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Chapter 5 of 10
NCERT Solutions

नहीं होना बीमार (कहानी)-स्वयं प्रकाश — NCERT Solutions

CBSE · Class 7 · Hindi

NCERT Solutions for नहीं होना बीमार (कहानी)-स्वयं प्रकाश, CBSE Class 7 Hindi: 59 textbook questions solved step by step.

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59 Questions Solved · 21 Sections

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पाठ से — मेरी समझ से

(क)(1)बच्चे के विद्यालय न जाने का मुख्य कारण क्या था?Show solution

सही उत्तर: उसका विद्यालय जाने का मन नहीं था।

कहानी में बच्चे ने जानबूझकर बीमारी का बहाना बनाया क्योंकि उसका स्कूल जाने का मन नहीं था। उसने सोचा कि बीमार पड़ने का नाटक करके वह घर पर आराम कर सकता है और साबूदाने की खीर खा सकता है। अतः मूल कारण विद्यालय न जाने की इच्छा थी।

(क)(2)कहानी के अंत में बच्चे ने कहा, 'इसके बाद स्कूल से छुट्टी मारने के लिए मैंने बीमारी का बहाना कभी नहीं बनाया।' बच्चे ने यह निर्णय लिया क्योंकि—Show solution

सही उत्तर: झूठ बोलने से झूठ के खुलने का डर हमेशा बना रहता है। तथा इस बहाने के कारण उसे दिनभर अकेले और भूखे रहना पड़ा।

(इस प्रश्न के एक से अधिक उत्तर हो सकते हैं।)

बच्चे को पूरे दिन भूखा रहना पड़ा, अकेलापन झेलना पड़ा और यह डर भी बना रहा कि कहीं उसका झूठ पकड़ा न जाए। इन दोनों अनुभवों ने उसे सीख दी कि बहाना बनाना लाभदायक नहीं होता।

(क)(3)'लेटे-लेटे पीठ दुखने लगी' इस बात से बच्चे के बारे में क्या पता चलता है?Show solution

सही उत्तर: उसे बिस्तर पर लेटे रहने के कारण ऊब हो गई थी।

बच्चा वास्तव में बीमार नहीं था, इसलिए उसे बिस्तर पर लेटे रहना अच्छा नहीं लग रहा था। लंबे समय तक लेटे रहने से उसकी पीठ दुखने लगी, जो यह दर्शाता है कि वह ऊब गया था और उसे बिस्तर पर रहना बोझिल लग रहा था।

(क)(4)'क्या ठाठ हैं बीमारों के भी!' बच्चे के मन में यह बात आई क्योंकि—Show solution

सही उत्तर: बीमार व्यक्ति को बहुत आराम करने को मिलता है। तथा बीमार व्यक्ति को अच्छे खाने का आनंद मिलता है।

(इस प्रश्न के एक से अधिक उत्तर हो सकते हैं।)

बच्चे ने अस्पताल में सुधाकर काका को साफ-सुथरे बिस्तर पर आराम करते और साबूदाने की खीर खाते देखा था। इसी से उसके मन में यह विचार आया कि बीमार होने पर आराम और अच्छा खाना दोनों मिलते हैं।

(ख)हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?Show solution

यह एक समूह-चर्चा गतिविधि है। विद्यार्थी अपने-अपने उत्तरों के कारण बताएँ।

संकेत: प्रत्येक विद्यार्थी अपने चुने हुए उत्तर के पक्ष में कहानी से प्रमाण देते हुए तर्क प्रस्तुत करे। उदाहरण के लिए—

  • प्रश्न (1) में यदि किसी ने 'साबूदाने की खीर खाने का मन था' चुना है तो वह बता सकता है कि बच्चे ने सुधाकर काका को खीर खाते देखकर ही बीमारी का बहाना बनाने की योजना बनाई थी।
  • इस प्रकार सभी उत्तरों पर खुलकर चर्चा करें और कहानी के आधार पर सबसे उचित उत्तर तय करें।

मिलकर करें मिलान

1पाठ में दिए गए शब्दों को उनके सही अर्थों से मिलाइए।Show solution

सही मिलान इस प्रकार है:

शब्दअर्थ
1. साबूदाना8. सागू नामक वृक्ष के तने का गूदा, सागूदाना, यह पहले आटे के रूप में होता है और फिर कूटकर दानों के रूप में सुखा लिया जाता है।
2. वार्ड1. किसी विशिष्ट कार्य के लिए घेरकर बनाया हुआ स्थान।
3. नर्स9. वह व्यक्ति जो रोगियों, घायलों या वृद्धों आदि की देखभाल करे।
4. रजाई2. एक प्रकार का जाड़े का ओढ़ना जिसका कपड़ा दोहरा होता है और जिसमें रुई भरी होती है।
5. थर्मामीटर3. शरीर का तापमान (जैसे बुखार) नापने का एक छोटा यंत्र।
6. काढ़ा4. कई तरह की जड़ी-बूटियों और औषधियों को उबालकर उनके रस से बना पेय।
7. ड्राइक्लीनर5. रेशमी, ऊनी, मलमल जैसे नाजुक कपड़ों को पानी, साबुन और डिटर्जेंट के बिना मशीनों से साफ करने वाला व्यक्ति।
8. ताजमहल6. उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में स्थित 17वीं सदी में निर्मित एक विश्व-प्रसिद्ध स्मारक जो सफेद संगमरमर से बना है।
9. अरहर7. एक दाल जिसे तुअर भी कहते हैं।

पंक्तियों पर चर्चा

(क)'मैंने सोचा बीमार पड़ने के लिए आज का दिन बिलकुल ठीक रहेगा। चलो बीमार पड़ जाते हैं!' — इन पंक्तियों का अर्थ लिखिए।Show solution

अर्थ: इन पंक्तियों में बच्चे की मनोदशा का बड़ा ही हास्यपूर्ण चित्रण है। सामान्यतः बीमारी अपनी इच्छा से नहीं आती, परंतु यहाँ बच्चा जानबूझकर बीमार पड़ने की 'योजना' बना रहा है। वह स्कूल से बचने के लिए बीमारी को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाहता है। इन पंक्तियों से यह भी पता चलता है कि बच्चा बहुत चालाक और कल्पनाशील है — वह सोचता है कि बीमारी का नाटक करके वह घर पर आराम कर सकता है। यह पंक्तियाँ बच्चे की मासूम शरारत और उसकी सोच की सरलता को दर्शाती हैं।

(ख)'देखो! उन्होंने एक बार भी आकर नहीं पूछा कि तू क्या खाएगा?...' — इन पंक्तियों का अर्थ लिखिए।Show solution

अर्थ: इन पंक्तियों में बच्चे की भूख, निराशा और मन की बेचैनी का बड़ा ही रोचक वर्णन है। बच्चे ने बीमारी का बहाना इसलिए बनाया था ताकि उसे साबूदाने की खीर मिले और आराम करने को मिले। परंतु नानाजी ने कह दिया कि बीमार को कुछ नहीं खाना चाहिए। बच्चा मन ही मन सोच रहा है कि वह कोई बड़ी माँग नहीं कर रहा था — बस साबूदाने की खीर चाहता था, 'ताजमहल' नहीं माँग रहा था। 'विकार निकल जाएँ बस, चाहे इस चक्कर में तुम खुद शिकार हो जाओ' — यह पंक्ति बहुत व्यंग्यपूर्ण है। इसमें बच्चे की खीझ और भूख दोनों झलकती हैं। यह पंक्तियाँ कहानी को हास्यरस से भर देती हैं।

सोच-विचार के लिए

(क)अस्पताल में बच्चे को कौन-कौन सी चीजें अच्छी लगीं और क्यों?Show solution

उत्तर:

अस्पताल में बच्चे को निम्नलिखित चीजें अच्छी लगीं:

  1. साफ-सुथरा वातावरण — अस्पताल में न ट्रैफिक का शोरगुल था, न धूल, न मच्छर-मक्खी। यह शांत और स्वच्छ वातावरण बच्चे को बहुत भाया।
  1. बड़ी-बड़ी खिड़कियाँ और हरे पेड़ — खिड़कियों के बाहर हरे-हरे पेड़ हवा में झूम रहे थे, जो बच्चे को बहुत सुंदर लगे।
  1. शांति — केवल लोगों के धीरे-धीरे बातचीत करने की धीमी-धीमी गुनगुनाहट थी, बाकी एकदम शांति थी।
  1. साबूदाने की खीर — सुधाकर काका को साबूदाने की खीर खाते देखकर बच्चे के मन में भी खीर खाने की तीव्र इच्छा जागी।
  1. सुधाकर काका का स्वागत — सुधाकर काका ने उन्हें देखकर प्रसन्नता व्यक्त की, जिससे बच्चे को अच्छा लगा।

इन सब बातों से बच्चे को लगा कि 'क्या ठाठ हैं बीमारों के भी!'

