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Chapter 5 of 13
NCERT Solutions

रहीम के दोहे — NCERT Solutions

CBSE · Class 6 · Hindi

NCERT Solutions for रहीम के दोहे, CBSE Class 6 Hindi: 15 textbook questions solved step by step. Part of the CBSE Class 6 Hindi syllabus.

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15 Questions Solved · 9 Sections

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पाठ से — मेरी समझ से

क-1"रहिमन जिह्वा बावरी, कहि गढ़ सर्ग पताल। आपु तो कहि भीतर रही, जूती खात कपाल।" दोहे का भाव है— (सही विकल्प चुनिए)
- सोच-समझकर बोलना चाहिए।
- मधुर वाणी में बोलना चाहिए।
- धीरे-धीरे बोलना चाहिए।
- सदा सच बोलना चाहिए।
Show solution

सही उत्तर: सोच-समझकर बोलना चाहिए। ✗

कारण: इस दोहे में रहीम कहते हैं कि जीभ बावली (पागल) होती है — वह बिना सोचे-समझे स्वर्ग और पाताल तक की बातें कह देती है। जीभ तो मुँह के अंदर सुरक्षित रहती है, लेकिन उसकी बेतुकी बातों के कारण माथे (कपाल) को जूते खाने पड़ते हैं। अर्थात् बिना सोचे बोलने से अपमान और कष्ट उठाना पड़ता है। इसलिए दोहे का मूल भाव है — सोच-समझकर बोलना चाहिए।

क-2"रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिये डारि। जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तलवारि।" इस दोहे का भाव क्या है? (सही विकल्प चुनिए)
- तलवार सुई से बड़ी होती है।
- सुई का काम तलवार नहीं कर सकती।
- तलवार का महत्व सुई से ज्यादा है।
- हर छोटी-बड़ी चीज़ का अपना महत्व होता है।
Show solution

सही उत्तर: हर छोटी-बड़ी चीज़ का अपना महत्व होता है। ✗

कारण: रहीम कहते हैं कि बड़ी वस्तु को देखकर छोटी वस्तु को तुच्छ नहीं समझना चाहिए। जहाँ सुई काम आती है, वहाँ तलवार कुछ नहीं कर सकती। सुई कपड़े सीती है — यह काम तलवार नहीं कर सकती। इसलिए प्रत्येक वस्तु और व्यक्ति की अपनी उपयोगिता होती है। दोहे का सही भाव है — हर छोटी-बड़ी चीज़ का अपना महत्व होता है।

खअब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने यही उत्तर क्यों चुने?Show solution

चर्चा के लिए सुझाव:

(1) पहले दोहे के लिए:
हमने 'सोच-समझकर बोलना चाहिए' उत्तर इसलिए चुना क्योंकि दोहे में जीभ को 'बावरी' (पागल) कहा गया है। जब हम बिना सोचे बोलते हैं तो दूसरों को ठेस पहुँचती है और हमें भी शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। दोहे में 'जूती खात कपाल' यही बताता है कि बेतुकी बात बोलने से अपमान होता है। अतः बोलने से पहले सोचना जरूरी है।

(2) दूसरे दोहे के लिए:
हमने 'हर छोटी-बड़ी चीज़ का अपना महत्व होता है' उत्तर इसलिए चुना क्योंकि दोहे में सुई और तलवार दोनों की अपनी-अपनी उपयोगिता बताई गई है। तलवार बड़ी और शक्तिशाली है, परंतु सिलाई का काम वह नहीं कर सकती। इसी प्रकार जीवन में हर व्यक्ति और वस्तु का अपना स्थान और महत्व होता है।

मेलकर करें मिलान

1पाठ में से कुछ दोहे स्तंभ 1 में दिए गए हैं और उनके भाव स्तंभ 2 में दिए गए हैं। रेखा खींचकर सही भाव से मिलान कीजिए।Show solution

सही मिलान इस प्रकार है:

स्तंभ 1 (दोहा)स्तंभ 2 (भाव)
1. रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो छिटकाय। टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय।3. प्रेम या रिश्तों को सहेजकर रखना चाहिए।
2. कहि रहीम संपत्ति सगे, बनत बहुत बहु रीत। बिपति कसौटी जे कसे, ते ही साँचे मीत।2. सच्चे मित्र विपत्ति या विपदा में भी साथ रहते हैं।
3. तरवर फल नहीं खात हैं, सरवर पियहिं न पान। कहि रहीम पर काज हित, संपत्ति सँचहि सुजान।1. सज्जन परहित के लिए ही संपत्ति संचित करते हैं।

