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Chapter 9 of 10
NCERT Solutions

चिड़िया (कविता)-आरसी प्रसाद सिंह — NCERT Solutions

CBSE · Class 7 · Hindi

NCERT Solutions for चिड़िया (कविता)-आरसी प्रसाद सिंह, CBSE Class 7 Hindi: 29 textbook questions solved step by step.

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29 Questions Solved · 16 Sections

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मेरी समझ से — (क) बहुविकल्पीय प्रश्न

1कविता के आधार पर बताइए कि इनमें से कौन-सा गुण पक्षियों के जीवन में नहीं पाया जाता है?
- प्रेम-प्रीति
- मिल-जुलकर रहना
- लोभ और पाप
- निर्भय विचरण
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सही उत्तर: ☒ लोभ और पाप

कारण: कविता में स्पष्ट रूप से कहा गया है — "उनके मन में लोभ नहीं है, पाप नहीं, परवाह नहीं।" अर्थात् पक्षियों के जीवन में लोभ और पाप का कोई स्थान नहीं है। शेष तीनों गुण — प्रेम-प्रीति, मिल-जुलकर रहना और निर्भय विचरण — पक्षियों में भरपूर पाए जाते हैं।

2"सब मिल-जुलकर रहते हैं वे, सब मिल-जुलकर खाते हैं" कविता की यह पंक्ति किन भावों की ओर संकेत करती है?
- असमानता और विभाजन
- प्रतिस्पर्धा और संघर्ष
- समानता और एकता
- स्वार्थ और ईर्ष्या
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सही उत्तर: ☒ समानता और एकता

कारण: इस पंक्ति में पक्षियों के मिल-जुलकर रहने और खाने का वर्णन है। यह भाव यह दर्शाता है कि पक्षियों में कोई भेदभाव नहीं है — वे सब बराबर हैं और एकता के साथ जीवन जीते हैं। यह समानता और एकता का प्रतीक है।

3"वे कहते हैं, मानव! सीखो, तुम हमसे जीना जग में" कविता में पक्षी मनुष्य से कैसा जीवन जीने के लिए कहते हैं?
- आकाश में उड़ते रहना
- बंधन में रहना
- स्वच्छंद रहना
- संचय करना
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सही उत्तर: ☒ स्वच्छंद रहना

कारण: पक्षी मनुष्य को यह संदेश देते हैं कि वह लोभ, पाप और बंधनों से मुक्त होकर स्वच्छंद जीवन जिए। कविता में पक्षी कहते हैं — "हम स्वच्छंद और क्यों तुमने, डाली है बेड़ी पग में?" अर्थात् पक्षी मनुष्य को स्वतंत्र और निर्भय जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।

मेरी समझ से — (ख) चर्चा

खअब अपने मित्रों के साथ मिलकर चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?Show solution

विद्यार्थी अपने समूह में निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा करें:

  1. प्रश्न 1 में 'लोभ और पाप' चुनने का कारण: कविता की पंक्ति "उनके मन में लोभ नहीं है, पाप नहीं" सीधे यह बताती है कि ये गुण पक्षियों में नहीं पाए जाते। बाकी तीनों गुण कविता में पक्षियों के लिए सकारात्मक रूप से वर्णित हैं।
  1. प्रश्न 2 में 'समानता और एकता' चुनने का कारण: 'मिल-जुलकर' शब्द की पुनरावृत्ति एकता और समानता को दर्शाती है। पक्षियों में कोई ऊँच-नीच नहीं है।
  1. प्रश्न 3 में 'स्वच्छंद रहना' चुनने का कारण: पक्षी मनुष्य को बेड़ियों (बंधनों) से मुक्त होकर स्वतंत्र जीवन जीने का संदेश देते हैं।

(नोट: यह एक चर्चा-आधारित गतिविधि है। विद्यार्थी अपने विचार स्वयं साझा करें।)

मिलकर करें मिलान

1कविता में से चुनकर दिए गए संदर्भों को उनके सही भावों से मिलाइए:
1. चिड़िया की बोली
2. सोने की कड़ियाँ
3. निर्भय विचरण
4. मुक्ति-मंत्र
5. दिनभर काम
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सही मिलान:

