मेरी माँ — NCERT Solutions
CBSE · Class 6 · Hindi
NCERT Solutions for मेरी माँ, CBSE Class 6 Hindi: 17 textbook questions solved step by step. Part of the CBSE Class 6 Hindi syllabus.
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मेरी समझ से
(क)(1)'किंतु यह इच्छा पूर्ण होती नहीं दिखाई देती।' बिस्मिल को अपनी किस इच्छा के पूर्ण न होने की आशंका थी?Show solution
सही उत्तर: अपनी माँ की जीवनपर्यंत सेवा करने की ✗
कारण: रामप्रसाद 'बिस्मिल' देश की स्वतंत्रता के लिए क्रांतिकारी मार्ग पर चल पड़े थे। उन्हें भली-भाँति पता था कि इस मार्ग पर चलते हुए वे अपनी माँ की जीवनभर सेवा नहीं कर पाएँगे। अंग्रेज सरकार उन्हें कभी भी गिरफ्तार कर सकती थी या फाँसी दे सकती थी। इसीलिए उन्हें अपनी माँ की जीवनपर्यंत सेवा करने की इच्छा पूर्ण न होने की आशंका थी।
(क)(2)रामप्रसाद बिस्मिल की माँ का सबसे बड़ा आदेश क्या था?Show solution
सही उत्तर: कभी किसी से छल न करना ✗
कारण: पाठ में बिस्मिल ने स्पष्ट लिखा है कि उनकी माँ का सबसे बड़ा आदेश यही था कि वे कभी किसी से छल न करें। यह आदेश इतना महत्त्वपूर्ण था कि इसकी पूर्ति के लिए बिस्मिल को कभी-कभी अपनी प्रतिज्ञा भी तोड़नी पड़ी थी।
(ख)अब अपने मित्रों के साथ तर्कपूर्ण चर्चा कीजिए कि आपने ये ही उत्तर क्यों चुने?Show solution
चर्चा के लिए संकेत-बिंदु:
- प्रश्न (1) के लिए — बिस्मिल एक क्रांतिकारी थे। उन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। ऐसे में माँ की सेवा करना उनके लिए संभव नहीं था। पाठ में वे स्वयं इस पीड़ा को व्यक्त करते हैं।
- प्रश्न (2) के लिए — माँ का 'छल न करने' का आदेश इतना गहरा था कि बिस्मिल ने इसे अपने जीवन का मूल सिद्धांत बना लिया। पाठ में इसका स्पष्ट उल्लेख है।
निष्कर्ष: पाठ को ध्यान से पढ़ने पर ये उत्तर स्वयं स्पष्ट हो जाते हैं।
पंक्तियों पर चर्चा
(क)"यदि मुझे ऐसी माता न मिलतीं, तो मैं भी अति साधारण मनुष्यों की भाँति संसार-चक्र में फँसकर जीवन निर्वाह करता।" — इस पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।Show solution
अर्थ एवं विचार:
इस पंक्ति में बिस्मिल अपनी माँ के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि यदि उन्हें इतनी महान, साहसी और प्रेरणादायी माँ न मिलती, तो वे भी एक सामान्य व्यक्ति की तरह केवल अपने परिवार, रोजी-रोटी और सांसारिक सुख-दुख में उलझकर जीवन बिता देते।
भाव: माँ की शिक्षा, संस्कार और प्रेरणा ने ही बिस्मिल को एक साधारण मनुष्य से असाधारण क्रांतिकारी बनाया। माँ का व्यक्तित्व उनके जीवन की दिशा बदलने वाली सबसे बड़ी शक्ति थी।
निष्कर्ष: यह पंक्ति माँ की भूमिका को सर्वोच्च महत्त्व देती है और बताती है कि एक माँ अपने बच्चे का भविष्य गढ़ने में कितनी महत्त्वपूर्ण होती है।
(ख)"उनके इस आदेश की पूर्ति करने के लिए मुझे मज़बूरन दो-एक बार अपनी प्रतिज्ञा भंग भी करनी पड़ी थी।" — इस पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।Show solution
अर्थ एवं विचार:
इस पंक्ति में बिस्मिल बता रहे हैं कि उनकी माँ का सबसे बड़ा आदेश था — 'कभी किसी से छल मत करो।' बिस्मिल ने अपने जीवन में कुछ प्रतिज्ञाएँ भी ली थीं। कभी-कभी ऐसी परिस्थिति आई जब माँ के आदेश (सच बोलना / छल न करना) का पालन करने के लिए उन्हें अपनी ली हुई प्रतिज्ञा तोड़नी पड़ी।
भाव: माँ का आदेश उनके लिए किसी भी व्यक्तिगत प्रतिज्ञा से बड़ा था। माँ की आज्ञा का पालन करना उनके लिए सर्वोपरि था।
निष्कर्ष: यह पंक्ति माँ के प्रति बिस्मिल की अटूट श्रद्धा और आज्ञाकारिता को दर्शाती है। साथ ही यह भी बताती है कि नैतिक मूल्यों में कभी-कभी द्वंद्व उत्पन्न होता है।
मिलकर करें मिलान
1नीचे दिए गए शब्दों को उनके सही अर्थ या संदर्भ से मिलाइए — देवनागरी, आर्यसमाज, मेजिनी, गोबिंद सिंहShow solution
सही मिलान इस प्रकार है:
| शब्द | सही अर्थ/संदर्भ |
|---|---|
| 1. देवनागरी | 4. भारत की एक भाषा-लिपि जिसमें हिंदी, संस्कृत, मराठी आदि भाषाएँ लिखी जाती हैं। |
| 2. आर्यसमाज | 3. महर्षि दयानंद द्वारा स्थापित एक संस्था। |