स्पष्टीकरण:

  • पहला दोहा प्रेम-धागे की नाजुकता की बात करता है — एक बार टूटने पर रिश्ता पहले जैसा नहीं रहता। अतः भाव 3 सही है।
  • दूसरा दोहा सच्चे मित्र की पहचान बताता है — विपत्ति में जो साथ दे, वही सच्चा मित्र है। अतः भाव 2 सही है।
  • तीसरा दोहा वृक्ष और सरोवर का उदाहरण देकर परोपकार की बात करता है। अतः भाव 1 सही है।

पंक्तियों पर चर्चा

क"रहिमन बिपदाहू भली, जो थोरे दिन होय। हित अनहित या जगत में, जानि परत सब कोय।।" — इस दोहे का अर्थ/भावार्थ लिखिए।Show solution

कठिन शब्दों के अर्थ:

  • बिपदा = विपत्ति, मुसीबत
  • थोरे = थोड़े
  • हित = भला चाहने वाला, मित्र
  • अनहित = बुरा चाहने वाला, शत्रु
  • जानि परत = जान पड़ता है, पता चल जाता है

भावार्थ:
रहीम कहते हैं कि विपत्ति (मुसीबत) भी अच्छी होती है, यदि वह थोड़े समय के लिए आए। क्योंकि विपत्ति के समय ही यह पता चलता है कि इस संसार में हमारा सच्चा हितैषी (मित्र) कौन है और हमारा बुरा चाहने वाला (शत्रु) कौन है। सुख के समय तो सभी साथ रहते हैं, परंतु दुख में जो साथ दे, वही सच्चा मित्र होता है।

सरल भाषा में: मुसीबत का समय हमें यह सिखा देता है कि कौन हमारा अपना है और कौन पराया। इसलिए विपत्ति भी एक प्रकार से लाभदायक होती है।

ख"रहिमन जिह्वा बावरी, कहि गढ़ सरग पताल। आपु तो कहि भीतर रही, जूती खात कपाल।।" — इस दोहे का अर्थ/भावार्थ लिखिए।Show solution

कठिन शब्दों के अर्थ:

  • जिह्वा = जीभ
  • बावरी = पागल, बेसमझ
  • गढ़ = किला
  • सरग = स्वर्ग
  • पताल = पाताल
  • आपु = स्वयं
  • जूती = जूता
  • कपाल = माथा, सिर

भावार्थ:
रहीम कहते हैं कि जीभ बड़ी पागल होती है। यह बिना सोचे-समझे किले, स्वर्ग और पाताल तक की बातें कह देती है। जीभ तो स्वयं मुँह के अंदर सुरक्षित बैठी रहती है, लेकिन उसकी बेतुकी और बिना सोची-समझी बातों के कारण माथे (कपाल) को जूते खाने पड़ते हैं अर्थात् अपमान सहना पड़ता है।

सरल भाषा में: बिना सोचे-समझे बोलने से व्यक्ति को शर्मिंदगी और अपमान उठाना पड़ता है। इसलिए हमेशा सोच-विचारकर ही बोलना चाहिए।

सोच-विचार के लिए

1-कदोहे में 'मिले' के स्थान पर 'जुड़े' और 'छिटकाय' के स्थान पर 'चटकाय' शब्द का प्रयोग भी लोक में प्रचलित है। इसी प्रकार 'डारि' के स्थान पर 'डार', 'तलवारि' के स्थान पर 'तरवार' और 'मानुष' के स्थान पर 'मानस' का उपयोग भी प्रचलित है। ऐसा क्यों होता है?Show solution

उत्तर:

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दोहे मौखिक परंपरा (oral tradition) में पीढ़ी-दर-पीढ़ी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुँचते हैं। इस प्रक्रिया में कई कारणों से शब्द बदल जाते हैं:

  1. क्षेत्रीय भाषा का प्रभाव: अलग-अलग क्षेत्रों में बोली जाने वाली भाषा अलग होती है। इसलिए लोग दोहे को अपनी स्थानीय बोली के अनुसार बोलते हैं।
  1. उच्चारण की सुविधा: कुछ शब्दों का उच्चारण कठिन होता है, इसलिए लोग उन्हें आसान शब्दों से बदल देते हैं। जैसे 'तलवारि' की जगह 'तरवार' बोलना आसान लगता है।
  1. स्मृति की भूल: जब दोहे याद से बोले जाते हैं तो कभी-कभी एक-दो शब्द बदल जाते हैं, परंतु अर्थ वही रहता है।
  1. समानार्थी शब्दों का प्रयोग: 'मिले' और 'जुड़े', 'छिटकाय' और 'चटकाय' — ये शब्द लगभग एक ही अर्थ देते हैं, इसलिए लोग इन्हें बदलकर भी प्रयोग करते हैं।

