Skip to main content
Chapter 3 of 10
NCERT Solutions

फूल और काँटा (कविता)-अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' — NCERT Solutions

CBSE · Class 7 · Hindi

NCERT Solutions for फूल और काँटा (कविता)-अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध', CBSE Class 7 Hindi: 35 textbook questions solved step by step.

43 questions24 flashcards5 concepts

Interactive on Super Tutor

Studying फूल और काँटा (कविता)-अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'? Get the full interactive chapter.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for NCERT solutions and more.

Free trial, no card needed.

35 Questions Solved · 13 Sections

The first 18 solutions are open to read. The other 17 are free with a Super Tutor account.

मेरी समझ से

1कविता में काँटे के बारे में कौन-सा वाक्य सत्य है?
- काँटा अपने आस-पास की सुगंध को नष्ट करता है।
- काँटा तितलियों और भीरों को आकर्षित करता है।
- काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है।
- काँटा पौधे को हानि पहुँचाता है।
Show solution

सही उत्तर: काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है। ☒

स्पष्टीकरण: कविता में कवि ने स्पष्ट रूप से लिखा है — 'छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ, फाड़ देता है किसी का वर बसन।' अर्थात् काँटा उँगलियों को छेदता है और किसी के सुंदर वस्त्र को फाड़ देता है। काँटा सुगंध नष्ट नहीं करता, तितलियों को आकर्षित नहीं करता और पौधे को हानि भी नहीं पहुँचाता — ये तथ्य कविता में नहीं कहे गए हैं।

2कविता में फूल और काँटे में समानताओं और विभिन्नताओं का उल्लेख किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य इन्हें सही रूप में व्यक्त करता है?
- फूल सुंदरता का प्रतीक है और काँटा कठोरता का।
- फूल और काँटे के बारे में लोगों के विचार समान होते हैं।
- फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं, लेकिन उनके स्वभाव भिन्न होते हैं।
- फूल और काँटे को समान देखभाल मिलती है फिर भी उनके रंग-ढंग अलग होते हैं।
Show solution

सही उत्तर:

  1. फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं, लेकिन उनके स्वभाव भिन्न होते हैं। ☒
  2. फूल और काँटे को समान देखभाल मिलती है फिर भी उनके रंग-ढंग अलग होते हैं। ☒

स्पष्टीकरण: कविता में कहा गया है — 'हैं जनम लेते जगह में एक ही, एक ही पौधा उन्हें है पालता।' अर्थात् दोनों एक ही पौधे पर जन्म लेते हैं और उन्हें समान वर्षा, हवा, चाँदनी मिलती है, फिर भी उनके स्वभाव और ढंग बिल्कुल अलग हैं। इसलिए ये दोनों विकल्प सही हैं।

3कविता के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष उपयुक्त है?
- व्यक्ति का कुल ही उसके सम्मान का आधार होता है।
- व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं।
- कुल की प्रतिष्ठा हमेशा व्यक्ति के गुणों से बड़ी होती है।
- यदि व्यक्ति अच्छे कार्य करता है तो उसके कुल को प्रसिद्धि मिलती है।
Show solution

सही उत्तर: व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं। ☒

स्पष्टीकरण: कविता का मूल संदेश यही है कि फूल और काँटा एक ही पौधे पर उगते हैं (एक ही कुल से हैं), परंतु फूल अपने सुंदर स्वभाव और परोपकारी कार्यों के कारण सबका प्रिय बनता है, जबकि काँटा अपने कठोर व्यवहार के कारण सबको कष्ट देता है। इसलिए व्यक्ति के कर्म ही उसके सम्मान का आधार होते हैं, कुल नहीं।

4कविता के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 'बड़प्पन' के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है?
- धन-दौलत और ताकत से व्यक्ति के बड़प्पन का पता चलता है।
- कुल के बड़प्पन की प्रशंसा व्यक्ति की कमियों को ढक देती है।
- बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है।
- कुल का नाम व्यक्ति में बड़प्पन की पहचान का मुख्य आधार है।
Show solution

सही उत्तर: बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है। ☒

स्पष्टीकरण: कविता में कहा गया है — 'किस तरह कुल की बढ़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।' इसका अर्थ है कि यदि व्यक्ति में स्वयं बड़प्पन के गुण न हों तो केवल कुल की प्रतिष्ठा किसी काम नहीं आती। फूल अपने गुणों — सुगंध, सौंदर्य और परोपकार — के कारण सबका प्रिय है। अतः बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से ही पहचाना जाता है।