संदर्भभाव
1. चिड़िया की बोली5. प्रेम और स्वतंत्रता का संदेश
2. सोने की कड़ियाँ1. बंधन और लालच
3. निर्भय विचरण4. स्वतंत्रता और निर्बाध जीवन
4. मुक्ति-मंत्र3. बंधन से मुक्ति
5. दिनभर काम2. श्रम और संतोष

स्पष्टीकरण:

  • चिड़िया की बोली में प्रेम और स्वतंत्रता का संदेश छिपा है।
  • सोने की कड़ियाँ बंधन और लालच का प्रतीक हैं — सोने का पिंजरा भले ही सुंदर हो, पर वह बंधन ही है।
  • निर्भय विचरण का अर्थ है बिना किसी भय के स्वतंत्र रूप से घूमना-फिरना।
  • मुक्ति-मंत्र का अर्थ है बंधनों से छुटकारा पाने का उपाय।
  • दिनभर काम करना श्रम और संतोष का प्रतीक है।

पंक्तियों पर चर्चा

क"चिड़िया बैठी प्रेम-प्रीति की रीति हमें सिखलाती है!" — इस पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।Show solution

अर्थ एवं विचार:

इस पंक्ति में कवि कहते हैं कि चिड़िया केवल गाती नहीं, बल्कि वह हमें प्रेम और स्नेह के साथ जीने की शिक्षा भी देती है। पक्षी आपस में प्रेम से रहते हैं, एक-दूसरे की परवाह करते हैं और मिल-जुलकर जीवन बिताते हैं। इस प्रकार चिड़िया की जीवनशैली हमें यह सिखाती है कि हम भी आपस में प्रेम और सद्भाव से रहें। चिड़िया का यह व्यवहार मनुष्य के लिए एक आदर्श उदाहरण है।

ख"उनके मन में लोभ नहीं है, पाप नहीं, परवाह नहीं" — इस पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।Show solution

अर्थ एवं विचार:

इस पंक्ति में कवि पक्षियों की निर्मल और निश्छल जीवनशैली का वर्णन करते हैं। पक्षियों के मन में न तो किसी चीज़ का लालच होता है, न ही वे कोई पाप करते हैं और न ही उन्हें किसी बात की चिंता सताती है। वे जो मिलता है उसी में संतुष्ट रहते हैं। इसके विपरीत मनुष्य लोभ, पाप और चिंताओं में डूबा रहता है। कवि इस पंक्ति के माध्यम से मनुष्य को पक्षियों से सीख लेने की प्रेरणा देते हैं।

ग"सीमा-हीन गगन में उड़ते, निर्भय विचरण करते हैं" — इस पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।Show solution

अर्थ एवं विचार:

इस पंक्ति में कवि पक्षियों की स्वतंत्रता का सुंदर चित्रण करते हैं। पक्षी असीमित आकाश में बिना किसी भय के उड़ते हैं और स्वतंत्र रूप से विचरण करते हैं। उनके लिए कोई सीमा नहीं है, कोई बंधन नहीं है। वे निडर होकर जहाँ चाहें जाते हैं। इसके विपरीत मनुष्य अपने लोभ, स्वार्थ और सामाजिक बंधनों में जकड़ा हुआ है। कवि इस पंक्ति के माध्यम से मनुष्य को स्वतंत्र और निर्भय जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।

सत्य-विचार के लिए

क"सब मिल-जुलकर रहते हैं वे, सब मिल-जुलकर खाते हैं" — पक्षियों के आपसी सहयोग की यह भावना हमारे लिए किस प्रकार उपयोगी है? स्पष्ट कीजिए।Show solution

उत्तर:

पक्षियों के आपसी सहयोग की भावना हमारे लिए अत्यंत उपयोगी है। इससे हमें निम्नलिखित शिक्षाएँ मिलती हैं:

  1. एकता की शक्ति: जब हम मिल-जुलकर रहते हैं तो हर कठिनाई आसानी से दूर हो जाती है। एकता में बल होता है।
  1. समानता का भाव: पक्षी बिना किसी भेदभाव के साथ रहते और खाते हैं। यदि मनुष्य भी ऐसा करे तो समाज में ऊँच-नीच और असमानता समाप्त हो जाएगी।
  1. सहयोग की भावना: एक-दूसरे की सहायता करने से समाज मजबूत बनता है। परिवार, विद्यालय और समाज में सहयोग से सभी कार्य सुचारु रूप से चलते हैं।
  1. स्वार्थ का त्याग: पक्षियों की तरह यदि हम भी स्वार्थ छोड़कर मिल-बाँटकर खाएँ तो कोई भूखा नहीं रहेगा।

