हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान — NCERT Solutions
CBSE · Class 6 · Hindi
NCERT Solutions for हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान, CBSE Class 6 Hindi: 35 textbook questions solved step by step.
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मेरी समझ से
1हिरण समूह में क्यों खड़े थे?
- भागने पर उन्हें सिंह के आक्रमण का डर था।
- वे भाग चुके हिरणों के लौटने की प्रतीक्षा में थे।
- वे बीच खड़े असावधान जिराफ की रक्षा कर रहे थे।
- सिंह उनसे उदासीन थे अत: उन्हें कोई खतरा नहीं था।Show solution
सही उत्तर: सिंह उनसे उदासीन थे अत: उन्हें कोई खतरा नहीं था। ✶
कारण: पाठ में वर्णन है कि सिंह उस समय हिरणों की ओर ध्यान नहीं दे रहे थे — वे आराम कर रहे थे या किसी और दिशा में व्यस्त थे। इसीलिए हिरण भागे नहीं, बल्कि समूह में खड़े रहे। जब सिंह उनकी ओर बढ़ने लगे तभी हिरण सतर्क हुए।
2मॉरिशस छोटे पैमाने पर भारतवर्ष ही है। कैसे?
- गन्ने की खेती अधिकतर भारतीयों द्वारा की जाती है।
- अधिकतर जनसंख्या भारत से जाने वालों की है।
- सभी भारतवासी परी तालाब पर एकत्रित होते हैं।
- भारत की बहुत-सी विशेषताएँ वहाँ दिखाई देती हैं।Show solution
सही उत्तर: भारत की बहुत-सी विशेषताएँ वहाँ दिखाई देती हैं। ✶
कारण: मॉरिशस में भारतीय भाषाएँ (भोजपुरी, हिंदी), भारतीय त्योहार, धर्म, रीति-रिवाज, खान-पान, गली-मोहल्लों के नाम (बनारस, गोकुल, ब्रह्मस्थान) — सब कुछ भारत जैसा है। इसलिए केवल 'अधिकतर जनसंख्या' या 'गन्ने की खेती' तक सीमित न रहकर, समग्र रूप से भारत की अनेक विशेषताएँ वहाँ दिखती हैं, जो इसे 'छोटा हिंदुस्तान' बनाती हैं।
खअपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?Show solution
चर्चा के लिए संकेत-उत्तर:
प्रश्न 1 के लिए: हमने 'सिंह उनसे उदासीन थे' वाला उत्तर इसलिए चुना क्योंकि पाठ में स्पष्ट है कि जब तक सिंह हिरणों की ओर नहीं बढ़े, तब तक हिरण शांत खड़े रहे। यदि उन्हें आक्रमण का डर होता तो वे तुरंत भाग जाते।
प्रश्न 2 के लिए: हमने 'भारत की बहुत-सी विशेषताएँ वहाँ दिखाई देती हैं' वाला उत्तर इसलिए चुना क्योंकि लेखक ने मॉरिशस में भारतीय भाषा, धर्म, संस्कृति, त्योहार, स्थानों के नाम — सभी का उल्लेख किया है। यह केवल जनसंख्या या खेती तक सीमित नहीं है।
पंक्तियों पर चर्चा
1"भारत में बैठे-बैठे हम यह नहीं समझ पाते कि भारतीय संस्कृति कितनी प्राणवती और चिरायु है। किंतु, मॉरिशस जाकर हम अपनी संस्कृति की प्राणवत्ता का ज्ञान आसानी से प्राप्त कर लेते हैं।" — इन पंक्तियों का अर्थ अपने शब्दों में लिखिए।Show solution
अर्थ एवं विचार:
इन पंक्तियों में लेखक रामधारी सिंह 'दिनकर' कह रहे हैं कि जब हम भारत में रहते हैं तो हमें अपनी संस्कृति की महानता और जीवंतता का अहसास नहीं होता, क्योंकि हम उसके इतने अभ्यस्त हो जाते हैं कि उसकी विशेषता दिखती ही नहीं।