खहो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग या एक से अधिक उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?Show solution

चर्चा के लिए सुझाव:

यह प्रश्न समूह-चर्चा पर आधारित है। विद्यार्थी निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा कर सकते हैं —

  1. प्रश्न 1 में 'काँटा उँगलियों को छेदता है' — यह कविता की पंक्तियों पर सीधे आधारित है, इसलिए यह उत्तर सबसे स्पष्ट है।
  2. प्रश्न 2 में दो उत्तर सही हो सकते हैं क्योंकि कविता में दोनों बातें कही गई हैं — एक ही पौधे पर उगना और समान देखभाल मिलना।
  3. प्रश्न 3 और 4 में कविता का मूल संदेश — कर्म और गुण ही सम्मान का आधार हैं — स्पष्ट रूप से झलकता है।

विद्यार्थी अपने-अपने तर्क देकर बताएँ कि उन्होंने कौन-सा उत्तर क्यों चुना।

पंक्तियों पर चर्चा

कनिम्नलिखित पंक्तियों का अर्थ अपने शब्दों में लिखिए —
"मेह उन पर है बरसता एक सा,
एक सी उन पर हवायें हैं बही।
पर सदा ही यह दिखाता है हमें,
ढंग उनके एक से होते नहीं।"
Show solution

अर्थ:

इन पंक्तियों में कवि कह रहे हैं कि फूल और काँटे दोनों पर वर्षा समान रूप से बरसती है और दोनों पर एक जैसी हवाएँ बहती हैं। अर्थात् प्रकृति दोनों के साथ कोई भेदभाव नहीं करती। परंतु फिर भी दोनों के स्वभाव और आचरण एक जैसे नहीं होते।

भाव: यह पंक्तियाँ मनुष्य जीवन पर भी लागू होती हैं। एक ही परिवार में, एक ही परिवेश में पले-बढ़े दो व्यक्तियों को समान अवसर, समान शिक्षा और समान संसाधन मिल सकते हैं, फिर भी उनके स्वभाव, कर्म और व्यवहार अलग-अलग हो सकते हैं। यह उनकी अपनी सोच और चुनाव पर निर्भर करता है।

खनिम्नलिखित पंक्ति का अर्थ अपने शब्दों में लिखिए —
"किस तरह कुल की बढ़ाई काम दे,
जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।"
Show solution

अर्थ:

इन पंक्तियों में कवि कह रहे हैं कि यदि किसी व्यक्ति में स्वयं बड़प्पन की कमी हो — अर्थात् उसके अपने गुण, आचरण और कर्म अच्छे न हों — तो उसके कुल (परिवार या वंश) की प्रतिष्ठा उसके किसी काम नहीं आती।

भाव: केवल अच्छे घराने में जन्म लेने से कोई महान नहीं बनता। महानता व्यक्ति के अपने गुणों, कर्मों और व्यवहार से आती है। जैसे फूल और काँटा एक ही पौधे पर उगते हैं, परंतु फूल अपने गुणों के कारण सबका प्रिय है और काँटा अपने कठोर स्वभाव के कारण सबको कष्ट देता है।

मेलकर करें मिलान

1इस कविता में 'फूल' और 'काँटा' प्रतीक के रूप में प्रयोग किए गए हैं। फूल और काँटा किस-किस के प्रतीक हो सकते हैं — उपयुक्त प्रतीकों से जोड़िए।Show solution

फूल के प्रतीक (सकारात्मक भाव):

  • दया
  • परोपकार
  • प्रेम
  • अच्छाई
  • सुख
  • सुंदरता
  • कोमलता
  • प्रसन्नता
  • आनंद

काँटे के प्रतीक (नकारात्मक भाव):

  • स्वार्थ
  • बुराई
  • दुख
  • कठोरता
  • पीड़ा

स्पष्टीकरण: फूल अपनी सुगंध, सौंदर्य और कोमलता से सबको प्रसन्नता देता है, इसलिए वह दया, प्रेम, परोपकार, अच्छाई, सुख, सुंदरता, कोमलता, प्रसन्नता और आनंद का प्रतीक है। काँटा अपनी कठोरता और चुभन से कष्ट देता है, इसलिए वह स्वार्थ, बुराई, दुख, कठोरता और पीड़ा का प्रतीक है।