इस प्रकार पक्षियों का यह गुण हमें एक बेहतर और सुखी समाज बनाने की प्रेरणा देता है।

ख"जो मिलता है, अपने श्रम से उतना भर ले लेते हैं" — पक्षी अपनी आवश्यकता भर ही संचय करते हैं। मनुष्य का स्वभाव इससे भिन्न कैसे है?Show solution

उत्तर:

पक्षी और मनुष्य के स्वभाव में मूलभूत अंतर है:

पक्षियों का स्वभाव:

  • पक्षी केवल उतना ही लेते हैं जितनी उन्हें आवश्यकता होती है।
  • वे अपने श्रम से जो मिलता है उसी में संतुष्ट रहते हैं।
  • वे भविष्य के लिए अनावश्यक संचय नहीं करते।
  • उनके मन में लोभ नहीं होता।

मनुष्य का स्वभाव:

  • मनुष्य अपनी आवश्यकता से कहीं अधिक संचय करता है।
  • वह लोभवश दूसरों का हक भी छीन लेता है।
  • वह भविष्य की चिंता में इतना धन इकट्ठा करता है कि दूसरों के लिए कुछ नहीं बचता।
  • मनुष्य की इच्छाएँ कभी समाप्त नहीं होतीं — जितना मिलता है, उतना और चाहिए।

इस प्रकार पक्षियों का संतोषी स्वभाव मनुष्य के लोभी स्वभाव से बिल्कुल भिन्न है। कवि चाहते हैं कि मनुष्य भी पक्षियों से संतोष का पाठ सीखे।

ग"हम स्वच्छंद और क्यों तुमने, डाली है बेड़ी पग में?" — पक्षी को स्वच्छंद और मनुष्य को बेड़ियों में क्यों बताया गया है?Show solution

उत्तर:

पक्षी स्वच्छंद क्यों है:

  • पक्षी के मन में लोभ, पाप और चिंता नहीं है।
  • वह सीमाहीन आकाश में निर्भय होकर उड़ता है।
  • उसे किसी बंधन में नहीं बाँधा जा सकता।
  • वह प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीता है।
  • उसकी इच्छाएँ सीमित हैं, इसलिए वह स्वतंत्र है।

मनुष्य बेड़ियों में क्यों है:

  • मनुष्य ने स्वयं अपने लोभ, लालच और स्वार्थ की बेड़ियाँ पहन ली हैं।
  • सोने-चाँदी की कड़ियाँ (धन-संपत्ति का मोह) उसे जकड़े हुए हैं।
  • वह सामाजिक बंधनों, ईर्ष्या, द्वेष और पाप में फँसा हुआ है।
  • अत्यधिक संचय की इच्छा उसे कभी मुक्त नहीं होने देती।

इस प्रकार कवि यह संदेश देते हैं कि मनुष्य की बेड़ियाँ बाहरी नहीं, बल्कि उसके मन की कमज़ोरियाँ हैं। यदि वह लोभ और पाप छोड़ दे तो वह भी पक्षी की तरह स्वच्छंद हो सकता है।

अनुमान और कल्पना से

1चिड़िया मनुष्य को स्वतंत्रता का संदेश देती है। आपके अनुसार मनुष्य के पास किन कार्यों को करने की स्वतंत्रता है और किन कार्यों को करने की स्वतंत्रता नहीं है?Show solution

उत्तर:

जिन कार्यों की स्वतंत्रता मनुष्य के पास है:

  • अपनी पसंद का व्यवसाय या शिक्षा चुनने की स्वतंत्रता।
  • अपने विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता।
  • अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता।
  • देश के किसी भी भाग में जाने और रहने की स्वतंत्रता।
  • अपनी भाषा और संस्कृति को अपनाने की स्वतंत्रता।

जिन कार्यों की स्वतंत्रता मनुष्य के पास नहीं है:

  • दूसरों को हानि पहुँचाने की स्वतंत्रता नहीं है।
  • कानून तोड़ने की स्वतंत्रता नहीं है।
  • पर्यावरण को नष्ट करने की स्वतंत्रता नहीं है।
  • दूसरों के अधिकारों का हनन करने की स्वतंत्रता नहीं है।