लेकिन जब हम मॉरिशस जैसे दूर देश में जाते हैं और वहाँ भी भारतीय भाषा, धर्म, त्योहार, रीति-रिवाज जीवित देखते हैं — तो समझ आता है कि भारतीय संस्कृति कितनी 'प्राणवती' (जीवन से भरपूर) और 'चिरायु' (दीर्घजीवी) है। सैकड़ों वर्षों और हजारों मील की दूरी के बाद भी यह संस्कृति जीवित है — यही उसकी सच्ची शक्ति है।
निष्कर्ष: अपनी चीज़ की कद्र तब होती है जब हम उसे दूर से देखते हैं।
सोच-विचार के लिए
क"नैरोबी का नेशनल पार्क चिड़ियाघर नहीं है।" — नेशनल पार्क और चिड़ियाघर में क्या अंतर है?Show solution
नेशनल पार्क और चिड़ियाघर में अंतर:
| नेशनल पार्क | चिड़ियाघर |
|---|---|
| यह एक विशाल प्राकृतिक क्षेत्र होता है। | यह एक सीमित, बंद स्थान होता है। |
| जानवर अपने प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से विचरते हैं। | जानवरों को पिंजरों या बाड़ों में रखा जाता है। |
| यहाँ जानवर शिकार करते हैं, स्वाभाविक जीवन जीते हैं। | यहाँ जानवरों को मनुष्यों द्वारा भोजन दिया जाता है। |
| पर्यटक वाहनों में बैठकर जानवरों को उनके प्राकृतिक परिवेश में देखते हैं। | दर्शक पैदल चलकर बाड़ों के बाहर से जानवर देखते हैं। |
| जानवरों की संख्या और प्रजाति प्राकृतिक रूप से निर्धारित होती है। | जानवरों को विभिन्न स्थानों से लाकर रखा जाता है। |
सारांश: नेशनल पार्क में जानवर आज़ाद होते हैं और प्रकृति के नियमों के अनुसार जीते हैं, जबकि चिड़ियाघर में वे बंधे होते हैं।
ख"हम लोग पेड़-पौधे और खरपात से भी बदतर समझे गए।" — वे कौन थे जिन्होंने लेखक और अन्य लोगों को पेड़-पौधों और खरपात से भी बदतर समझ लिया था? उन्होंने ऐसा क्यों समझ लिया था?Show solution
उत्तर:
जब लेखक और उनके साथी नैरोबी के नेशनल पार्क में जानवरों को देखने गए, तब वहाँ के सिंह (शेर) ने उन्हें पेड़-पौधों और खरपात से भी बदतर समझा।
कारण: सिंह मोटरगाड़ियों और उनमें बैठे मनुष्यों को देखने के इतने अभ्यस्त हो गए थे कि उन्होंने मनुष्यों को कोई महत्त्व ही नहीं दिया। वे पर्यटकों की गाड़ियों की परवाह किए बिना आराम से लेटे रहे। पेड़-पौधे और खरपात तो कम से कम उनके आसपास के वातावरण का हिस्सा हैं, लेकिन सिंहों ने मनुष्यों को उससे भी कम महत्त्व दिया — मानो वे वहाँ हैं ही नहीं। यह उनकी निर्भयता और मनुष्यों के प्रति पूर्ण उदासीनता का प्रमाण था।
ग"मॉरिशस की असली ताकत भारतीय लोग ही हैं।" — पाठ में इस कथन के समर्थन में कौन-सा तर्क दिया गया है?Show solution
उत्तर:
पाठ में इस कथन के समर्थन में निम्नलिखित तर्क दिए गए हैं:
- जनसंख्या में बहुमत: मॉरिशस की अधिकांश जनसंख्या भारतीय मूल के लोगों की है।
- कृषि में योगदान: गन्ने की खेती मुख्यतः भारतीय मजदूरों और किसानों द्वारा की जाती है, जो मॉरिशस की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
- सांस्कृतिक योगदान: भारतीयों ने अपनी भाषा, धर्म, संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखा, जिससे मॉरिशस की सांस्कृतिक पहचान बनी।
- धर्म और संस्कृति की रक्षा: भारतीयों ने अत्याचार सहे, प्रलोभनों को ठुकराया, लेकिन अपना धर्म और संस्कृति नहीं छोड़ी।
- राजनीतिक नेतृत्व: मॉरिशस के पहले प्रधानमंत्री भी भारतीय मूल के थे।
