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Chapter 3 of 13
NCERT Solutions

पहली बूँद — NCERT Solutions

CBSE · Class 6 · Hindi

NCERT Solutions for पहली बूँद, CBSE Class 6 Hindi: 18 textbook questions solved step by step. Part of the CBSE Class 6 Hindi syllabus.

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18 Questions Solved · 13 Sections

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मेरी समझ से

1कविता में 'नव-जीवन की ले अँगड़ाई' किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
- बादल
- अंकुर
- बूँद
- पावस
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सही उत्तर: ✗ अंकुर

कारण: कविता की पंक्ति है— 'अंकुर फूट पड़ा धरती से, नव-जीवन की ले अँगड़ाई।' यहाँ 'नव-जीवन की ले अँगड़ाई' अंकुर के लिए प्रयुक्त हुआ है। बारिश की पहली बूँद पड़ते ही धरती से अंकुर फूट पड़ता है और वह नए जीवन की अँगड़ाई लेता है, अर्थात् नई ऊर्जा और उत्साह के साथ जागता है।

2'नीले नयनों-सा यह अंबर, काली पुतली-से ये जलधर' में 'काली पुतली' है—
- बारिश की बूँदें
- नगाड़ा
- वृद्ध धरती
- बादल
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सही उत्तर: ✗ बादल

कारण: इस पंक्ति में कवि ने आकाश की तुलना नीली आँखों से की है। जिस प्रकार नीली आँख में काली पुतली होती है, उसी प्रकार नीले आकाश में काले बादल दिखाई देते हैं। अतः 'काली पुतली' बादल (जलधर) के लिए प्रयुक्त हुआ है।

खअब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर क्यों चुने?Show solution

यह एक समूह-चर्चा गतिविधि है। विद्यार्थी अपने मित्रों के साथ निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा करें:

  1. पहले प्रश्न के लिए: कविता की पंक्ति 'अंकुर फूट पड़ा धरती से, नव-जीवन की ले अँगड़ाई' में स्पष्ट रूप से 'अंकुर' का उल्लेख है। अंकुर ही नव-जीवन का प्रतीक है क्योंकि बारिश की पहली बूँद से वह धरती से बाहर आता है।
  1. दूसरे प्रश्न के लिए: कवि ने आकाश और बादल की तुलना आँख और पुतली से की है। नीला आकाश = नीली आँख, काले बादल = काली पुतली। यह एक सुंदर उपमा है जो दृश्य को जीवंत बनाती है।

मिलकर करें मिलान

1कविता की पंक्तियों में रेखांकित शब्दों का उनके भावार्थ से मिलान कीजिए।Show solution

सही मिलान इस प्रकार है:

  1. 'आसमान में उड़ता सागर, लगा बिजलियों के स्वर्णिम पर' → 4. आकाश

(यहाँ 'स्वर्णिम पर' का भावार्थ है — सुनहरे पंख, जो बिजली की चमक को दर्शाते हैं। परंतु पंक्ति का संदर्भ आकाश से जुड़ा है।)

  1. 'बजा नगाड़े जगा रहे हैं, बादल धरती की तरुणाई' → 2. बादल

(यहाँ 'बादल' का भावार्थ है — मेघ, जो नगाड़े बजाकर धरती को जगा रहे हैं।)

  1. 'नीले नयनों सा यह अम्बर, काली पुतली-से ये जलधर' → 1. मेघ-गर्जना

(यहाँ 'जलधर' का भावार्थ है — जल धारण करने वाले बादल।)

  1. 'वसुंधरा की रोमावलि-सी, हरी दूब पुलकी-मुसकाई' → 3. हरी दूब

(यहाँ 'रोमावलि' का भावार्थ है — रोंगटे/रोम, जिनकी तुलना हरी दूब से की गई है।)

सरल मिलान:

  • स्वर्णिम पर → आकाश (4)
  • बादल → बादल (2)
  • जलधर → मेघ-गर्जना (1)
  • रोमावलि → हरी दूब (3)

पंक्तियों पर चर्चा

1"आसमान में उड़ता सागर, लगा बिजलियों के स्वर्णिम पर, बजा नगाड़े जगा रहे हैं, बादल धरती की तरुणाई!" — इन पंक्तियों का अर्थ लिखिए।Show solution

इन पंक्तियों का अर्थ:

इन पंक्तियों में कवि ने वर्षा ऋतु के आगमन का सुंदर चित्रण किया है।

'आसमान में उड़ता सागर' — समुद्र का जल वाष्प बनकर आकाश में उड़ता है और बादलों का रूप लेता है। यह एक कल्पनाशील प्रयोग है जो जल-चक्र को दर्शाता है।

'लगा बिजलियों के स्वर्णिम पर' — इन बादलों में बिजली चमकती है, मानो बादलों ने सुनहरे (स्वर्णिम) पंख लगा लिए हों और वे आकाश में उड़ रहे हों।

'बजा नगाड़े जगा रहे हैं' — बादलों की गर्जना नगाड़े की ध्वनि के समान है, जो धरती को जगाने का काम करती है।

'बादल धरती की तरुणाई' — बादल धरती की युवावस्था (तरुणाई) को जगा रहे हैं, अर्थात् बारिश से धरती फिर से हरी-भरी और जीवंत हो उठती है।

सारांश: बादल बिजली की चमक और गर्जना के साथ आकाश में छा जाते हैं और अपनी वर्षा से धरती में नई जान फूँक देते हैं।

2"नीले नयनों-सा यह अंबर, काली पुतली-से ये जलधर! करुणा-विगलित अश्रु बहाकर, धरती की चिर-प्यास बुझाई!" — इन पंक्तियों का अर्थ लिखिए।Show solution

इन पंक्तियों का अर्थ:

'नीले नयनों-सा यह अंबर' — आकाश नीली आँखों के समान है। जिस प्रकार आँखें नीली होती हैं, उसी प्रकार आकाश भी नीला दिखाई देता है।

'काली पुतली-से ये जलधर' — नीली आँख में जैसे काली पुतली होती है, वैसे ही नीले आकाश में काले बादल (जलधर) दिखाई देते हैं। यह एक अत्यंत सुंदर उपमा है।

'करुणा-विगलित अश्रु बहाकर' — बादल करुणा से भर जाते हैं और आँसू बहाते हैं, अर्थात् वर्षा करते हैं। जैसे दयालु व्यक्ति दूसरों का दुख देखकर रो पड़ता है, वैसे ही बादल धरती की प्यास देखकर बरस पड़ते हैं।

'धरती की चिर-प्यास बुझाई' — इस वर्षा से धरती की बहुत पुरानी (चिर) प्यास बुझती है। धरती लंबे समय से पानी के लिए तरस रही थी और बादलों की वर्षा ने उसे तृप्त कर दिया।

सारांश: कवि ने आकाश को नीली आँख और बादलों को उसकी काली पुतली बताया है। बादल करुणावश वर्षा करके धरती की चिरकालीन प्यास बुझाते हैं।

सोच-विचार के लिए

1बारिश की पहली बूँद से धरती का हर्ष कैसे प्रकट होता है?Show solution

बारिश की पहली बूँद से धरती का हर्ष निम्नलिखित रूपों में प्रकट होता है:

  1. अंकुर का फूटना: 'अंकुर फूट पड़ा धरती से, नव-जीवन की ले अँगड़ाई' — बारिश की पहली बूँद पड़ते ही धरती से अंकुर फूट पड़ता है। यह धरती की खुशी का प्रतीक है।
  1. हरी दूब का पुलकित होना: 'वसुंधरा की रोमावलि-सी, हरी दूब पुलकी-मुसकाई' — धरती के रोम-रोम की तरह हरी दूब पुलकित होकर मुस्कुराने लगती है। यह धरती के आनंद को दर्शाता है।
  1. धरती की प्यास बुझना: 'करुणा-विगलित अश्रु बहाकर, धरती की चिर-प्यास बुझाई' — बहुत दिनों से प्यासी धरती की प्यास बुझती है और वह तृप्त होती है।
  1. तरुणाई का जागना: बादलों की गर्जना से धरती की तरुणाई जागती है, अर्थात् धरती फिर से युवा और जीवंत हो उठती है।

इस प्रकार बारिश की पहली बूँद से धरती का हर्ष अंकुरण, हरियाली और नई ऊर्जा के रूप में प्रकट होता है।

2कविता में आकाश और बादलों को किनके समान बताया गया है?Show solution

कविता में आकाश और बादलों की तुलना इस प्रकार की गई है:

आकाश की तुलना: 'नीले नयनों-सा यह अंबर' — आकाश (अंबर) को नीली आँखों (नयनों) के समान बताया गया है। जिस प्रकार आँखें नीली और विशाल होती हैं, उसी प्रकार आकाश भी नीला और असीमित है।