सोच-विचार के लिए

ककविता में ऐसी कौन-कौन सी समानताओं का उल्लेख किया गया है जो सभी पौधों पर समान रूप से लागू होती हैं?Show solution

उत्तर:

कविता में निम्नलिखित समानताओं का उल्लेख किया गया है जो फूल और काँटे दोनों पर समान रूप से लागू होती हैं —

  1. जन्म स्थान: दोनों एक ही जगह जन्म लेते हैं — 'हैं जनम लेते जगह में एक ही।'
  2. पालन-पोषण: एक ही पौधा दोनों को पालता है — 'एक ही पौधा उन्हें है पालता।'
  3. चाँदनी: दोनों पर एक जैसी चाँदनी पड़ती है — 'एक ही सी चाँदनी है डालता।'
  4. वर्षा: दोनों पर वर्षा समान रूप से होती है — 'मेह उन पर है बरसता एक सा।'
  5. हवा: दोनों पर एक जैसी हवाएँ बहती हैं — 'एक सी उन पर हवायें हैं बही।'

इस प्रकार प्रकृति दोनों के साथ कोई भेदभाव नहीं करती।

खआपको फूल और काँटे के स्वभाव में मुख्य रूप से कौन-सा अंतर दिखाई दिया?Show solution

उत्तर:

फूल और काँटे के स्वभाव में मुख्य अंतर निम्नलिखित है —

फूलकाँटा
फूल कोमल और सुंदर होता है।काँटा कठोर और नुकीला होता है।
फूल अपनी सुगंध से सबको प्रसन्न करता है।काँटा उँगलियों को छेदता और वस्त्र फाड़ता है।
फूल तितलियों और भँवरों को अपने पास बुलाता है।काँटा सबको दूर भगाता है।
फूल देवताओं के चरणों में चढ़ाया जाता है।काँटा सबकी आँखों में खटकता है।
फूल परोपकारी स्वभाव का है।काँटा स्वार्थी और हानिकारक स्वभाव का है।

मुख्य अंतर: फूल का स्वभाव देने वाला और प्रसन्नता फैलाने वाला है, जबकि काँटे का स्वभाव कष्ट देने वाला है।

गकविता में मुख्य रूप से कौन-सी बात कही गई है? उसे पहचानिए, समझिए और अपने शब्दों में लिखिए।Show solution

उत्तर:

इस कविता में कवि अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' ने फूल और काँटे के माध्यम से मनुष्य के स्वभाव और कर्म का संदेश दिया है।

मुख्य बात: कविता का मुख्य संदेश यह है कि एक ही परिवार या परिवेश में जन्म लेने वाले दो व्यक्तियों के स्वभाव और कर्म अलग-अलग हो सकते हैं। जैसे फूल और काँटा एक ही पौधे पर उगते हैं, उन्हें समान वर्षा, हवा और चाँदनी मिलती है, फिर भी फूल अपनी सुगंध और सौंदर्य से सबको प्रसन्न करता है और काँटा अपनी कठोरता से सबको कष्ट देता है।

कवि यह भी कहते हैं कि व्यक्ति की पहचान उसके कुल (परिवार) से नहीं, बल्कि उसके अपने गुणों और कर्मों से होती है। जो व्यक्ति अच्छे कार्य करता है, वही समाज में सम्मान पाता है।

घ"किस तरह कुल की बढ़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर!" उदाहरण देकर समझाइए।Show solution

उत्तर:

अर्थ: इस पंक्ति का अर्थ है कि यदि किसी व्यक्ति में स्वयं बड़प्पन के गुण न हों तो उसके कुल (परिवार या वंश) की प्रतिष्ठा उसके किसी काम नहीं आती।

उदाहरण 1: मान लीजिए किसी बड़े और प्रतिष्ठित परिवार का बेटा है। उसके पूर्वज बहुत महान और परोपकारी थे। परंतु वह स्वयं झूठ बोलता है, दूसरों को कष्ट देता है और स्वार्थी है। तो उसके परिवार की प्रतिष्ठा उसे सम्मान नहीं दिला सकती। लोग उसे उसके कर्मों के आधार पर ही जानेंगे।

उदाहरण 2: इसके विपरीत, एक साधारण परिवार का बच्चा यदि मेहनती, ईमानदार और परोपकारी है, तो वह अपने गुणों से न केवल स्वयं प्रसिद्ध होता है, बल्कि अपने परिवार का नाम भी रोशन करता है।

