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Chapter 10 of 10
NCERT Solutions

मीरा के पद (पद)-मीरा — NCERT Solutions

CBSE · Class 7 · Hindi

NCERT Solutions for मीरा के पद (पद)-मीरा, CBSE Class 7 Hindi: 35 textbook questions solved step by step. Covers पाठ अभ्यास.

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35 Questions Solved · 1 Section

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पाठ अभ्यास

मेरी समझ से (क)(1)"बसो मेरे नैनन में नंदलाल" पद में मीरा किनसे विनती कर रही हैं?
- संतों से
- भक्तों से
- वैजंती से
- श्रीकृष्ण से
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सही उत्तर: ☒ श्रीकृष्ण से

स्पष्टीकरण: इस पद में मीरा अपने आराध्य श्रीकृष्ण (नंदलाल) से विनती कर रही हैं कि वे उनके नेत्रों में बस जाएँ। 'नंदलाल' श्रीकृष्ण का ही नाम है — नंद के लाल अर्थात् नंद के पुत्र।

मेरी समझ से (क)(2)"बसो मेरे नैनन में नंदलाल" पद का मुख्य विषय क्या है?
- प्रेम और भक्ति
- प्रकृति की सुंदरता
- युद्ध और शांति
- ज्ञान और शिक्षा
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सही उत्तर: ☒ प्रेम और भक्ति

स्पष्टीकरण: इस पद में मीरा श्रीकृष्ण के प्रति अपनी गहरी भक्ति और प्रेम व्यक्त करती हैं। वे उनके रूप-सौंदर्य का वर्णन करते हुए उन्हें अपने नेत्रों में बसाने की प्रार्थना करती हैं। अतः इस पद का मुख्य विषय प्रेम और भक्ति है।

मेरी समझ से (क)(3)"बरसे बदरिया सावन की" पद में कौन-सी ऋतु का वर्णन किया गया है?
- सर्दी
- गरमी
- वर्षा
- वसंत
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सही उत्तर: ☒ वर्षा

स्पष्टीकरण: इस पद में 'सावन', 'बदरिया', 'बरसे', 'मेहा', 'शीतल पवन' आदि शब्दों से स्पष्ट है कि यहाँ वर्षा ऋतु का वर्णन किया गया है। सावन वर्षा ऋतु का प्रमुख महीना होता है।

मेरी समझ से (क)(4)"बरसे बदरिया सावन की" पद को पढ़कर ऐसा लगता है, जैसे मीरा—
- प्रसन्न हैं।
- दुखी हैं।
- उदास हैं।
- चिंतित हैं।
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सही उत्तर: ☒ दुखी हैं। तथा ☒ उदास हैं।

स्पष्टीकरण: इस पद में मीरा के मन में सावन की उमड़-घुमड़ और श्रीकृष्ण के आने की भनक सुनकर उमंग तो है, किंतु साथ ही उनके न आने की पीड़ा भी है। सावन में प्रियतम की प्रतीक्षा विरह-वेदना को और गहरा कर देती है, इसलिए मीरा दुखी और उदास भी प्रतीत होती हैं।

मेरी समझ से (ख)हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?Show solution

यह एक समूह-चर्चा गतिविधि है। विद्यार्थी अपने-अपने उत्तरों के पक्ष में पाठ से प्रमाण देते हुए चर्चा करें।

उदाहरण के लिए:

  • प्रश्न (4) में कुछ विद्यार्थी 'दुखी' चुन सकते हैं क्योंकि मीरा श्रीकृष्ण की प्रतीक्षा में विरह-वेदना अनुभव कर रही हैं।
  • कुछ विद्यार्थी 'उदास' चुन सकते हैं क्योंकि सावन में प्रियतम का न होना उदासी देता है।
  • दोनों उत्तर सही हो सकते हैं — पाठ से उद्धरण देकर अपना मत स्पष्ट करें।
मिलकर करें मिलानपाठ में से चुने गए शब्दों को उनके सही अर्थों/संदर्भों से मिलाइए:
1. नंदलाल
2. वैजंती माल
3. सावन
4. गिरधर
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सही मिलान:

  1. नंदलाल → 4. नंद के पुत्र, श्रीकृष्ण
  1. वैजंती माल → 3. वैजयंती पौधे के बीजों से बनने वाली माला
  1. सावन → 2. श्रावण का महीना, आषाढ़ के बाद का और भाद्रपद के पहले का महीना
  1. गिरधर → 1. पर्वत को धारण करने वाले, श्रीकृष्ण

विशेष टिप्पणी: 'गिरधर' शब्द का अर्थ है — गिरि (पर्वत) को धारण करने वाले। यह श्रीकृष्ण का वह नाम है जो उन्होंने गोवर्धन पर्वत को अपनी उँगली पर उठाकर ग्रामवासियों की रक्षा की थी, उस घटना के कारण पड़ा।

पंक्तियों पर चर्चा (क)"नन्हीं नन्हीं बूँदन मेहा बरसे, शीतल पवन सोहावन की।।" — इस पंक्ति का क्या अर्थ है?Show solution

दिया गया: यह पंक्ति मीरा के पद 'बरसे बदरिया सावन की' से ली गई है।

अर्थ: इस पंक्ति में मीरा सावन की वर्षा का सुंदर चित्रण करती हैं। वे कहती हैं कि आकाश से छोटी-छोटी, नन्हीं-नन्हीं बूँदों के रूप में वर्षा हो रही है और साथ ही ठंडी, सुहावनी हवा भी चल रही है जो मन को आनंदित कर देती है।

भाव: वर्षा की नन्हीं बूँदें और शीतल पवन मिलकर सावन के मौसम को अत्यंत मनोरम बना देते हैं। यह दृश्य मीरा के मन में श्रीकृष्ण के प्रति विरह-भाव को और गहरा कर देता है।

पंक्तियों पर चर्चा (ख)"मीरा के प्रभु संतन सुखदाई, भक्त वछल गोपाल।" — इस पंक्ति का क्या अर्थ है?Show solution

दिया गया: यह पंक्ति मीरा के पद 'बसो मेरे नैनन में नंदलाल' से ली गई है।

अर्थ: इस पंक्ति में मीरा अपने प्रभु श्रीकृष्ण की विशेषताएँ बताती हैं। वे कहती हैं कि मीरा के प्रभु गोपाल (श्रीकृष्ण) संतों को सुख देने वाले हैं और अपने भक्तों से अत्यंत स्नेह करने वाले हैं।

भाव: 'भक्त वछल' का अर्थ है — भक्तों से वात्सल्य (प्रेम) रखने वाले। मीरा यहाँ श्रीकृष्ण को संतों का हितैषी और भक्तों का पालनकर्ता बताती हैं। साथ ही इस पंक्ति में मीरा ने अपना नाम भी जोड़ा है, जो उस काल की काव्य-परंपरा के अनुसार है।

सोच-विचार के लिए (क)पहले पद में श्रीकृष्ण के बारे में क्या-क्या बताया गया है?Show solution

दिया गया: पहला पद है — 'बसो मेरे नैनन में नंदलाल'।

पहले पद में श्रीकृष्ण के बारे में निम्नलिखित बातें बताई गई हैं:

  1. रूप-सौंदर्य: श्रीकृष्ण की मूरत मोहनी (मन को मोहने वाली) है और उनकी सूरत साँवली है।
  1. विशाल नेत्र: उनके नेत्र बड़े और सुंदर हैं — 'नैना बने विशाल'।
  1. मुरली: उनके अधरों (होंठों) पर सुधा-रस से भरी मुरली (बाँसुरी) सुशोभित है।
  1. वैजंती माला: उनके वक्षस्थल (सीने) पर वैजयंती माला सजी हुई है।
  1. कमर पर घंटियाँ: उनकी कमर पर छोटी-छोटी घंटियाँ सुशोभित हैं।
  1. नूपुर: उनके पैरों में नूपुर (पायल) बँधे हैं जिनसे मधुर ध्वनि निकलती है।
  1. संतों के सुखदाता: वे संतों को सुख देने वाले हैं।
  1. भक्तवत्सल: वे अपने भक्तों से अत्यंत प्रेम करने वाले गोपाल हैं।
सोच-विचार के लिए (ख)दूसरे पद में सावन के बारे में क्या-क्या बताया गया है?Show solution

