चेतक की वीरता — NCERT Solutions
CBSE · Class 6 · Hindi
NCERT Solutions for चेतक की वीरता, CBSE Class 6 Hindi: 23 textbook questions solved step by step. Part of the CBSE Class 6 Hindi syllabus.
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पाठ से — मेरी समझ से
(क)(1)चेतक शत्रुओं की सेना पर किस प्रकार टूट पड़ता था? सही उत्तर के सामने तारा (↑) बनाइए।Show solution
सही उत्तर: चेतक बादल की तरह शत्रु की सेना पर वज्रपात बनकर टूट पड़ता था। ↑
कारण: कविता में कहा गया है — 'विकराल बज्रमय बादल-सा और की सेना पर घहर गया।' इस पंक्ति से स्पष्ट है कि चेतक एक भयंकर वज्रमय बादल की तरह शत्रु की सेना पर टूट पड़ता था।
(क)(2)'लेकर सवार उड़ जाता था।' इस पंक्ति में 'सवार' शब्द किसके लिए आया है? सही उत्तर के सामने तारा (↑) बनाइए।Show solution
सही उत्तर: महाराणा प्रताप ↑
कारण: चेतक महाराणा प्रताप का घोड़ा था। 'सवार' अर्थात घोड़े पर बैठने वाले — यहाँ महाराणा प्रताप ही चेतक पर सवार थे। अतः 'सवार' शब्द महाराणा प्रताप के लिए आया है।
(ख)अपने मित्रों के साथ तर्कपूर्ण चर्चा कीजिए कि आपने ये ही उत्तर क्यों चुने?Show solution
चर्चा के बिंदु:
- प्रश्न (1) के लिए — कविता की पंक्ति 'विकराल बज्रमय बादल-सा और की सेना पर घहर गया' सीधे यह बताती है कि चेतक वज्रमय बादल की तरह शत्रु पर टूट पड़ता था। अन्य विकल्पों का कविता में कोई उल्लेख नहीं है।
- प्रश्न (2) के लिए — पूरी कविता में चेतक महाराणा प्रताप का वफादार घोड़ा है। 'सवार' का अर्थ है — घोड़े पर बैठा व्यक्ति। चूँकि चेतक पर महाराणा प्रताप सवार थे, इसलिए 'सवार' शब्द उन्हीं के लिए प्रयुक्त हुआ है।
पंक्तियों पर चर्चा
(क)"निभौंक गया वह ढालों में, सरपट दौड़ा करवालों में।" — इन पंक्तियों का अर्थ लिखिए।Show solution
अर्थ/भावार्थ:
इन पंक्तियों में चेतक की अद्भुत वीरता और साहस का वर्णन है। 'निभौंक' का अर्थ है — बिना किसी भय या झिझक के। 'ढालों' का अर्थ है — ढालें (युद्ध में रक्षा के लिए प्रयुक्त हथियार) और 'करवालों' का अर्थ है — तलवारें।
अर्थात — चेतक बिना किसी भय के ढालों के बीच से निकल गया और तलवारों की बौछार के बीच सरपट दौड़ता रहा। शत्रुओं के हथियारों की परवाह किए बिना वह निडरता से युद्धभूमि में दौड़ता रहा। यह पंक्ति चेतक के अदम्य साहस और निर्भयता को दर्शाती है।
(ख)"भाला गिर गया, गिरा निपंग, हय-टापों से खन गया अंग।" — इन पंक्तियों का अर्थ लिखिए।Show solution
अर्थ/भावार्थ:
'निपंग' का अर्थ है — भाला या बर्छी (एक प्रकार का हथियार)। 'हय' का अर्थ है — घोड़ा। 'टापों' का अर्थ है — घोड़े के खुर। 'खन गया अंग' का अर्थ है — शरीर के अंग कट-कट गए।
अर्थात — युद्ध में भाला गिर गया, बर्छी भी गिर गई और चेतक के खुरों की चोट से शत्रुओं के शरीर के अंग कट-कट कर गिरने लगे। यह पंक्ति युद्ध के भयंकर दृश्य को चित्रित करती है जिसमें चेतक के पैरों की टापों से शत्रु सैनिकों का नाश हो रहा था।
मिलकर करें मिलान
1पंक्तियों को उनके सही भावार्थ से मिलाइए।Show solution
सही मिलान इस प्रकार है:
| पंक्तियाँ | भावार्थ |
|---|---|