इन सभी कारणों से स्पष्ट है कि मॉरिशस की असली ताकत भारतीय लोग ही हैं।
घ"उस द्वीप को उन्होंने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला।" — भारत से गए लोगों ने मॉरिशस को हिंदुस्तान जैसा कैसे बना दिया है?Show solution
उत्तर:
भारत से गए लोगों ने मॉरिशस को निम्नलिखित प्रकार से हिंदुस्तान जैसा बना दिया:
- भाषा: वहाँ के अधिकांश भारतीय भोजपुरी बोलते और समझते हैं। यहाँ तक कि पड़ोसी चीनी भी भोजपुरी बोल लेते हैं।
- धर्म और त्योहार: भारतीय हिंदू धर्म के त्योहार — होली, दीवाली आदि — वहाँ भी उसी उत्साह से मनाए जाते हैं।
- स्थानों के नाम: गली-मोहल्लों और स्थानों के नाम भारतीय रखे गए हैं — बनारस, गोकुल, ब्रह्मस्थान आदि।
- धार्मिक स्थल: परी-तालाब (गंगा-तालाब) जैसे स्थानों को धार्मिक महत्त्व दिया गया।
- संस्कृति और परंपराएँ: भारतीय खान-पान, पहनावा, रीति-रिवाज वहाँ भी जीवित हैं।
- काँवर यात्रा: भारत की तरह वहाँ भी काँवर लेकर तीर्थयात्रा की परंपरा है।
इस प्रकार भारतीयों ने अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को जीवित रखकर मॉरिशस को एक 'छोटा हिंदुस्तान' बना दिया।
मिलकर करें मिलान
1स्तंभ 1 में दिए गए शब्दों का स्तंभ 2 में दिए गए वाक्यों से मिलान कीजिए।Show solution
सही मिलान:
- अफ्रीका → यह एशिया के बाद दुनिया का सबसे बड़ा महाद्वीप है। (स्तंभ 2 का वाक्य 3)
- नैरोबी → यह अफ्रीका महाद्वीप के एक देश 'केन्या' की राजधानी है। (स्तंभ 2 का वाक्य 1)
- रक्तचाप → यह रक्त-वाहिनियों अर्थात नसों में बहते रक्त द्वारा उनकी दीवारों पर डाले गए दबाव का नाम है। (स्तंभ 2 का वाक्य 4)
- बी.ओ.ए.सी. → यह 'ब्रिटिश ओवरसीज एयरवेज कॉर्पोरेशन' नाम का छोटा रूप है। यह एक बहुत पुरानी विदेशी विमान कंपनी थी। (स्तंभ 2 का वाक्य 6)
- भूमध्य रेखा → यह पृथ्वी के चारों ओर एक काल्पनिक वृत्त है जो पृथ्वी को दो भागों में बाँटता है — उत्तरी भाग और दक्षिणी भाग। (स्तंभ 2 का वाक्य 7)
- देशान्तर रेखा → ये ग्लोब पर उत्तर से दक्षिण की ओर खींची जाने वाली काल्पनिक रेखाएँ हैं। ये उत्तरी ध्रुव को दक्षिणी ध्रुव से मिलाती हैं। (स्तंभ 2 का वाक्य 9)
- तुलसीदास → यह श्रीराम के जीवन पर आधारित अमर ग्रंथ 'रामचरितमानस' लिखने वाले कवि का नाम है। (स्तंभ 2 का वाक्य 2)
- क्रेयोल → यह दो भाषाओं के मिलने से बनी नई भाषा का नाम है। (स्तंभ 2 का वाक्य 5)
- काँवर → यह बाँस का एक मजबूत डंडा होता है जिसे काँवड़ या बहगी भी कहा जाता है, जिसके दोनों सिरों पर बँधी हुई दो टोकरियों या छीकों में यात्री गंगाजल या अन्य वस्तुएँ भरकर ले जाते हैं। (स्तंभ 2 का वाक्य 8)
यात्रा-वृत्तांत की रचना
1इस पाठ को एक बार फिर से पढ़िए और इसकी रचना पर ध्यान दीजिए। आपको जो विशेष बातें दिखाई दें, उन्हें लिखिए।Show solution
यात्रा-वृत्तांत की विशेषताएँ:
- यात्रा का क्रमबद्ध वर्णन: लेखक ने भारत से नैरोबी और फिर नैरोबी से मॉरिशस तक की यात्रा का क्रमबद्ध वर्णन किया है — कब उड़े, कितने घंटे लगे, कब पहुँचे।