दिया गया: दूसरा पद है — 'बरसे बदरिया सावन की'।

दूसरे पद में सावन के बारे में निम्नलिखित बातें बताई गई हैं:

  1. बादलों का बरसना: सावन की बदरिया (बादल) बरस रही है।
  1. चारों दिशाओं से बादल: बादल उमड़-घुमड़ कर चारों दिशाओं से आ रहे हैं।
  1. बिजली चमकना: बिजली (दामिनी) चमक रही है।
  1. झड़ी लगना: वर्षा की झड़ी लग गई है।
  1. नन्हीं-नन्हीं बूँदें: आकाश से छोटी-छोटी बूँदों के रूप में वर्षा हो रही है।
  1. शीतल और सुहावनी पवन: ठंडी और मनभावन हवा चल रही है।
  1. मन में उमंग: सावन में मीरा के मन में उमंगें उठ रही हैं क्योंकि उन्होंने श्रीकृष्ण के आने की भनक सुनी है।
कविता की रचना (क)इस पाठ को एक बार फिर से पढ़िए और अपने-अपने समूह में मिलकर इस पाठ की विशेषताओं की सूची बनाइए।Show solution

मीरा के पदों की प्रमुख विशेषताएँ:

  1. छोटी-छोटी पंक्तियाँ: पदों में छोटी-छोटी पंक्तियाँ हैं जो गाने में सहायक हैं।
  1. श्रीकृष्ण के अनेक नाम: एक ही पद में श्रीकृष्ण के लिए अलग-अलग नामों का प्रयोग किया गया है — नंदलाल, गिरधर, गोपाल, हरि, गिरधरनागर।
  1. कवयित्री का नाम: मीरा ने अपनी रचनाओं के अंत में अपना नाम जोड़ा है — 'मीरा के प्रभु'।
  1. भक्ति-भाव: दोनों पदों में श्रीकृष्ण के प्रति गहरी भक्ति और प्रेम व्यक्त किया गया है।
  1. अनुप्रास अलंकार: एक ही वर्ण की आवृत्ति — जैसे 'बरसे बदरिया', 'नन्हीं नन्हीं', 'मोहनि मूरति'।
  1. प्रकृति का चित्रण: दूसरे पद में सावन की वर्षा का सजीव चित्रण है।
  1. ब्रज भाषा: पदों में ब्रज भाषा के शब्दों का प्रयोग है — नैनन, सोभित, मनवा, आवन आदि।
  1. संगीतात्मकता: पद गेय हैं अर्थात् इन्हें गाया जा सकता है।
  1. विरह और मिलन का भाव: दोनों पदों में प्रियतम से मिलने की आकांक्षा है।
अनुमान और कल्पना से (क)मान लीजिए कि बादलों ने मीरा को श्रीकृष्ण के आने का संदेश सुनाया है। आपको क्या लगता है कि उन्होंने क्या कहा होगा? कैसे कहा होगा?Show solution

यह एक कल्पना-आधारित प्रश्न है। नमूना उत्तर:

बादलों ने मीरा को संदेश सुनाया होगा:

"हे मीरा! हम दूर-दूर से उड़ते हुए आए हैं। हमने मथुरा-वृंदावन की गलियों में तुम्हारे प्रिय गिरधर गोपाल को देखा है। उनकी मुरली की मधुर तान सुनकर हम भी थिरकने लगे। वे कह रहे थे कि सावन की इस रिमझिम फुहार में वे तुमसे मिलने आ रहे हैं। उनके पैरों के नूपुर की झंकार सुनाई दे रही है। बस थोड़ी देर और प्रतीक्षा करो!"

