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Chapter 2 of 13
NCERT Solutions

गोल — NCERT Solutions

CBSE · Class 6 · Hindi

NCERT Solutions for गोल, CBSE Class 6 Hindi: 21 textbook questions solved step by step. Part of the CBSE Class 6 Hindi syllabus.

43 questions32 flashcards5 concepts

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21 Questions Solved · 11 Sections

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पाठ से — मेरी समझ से

(क)(1)"दोस्त, खेल में इतना गुस्सा अच्छा नहीं। मैंने तो अपना बदला ले ही लिया है। अगर तुम मुझे हॉकी नहीं मारते तो शायद मैं तुम्हें दो ही गोल से हराता।" मेजर ध्यानचंद की इस बात से उनके बारे में क्या पता चलता है?Show solution

सही उत्तर: ✗ वे जानते थे कि खेल को सही भावना से खेलना चाहिए।

कारण: ध्यानचंद ने विरोधी खिलाड़ी को गुस्से में हॉकी मारने पर भी क्रोध नहीं किया, बल्कि शांत भाव से कहा कि खेल में इतना गुस्सा अच्छा नहीं। उन्होंने अपना 'बदला' अधिक गोल करके लिया — यह दर्शाता है कि वे खेल-भावना (sportsman spirit) को सर्वोपरि मानते थे। वे न तो अत्यंत क्रोधी थे, न ही बुरे तरीके से बदला लेने वाले। उनका उत्तर खेल की सच्ची भावना को प्रकट करता है।

(क)(2)लोगों ने मेजर ध्यानचंद को 'हॉकी का जादूगर' कहना क्यों शुरू कर दिया?Show solution

सही उत्तर: ✗ उनके हॉकी खेलने के विशेष कौशल के कारण

कारण: मेजर ध्यानचंद की हॉकी खेलने की तकनीक, गेंद पर उनका अद्भुत नियंत्रण और गोल करने की अनोखी क्षमता इतनी असाधारण थी कि दर्शक और विरोधी खिलाड़ी दोनों चकित रह जाते थे। यह उनका विशेष खेल-कौशल ही था जिसने उन्हें 'हॉकी का जादूगर' की उपाधि दिलाई।

(ख)अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?Show solution

यह एक समूह-चर्चा गतिविधि है। विद्यार्थी अपने मित्रों के साथ निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा करें:

  1. पहले प्रश्न में — ध्यानचंद ने विरोधी को माफ किया, शांत रहे और खेल-भावना का परिचय दिया। इसीलिए 'वे जानते थे कि खेल को सही भावना से खेलना चाहिए' सही उत्तर है।
  1. दूसरे प्रश्न में — 'जादूगर' शब्द किसी जादू की छड़ी या विशेष लगाव के कारण नहीं, बल्कि उनके असाधारण खेल-कौशल के कारण दिया गया। इसीलिए 'उनके हॉकी खेलने के विशेष कौशल के कारण' सही उत्तर है।

मिलकर करें मिलान

1नीचे दिए गए शब्दों को उनके सही अर्थों या संदर्भों से मिलाइए।Show solution

सही मिलान इस प्रकार है:

  1. लांस नायक → 2. भारतीय सेना का एक पद (रैंक) है।
  1. बर्लिन ओलंपिक → 4. वर्ष 1936 में जर्मनी के बर्लिन शहर में आयोजित ओलंपिक खेल प्रतियोगिता, जिसमें 49 देशों ने भाग लिया था।
  1. पंजाब रेजिमेंट → 5. स्वतंत्रता से पहले अंग्रेजों की भारतीय सेना का एक दल।
  1. सैंपर्स एंड माइनर्स टीम → 6. अंग्रेजों के समय का एक हॉकी दल।
  1. सूबेदार → 1. स्वतंत्रता से पहले सूबेदार भारतीय सैन्य अधिकारियों का दूसरा सबसे बड़ा पद था।
  1. छावनी → 3. सैनिकों के रहने का क्षेत्र।

पंक्तियों पर चर्चा

(क)"बुरा काम करने वाला आदमी हर समय इस बात से डरता रहता है कि उसके साथ भी बुराई की जाएगी।" — इस पंक्ति का अर्थ अपने विचारों में लिखिए।Show solution

इस पंक्ति का अर्थ:

जो व्यक्ति दूसरों के साथ बुरा व्यवहार करता है, दूसरों को धोखा देता है या उन्हें कष्ट पहुँचाता है — वह हमेशा इस भय में जीता है कि कोई उसके साथ भी वैसा ही करेगा। यानी बुरे कर्म करने वाले का मन कभी शांत नहीं रहता। वह हर समय संदेह और डर में रहता है।

