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Chapter 10 of 13
NCERT Solutions

परीक्षा — NCERT Solutions

CBSE · Class 6 · Hindi

NCERT Solutions for परीक्षा, CBSE Class 6 Hindi: 34 textbook questions solved step by step. Covers मेरी समझ से, शीर्षक and पंक्तियों पर चर्चा and more.

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34 Questions Solved · 21 Sections

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मेरी समझ से

1(क)(1)महाराज ने दीवान को ही उनका उत्तराधिकारी चुनने का कार्य उनके किस गुण के कारण सौंपा?
- सादगी
- बल
- उदारता
- नीतिकुशलता
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सही उत्तर: ★ नीतिकुशलता

कारण: महाराज जानते थे कि दीवान साहब चालीस वर्षों के अनुभव से राज-काज की बारीकियाँ भली-भाँति समझते हैं। वे नीति और व्यवहार में कुशल हैं, इसीलिए उन्होंने उत्तराधिकारी चुनने जैसा महत्त्वपूर्ण कार्य दीवान को सौंपा।

1(क)(2)दीवान साहब द्वारा नौकरी छोड़ने के निश्चय का क्या कारण था?
- परमात्मा की याद
- बदनामी का भय
- राज-काज सँभालने योग्य शक्ति न रहना
- चालीस वर्ष की नौकरी पूरा हो जाना
Show solution

सही उत्तर: ★ राज-काज सँभालने योग्य शक्ति न रहना

कारण: दीवान साहब वृद्ध हो चुके थे और उन्हें अनुभव हो गया था कि अब उनमें राज-काज की जिम्मेदारियाँ उठाने की शारीरिक और मानसिक शक्ति नहीं रही। इसीलिए उन्होंने नौकरी छोड़ने का निश्चय किया।

1(ख)अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?Show solution

यह एक समूह-चर्चा गतिविधि है। विद्यार्थी अपने मित्रों के साथ निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा करें:

(1) पहले प्रश्न के लिए — दीवान साहब की नीतिकुशलता का प्रमाण कहानी में उनके द्वारा परीक्षा आयोजित करने की योजना से मिलता है। उन्होंने केवल कागज़ी योग्यता नहीं, बल्कि व्यक्ति के असली चरित्र को परखने की बुद्धि दिखाई।

(2) दूसरे प्रश्न के लिए — कहानी में स्पष्ट संकेत है कि दीवान साहब की आयु अधिक हो गई थी और वे स्वयं अनुभव कर रहे थे कि अब वे पहले जैसी सक्षमता से काम नहीं कर सकते।

शीर्षक

(क)आपने जो कहानी पढ़ी है, इसका नाम प्रेमचंद ने 'परीक्षा' रखा है। अपने समूह में चर्चा करके लिखिए कि उन्होंने इस कहानी का यह नाम क्यों दिया होगा? अपने उत्तर के कारण भी लिखिए।Show solution

प्रेमचंद ने इस कहानी का नाम 'परीक्षा' इसलिए रखा होगा क्योंकि पूरी कहानी एक परीक्षा के इर्द-गिर्द घूमती है।

कारण:

  1. दीवान साहब ने नए दीवान की नियुक्ति के लिए एक अनोखी परीक्षा का आयोजन किया — पहले हॉकी का खेल, फिर एक बूढ़े किसान के रूप में स्वयं उपस्थित होकर उम्मीदवारों के व्यवहार की परख।
  2. इस परीक्षा में केवल विद्या या शारीरिक बल नहीं, बल्कि दया, उदारता और आत्मबल जैसे मानवीय गुणों की परीक्षा ली गई।
  3. अंत में जो युवक इस परीक्षा में सच्चे अर्थों में उत्तीर्ण हुआ, उसे ही योग्य माना गया।

इस प्रकार 'परीक्षा' शीर्षक कहानी के मूल भाव को पूरी तरह व्यक्त करता है।

(ख)यदि आपको इस कहानी को कोई अन्य नाम देना हो तो क्या नाम देंगे? आपने यह नाम क्यों सोचा, यह भी बताइए।Show solution

इस कहानी को अन्य नाम दिए जा सकते हैं, जैसे:

  1. 'असली योग्यता' — क्योंकि कहानी यह बताती है कि असली योग्यता केवल खेल या विद्या में नहीं, बल्कि दया और उदारता में है।
  1. 'सच्चा दीवान' — क्योंकि कहानी का उद्देश्य एक ऐसे व्यक्ति को खोजना है जो सच्चे अर्थों में दीवान के पद के योग्य हो।
  1. 'दया और आत्मबल' — क्योंकि दीवान साहब ने इन्हीं दो गुणों को सबसे महत्त्वपूर्ण माना।