निष्कर्ष: व्यक्ति की असली पहचान उसके अपने गुणों और कर्मों से होती है, केवल कुल के नाम से नहीं।

ड"है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर!" लोग कैसे स्वभाव के व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं और कैसे स्वभाव वाले व्यक्तियों से दूर रहना पसंद करते हैं?Show solution

उत्तर:

पंक्ति का अर्थ: 'एक सब की आँख में खटकता है' — अर्थात् काँटा सबको चुभता है, सब उससे दूर रहना चाहते हैं। 'दूसरा सुर के शीश पर सोहता है' — अर्थात् फूल देवताओं के सिर पर सजाया जाता है, सब उसे प्रेम करते हैं।

जिन स्वभाव के व्यक्तियों की प्रशंसा होती है:

  • जो दूसरों की मदद करते हैं (परोपकारी)।
  • जो सबके साथ प्रेम और सहानुभूति से पेश आते हैं।
  • जो विनम्र, दयालु और उदार होते हैं।
  • जो अपनी प्रतिभा और गुणों से समाज को लाभ पहुँचाते हैं।
  • जो सच बोलते हैं और ईमानदार होते हैं।

जिन स्वभाव के व्यक्तियों से लोग दूर रहना पसंद करते हैं:

  • जो दूसरों को कष्ट देते हैं।
  • जो स्वार्थी, क्रूर और कठोर होते हैं।
  • जो झूठ बोलते हैं और दूसरों को धोखा देते हैं।
  • जो ईर्ष्यालु और घमंडी होते हैं।

निष्कर्ष: फूल जैसे स्वभाव वाले व्यक्ति — जो सबको प्रसन्नता देते हैं — सबके प्रिय होते हैं। काँटे जैसे स्वभाव वाले व्यक्ति — जो सबको कष्ट देते हैं — सबकी आँखों में खटकते हैं।

अनुमान और कल्पना से

ककल्पना कीजिए कि चाँदनी, हवा और मेघ केवल एक पौधे पर बरसते हैं। बाकी पौधे इन सबके बिना कैसे दिखेंगे और उनके जीवन पर इसका क्या प्रभाव होगा?Show solution

उत्तर:

यदि चाँदनी, हवा और मेघ केवल एक पौधे पर बरसें तो —

  • बाकी पौधे पानी के बिना सूख जाएँगे। उनकी पत्तियाँ पीली पड़ जाएँगी और वे मुरझा जाएँगे।
  • हवा के बिना उनमें परागण नहीं होगा, फूल नहीं खिलेंगे और फल नहीं लगेंगे।
  • चाँदनी के बिना रात में उन्हें शीतलता नहीं मिलेगी।
  • धीरे-धीरे वे पौधे मर जाएँगे और उस क्षेत्र में हरियाली समाप्त हो जाएगी।

मानवीय संदर्भ: यह स्थिति उस समाज जैसी होगी जहाँ सुख-सुविधाएँ और अवसर केवल कुछ लोगों को मिलें। बाकी लोग पिछड़ जाएँगे और समाज में असमानता बढ़ेगी।

खयदि सभी पौधे एक जैसे होते तो दुनिया कैसी लगती?Show solution

उत्तर:

यदि सभी पौधे एक जैसे होते तो —

  • दुनिया बहुत नीरस और उबाऊ लगती। रंग-बिरंगे फूलों की विविधता न होती।
  • हर मौसम में एक जैसे फल और सब्जियाँ मिलतीं, जिससे खाने में विविधता नहीं होती।
  • जंगल, बगीचे और खेत सब एक जैसे दिखते।
  • पर्यावरण में विविधता न होने से अनेक जीव-जंतुओं का जीवन भी प्रभावित होता।

निष्कर्ष: विविधता ही प्रकृति की सुंदरता है। उसी प्रकार मनुष्यों में भी विभिन्न प्रकार के स्वभाव और गुण होते हैं, जो समाज को रोचक और संपूर्ण बनाते हैं।

गयदि काँटे न होते और हर पौधा केवल फूलों से भरा होता तो क्या होता?Show solution

उत्तर:

यदि काँटे न होते तो —

  • पौधों की सुरक्षा नहीं होती। जानवर और कीड़े आसानी से पौधों को नष्ट कर देते।
  • काँटे पौधों के लिए एक प्राकृतिक रक्षा कवच का काम करते हैं।
  • बिना काँटों के फूलों की कद्र कम हो जाती। जब कठिनाई न हो तो सुख का महत्व भी कम लगता है।
  • जीवन में संघर्ष का अनुभव न होने से हम कठिनाइयों का सामना करना नहीं सीख पाते।

निष्कर्ष: काँटे भले ही कष्टदायक लगते हैं, परंतु वे पौधे की रक्षा करते हैं। उसी प्रकार जीवन में कठिनाइयाँ हमें मजबूत बनाती हैं।

घकल्पना कीजिए कि एक तितली काँटे से मित्रता करना चाहती है, उनके बीच कैसा संवाद होगा?Show solution

उत्तर — काल्पनिक संवाद:

तितली: नमस्ते काँटे भाई! मैं तुमसे मित्रता करना चाहती हूँ।

काँटा: (आश्चर्य से) मुझसे? सब तो मुझसे दूर भागते हैं। तुम क्यों मेरे पास आना चाहती हो?

तितली: क्योंकि मैं जानती हूँ कि तुम भी इस पौधे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो। तुम पौधे की रक्षा करते हो।

काँटा: (उदास होकर) परंतु सब मुझे बुरा समझते हैं। फूल को सब प्यार करते हैं, मुझे कोई नहीं।

तितली: काँटे भाई, यदि तुम अपनी कठोरता को सुरक्षा के लिए उपयोग करो न कि दूसरों को कष्ट देने के लिए, तो लोग तुम्हें भी समझेंगे। हर किसी का अपना महत्व होता है।

काँटा: (प्रसन्न होकर) धन्यवाद तितली! तुमने मुझे एक नई दृष्टि दी।

डकल्पना कीजिए कि आपको किसी काँटे, फूल या दोनों के गुणों के साथ जीवन जीने का अवसर मिलता है। आप किसके गुणों को अपनाना चाहेंगे? कारण सहित बताइए।Show solution

उत्तर:

मैं दोनों के गुणों को अपनाना चाहूँगा/चाहूँगी।

फूल के गुण जो अपनाना चाहूँगा/चाहूँगी:

  • दूसरों के प्रति दयालु और प्रेमपूर्ण व्यवहार।
  • अपनी प्रतिभा और ज्ञान से दूसरों को लाभ पहुँचाना।
  • विनम्रता और मधुर स्वभाव।

काँटे के गुण जो अपनाना चाहूँगा/चाहूँगी:

  • दृढ़ता और आत्मरक्षा की क्षमता।
  • अन्याय के सामने न झुकना।
  • कठिन परिस्थितियों में भी टिके रहना।

कारण: जीवन में केवल कोमलता से काम नहीं चलता। कभी-कभी दृढ़ता और साहस भी आवश्यक होता है। फूल की तरह दूसरों को प्रसन्नता देना और काँटे की तरह अन्याय का सामना करना — दोनों मिलकर एक संपूर्ण व्यक्तित्व बनाते हैं।

शब्द से जुड़े शब्द — बड़प्पन

1'बड़प्पन' से जुड़े शब्द रिक्त स्थानों में लिखिए।

Free with a Super Tutor account

2नीचे दिए गए शब्दों में से जो शब्द 'बड़प्पन' का भाव व्यक्त करते हैं उन पर गोला बनाइए और जो नहीं करते उनके नीचे रेखा खींचिए:
सहनशीलता, दया, अहंकार, विश्वास, घमंड, ईर्ष्या, द्रेष, प्रतिशोध, क्रूरता, उदारता, विनम्रता, त्याग, संतोष, समर्पण, आदर, सम्मान, निष्ठा, परोपकार, सद्भावना, स्वार्थ, अपमान, अविश्वास, झूठ, अधीरता, लालच, झगड़ालूपन

Free with a Super Tutor account

कविता की रचना

ककविता की विशेषताओं की सूची बनाइए।

Free with a Super Tutor account

खकविता की विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए।

Free with a Super Tutor account

कविता का सौंदर्य

क(1)नीचे दी गई पंक्तियों में रिक्त स्थान भरिए — उपयुक्त शब्द पर घेरा बनाइए:
"हैं जनम लेते जगह में एक ही,
एक ही पौधा उन्हें है पालता।
— में उन पर चमकता — भी, (रात, रात्रि, रजनी, निशा) (शाशि, चंद्रमा, चाँद, राकेश, इंदु)
एक ही सी चाँदनी है डालता।"