यह पंक्ति हमें सिखाती है कि यदि हम दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करें तो हमें किसी से डरने की जरूरत नहीं। ध्यानचंद ने इसी भावना से कहा था कि जिस खिलाड़ी ने उन्हें हॉकी मारी, वह डर रहा था — क्योंकि उसने बुरा काम किया था।

(ख)"मेरी तो हमेशा यह कोशिश रहती कि मैं गेंद को गोल के पास ले जाकर अपने किसी साथी खिलाड़ी को दे दूँ ताकि उसे गोल करने का श्रेय मिल जाए। अपनी इसी खेल भावना के कारण मैंने दुनिया के खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया।" — इस पंक्ति का अर्थ अपने विचारों में लिखिए।Show solution

इस पंक्ति का अर्थ:

ध्यानचंद इतने महान खिलाड़ी थे कि वे स्वयं गोल कर सकते थे, फिर भी वे गेंद अपने साथी को देते थे ताकि उसे भी श्रेय मिले। यह उनकी निःस्वार्थ भावना और टीम-भावना को दर्शाता है।

इस पंक्ति से हमें यह शिक्षा मिलती है कि सच्ची महानता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि में नहीं, बल्कि दूसरों को आगे बढ़ाने में है। जो व्यक्ति अपनी प्रसिद्धि से अधिक दूसरों की भलाई सोचता है, वही लोगों के दिलों पर राज करता है। ध्यानचंद ने यही किया और इसीलिए वे दुनिया भर के खेल-प्रेमियों के प्रिय बन गए।

सोच-विचार के लिए

(क)ध्यानचंद की सफलता का क्या रहस्य था?Show solution

ध्यानचंद की सफलता के रहस्य:

  1. कठोर परिश्रम और अभ्यास: ध्यानचंद रात को चाँद की रोशनी में भी हॉकी का अभ्यास करते थे। वे अपने खेल को निरंतर निखारते रहते थे।
  1. लगन और समर्पण: उन्हें हॉकी से गहरा प्रेम था। वे खेल को पूरी तन्मयता से खेलते थे।
  1. टीम-भावना: वे स्वयं गोल करने की बजाय साथी खिलाड़ियों को गोल करने का अवसर देते थे। इससे पूरी टीम का मनोबल ऊँचा रहता था।
  1. खेल-भावना (Sportsmanship): वे खेल को सही भावना से खेलते थे — न क्रोध, न घमंड।
  1. अनुशासन: सेना में रहते हुए उन्होंने अनुशासन सीखा जो उनके खेल में भी झलकता था।

संक्षेप में — परिश्रम, लगन, टीम-भावना और खेल के प्रति सच्चा प्रेम ही उनकी सफलता का रहस्य था।

(ख)किन बातों से ऐसा लगता है कि ध्यानचंद स्वयं से पहले दूसरों को रखते थे?Show solution

निम्नलिखित बातों से स्पष्ट होता है कि ध्यानचंद स्वयं से पहले दूसरों को रखते थे:

  1. गोल का श्रेय साथी को देना: वे गेंद को गोल के पास ले जाकर साथी खिलाड़ी को पास देते थे ताकि गोल करने का श्रेय उसे मिले।
  1. देश को प्राथमिकता: उनका कहना था — "हार या जीत मेरी नहीं, बल्कि पूरे देश की है।" वे व्यक्तिगत यश से ऊपर देश का सम्मान रखते थे।
  1. विरोधी के प्रति उदारता: जब किसी विरोधी ने उन्हें हॉकी से मारा, तब भी उन्होंने उसे दोस्ताना भाव से समझाया — यह दूसरों की भलाई सोचने की भावना है।
  1. टीम की जीत को महत्त्व: वे हमेशा टीम की जीत को अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि से बड़ा मानते थे।

संस्मरण की रचना

(क)अपने-अपने समूह में मिलकर इस संस्मरण की विशेषताओं की सूची बनाइए।Show solution

इस संस्मरण 'गोल' की प्रमुख विशेषताएँ:

  1. प्रथम पुरुष में लेखन: पूरा संस्मरण 'मैं' शैली में लिखा गया है — जैसे 'मैं पंजाब रेजिमेंट की ओर से खेला करता था।' इससे पाठक को लगता है कि लेखक सीधे उनसे बात कर रहा है।
  1. व्यक्तिगत अनुभवों का वर्णन: लेखक ने अपने जीवन की सच्ची घटनाएँ साझा की हैं।
  1. सरल और बोलचाल की भाषा: भाषा सहज और आम बोलचाल की है जिससे पाठक आसानी से जुड़ सकता है।
  1. भावनात्मक जुड़ाव: लेखक अपनी भावनाएँ, विचार और खेल-भावना खुलकर व्यक्त करता है।
  1. ऐतिहासिक संदर्भ: बर्लिन ओलंपिक, पंजाब रेजिमेंट जैसे ऐतिहासिक तथ्य संस्मरण को प्रामाणिक बनाते हैं।
  1. प्रेरणादायक: यह संस्मरण पाठकों को परिश्रम, लगन और खेल-भावना की प्रेरणा देता है।
  1. यादों का स्वाभाविक प्रवाह: घटनाएँ स्वाभाविक क्रम में आती हैं जैसे कोई अपनी पुरानी यादें सुना रहा हो।
(ख)अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।Show solution