मैं इस कहानी को 'असली योग्यता' नाम देना चाहूँगा/चाहूँगी, क्योंकि यह नाम कहानी के संदेश को सबसे सटीक रूप से व्यक्त करता है।

पंक्तियों पर चर्चा

1निम्नलिखित पंक्तियों का अर्थ अपने शब्दों में लिखिए:
"इस पद के लिए ऐसे पुरुष की आवश्यकता थी, जिसके हृदय में दया हो और साथ-साथ आत्मबल। हृदय वह जो उदार हो, आत्मबल वह जो आपत्ति का वीरता के साथ सामना करे। ऐसे गुणवाले संसार में कम हैं और जो हैं, वे कीर्ति और मान के शिखर पर बैठे हुए हैं।"
Show solution

इन पंक्तियों का अर्थ:

दीवान के पद के लिए ऐसे व्यक्ति की जरूरत थी जिसमें दो विशेष गुण एक साथ हों —

(1) दयालु और उदार हृदय: अर्थात् जो दूसरों के दुख-दर्द को समझे, उनकी सहायता करे और मन से संकुचित न हो।

(2) आत्मबल: अर्थात् जो कठिन परिस्थितियों में भी घबराए नहीं, बल्कि साहस और वीरता के साथ उनका सामना करे।

लेखक कहते हैं कि ऐसे गुणों वाले लोग संसार में बहुत कम होते हैं। जो लोग इन दोनों गुणों से संपन्न होते हैं, वे समाज में बहुत ऊँचे स्थान पर होते हैं — उन्हें यश और सम्मान प्राप्त होता है।

संदेश: केवल शारीरिक बल या विद्या ही पर्याप्त नहीं है; सच्चा नेता वही होता है जिसमें दया और साहस दोनों हों।

सोच-विचार के लिए

(क)नौकरी की चाह में आए लोगों ने नौकरी पाने के लिए कौन-कौन से प्रयत्न किए?Show solution

नौकरी पाने के लिए आए लोगों ने निम्नलिखित प्रयत्न किए:

  1. अपनी-अपनी विशेषताएँ दिखाने की कोशिश की — कोई नए फैशन का प्रेमी बनकर आया, कोई पुरानी सादगी का दिखावा करके।
  1. हॉकी के खेल में अपना शारीरिक बल और कौशल दिखाया — सभी पूरी शक्ति से खेले ताकि दीवान साहब प्रभावित हों।
  1. हर व्यक्ति अपने जीवन को अपनी बुद्धि के अनुसार अच्छे रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश करता था।
  1. जब बूढ़ा किसान (दीवान साहब) रास्ते में मिला, तो अधिकांश लोगों ने उसकी उपेक्षा की — वे केवल नौकरी पाने की जल्दी में थे, इसलिए किसी ने भी उसकी सहायता नहीं की।
  1. केवल एक युवक ने किसान की सहायता की, जो वास्तव में सबसे बड़ा और सच्चा प्रयत्न था।
(ख)"उसे किसान की सूरत देखते ही सब बातें ज्ञात हो गईं।" खिलाड़ी को कौन-कौन सी बातें पता चल गईं?Show solution

युवक खिलाड़ी को किसान की सूरत देखते ही निम्नलिखित बातें पता चल गईं:

  1. किसान बहुत थका हुआ और परेशान है — उसे तत्काल सहायता की आवश्यकता है।
  1. किसान बूढ़ा और कमज़ोर है, वह अकेले अपना बोझ नहीं उठा सकता।
  1. किसान की दशा देखकर उसे यह भी अनुमान हो गया होगा कि यह व्यक्ति किसी कठिनाई में है और उसकी मदद करना उसका कर्तव्य है।
  1. संभवतः युवक को यह भी आभास हो गया था कि यह परीक्षा का एक हिस्सा हो सकता है — अर्थात् यह बूढ़ा किसान असल में दीवान साहब हो सकते हैं जो उनके चरित्र की परख कर रहे हैं।
(ग)"मगर उन आँखों में सत्कार था, इन आँखों में ईर्ष्या।" किनकी आँखों में सत्कार था और किनकी आँखों में ईर्ष्या थी? क्यों?Show solution

'उन आँखों में सत्कार' — बूढ़े किसान (दीवान साहब) की आँखों में उस युवक के प्रति सत्कार (आदर-सम्मान) था।