बादलों ने यह संदेश गरज-गरज कर, बिजली चमकाते हुए और रिमझिम बूँदें बरसाते हुए कहा होगा — जैसे प्रकृति स्वयं इस शुभ समाचार का उत्सव मना रही हो।

अनुमान और कल्पना से (ख)यदि आपको मीरा से बातचीत करने का अवसर मिल जाए तो आप उनसे क्या-क्या कहेंगे और क्या-क्या पूछेंगे?Show solution

यह एक कल्पना-आधारित प्रश्न है। नमूना उत्तर:

यदि मुझे मीरा से बातचीत का अवसर मिले तो मैं उनसे कहूँगा/कहूँगी:

मैं कहूँगा/कहूँगी:

  • "मीराजी, आपके भजन आज भी लाखों लोगों के हृदय को छूते हैं। आपकी भक्ति सच्ची और निस्वार्थ थी।"
  • "आपने राजमहल छोड़कर जो साहस दिखाया, वह अद्भुत है।"

मैं पूछूँगा/पूछूँगी:

  • "आपने इतने सुंदर भजन कैसे रचे? क्या श्रीकृष्ण स्वयं आपको प्रेरणा देते थे?"
  • "महल छोड़ते समय आपको कैसा लगा था?"
  • "आपके मन में श्रीकृष्ण की भक्ति कब और कैसे जागी?"
  • "आपके पदों में जो विरह-वेदना है, क्या वह वास्तव में आपने अनुभव की थी?"
शब्दों के रूप (क)नीचे दिए गए शब्दों को आप जिस रूप में बोलते-लिखते हैं, उस तरह से लिखिए:
नैनन, सोभित, भक्त वछल, बदरिया, मेरो मनवा, आवन, दिश, मेहा
Show solution

पाठ के शब्द और उनके आधुनिक/प्रचलित रूप:

पाठ का शब्दप्रचलित रूप
नैनननयनों / आँखों
सोभितसुशोभित / सजा हुआ
भक्त वछलभक्तवत्सल (भक्तों से प्रेम करने वाले)
बदरियाबदली / बादल
मेरो मनवामेरा मन
आवनआना
दिशदिशा
मेहामेघ / वर्षा / बारिश

नोट: ये शब्द ब्रज भाषा के हैं। आधुनिक हिंदी में इनके रूप थोड़े बदल जाते हैं।

शब्द से जुड़े शब्दनीचे दिए गए स्थानों में श्रीकृष्ण से जुड़े शब्द पाठ में से चुनकर लिखिए।Show solution

पाठ में श्रीकृष्ण के लिए प्रयुक्त नाम/शब्द:

  1. नंदलाल — नंद के पुत्र
  2. गिरधर — गोवर्धन पर्वत उठाने वाले
  3. गोपाल — गायों के पालक
  4. हरि — सबके हरण करने वाले (पापों का नाश करने वाले)
  5. गिरधरनागर — गिरधर + नागर (चतुर)
  6. नंदलाल — नंद के लाल

श्रीकृष्ण से जुड़ी वस्तुएँ/विशेषताएँ:

  • मुरली (बाँसुरी)
  • वैजंती माल
  • नूपुर
  • शुद्र घंटिका
  • मोहनी मूरति
  • सांवरी सूरत
  • विशाल नैन
पंक्ति से पंक्तिस्तंभ 1 और स्तंभ 2 में दी गई पंक्तियों को मिलती-जुलती पंक्तियों से मिलाइए।Show solution

सही मिलान:

  1. "अधर सुधा रस मुरली राजति, उर वैजंती माल" → 2. होंठों पर सुरीली धुनों से भरी हुई बाँसुरी और सीने पर वैजयंती माला सजी हुई है।
  1. "शुद्र घंटिका कटितट सोभित, नूपुर शब्द रसाल" → 5. कमर पर छोटी-छोटी घंटियाँ सजी हुई हैं और पैरों में बँधे हुए नूपुर मीठी आवाज में बोल रहे हैं।
  1. "मीरा के प्रभु संतन सुखदाई, भक्त वछल गोपाल" → 4. हे मीरा के प्रभु! तुम संतों को सुख देने वाले हो और अपने भक्तों से स्नेह करने वाले हो।
  1. "सावन में उमयो मेरो मनवा, भनक सुनी हरि आवन की" → 3. सावन के महीने में मेरे मन में बहुत-सी उमंगें उठ रही हैं, क्योंकि मैंने श्रीकृष्ण के आने की चर्चा सुनी है।
  1. "उमड़ घुमड़ चहुँ दिश से आया, दामिन दमकै झर लावन की" → 1. चारों दिशाओं से बादल उमड़-घुमड़ कर बरस रहे हैं, बिजली चमक रही है, वर्षा की झाड़ी लग गई है।
कविता का सौंदर्य"बरसे बदरिया सावन की" — इस पंक्ति में 'ब' वर्ण की आवृत्ति है। पाठ में से इस प्रकार के अन्य उदाहरण ढूँढ़कर लिखिए।Show solution