यह एक कक्षा-गतिविधि है। विद्यार्थी अपने समूह में बनाई गई सूची को कक्षा में प्रस्तुत करें। प्रस्तुति करते समय ध्यान रखें:

  • प्रत्येक विशेषता के लिए पाठ से एक उदाहरण वाक्य भी बताएँ।
  • दूसरे समूहों की सूची सुनें और यदि कोई नई बात हो तो अपनी सूची में जोड़ें।
  • इस प्रकार सभी समूहों की सूचियाँ मिलाकर संस्मरण की एक पूरी विशेषता-सूची तैयार की जा सकती है।

शब्दों के जोड़े, विभिन्न प्रकार के

(क)'जैसे-जैसे' और 'वैसे-वैसे' जैसे शब्द-युग्म (जिनमें एक ही शब्द दो बार उपयोग में लाया गया हो) — ऐसे पाँच शब्द-युग्म लिखिए।Show solution

एक ही शब्द दो बार आने वाले पाँच शब्द-युग्म:

  1. धीरे-धीरे (जैसे — वह धीरे-धीरे चलता है।)
  2. कभी-कभी (जैसे — कभी-कभी वर्षा होती है।)
  3. बार-बार (जैसे — वह बार-बार पूछता है।)
  4. आगे-आगे (जैसे — वह आगे-आगे चलता रहा।)
  5. हँसते-हँसते (जैसे — वह हँसते-हँसते चला गया।)
(ख)'धक्का-मुक्की' और 'नॉक-झॉक' जैसे शब्द-युग्म (जिनमें दोनों शब्द भिन्न-भिन्न हों) — ऐसे पाँच शब्द-युग्म लिखिए।

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(ग)नीचे दिए गए शब्दों को योजक चिह्न (-) की सहायता से लिखिए: अच्छा या बुरा, उत्तर और दक्षिण, छोटा या बड़ा, गुरु और शिष्य, अमीर और गरीब, अमृत या विष

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बात पर बल देना

1"मैंने तो अपना बदला ले ही लिया है।" और "मैंने तो अपना बदला ले लिया है।" — इन दोनों वाक्यों में क्या अंतर है? पाठ में से 'ही', 'भी', 'तो' शब्दों वाले वाक्य चुनकर लिखिए और बताइए कि यदि ये शब्द न होते तो अर्थ पर क्या प्रभाव पड़ता।

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पाठ से आगे — आपकी बात

(क)ध्यानचंद के स्थान पर आप होते तो क्या आप बदला लेते? यदि हाँ, तो बताइए कि आप बदला किस प्रकार लेते?

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(ख)आपको कौन-से खेल और कौन-से खिलाड़ी सबसे अधिक अच्छे लगते हैं? क्यों?

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समाचार-पत्र से

(क)समाचार-पत्रों से अपनी पसंद का एक खेल-समाचार अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए।

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(ख)मान लीजिए कि आप एक खेल-संवाददाता हैं और किसी खेल का आँखों देखा प्रसारण कर रहे हैं। अपने समूह के साथ मिलकर कक्षा में उस खेल का आँखों देखा हाल प्रस्तुत कीजिए।

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डायरी का प्रारंभ

1क्या आप भी अपने मन की बातों और विचारों को लिखना चाहते हैं? यदि हाँ, तो आज से ही डायरी लिखना प्रारंभ कीजिए।

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साझी समझ (डाँडी या गोथा)

(क)आपने इस खेल के नियम पढ़कर अच्छी तरह समझ लिए हैं। अब अपने मित्रों के साथ मिलकर 'डाँडी' या 'गोथा' खेल खेलिए।

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(ख)'डाँडी' या 'गोथा' जैसे किसी एक स्वदेशी खेल के नियम इस प्रकार लिखिए कि उन्हें पढ़कर कोई भी बच्चा उस खेल को समझ सके और खेल सके।

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10 more solved questions in गोल

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in गोल for CBSE Class 6 Hindi?
Key topics in गोल include पाठ का मुख्य भाव, महत्वपूर्ण तथ्य और घटनाएँ, मुख्य उद्धरण और उनका अर्थ, चरित्र-विश्लेषण. Study these first, then practise questions on each for Class 6 exams.
Are these NCERT Solutions for गोल free?
The first 11 of the 21 solutions on this page are open to read. The other 10 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise गोल for Class 6 exams?
Learn the core ideas first, then work through the 43 practice questions on गोल. Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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