निष्कर्ष: लोक-साहित्य में यह स्वाभाविक प्रक्रिया है। इससे दोहे का मूल भाव नहीं बदलता, केवल शब्द बदलते हैं।

1-खइस दोहे में प्रेम के उदाहरण में धागे का प्रयोग ही क्यों किया गया है? क्या आप धागे के स्थान पर कोई अन्य उदाहरण सुझा सकते हैं? अपने सुझाव का कारण भी बताइए।Show solution

धागे का प्रयोग क्यों:
रहीम ने प्रेम की तुलना धागे से इसलिए की है क्योंकि —

  • धागा बहुत नाजुक और कोमल होता है, ठीक उसी प्रकार प्रेम और रिश्ते भी नाजुक होते हैं।
  • धागा एक बार टूट जाए तो उसे जोड़ने पर गाँठ पड़ जाती है — उसी प्रकार रिश्ता टूटने पर भले ही जुड़ जाए, पर मन में कड़वाहट (गाँठ) रह जाती है।
  • धागा जोड़ने का काम करता है — प्रेम भी लोगों को जोड़ता है।

अन्य उदाहरण:

(i) काँच का उदाहरण:
"प्रेम काँच-सा नाजुक है, मत तोड़ो इसे।"
काँच एक बार टूट जाए तो उसके टुकड़े जुड़ते नहीं और जुड़ें भी तो दरारें दिखती हैं। इसी प्रकार टूटे रिश्ते में दरार रह जाती है।

(ii) फूल का उदाहरण:
फूल भी बहुत कोमल होता है। एक बार मुरझा जाए तो फिर ताजा नहीं होता। प्रेम भी ऐसा ही है।

मेरा सुझाव — काँच का उदाहरण सबसे उचित है क्योंकि काँच की तरह प्रेम भी एक बार टूटने पर पूरी तरह पहले जैसा नहीं हो सकता।

2"तरवार फल नहीं खात हैं, सरवर पियाहिं न पान। कहि रहीम पर काज हित, संपति सँचहि सुजान।।" — इस दोहे में प्रकृति के माध्यम से मनुष्य के किस मानवीय गुण की बात की गई है? प्रकृति से हम और क्या-क्या सीख सकते हैं?

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शब्दों की बात — शब्द-संपदा

1कविता में आए कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इन शब्दों को आपकी मातृभाषा में क्या कहते हैं? लिखिए।
(तरवार, बिपति, छिटकाय, सुजान, सरवर, साँचे, कपाल)

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शब्दों की बात — शब्द एक अर्थ अनेक

1'पानी' शब्द के तीन अर्थ हैं — सम्मान, जल, चमक। इसी प्रकार नीचे दिए गए शब्दों के तीन-तीन अर्थ लिखिए — कल, पत्र, कर, फल

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पाठ से आगे — आपकी बात

1अपने मनपसंद दोहे को 'आपकी बात' वाली शैली में अपने शब्दों में लिखिए।

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आज की पहेली

1दो अक्षर का मेरा नाम, आता हूँ खाने के काम। उल्टा होकर नाच दिखाऊँ, मैं क्यों अपना नाम बताऊँ।

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2एक किले के दो ही द्वार, उनमें सैनिक लकड़ीदार। टकराएँ जब दीवारों से, जल उठे सारा संसार।

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खोजबीन के लिए

1रहीम के कुछ अन्य दोहे पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता से पढ़ें, देखें व समझें।

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7 more solved questions in रहीम के दोहे

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in रहीम के दोहे for CBSE Class 6 Hindi?
Key topics in रहीम के दोहे include कवि परिचय, मुख्य दोहे और उनके भाव, महत्वपूर्ण सीखें. Study these first, then practise questions on each for Class 6 exams.
Are these NCERT Solutions for रहीम के दोहे free?
The first 8 of the 15 solutions on this page are open to read. The other 7 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise रहीम के दोहे for Class 6 exams?
Learn the core ideas first, then work through the 44 practice questions on रहीम के दोहे. Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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