| 1. राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा को पाला था। | 2. हवा से भी तेज दौड़ने वाला चेतक ऐसे दौड़ लगा रहा था मानो हवा और चेतक में प्रतियोगिता हो रही हो। |
| 2. वह दौड़ रहा और-मस्तक पर, या आसमान पर घोड़ा था। | 3. शत्रुओं के सिर के ऊपर से होता हुआ एक छोर से दूसरे छोर पर ऐसे दौड़ता जैसे आसमान में दौड़ रहा हो। |
| 3. जो तनिक हवा से बाग हिली लेकर सवार उड़ जाता था। | 4. चेतक की फुर्ती ऐसी कि लगाम के घोड़ा-सा हिलते ही सरपट हवा में उड़ने लगता था। |
| 4. राणा की पुतली फिरी नहीं, तब तक चेतक मुड़ जाता था। | 5. वह राणा की पूरी निगाह मुड़ने से पहले ही उस ओर मुड़ जाता अर्थात वह उनका भाव समझ जाता था। |
| 5. विकराल बज्रमय बादल-सा और की सेना पर घहर गया। | 1. शत्रु की सेना पर भयानक बज्रमय बादल बनकर टूट पड़ता और शत्रुओं का नाश करता। |
स्पष्टीकरण:
- पंक्ति 1 → भावार्थ 2: चेतक हवा से भी तेज था, मानो हवा से होड़ लगा रहा हो।
- पंक्ति 2 → भावार्थ 3: चेतक इतनी तेजी से दौड़ता था मानो आसमान में उड़ रहा हो।
- पंक्ति 3 → भावार्थ 4: हल्की-सी लगाम हिलते ही चेतक उड़ चलता था।
- पंक्ति 4 → भावार्थ 5: राणा की आँख घूमने से पहले ही चेतक उनका इशारा समझ जाता था।
- पंक्ति 5 → भावार्थ 1: चेतक भयंकर बादल की तरह शत्रु सेना पर टूट पड़ता था।
शीर्षक
1यह कविता 'हल्दीघाटी' शीर्षक काव्य कृति का एक अंश है। यहाँ इसका शीर्षक 'चेतक की वीरता' दिया गया है। आप इसे क्या शीर्षक देना चाहेंगे और क्यों?Show solution
मेरा सुझाया शीर्षक: 'वीर चेतक' अथवा 'अमर घोड़ा चेतक'
कारण:
मैं इस कविता को 'वीर चेतक' शीर्षक देना चाहूँगा/चाहूँगी क्योंकि —
- इस पूरी कविता में चेतक की वीरता, फुर्ती, स्वामिभक्ति और साहस का वर्णन है।
- चेतक केवल एक घोड़ा नहीं, बल्कि एक वीर योद्धा की तरह युद्धभूमि में लड़ा।
- 'वीर चेतक' शीर्षक संक्षिप्त, सटीक और प्रभावशाली है जो कविता के मुख्य भाव को व्यक्त करता है।
- चेतक की वीरता और बलिदान को यह शीर्षक उचित सम्मान देता है।
(नोट: विद्यार्थी अपनी कल्पना और समझ के अनुसार कोई भी उचित शीर्षक दे सकते हैं, बशर्ते उसका कारण तर्कसंगत हो।)
कविता की रचना — तुकांत शब्द
1इस कविता में आए तुकांत शब्दों की सूची बनाइए।Show solution
तुकांत शब्द वे शब्द होते हैं जिनके अंत की ध्वनि मिलती-जुलती हो। कविता में आए तुकांत शब्दों की सूची:
| क्रम | तुकांत शब्द-युगल |
|---|---|
| 1. | निराला था — पाला था |
| 2. | कोड़ा था — घोड़ा था |
| 3. | ढालों में — करवालों में |
| 4. | निपंग — अंग |
| 5. | पाला था — निराला था |
| 6. | घहर गया — बिखर गया (यदि कविता में हो) |
| 7. | मुड़ जाता था — उड़ जाता था |
| 8. | हिली — मिली |
निष्कर्ष: इस कविता में 'आला', 'ओड़ा', 'आलों', 'अंग' आदि तुकांत शब्दों का प्रयोग हुआ है जो कविता को लयबद्ध और संगीतात्मक बनाते हैं।
शब्द के भीतर शब्द
1'आसमान' शब्द के भीतर छिपे शब्द दिए गए हैं। इसी प्रकार कविता में से कोई पाँच शब्द चुनकर उनके भीतर के शब्द खोजिए।Show solution
उदाहरण (दिया गया): आसमान → आस, समान, मान, सम, आन, नस
कविता से पाँच शब्द और उनके भीतर के शब्द:
- निराला → नि, राला, राल, आला, ला