कारण: उस युवक ने बिना किसी स्वार्थ के, बिना नौकरी की परवाह किए, थके-हारे बूढ़े किसान की सहायता की। उसके इस निःस्वार्थ और दयालु व्यवहार को देखकर दीवान साहब के मन में उसके प्रति गहरा आदर उत्पन्न हुआ।

'इन आँखों में ईर्ष्या' — अन्य उम्मीदवारों (नौकरी के लिए आए बाकी खिलाड़ियों) की आँखों में ईर्ष्या थी।

कारण: जब उन्होंने देखा कि वह युवक किसान की सहायता करके दीवान साहब का सम्मान और प्रशंसा पा रहा है, तो उन्हें जलन हुई। वे स्वयं नौकरी पाने की होड़ में इतने अंधे हो गए थे कि उन्होंने किसान की मदद नहीं की, और अब पछता रहे थे।

खोजबीन

(क)कहानी में से वे वाक्य खोजकर लिखिए जिनसे पता चलता है कि शायद युवक बूढ़े किसान की असलियत पहचान गया था।Show solution

कहानी में से ऐसे वाक्य जो संकेत देते हैं कि युवक किसान की असलियत पहचान गया था:

"उसे किसान की सूरत देखते ही सब बातें ज्ञात हो गईं।"

यह वाक्य स्पष्ट रूप से संकेत करता है कि युवक ने किसान को देखते ही कुछ भाँप लिया था। संभवतः उसने दीवान साहब को पहले कहीं देखा था या उनके व्यक्तित्व में कुछ ऐसा था जो एक साधारण किसान से अलग था — जैसे उनका बोलने का ढंग, उनकी आँखें, या उनका आत्मविश्वास।

(ख)कहानी में से वे वाक्य खोजकर लिखिए जिनसे पता चलता है कि नौकरी के लिए आए लोग किसी तरह बस नौकरी पा लेना चाहते थे।Show solution

कहानी में से ऐसे वाक्य जो बताते हैं कि लोग किसी भी तरह नौकरी पाना चाहते थे:

  1. "हर एक मनुष्य अपने जीवन को अपनी बुद्धि के अनुसार अच्छे रूप में दिखाने की कोशिश करता था।"

— यह वाक्य बताता है कि लोग दिखावा कर रहे थे, असली नहीं थे।

  1. "स्वार्थ था, मद था, मगर उदारता और वात्सल्य का नाम भी न था।"

— यह वाक्य स्पष्ट करता है कि अधिकांश उम्मीदवार केवल अपने स्वार्थ के लिए आए थे।

  1. बूढ़े किसान की सहायता न करना और आगे बढ़ जाना — यह व्यवहार दर्शाता है कि वे नौकरी पाने की जल्दी में थे और किसी की परवाह नहीं करते थे।

कहानी की रचना

1कहानी में चित्रात्मक भाषा के अलावा और कौन-कौन सी विशेष बातें हैं? अपने समूह में मिलकर उनकी सूची बनाइए।Show solution

इस कहानी में निम्नलिखित विशेष बातें हैं:

  1. चित्रात्मक भाषा: जैसे — "लोग पसीने से तर हो गए। खून की गरमी आँख और चेहरे से झलक रही थी।" इससे दृश्य आँखों के सामने जीवंत हो उठता है।
  1. संवाद शैली: युवक और किसान के बीच की बातचीत संवादों के रूप में है जो कहानी को नाटकीय और रोचक बनाती है।
  1. चरित्र-चित्रण: दीवान साहब, युवक और अन्य उम्मीदवारों के चरित्र उनके व्यवहार से उभरते हैं, सीधे नहीं बताए जाते।
  1. कहावत का प्रयोग: "गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलता है" — इससे भाषा प्रभावशाली बनती है।
  1. रहस्य और जिज्ञासा: दीवान साहब का किसान के वेश में आना — पाठक को अंत तक उत्सुक रखता है।
  1. नैतिक संदेश: कहानी में दया, उदारता और आत्मबल का महत्त्व बताया गया है।
  1. भावों का सजीव वर्णन: "मगर उन आँखों में सत्कार था, इन आँखों में ईर्ष्या" — भावों को आँखों के माध्यम से व्यक्त किया गया है।

समस्या और समाधान

(क)महाराज के सामने क्या समस्या थी? उन्होंने इसका क्या समाधान खोजा?Show solution

महाराज की समस्या:
महाराज वृद्ध हो चुके थे और उन्हें एक योग्य उत्तराधिकारी की आवश्यकता थी जो राज्य की बागडोर सँभाल सके। समस्या यह थी कि ऐसे व्यक्ति को कैसे पहचाना जाए जो सच्चे अर्थों में योग्य हो — केवल दिखावे में नहीं।