दिया गया: 'बरसे बदरिया' में 'ब' वर्ण की आवृत्ति है। इसे अनुप्रास अलंकार कहते हैं।

पाठ में अनुप्रास के अन्य उदाहरण:

  1. "मोहनि मूरति" — 'म' वर्ण की आवृत्ति
  1. "सांवरि सूरति" — 'स' वर्ण की आवृत्ति
  1. "नन्हीं नन्हीं" — 'न' वर्ण की आवृत्ति (पुनरुक्ति भी)
  1. "शीतल पवन सोहावन" — 'स' वर्ण की आवृत्ति
  1. "उमड़ घुमड़" — 'उ/घ' ध्वनि की आवृत्ति
  1. "दामिन दमकै" — 'द' वर्ण की आवृत्ति
  1. "नूपुर शब्द" — 'न' और 'श' ध्वनि

इन उदाहरणों में एक ही वर्ण या ध्वनि की बार-बार आवृत्ति से कविता में संगीतात्मकता और सौंदर्य बढ़ जाता है।

रूप बदलकरपाठ के किसी एक पद को एक अनुच्छेद के रूप में लिखिए।Show solution

पद: 'बरसे बदरिया सावन की' का गद्य-रूप:

सावन की बदरिया बरस रही है। चारों दिशाओं से बादल उमड़-घुमड़ कर आ रहे हैं। बिजली चमक रही है और वर्षा की झड़ी लग गई है। आकाश से नन्हीं-नन्हीं बूँदें टपक रही हैं और शीतल, सुहावनी पवन बह रही है। सावन के इस मनोरम मौसम में मेरे मन में उमंगें उठ रही हैं, क्योंकि मैंने श्रीकृष्ण (हरि) के आने की भनक सुनी है। मीरा के प्रभु गिरधरनागर इस सावन में आने वाले हैं — यह सोचकर मन आनंद से भर उठता है।

मुहावरेनीचे आँखों से जुड़े मुहावरे दिए गए हैं। इनके अर्थ समझिए और वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
1. आँखों का तारा
2. आँखों पर पर्दा पड़ना
3. आँखों के आगे अंधेरा छाना
4. आँख दिखाना
5. आँख का काँटा
6. आँखें फेरना
7. आँख भर आना
8. आँखें चुराना
9. आँखों से उतारना
10. आँखों में खटकना

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विशेषताएँ (क)"मोहनि मूरति सांवरि सूरति, नैना बने विशाल।" — इस पंक्ति में कवयित्री ने श्रीकृष्ण की मोहनी मूरत, सांवरी सूरत और विशाल नैनों की बात की है। आपको श्रीकृष्ण की कौन-कौन सी बातों ने सबसे अधिक आकर्षित किया?

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विशेषताएँ (ख)किसी व्यक्ति या वस्तु का कौन-सा गुण आपको सबसे अधिक आकर्षित करता है? क्यों? अपने जीवन से जुड़े किसी व्यक्ति या वस्तु के उदाहरण से बताइए।

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विशेषताएँ (ग)हम सबकी कुछ विशेषताएँ बाह्य तो कुछ आंतरिक होती हैं। आप अपनी दोनों प्रकार की विशेषताओं के दो-दो उदाहरण दीजिए।