- करवाल → कर, वाल, राल, करवा, अल
- आसमान → आस, समान, मान, सम, आन, नस (पहले से दिया गया)
- विकराल → विकर, कराल, राल, कर, अल, विक
- महाराणा → महा, राणा, राण, हार, आण, महाराण
- तलवार → तल, वार, लवार, तलवा, अर
(नोट: विद्यार्थी कविता से अपनी पसंद के शब्द चुन सकते हैं।)
पाठ से आगे — आपकी बात
(क)'हवा से लगाम हिली और घोड़ा भाग चला' — कविता को प्रभावशाली बनाने में इस तरह के प्रयोग काम आते हैं। कविता में आए ऐसे प्रयोग खोजकर परस्पर बातचीत करें।Show solution
कविता में प्रभावशाली प्रयोगों के उदाहरण:
- 'जो तनिक हवा से बाग हिली, लेकर सवार उड़ जाता था' — हल्की-सी हवा से लगाम हिलते ही चेतक उड़ चलता था। यह अतिशयोक्ति चेतक की अद्भुत फुर्ती को दर्शाती है।
- 'राणा की पुतली फिरी नहीं, तब तक चेतक मुड़ जाता था' — राणा की आँख की पुतली घूमने से पहले ही चेतक मुड़ जाता था। यह प्रयोग चेतक की तीव्र गति और स्वामिभक्ति को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करता है।
- 'विकराल बज्रमय बादल-सा और की सेना पर घहर गया' — चेतक को भयंकर बादल से उपमा देना कविता को अत्यंत प्रभावशाली बनाता है।
- 'राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा को पाला था' — हवा से भी तेज दौड़ने की बात अतिशयोक्ति के माध्यम से कविता को रोचक बनाती है।
निष्कर्ष: ये सभी प्रयोग अतिशयोक्ति, उपमा और रूपक अलंकारों के माध्यम से कविता को जीवंत और प्रभावशाली बनाते हैं।
(ख)'कहीं भी, किसी भी तरह का युद्ध नहीं होना चाहिए।' इस पर आपस में बात कीजिए।Show solution
विचार-बिंदु:
युद्ध नहीं होना चाहिए — इस विषय पर विचार:
- युद्ध के दुष्परिणाम: युद्ध में अनगिनत निर्दोष लोगों की जानें जाती हैं। सैनिक, नागरिक, बच्चे, महिलाएँ — सभी प्रभावित होते हैं।
- संपत्ति का नाश: युद्ध में घर, खेत, शहर सब नष्ट हो जाते हैं। वर्षों की मेहनत पलभर में बर्बाद हो जाती है।
- पशु-पक्षी भी पीड़ित होते हैं: इस कविता में चेतक जैसे वफादार घोड़े भी युद्ध में घायल होते हैं और मारे जाते हैं।
- शांति का महत्त्व: समस्याओं का समाधान बातचीत और कूटनीति से होना चाहिए, न कि युद्ध से।
- मानवता की जीत: युद्ध में कोई नहीं जीतता — दोनों पक्षों को हानि होती है। इसलिए शांति ही सबसे बड़ी विजय है।
निष्कर्ष: हमें युद्ध का महिमामंडन नहीं करना चाहिए। वीरता की सराहना करते हुए भी हमें शांति और अहिंसा का मार्ग अपनाना चाहिए।
समानार्थी शब्द — जो समानार्थी न हो उस पर घेरा बनाइए
1हवा, अनल, पवन, बयार — जो समानार्थी न हो उस पर घेरा बनाइए।Show solution
उत्तर:
कारण: 'हवा', 'पवन' और 'बयार' तीनों 'वायु/हवा' के समानार्थी शब्द हैं। परंतु 'अनल' का अर्थ है — आग/अग्नि। अतः 'अनल' इस समूह में समानार्थी नहीं है।
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Frequently Asked Questions
What are the important topics in चेतक की वीरता for CBSE Class 6 Hindi?
Are these NCERT Solutions for चेतक की वीरता free?
How should I revise चेतक की वीरता for Class 6 exams?
Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
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