समाधान:
महाराज ने यह कार्य अपने विश्वासपात्र और नीतिकुशल दीवान साहब को सौंपा। उन्होंने दीवान साहब की नीतिकुशलता पर भरोसा करते हुए उन्हें उत्तराधिकारी चुनने का पूरा अधिकार दे दिया।

(ख)दीवान के सामने क्या समस्या थी? उन्होंने इसका क्या समाधान खोजा?Show solution

दीवान साहब की समस्या:
दीवान साहब के सामने दो समस्याएँ थीं —
(1) वे स्वयं वृद्ध हो चुके थे और राज-काज सँभालने में असमर्थ थे।
(2) महाराज ने उन्हें एक ऐसे योग्य व्यक्ति को चुनने का कार्य सौंपा था जिसमें दया, उदारता और आत्मबल — तीनों गुण हों। ऐसे व्यक्ति की पहचान करना कठिन था।

समाधान:
दीवान साहब ने एक अनोखी परीक्षा का आयोजन किया:

  • पहले हॉकी का खेल रखा — शारीरिक बल और कौशल परखने के लिए।
  • फिर स्वयं एक बूढ़े किसान का वेश धारण करके रास्ते में बैठ गए — यह देखने के लिए कि कौन उम्मीदवार दया और उदारता दिखाता है।

इस प्रकार उन्होंने उस युवक को चुना जिसने उनकी सहायता की।

(ग)नौकरी के लिए आए लोगों के सामने क्या समस्या थी? उन्होंने इसका क्या समाधान खोजा?Show solution

नौकरी के लिए आए लोगों की समस्या:
सभी उम्मीदवार दीवान का पद पाना चाहते थे, लेकिन पद एक था और उम्मीदवार हजारों। समस्या यह थी कि इतनी भीड़ में अपनी योग्यता कैसे सिद्ध की जाए।

समाधान (उनके प्रयत्न):

  • अधिकांश लोगों ने अपना दिखावा किया — कोई नए फैशन में आया, कोई सादगी का नाटक करके।
  • हॉकी के खेल में पूरी शक्ति लगाई।
  • हर व्यक्ति अपने जीवन को अच्छे रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश करता रहा।

परंतु अधिकांश लोगों का समाधान केवल बाहरी दिखावे तक सीमित रहा। वे असली परीक्षा — बूढ़े किसान की सहायता करना — में असफल रहे। केवल एक युवक ने सच्चे हृदय से सहायता की और वही सफल हुआ।

मन के भाव

1"स्वार्थ था, मद था, मगर उदारता और वात्सल्य का नाम भी न था।" — कहानी में से ऐसे अन्य शब्द खोजकर लिखिए जो मन के भावों के नाम हों।Show solution

दिए गए वाक्य में रेखांकित शब्द — स्वार्थ, मद, उदारता, वात्सल्य — मन के भावों के नाम हैं।

कहानी में से ऐसे अन्य शब्द जो मन के भावों के नाम हैं:

  1. दया — किसी के कष्ट को देखकर मन में उठने वाली करुणा का भाव
  2. आत्मबल — अपने मन की शक्ति और साहस
  3. ईर्ष्या — दूसरे की सफलता देखकर जलन का भाव
  4. सत्कार — आदर और सम्मान का भाव
  5. आशा — कुछ पाने की उम्मीद
  6. निराशा — उम्मीद टूटने का भाव
  7. विश्वास — भरोसे का भाव
  8. अभिमान / मद — घमंड का भाव

ये सभी शब्द दिखाई देने वाली वस्तुओं या व्यक्तियों के नाम नहीं हैं, बल्कि मन के अंदर महसूस होने वाले भावों के नाम हैं।

अभिनय

1कहानी में युवक और किसान की बातचीत संवादों के रूप में दी गई है। अपने समूह के साथ मिलकर तैयारी कीजिए और कहानी के इस भाग को कक्षा में अभिनय के द्वारा प्रस्तुत कीजिए।Show solution

यह एक कक्षा-गतिविधि है। अभिनय की तैयारी के लिए निम्नलिखित सुझाव:

  1. समूह में भूमिकाएँ बाँटें — एक विद्यार्थी युवक की भूमिका निभाए, दूसरा बूढ़े किसान (दीवान साहब) की।
  1. संवाद याद करें और उन्हें उचित भाव-भंगिमा के साथ बोलें:
  • किसान की आवाज़ थकी हुई और कमज़ोर होनी चाहिए।
  • युवक की आवाज़ में दया और सम्मान होना चाहिए।
  1. अभिनय के दौरान ध्यान दें:
  • किसान झुककर चले, थकान दिखाए।
  • युवक आगे बढ़कर किसान का बोझ उठाने की पेशकश करे।
  • बातचीत में स्वाभाविकता लाएँ।
  1. कक्षा में प्रस्तुति के बाद अन्य विद्यार्थी अपनी प्रतिक्रिया दें।

विपरीतार्थक शब्द

1रेखाएँ खींचकर विपरीतार्थक शब्दों के सही जोड़े बनाइए।

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कहावत

1नीचे दी गई कहावतों को कहानी 'परीक्षा' से जोड़कर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए:
- अधजल गगरी छलकत जाए
- अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेत
- एक अनार सौ बीमार
- जो गरजते हैं वे बरसते नहीं हैं
- जहाँ चाह, वहाँ राह

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अनुमान या कल्पना से

(क)"दूसरे दिन देश के प्रसिद्ध पत्रों में यह विज्ञापन निकला" — देश के प्रसिद्ध पत्रों में नौकरी का विज्ञापन किसने निकलवाया होगा? आपको ऐसा क्यों लगता है?

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(ख)"इस विज्ञापन ने सारे मुल्क में तहलका मचा दिया!" — विज्ञापन ने पूरे देश में तहलका क्यों मचा दिया होगा?

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विज्ञापन

(क)कहानी में दिए गए विज्ञापन की सामग्री को पढ़कर अपनी कल्पना का उपयोग करते हुए विज्ञापन बनाइए।

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(ख)अपने किसी मनपसंद विज्ञापन को याद कीजिए। आपको वह अच्छा क्यों लगता है?

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(ग)विज्ञापनों से लाभ होते हैं, हानि होती हैं, या दोनों? अपने समूह में चर्चा कीजिए।

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आगे की कहानी

1'परीक्षा' कहानी जहाँ समाप्त होती है, उसके आगे क्या हुआ होगा। आगे की कहानी अपनी कल्पना से बनाइए।

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आपकी बात

(क)यदि कहानी में दीवान साहब के स्थान पर आप होते तो योग्य व्यक्ति को कैसे चुनते?

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(ख)यदि आपको कक्षा का मॉनिटर चुनने के लिए कहा जाए तो आप उसे कैसे चुनेंगे? उसमें किन-किन गुणों को देखेंगे? गुणों की परख के लिए क्या-क्या करेंगे?

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नया-पुराना

1अपने परिवार या परिजनों से चर्चा करके नीचे दी गई तालिका को पूरा कीजिए।

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वाद-विवाद

1"आपस में हॉकी का खेल हो जाए। यह भी तो आखिर एक विद्या है।" — क्या हॉकी जैसा खेल भी विद्या है? इस विषय पर कक्षा में वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन कीजिए।

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अच्छाई और दिखावा

(क)हर व्यक्ति अपनी बुद्धि के अनुसार स्वयं को अच्छा दिखाने की कोशिश करता है। स्वयं को अच्छा दिखाने के लिए लोग क्या-क्या करते हैं?

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(ख)क्या 'स्वयं को अच्छा दिखाने' में और 'स्वयं के अच्छा होने' में कोई अंतर है? कैसे?

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परिधान तरह-तरह के

1परिधानों के नामों को इनके सही चित्र के साथ मिलाइए। इन्हें आपके घर में क्या कहते हैं? लिखिए।

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आपकी परीक्षाएँ

1हम सभी अपने जीवन में अनेक प्रकार की परीक्षाएँ लेते और देते हैं। आप अपने अनुभवों के आधार पर कुछ परीक्षाओं के उदाहरण बताइए। यह भी बताइए कि किसने, कब, कैसे और क्यों वह परीक्षा ली।

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आज की पहेली

1यहाँ दिए गए चित्र एक जैसे हैं या भिन्न? इन चित्रों में कुछ अंतर हैं। देखते हैं आप कितने अंतर कितनी जल्दी खोज पाते हैं।

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in परीक्षा for CBSE Class 6 Hindi?
Key topics in परीक्षा include कहानी का मुख्य विचार, प्रमुख पात्र और उनके गुण, घटनाओं का क्रम, महत्वपूर्ण कथन और संदेश. Study these first, then practise questions on each for Class 6 exams.
Are these NCERT Solutions for परीक्षा free?
The first 17 of the 34 solutions on this page are open to read. The other 17 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise परीक्षा for Class 6 exams?
Learn the core ideas first, then work through the 45 practice questions on परीक्षा. Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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