(नोट: यह एक विचार-आधारित प्रश्न है। विद्यार्थी अपने अनुभव के आधार पर उत्तर दे सकते हैं।)

2चिड़िया और मनुष्य का जीवन एक-दूसरे से कैसे भिन्न है?Show solution

उत्तर:

चिड़िया का जीवनमनुष्य का जीवन
स्वच्छंद और निर्भयबंधनों और चिंताओं से भरा
लोभ और पाप से मुक्तलोभ और स्वार्थ से ग्रस्त
आवश्यकता भर ही लेती हैआवश्यकता से अधिक संचय करता है
मिल-जुलकर रहती हैप्रतिस्पर्धा और ईर्ष्या में जीता है
प्रकृति के साथ सामंजस्यप्रकृति का दोहन करता है
सीमाहीन आकाश में उड़ती हैसामाजिक और मानसिक बंधनों में जकड़ा है

इस प्रकार चिड़िया का जीवन सरल, स्वतंत्र और संतोषपूर्ण है, जबकि मनुष्य का जीवन जटिल और बंधनयुक्त है।

3चिड़िया कहीं भी अपना घर बना सकती है। यदि आपके पास चिड़िया जैसी सुविधा हो तो आप अपना घर कहाँ बनाना चाहेंगे और क्यों?Show solution

उत्तर (नमूना उत्तर):

यदि मेरे पास चिड़िया जैसी सुविधा होती तो मैं अपना घर हिमालय की किसी ऊँची पहाड़ी पर बनाना चाहता/चाहती। इसके कारण:

  1. वहाँ का वातावरण शुद्ध और प्रदूषण-मुक्त होता।
  2. चारों ओर हरे-भरे पेड़ और बर्फ से ढकी चोटियाँ मन को शांति देतीं।
  3. वहाँ से सूर्योदय और सूर्यास्त का दृश्य अत्यंत मनोरम होता।
  4. शहर के शोर-शराबे से दूर, प्रकृति की गोद में जीवन बिताना सुखद होता।

(नोट: विद्यार्थी अपनी पसंद के अनुसार उत्तर लिख सकते हैं।)

4यदि आप चिड़िया की भाषा समझ सकते तो आप चिड़िया से क्या बातें करते?Show solution

उत्तर (नमूना उत्तर):

यदि मैं चिड़िया की भाषा समझ सकता/सकती तो मैं उससे निम्नलिखित बातें करता/करती:

  1. मैं उससे पूछता/पूछती कि वह अपने दिन की शुरुआत कैसे करती है और उसे सबसे अच्छा क्या लगता है।
  2. मैं उससे जानना चाहता/चाहती कि वह कितनी दूर तक उड़ चुकी है और उसने कौन-कौन से सुंदर स्थान देखे हैं।
  3. मैं उससे पूछता/पूछती कि मनुष्य के किन कार्यों से उसे कष्ट होता है, ताकि हम उन्हें सुधार सकें।
  4. मैं उसे बताता/बताती कि हम उसके घर (पेड़-पौधों) की रक्षा करेंगे।
  5. मैं उससे उसके मधुर गीत का अर्थ जानना चाहता/चाहती।

(नोट: यह एक कल्पना-आधारित प्रश्न है। विद्यार्थी अपनी कल्पना से उत्तर दे सकते हैं।)

कविता की रचना

1"सब मिल-जुलकर रहते हैं वे, सब मिल-जुलकर खाते हैं" — रेखांकित शब्दों की शैली का अनुसरण करते हुए नीचे दी गई कविता को आगे बढ़ाइए।
संकेत — सब मिल-जुलकर हँसते हैं वे, सब मिल-जुलकर गाते हैं...

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भाषा की बात — क्रिया शब्द

1कविता में से क्रिया शब्दों को ढूँढ़कर लिखिए और उनसे नए वाक्य बनाइए।

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पाठ से आगे — भावों की बात

कनीचे दिए गए दृश्यों को देखकर आपको कैसा महसूस होता है? दिए गए भावों में से उचित शब्द चुनकर लिखिए।

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खउपर्युक्त भावों में से आप कौन-से भाव कब-कब अनुभव करते हैं? भावों के नाम लिखकर उन स्थितियों के लिए एक-एक वाक्य लिखिए।