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मधुर ध्वनियाँ"अधर सुधा रस मुरली राजति, उर वैजंती माल॥ शुद्र घंटिका कटितट सोभित, नूपुर शब्द रसाल॥" — इन पंक्तियों में तीन ऐसी वस्तुओं के नाम आए हैं जिनसे मधुर ध्वनियाँ उत्पन्न होती हैं। उन वस्तुओं के नाम पहचानिए और उनके नीचे रेखा खींचिए।

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वाद्ययंत्र पहेलियाँनीचे मधुर ध्वनियाँ उत्पन्न करने वाले वाद्ययंत्रों के विषय में पहेलियाँ दी गई हैं। इन्हें पहचानिए।

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चित्र करते हैं बातेंमीरा के काँगड़ा शैली में बने चित्र के आधार पर मीरा के संबंध में एक अनुच्छेद लिखिए।

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आपकी बात (क)(1)"बरसे बदरिया सावन की" — इस पद में सावन का सुंदर चित्रण किया गया है। जब आपके गाँव या नगर में सावन आता है तो मौसम में क्या परिवर्तन आते हैं? वर्णन कीजिए।

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आपकी बात (क)(2)सावन की ऋतु में किस-किस प्रकार की ध्वनियाँ सुनाई देती हैं? इन ध्वनियों को सुनकर आपके मन में कौन-कौन सी भावनाएँ उठती हैं?

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आपकी बात (क)(3)वर्षा ऋतु में आपको कौन-कौन सी गतिविधियाँ करने या खेल खेलने में आनंद आता है?

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आपकी बात (क)(4)सावन के महीने में हमारे देश में अनेक त्योहार मनाए जाते हैं। आपके घर, परिसर या गाँव में सावन में कौन-कौन से त्योहार मनाए जाते हैं? किसी एक के विषय में अपने अनुभव बताइए।

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आपकी बात (ख)(1)क्या आपके जीवन में कोई ऐसा व्यक्ति है जो सदैव आपकी सहायता करता है और आपको आनंदित करता है? विस्तार से बताइए।

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आपकी बात (ख)(2)कवयित्री ने पाठ में 'नूपुर' और 'शुद्र घंटिका' जैसे उदाहरणों का प्रयोग किया है। आप भी अपने आस-पास के किसी व्यक्ति या वस्तु का वर्णन करते हुए उससे जुड़ी छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दीजिए और उन्हें लिखिए।

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आज की पहेलीपाठ में से चुने गए शब्दों की अंतिम ध्वनि से मिलती-जुलती ध्वनि वाले शब्द वर्ग में से खोजिए:
1. मूरति
2. सावन
3. उमड़
4. नागर
5. नंदलाल

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सबकी प्रस्तुतिपाठ के किसी एक पद को चुनकर अपने समूह के साथ मिलकर अलग-अलग तरीके से कक्षा के सामने प्रस्तुत कीजिए — गायन करना, भाव-नृत्य प्रस्तुति करना, कविता पाठ करना आदि।

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सावन से जुड़े गीतअपने परिजनों, मित्रों, शिक्षकों, पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता से सावन में गाए जाने वाले गीतों को ढूँढ़िए और किसी एक गीत को अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।

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खोजबीनमीरा श्रीकृष्ण की आराधना करती थीं। सूरदास भी श्रीकृष्ण के भक्त थे। अपने समूह के साथ मिलकर सूरदास की कुछ रचनाएँ ढूँढ़कर कक्षा में सुनाइए।

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in मीरा के पद (पद)-मीरा for CBSE Class 7 Hindi?
Key topics in मीरा के पद (पद)-मीरा include मीरा का परिचय और रचना-काल, पद एक: बसो मेरे नैनन में नंदलाल, पद दो: बरसे बदरिया सावन की, काव्य-शिल्प और भाषा. Study these first, then practise questions on each for Class 7 exams.
Are these NCERT Solutions for मीरा के पद (पद)-मीरा free?
The first 18 of the 35 solutions on this page are open to read. The other 17 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise मीरा के पद (पद)-मीरा for Class 7 exams?
Learn the core ideas first, then work through the 44 practice questions on मीरा के पद (पद)-मीरा. Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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