बादलों की तुलना: 'काली पुतली-से ये जलधर' — बादलों (जलधर) को आँख की काली पुतली के समान बताया गया है। जिस प्रकार नीली आँख में काली पुतली होती है, उसी प्रकार नीले आकाश में काले बादल दिखाई देते हैं।

इस प्रकार कवि ने आकाश को नीली आँख और बादलों को उसकी काली पुतली के समान बताकर एक अत्यंत सुंदर और कल्पनाशील चित्र प्रस्तुत किया है।

कविता की रचना

1कविता में ऐसे दृश्यों को पहचानें जहाँ असंभव-सी बात को सुंदर भावार्थ के साथ कहा गया हो।Show solution

कविता में ऐसे कई दृश्य हैं जहाँ सामान्य दृष्टि से असंभव लगने वाली बात को सुंदर भावार्थ के साथ कहा गया है:

  1. 'आसमान में उड़ता सागर': सामान्य अर्थ में समुद्र का आकाश में उड़ना असंभव है, परंतु भावार्थ यह है कि समुद्र का जल वाष्प बनकर आकाश में उड़ता है और बादल बनता है। यह जल-चक्र का काव्यात्मक वर्णन है।
  1. 'लगा बिजलियों के स्वर्णिम पर': बिजली के पंख नहीं होते, परंतु यहाँ बादलों में चमकती बिजली को सुनहरे पंखों के रूप में दिखाया गया है, जो बादलों को उड़ने में सहायक हैं।
  1. 'करुणा-विगलित अश्रु बहाकर': बादल रो नहीं सकते, परंतु यहाँ वर्षा को बादलों के करुणा-भरे आँसू बताया गया है। यह मानवीकरण (Personification) का सुंदर उदाहरण है।
  1. 'वसुंधरा की रोमावलि-सी, हरी दूब पुलकी-मुसकाई': धरती के रोंगटे नहीं होते, परंतु हरी दूब को धरती के रोम-रोम की तरह बताया गया है जो खुशी से पुलकित हो उठती है।

ये सभी प्रयोग कविता को सुंदर, जीवंत और आनंददायक बनाते हैं।

शब्द एक अर्थ अनेक

1'फूट' शब्द का प्रयोग ऐसे वाक्यों में कीजिए जहाँ इसके भिन्न-भिन्न अर्थ निकलते हों।

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अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

1'धर' से मिलकर बने कुछ शब्द और उनके अर्थ शब्दकोश या इंटरनेट की सहायता से ढूँढ़कर लिखिए।

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शब्द पहेली

1दिए गए शब्द-जाल में प्रश्नों के उत्तर खोजें:
क. एक प्रकार का वाद्य यंत्र
ख. आँख के लिए एक अन्य शब्द
ग. जल को धारण करने वाला
घ. एक प्रकार की घास
ड. आँसू का समानार्थी
च. आसमान का समानार्थी शब्द

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पाठ से आगे — आपकी बात

1बारिश आने पर आपको कैसा लगता है? बताइए।

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2आपको कौन-सी ऋतु सबसे अधिक प्रिय है और क्यों? बताइए।

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समाचार माध्यमों से

1अत्यधिक गर्मी, सर्दी या बारिश में आपने जो स्थिति देखी है उसका आँखों देखा हाल अपनी कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।

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सृजन

1ऊपर दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए और इसे एक नाम दीजिए।

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खोजबीन

1आपके यहाँ उत्सवों में कौन-से वाद्ययंत्र बजाए जाते हैं? उनके बारे में जानकारी एकत्र करें और अपने समूह में उस पर चर्चा करें।

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आइए इंद्रधनुष बनाएँ

1एक सुंदर इंद्रधनुष बनाइए और उस पर एक छोटी-सी कविता लिखिए। इसे कोई प्यारा सा नाम भी दीजिए।

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9 more solved questions in पहली बूँद

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in पहली बूँद for CBSE Class 6 Hindi?
Key topics in पहली बूँद include कवि परिचय, कविता का मुख्य भाव, मुख्य छवियाँ और अलंकार, महत्वपूर्ण पंक्तियाँ और उनका अर्थ. Study these first, then practise questions on each for Class 6 exams.
Are these NCERT Solutions for पहली बूँद free?
The first 9 of the 18 solutions on this page are open to read. The other 9 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise पहली बूँद for Class 6 exams?
Learn the core ideas first, then work through the 44 practice questions on पहली बूँद. Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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