| 3. मेजिनी | 2. इटली के गुप्त राष्ट्रवादी दल का सेनापति; इटली का मसीहा था जिसने लोगों को एक सूत्र में बाँधा। |
| 4. गोबिंद सिंह | 1. सिखों के दसवें और अंतिम गुरु थे। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की। |
संक्षिप्त परिचय:
- देवनागरी — यह भारत की प्रमुख लिपि है जिसमें हिंदी, संस्कृत, मराठी, नेपाली आदि भाषाएँ लिखी जाती हैं।
- आर्यसमाज — स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1875 में इसकी स्थापना की। यह समाज-सुधार और वेदों की ओर लौटने का आंदोलन था।
- मेजिनी — Giuseppe Mazzini इटली के महान राष्ट्रवादी नेता थे जिन्होंने इटली को एकजुट करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- गुरु गोबिंद सिंह — सिखों के दसवें गुरु जिन्होंने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की।
सोच-विचार के लिए
1(क)बिस्मिल की माता जी जब ब्याह कर आई तो उनकी आयु काफ़ी कम थी। फिर भी उन्होंने स्वयं को अपने परिवार के अनुकूल कैसे ढाला?Show solution
उत्तर:
बिस्मिल की माता जी बहुत कम आयु में ब्याह कर आई थीं। उस समय लड़कियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता था, इसलिए वे अधिक पढ़ी-लिखी नहीं थीं। फिर भी उन्होंने निम्नलिखित तरीकों से स्वयं को परिवार के अनुकूल ढाला:
- परिवार की परंपराओं को अपनाया — उन्होंने घर के बड़े-बुजुर्गों का आदर किया और घर के नियमों का पालन किया।
- कर्तव्यनिष्ठा — उन्होंने गृहस्थी की जिम्मेदारियों को पूरी लगन से निभाया।
- सहनशीलता और धैर्य — कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने धैर्य नहीं खोया।
- सकारात्मक दृष्टिकोण — उन्होंने परिवार के हर सदस्य के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार किया।
इस प्रकार उन्होंने अपनी इच्छाशक्ति और सहनशीलता से स्वयं को परिवार के अनुकूल बनाया।
1(ख)बिस्मिल की माता जी ने अपनी इच्छाशक्ति के बल पर स्वयं को कैसे शिक्षित किया?Show solution
उत्तर:
बिस्मिल की माता जी ने अपनी इच्छाशक्ति के बल पर स्वयं को शिक्षित करने के लिए निम्नलिखित प्रयास किए:
- स्वाध्याय — घर के काम-काज से जो भी समय मिलता, उसमें वे पढ़ना-लिखना करती थीं।
- बच्चों से सीखना — जब वे अपने बच्चों को पढ़ाती थीं, तो स्वयं भी उनसे अक्षर-बोध करती थीं।
- लगन और परिश्रम — उन्होंने बिना किसी औपचारिक शिक्षा के, केवल अपनी लगन और मेहनत से पढ़ना-लिखना सीखा।
- जिज्ञासु स्वभाव — वे नई बातें जानने और सीखने के लिए सदा उत्सुक रहती थीं।
निष्कर्ष: उनकी यह जिजीविषा और आत्मबल ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति थी।
2बिस्मिल को साहसी बनाने में उनकी माता जी ने कैसे सहयोग दिया?Show solution
उत्तर:
बिस्मिल को साहसी बनाने में उनकी माता जी का योगदान अत्यंत महत्त्वपूर्ण था। उन्होंने निम्नलिखित तरीकों से सहयोग दिया:
- वीरों की कहानियाँ सुनाना — माता जी बिस्मिल को देशभक्तों, वीरों और महापुरुषों की कहानियाँ सुनाती थीं जिससे उनमें देशप्रेम और साहस की भावना जागृत हुई।
- नैतिक शिक्षा देना — उन्होंने बिस्मिल को सत्य, ईमानदारी और निडरता का पाठ पढ़ाया।
- प्रेरणादायी व्यक्तित्व — माता जी स्वयं साहसी और दृढ़ स्वभाव की थीं। उनका व्यक्तित्व ही बिस्मिल के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा था।
- देशभक्ति की भावना जगाना — उन्होंने बिस्मिल के मन में देश के प्रति प्रेम और बलिदान की भावना भरी।
- कठिन परिस्थितियों में हिम्मत देना — जब भी बिस्मिल किसी कठिनाई में होते, माता जी उन्हें हिम्मत और हौसला देती थीं।
निष्कर्ष: माता जी की शिक्षा और प्रेरणा ने ही बिस्मिल को एक साधारण बालक से असाधारण क्रांतिकारी बनाया।
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Frequently Asked Questions
What are the important topics in मेरी माँ for CBSE Class 6 Hindi?
Are these NCERT Solutions for मेरी माँ free?
How should I revise मेरी माँ for Class 6 exams?
Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
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