Free with a Super Tutor account

क(2)नीचे दी गई पंक्तियों में रिक्त स्थान भरिए — उपयुक्त शब्द पर घेरा बनाइए:
"———— उन पर है बरसता एक सा, (मेह, बादल, मेघ, जलद)
एक सी उन पर ———— हैं बही। (वायु, पवन, समीर, मारुत, बयारें, हवायें)
पर सदा ही यह दिखाता है हमें,
ढंग उनके एक से होते नहीं।"

Free with a Super Tutor account

खकौन-सा शब्द रिक्त स्थानों में सबसे अधिक साथियों को जाँच रहा है और क्यों?

Free with a Super Tutor account

विशेषण

कनीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों की पहचान करके लिखिए:
1. भौर का है बेध देता श्याम तन
2. फाड़ देता है किसी का वर बसन
3. भौर को अपना अनूठा रस पिला
4. निज सुगंधों और निराले ढंग से

Free with a Super Tutor account

खनीचे दिए गए विशेष्यों के लिए अपने मन से विशेषण सोचकर लिखिए:
1. फूल
2. काँटा
3. मेह
4. चाँद
5. रात

Free with a Super Tutor account

पाठ से आगे — आपकी बात

कयदि आपको फूल और काँटे में से किसी एक को चुनना हो तो आप किसे चुनेंगे और क्यों?

Free with a Super Tutor account

खकविता में बताया गया है कि फूल अपनी सुगंध और व्यवहार से चारों ओर प्रसन्नता और आनंद फैला देता है। आप अपने मित्रों या परिवार के जीवन में प्रसन्नता और आनंद लाने के लिए क्या-क्या करते हैं और क्या-क्या कर सकते हैं?

Free with a Super Tutor account

ग'फूल' और 'काँटे' एक-दूसरे से बिलकुल भिन्न हैं फिर भी साथ-साथ पाए जाते हैं। अपने आस-पास से ऐसे अन्य उदाहरण दीजिए।

Free with a Super Tutor account

घ"छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ, फाड़ देता है किसी का वर बसन।" आप अपने आस-पास की किसी समस्या का वर्णन कीजिए जिसे आप 'काँटे' के समान महसूस करते हैं। उस समस्या का समाधान भी सुझाइए।

Free with a Super Tutor account

सृजन

कइस कविता के बारे में एक चित्र बनाइए।

Free with a Super Tutor account

खमान लीजिए कि फूल और काँटे के बीच बातचीत हो रही है। उनकी बातचीत या संवाद अपनी कल्पना से लिखिए।

Free with a Super Tutor account

वाद-विवाद

1विषय: 'जीवन में फूल और काँटे, दोनों की आवश्यकता होती है' — इस विषय पर वाद-विवाद के लिए तर्क तैयार कीजिए।

Free with a Super Tutor account

आज की पहेली

1नीचे दिए गए पेड़-पौधों के विवरण को उनके सही नामों से मिलाइए जिनमें फूल और काँटे साथ-साथ पाए जाते हैं: बबूल, गुलाब, नागफनी, बेर, करौंदा, नीबू।

Free with a Super Tutor account

17 more solved questions in फूल और काँटा (कविता)-अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'

They are free with a Super Tutor account, along with practice quizzes and flashcards for this chapter. Free to start, no card needed.

Frequently Asked Questions

What are the important topics in फूल और काँटा (कविता)-अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' for CBSE Class 7 Hindi?
Key topics in फूल और काँटा (कविता)-अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' include कविता का मुख्य भाव, फूल और काँटे के गुणों का अंतर, कवि परिचय. Study these first, then practise questions on each for Class 7 exams.
Are these NCERT Solutions for फूल और काँटा (कविता)-अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' free?
The first 18 of the 35 solutions on this page are open to read. The other 17 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise फूल और काँटा (कविता)-अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' for Class 7 exams?
Learn the core ideas first, then work through the 43 practice questions on फूल और काँटा (कविता)-अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'. Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

For serious students

Get the full फूल और काँटा (कविता)-अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' chapter — start free.

Quizzes, flashcards, an AI doubt solver and a study plan for CBSE Class 7 Hindi. Free to start, no card needed.