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आज की पहेली

1पक्षियों से जुड़ी पहेलियों को पढ़कर पक्षियों को पहचानिए:
1. दिखने में हूँ हरा-हरा, कहता हूँ सब खरा-खरा, खाता हूँ मैं मिच्ची लाल, कहते सब मुझे मिट्टूलाल
2. सुंदर काले मेरे नैन, श्वेत श्याम है मेरे डैन, उड़ता रहता हूँ दिन-रैन, खेलूँ पानी में तो आए चैन
3. संदेश पहुँचाना मेरा काम, देता हूँ शांति का पैगाम, करता हूँ मैं गुटर-गूँ, आओगे पास तो हो जाऊँगा छू
4. पीता हूँ बारिश की बूँदें, रखता हूँ फिर आँखें बूँदें, देखो चकोर है मेरी साथी, बिन उसके धूमूँ ऊँघें ऊँघें
5. रहता है घर के आस-पास, रंग है उसका काला खास, जो भी दोगे खाता है वो, झुंड में आ जाता है वो
6. कूहू कूहू मधुर आवाज सुनाती, घर अपना मैं कहाँ बनाती, काली हूँ पर काक नहीं, बतलाओ मैं क्या कहलाती
7. तन मेरा सफेद, गर्दन मेरी लंबी, नाम बताओ सच्ची-सच्ची, कहलाता हूँ मैं जलपक्षी

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चित्र की बात

1तीनों चित्रों को ध्यान से देखिए और बताइए — आप पक्षियों को इनमें से कहाँ देखना पसंद करेंगे और क्यों?

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साथ-साथ

1वन में सारे पक्षी एक साथ रह रहे हैं। हमारे परिवेश में भी पशु-पक्षी साथ रहते हैं। आप विचार कीजिए कि हमारे परिवेश में उनका रहना क्यों आवश्यक है?

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2हम अपने आस-पास रहने वाले पशु-पक्षियों की सहायता कैसे कर सकते हैं?

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शब्द एक अर्थ अनेक

1नीचे दिए गए शब्दों का अलग-अलग अर्थों या संदर्भों में प्रयोग कीजिए:
(क) कर
(ख) जल
(ग) अर्थ
(घ) फल
(ड) आम

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रचनात्मकता

कखुले आसमान में, पेड़ों की टहनियों, छतों और भवनों आदि पर बैठे या उड़ते पक्षी बहुत मनमोहक लगते हैं। अपनी पसंद के ऐसे कुछ दृश्यों का कोलाज बनाकर कक्षा में प्रदर्शित कीजिए।

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ख"स्वतंत्रता और प्रेम" का संदेश देने वाला एक पोस्टर बनाइए। इसमें इस कविता की कोई पंक्ति या संदेश भी सम्मिलित कीजिए।

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हमारा पर्यावरण

1मनुष्य द्वारा किए जा रहे ऐसे कार्यों की एक सूची बनाइए जिनसे पर्यावरण व हमारे परिवेश के पशु-पक्षियों के लिए संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इस संकट की स्थिति से बचने के लिए क्या-क्या उपाय किए जा सकते हैं?

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परियोजना कार्य

कआप अपने विद्यालय, आस-पास और घरों में देखिए कि किन-किन कार्यों में प्लास्टिक के थैले का प्रयोग किया जाता है? उन कार्यों की सूची बनाइए। अब इनमें प्रयोग किए जा रहे प्लास्टिक के थैलों के विकल्पों पर विचार कीजिए और लिखिए।

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खसभी विद्यार्थी 'पर्यावरण बचाओ' विषय पर एक नुक्कड़ नाटक तैयार करें और उसकी प्रस्तुति विद्यालय प्रांगण में करें।

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in चिड़िया (कविता)-आरसी प्रसाद सिंह for CBSE Class 7 Hindi?
Key topics in चिड़िया (कविता)-आरसी प्रसाद सिंह include कवि और कविता का मुख्य भाव, कविता की पंक्तियों का भावार्थ, पक्षियों के जीवन से मिलने वाली सीख, प्रवास करने वाले पक्षी. Study these first, then practise questions on each for Class 7 exams.
Are these NCERT Solutions for चिड़िया (कविता)-आरसी प्रसाद सिंह free?
The first 15 of the 29 solutions on this page are open to read. The other 14 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise चिड़िया (कविता)-आरसी प्रसाद सिंह for Class 7 exams?
Learn the core ideas first, then work through the 43 practice questions on चिड़िया (कविता)-आरसी प्रसाद सिंह. Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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