी एक स्थिति को चुनकर बदली हुई कहानी लिखिए।Show solution
जब वृद्धा ने जमींदार से टोकरी उठाने में सहायता माँगी, तो जमींदार ने अकड़ के साथ कहा — 'यह मेरा काम नहीं है। नौकरों से कहो।' वृद्धा ने नम्रता से कहा — 'महाराज, आपसे ही विनती है।' किंतु जमींदार ने साफ मना कर दिया।
वृद्धा चुपचाप वहाँ से चली गई। उसने अपनी पोती को सारी बात बताई। पोती ने सोचा — 'यदि जमींदार इतना निर्दयी है तो हमें न्याय के लिए किसी और रास्ते से लड़ना होगा।' उसने गाँव के बुजुर्गों और पंचायत से मदद माँगी। गाँव वालों ने जमींदार के अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई। अंततः सामाजिक दबाव में जमींदार को झोंपड़ी वापस करनी पड़ी। इस प्रकार सामूहिक शक्ति ने वह काम किया जो अकेली वृद्धा नहीं कर सकती थी।
*(नोट: विद्यार्थी अपनी कल्पना से किसी भी एक स्थिति को चुनकर समूह में चर्चा करके कहानी लिखें।)*
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
'कि' और 'की' का उपयोग
1नीचे दिए गए वाक्यों में 'कि' और 'की' का उपयुक्त प्रयोग कीजिए।Show solution
1. वृद्धा ने कहा कि वह झोंपड़ी को लेने नहीं आई है।
('कि' — संयोजक; 'कहा' के बाद क्या कहा गया यह बताता है।)
2. वह अपनी पोती की चिंता में दुखी हो गई थी।
('की' — संबंधकारक; पोती और चिंता के बीच संबंध।)
3. वृद्धा ने प्रार्थना की टोकरी को जरा हाथ लगाइए।
('की' — यहाँ 'प्रार्थना की' क्रिया है।)
4. पोती हमेशा कहती थी कि वह अपने घर में ही खाना खाएगी।
('कि' — संयोजक; 'कहती थी' के बाद क्या कहती थी यह बताता है।)
5. झोंपड़ी की मिट्टी से वृद्धा चूल्हा बनाना चाहती थी।
('की' — संबंधकारक; झोंपड़ी और मिट्टी के बीच संबंध।)
6. उसे विश्वास था कि मिट्टी का चूल्हा देखकर पोती खाना खाने लगेगी।
('कि' — संयोजक; 'विश्वास था' के बाद क्या विश्वास था यह बताता है।)
7. वृद्धा की आँखों से आँसुओं की धारा बहने लगी।
(दोनों स्थानों पर 'की' — संबंधकारक।)
8. उसने यह सोचा कि झोंपड़ी से मिट्टी ले जाकर चूल्हा बनाऊँगी।
('कि' — संयोजक; 'सोचा' के बाद क्या सोचा यह बताता है।)
9. वृद्धा के मन की पीड़ा उसकी बातों में झलक रही थी।
('की' — संबंधकारक; मन और पीड़ा के बीच संबंध।)
10. जमींदार इतने लज्जित हुए कि टोकरी उठाने की बात मान ली।
('कि' — संयोजक; परिणाम बताता है।)
11. उस झोंपड़ी की हर दीवार वृद्ध की यादों से भरी थी।
(दोनों स्थानों पर 'की' — संबंधकारक।)
Not sure why a step works? check your working in Super Tutor
मुहावरे
काल
वचन की पहचान
कहानी की रचना
शब्दकोश का उपयोग
भावों की पहचान
वाक्य विस्तार
संवाद फोन पर
पोती की भावनाएँ
पाठ से आगे — आपकी बात
न्याय और समता
आज की पहेली
21 more solved questions in एक टोकरी भर मिट्टी (कहानी)-माधवराव सप्रे
Every remaining exercise is solved step by step in Super Tutor, plus practice quizzes and flashcards for this chapter. Free to start.
Stuck on a step?
Ask Super Tutor AI to explain any solution on this page in a simpler way — free, 24x7.
Ask a Doubt FreeFrequently Asked Questions
What are the important topics in एक टोकरी भर मिट्टी (कहानी)-माधवराव सप्रे for CBSE Class 8 Hindi?
How to score full marks in एक टोकरी भर मिट्टी (कहानी)-माधवराव सप्रे — CBSE Class 8 Hindi?
Where can I get free NCERT Solutions for एक टोकरी भर मिट्टी (कहानी)-माधवराव सप्रे Class 8 Hindi?
Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
More resources for एक टोकरी भर मिट्टी (कहानी)-माधवराव सप्रे
Practice Quiz
Test yourself with a quick quiz
Important Questions
Practice with board exam-style questions
Revision Notes
Key points for last-minute revision
Formula Sheet
All formulas in one place
Chapter Summary
Understand the chapter at a glance
Concept Maps
See how topics connect visually
Study Plan
Step-by-step plan to ace this chapter
Flashcards
Quick-fire cards for active recall
Syllabus
What topics to cover
For serious students
Get the full एक टोकरी भर मिट्टी (कहानी)-माधवराव सप्रे chapter — for free.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for CBSE Class 8 Hindi.