- आँखों देखा वर्णन: लेखक ने जो देखा उसे इतने जीवंत शब्दों में लिखा है कि पाठक को लगता है वह स्वयं वहाँ उपस्थित है। जैसे — सिंहों का शिकार करने का दृश्य।
- तुलना की शैली: लेखक ने मॉरिशस की तुलना भारत से की है, जिससे पाठक को दोनों देशों की समानताएँ समझ में आती हैं।
- ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारी: केवल दृश्य-वर्णन नहीं, बल्कि मॉरिशस के इतिहास, वहाँ के भारतीयों के संघर्ष और उनकी सांस्कृतिक उपलब्धियों का भी वर्णन है।
- भावनात्मक जुड़ाव: लेखक ने मॉरिशस के भारतीयों के प्रति गर्व और सहानुभूति का भाव व्यक्त किया है।
- स्थानीय शब्दों का प्रयोग: क्रेयोल, काँवर जैसे स्थानीय शब्दों का प्रयोग यात्रा-वृत्तांत को प्रामाणिक बनाता है।
अनुमान या कल्पना से
क"मॉरिशस वह देश है, जहाँ बनारस भी है, गोकुल भी है और ब्रह्मस्थान भी।" — मॉरिशस में लोगों ने गली-मोहल्लों के नाम इस तरह के क्यों रखे होंगे?Show solution
उत्तर:
मॉरिशस में भारत से गए लोगों ने अपने गाँवों, गली-मोहल्लों के नाम भारतीय रखे होंगे, इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:
- अपनी मातृभूमि की याद: भारत से हजारों मील दूर जाकर भी वे अपनी जन्मभूमि को नहीं भूले। उन्होंने स्थानों के नाम भारतीय रखकर अपनी मातृभूमि को जीवित रखा।
- धार्मिक आस्था: बनारस, गोकुल, ब्रह्मस्थान — ये सभी हिंदू धर्म के पवित्र स्थान हैं। इन नामों को रखकर उन्होंने अपनी धार्मिक भावनाओं को व्यक्त किया।
- सांस्कृतिक पहचान बनाए रखना: विदेशी धरती पर अपनी संस्कृति और पहचान को बनाए रखने के लिए उन्होंने ऐसे नाम रखे।
- अगली पीढ़ी को जोड़ना: वे चाहते थे कि उनकी आने वाली पीढ़ियाँ भी भारतीय संस्कृति और धर्म से जुड़ी रहें।
खआपने पढ़ा कि केन्या का राष्ट्रीय पार्क पर्यटकों से भरा रहता है। पर्यटक जंगली जानवरों को घेरे रहते हैं। क्या इसका उन पशुओं पर कोई प्रभाव पड़ता होगा?Show solution
उत्तर:
हाँ, पर्यटकों की निरंतर उपस्थिति का पशुओं पर निश्चित रूप से प्रभाव पड़ता है:
सकारात्मक प्रभाव:
- पशु मनुष्यों से डरना बंद कर देते हैं, जिससे उन्हें कम तनाव होता है।
- पर्यटकों की उपस्थिति से शिकारियों का डर कम होता है।
नकारात्मक प्रभाव:
- स्वाभाविक व्यवहार में बदलाव: जैसा संकेत में बताया गया है — बंदर और सिंह का व्यवहार बदल गया है। वे मनुष्यों से भोजन माँगने लगते हैं।
- शिकार की प्रवृत्ति कम होना: मनुष्यों की आदत पड़ने से वे अपनी प्राकृतिक शिकार-प्रवृत्ति खो सकते हैं।
- तनाव: बहुत अधिक गाड़ियों और शोर से पशुओं को तनाव हो सकता है।
- प्राकृतिक जीवनचक्र में बाधा: पर्यटकों की भीड़ से उनके प्रजनन और भोजन की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है।
निष्कर्ष: पर्यटन से पशुओं का स्वाभाविक जीवन प्रभावित होता है, इसलिए राष्ट्रीय पार्कों में पर्यटकों की संख्या और व्यवहार पर नियंत्रण आवश्यक है।
ग"हिरनों का एक झुंड दिखाई पड़ा, जिनके बीच एक जिराफ बिल्कुल बेवकूफ की तरह खड़ा था।" — सिंहों के आस-पास होने के बाद भी जिराफ क्यों खड़ा रहा होगा?Show solution
उत्तर:
जिराफ के सिंहों के आस-पास होने पर भी खड़े रहने के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:
- ऊँचाई का लाभ: जिराफ बहुत ऊँचा होता है। वह दूर से ही खतरे को देख सकता है। शायद उसने सिंहों को देखा हो और अनुमान लगाया हो कि वे उस पर हमला नहीं करेंगे।
- सिंहों का ध्यान हिरणों पर: सिंह उस समय हिरणों का शिकार करने की योजना बना रहे थे, जिराफ पर नहीं। जिराफ ने शायद यह भाँप लिया हो।
- आत्मरक्षा की क्षमता: जिराफ अपनी लात से सिंह को भी घायल कर सकता है। इसलिए वह निडर होकर खड़ा रहा होगा।
- हिरणों के साथ सुरक्षा: झुंड में रहने से उसे सुरक्षा का अहसास रहा होगा।
- अनजान: हो सकता है जिराफ को खतरे का पूरा अंदाज़ा न हो — इसीलिए लेखक ने उसे 'बेवकूफ की तरह खड़ा' कहा।
घ"मॉरिशस के मध्य में एक झील है, जिसका संबंध हिंदुओं ने परियों से बिठा दिया है और उस झील का नाम अब परी-तालाब हो गया है।" — उस झील का नाम 'परी-तालाब' क्यों पड़ा होगा?Show solution
उत्तर:
झील का नाम 'परी-तालाब' पड़ने के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:
- प्राकृतिक सुंदरता: वह झील इतनी सुंदर और मनोरम रही होगी कि लोगों को लगा होगा मानो परियाँ वहाँ रहती हों।
- लोककथाएँ और किंवदंतियाँ: भारतीय लोककथाओं में परियों का संबंध सुंदर जल-स्थलों से होता है। भारत से गए लोगों ने अपनी लोककथाओं को उस झील से जोड़ दिया होगा।
- धार्मिक भावना: हिंदू धर्म में जल को पवित्र माना जाता है। उस झील को पवित्र और दिव्य मानकर उसे परियों से जोड़ा गया होगा।
- अपनापन महसूस करना: विदेशी धरती पर अपनी कल्पनाओं और परंपराओं को जोड़कर उन्होंने उस स्थान को अपना बनाया।
डआपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि लगभग 50 साल पहले 'परी-तालाब' का नाम बदलकर 'गंगा-तालाब' कर दिया गया है। मॉरिशस के लोगों ने यह नाम क्यों रखा होगा?Show solution
उत्तर:
मॉरिशस के लोगों ने 'परी-तालाब' का नाम बदलकर 'गंगा-तालाब' रखा होगा, इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:
- गंगा के प्रति श्रद्धा: भारतीय हिंदुओं के लिए गंगा नदी सबसे पवित्र है। उस झील को गंगा जैसा पवित्र मानकर उसका नाम 'गंगा-तालाब' रखा गया।
- भारत से जुड़ाव: 'गंगा' नाम रखकर वे अपनी मातृभूमि भारत और उसकी पवित्र नदी से जुड़ाव महसूस करना चाहते थे।
- धार्मिक महत्त्व देना: गंगा-तालाब नाम रखने से वह झील हिंदुओं के लिए तीर्थस्थल बन गई। वहाँ काँवर लेकर जाने की परंपरा शुरू हुई।
- सांस्कृतिक पहचान: 'परी-तालाब' की तुलना में 'गंगा-तालाब' नाम अधिक भारतीय और धार्मिक है, जो उनकी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है।
- पीढ़ियों को जोड़ना: नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और गंगा के महत्त्व से परिचित कराने के लिए यह नाम रखा गया होगा।
शब्दों की बात — संज्ञा के स्थान पर (सर्वनाम)
कनीचे दिए गए वाक्यों में सर्वनाम शब्दों को पहचानिए और उनके नीचे रेखा खींचिए —
1. "हाँ, बच्चे हाफ पैंट पहन सकते हैं, लेकिन गांधी टोपी उस दिन उन्हें भी पहननी पड़ती है।"
2. "भारतीयों ने अत्याचार तो सहे, लेकिन प्रलोभनों को ठुकरा दिया। वे अपने धर्म पर डटे रहे और जिस द्वीप में भगवान ने उन्हें भेज दिया था, उस द्वीप को उन्होंने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला।"Show solution
उत्तर:
वाक्य 1:
"हाँ, बच्चे हाफ पैंट पहन सकते हैं, लेकिन गांधी टोपी उस दिन उन्हें भी पहननी पड़ती है।"
सर्वनाम शब्द: उन्हें (यह 'बच्चों' के लिए प्रयुक्त हुआ है)
वाक्य 2:
"भारतीयों ने अत्याचार तो सहे, लेकिन प्रलोभनों को ठुकरा दिया। वे अपने धर्म पर डटे रहे और जिस द्वीप में भगवान ने उन्हें भेज दिया था, उस द्वीप को उन्होंने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला।"
सर्वनाम शब्द: वे, अपने, जिस, उन्हें, उस, उन्होंने (ये सभी 'भारतीयों' और 'द्वीप' के लिए प्रयुक्त हुए हैं)
खऊपर दिए गए दोनों वाक्यों को सर्वनाम की जगह संज्ञा शब्द लगाकर लिखिए।Show solution
उत्तर:
वाक्य 1 (सर्वनाम की जगह संज्ञा लगाकर):
"हाँ, बच्चे हाफ पैंट पहन सकते हैं, लेकिन गांधी टोपी उस दिन बच्चों को भी पहननी पड़ती है।"
वाक्य 2 (सर्वनाम की जगह संज्ञा लगाकर):
"भारतीयों ने अत्याचार तो सहे, लेकिन प्रलोभनों को ठुकरा दिया। भारतीय भारतीयों के धर्म पर डटे रहे और जिस द्वीप में भगवान ने भारतीयों को भेज दिया था, उस द्वीप को भारतीयों ने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला।"
टिप्पणी: इन वाक्यों को पढ़कर स्पष्ट होता है कि सर्वनाम के बिना वाक्य बोझिल और दोहराव से भरे लगते हैं। सर्वनाम भाषा को सरल और प्रवाहमय बनाते हैं।
पहचान पाठ के आधार पर
1पाठ में दी गई जानकारी के आधार पर मानचित्र पर केन्या और मॉरिशस को पहचानिए।Show solution
उत्तर:
केन्या की पहचान:
- पाठ के अनुसार केन्या अफ्रीका महाद्वीप में स्थित है।
- इसकी राजधानी नैरोबी है।
- यह भूमध्य रेखा के निकट स्थित है।
- मानचित्र पर अफ्रीका महाद्वीप के पूर्वी भाग में, हिंद महासागर के तट पर केन्या को खोजें।
मॉरिशस की पहचान:
- पाठ के अनुसार मॉरिशस हिंद महासागर में स्थित एक द्वीप है।
- यह अफ्रीका के पूर्व में और भारत के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।
- नैरोबी से मॉरिशस तक पाँच घंटे की उड़ान लगती है।
- मानचित्र पर हिंद महासागर में मेडागास्कर के पूर्व में मॉरिशस द्वीप को खोजें।
संकेत: भारत → हिंद महासागर → दक्षिण-पश्चिम दिशा → मॉरिशस द्वीप।
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- भारत में क्या समय हुआ है?
- मॉरिशस में क्या समय हुआ है?
- मॉरिशस और भारत के समय में कितने घंटे और मिनट का अंतर है?
- सूर्योदय भारत में पहले होगा या मॉरिशस में?
- जिस समय भारत में दोपहर के 12 बजे होंगे, उस समय मॉरिशस की घड़ियाँ कितना समय दिखा रही होंगी?
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How should I revise हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान for Class 6 exams?
Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
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