(ख)कहानी के अंत में बच्चे को महसूस हुआ कि उसे स्कूल जाना चाहिए था। क्या आपको लगता है कि उसका निर्णय सही था? क्यों?Show solution

उत्तर: हाँ, बच्चे का यह निर्णय बिल्कुल सही था।

कारण:

  1. बच्चे ने पूरा दिन भूखे रहकर, अकेले लेटे-लेटे बिताया। यह बहुत कष्टदायक था।
  2. स्कूल में उसके मित्र होते, पढ़ाई होती, खेल होता और टेले पर नमक-मिर्च वाले अमरूद भी मिलते।
  3. झूठ बोलने से मन में अपराध-बोध और डर बना रहा।
  4. बहाना बनाने से जो सुख की कल्पना की थी, वह वास्तव में मिली नहीं — न खाना मिला, न मनोरंजन।
  5. इस अनुभव से उसे सीख मिली कि झूठ और बहाने से कभी लाभ नहीं होता।

अतः स्कूल जाना ही उसके लिए बेहतर होता।

(ग)जब बच्चा बीमार पड़ने का बहाना बनाकर बिस्तर पर लेटा रहा तो उसके मन में कौन-कौन से भाव आ रहे थे?Show solution

उत्तर: बच्चे के मन में निम्नलिखित भाव आ रहे थे:

  1. उत्साह और प्रसन्नता (शुरुआत में) — बहाना सफल होने पर वह खुश था।
  1. लालच — साबूदाने की खीर खाने की तीव्र इच्छा।
  1. ऊब — लेटे-लेटे पीठ दुखने लगी, कुछ करने को नहीं था।
  1. ईर्ष्या — खिड़की से मुन्नू को आम खाते देखकर ईर्ष्या हुई।
  1. भूख और निराशा — खाना न मिलने पर मन में खीझ और दुख।
  1. पछतावा — धीरे-धीरे उसे लगने लगा कि उसने गलत किया।
  1. भय — झूठ पकड़े जाने का डर।
  1. अकेलापन — घर में अकेले रहना उसे अच्छा नहीं लगा।
(घ)कहानी में बच्चे ने सोचा था कि 'ठाठ से साफ-सुथरे बिस्तर पर लेटे रहो और साबूदाने की खीर खाते रहो।' आपको क्या लगता है, असल में बीमार हो जाने और इस बच्चे की सोच में कौन-कौन सी समानताएँ और अंतर होंगे?Show solution

उत्तर:

समानताएँ:

  • बीमार होने पर भी बिस्तर पर लेटना पड़ता है — बच्चे की कल्पना में भी यही था।
  • बीमार होने पर हल्का भोजन (जैसे खीर, दलिया) दिया जाता है — बच्चे ने भी यही सोचा था।
  • बीमार होने पर स्कूल नहीं जाना पड़ता — यह भी सच है।

अंतर:

  • कल्पना में: आराम मिलेगा, खीर मिलेगी, मजे होंगे।
  • वास्तविकता में: शरीर में दर्द होता है, कमजोरी आती है, कुछ अच्छा नहीं लगता।
  • कल्पना में: सब लोग ध्यान रखेंगे और पूछेंगे।
  • वास्तविकता में: नानाजी ने खाना देने से मना कर दिया।
  • कल्पना में: मनोरंजन होगा।
  • वास्तविकता में: अकेलापन और ऊब थी।

इस प्रकार बच्चे की कल्पना और वास्तविकता में बहुत अंतर था।

(ड)नानीजी और नानाजी ने बच्चे को बीमारी की दवा दी और उसे आराम करने को कहा। बच्चे को खाना नहीं दिया गया। क्या आपको लगता है कि उन्होंने सही किया?Show solution

उत्तर: नानाजी और नानीजी ने जो किया, उसके दो पक्ष हैं:

सही पक्ष:

  • बीमारी में हल्का भोजन या उपवास करने से शरीर को आराम मिलता है और पाचन तंत्र ठीक होता है — यह एक पुरानी और प्रचलित मान्यता है।
  • उन्होंने दवाई दी और आराम करने को कहा — यह उचित था।
  • उनका उद्देश्य बच्चे को जल्दी ठीक करना था।

दूसरा पक्ष:

  • यदि बच्चा सच में बीमार होता तो उसे पोषण की आवश्यकता होती।
  • आधुनिक चिकित्सा के अनुसार बीमारी में भी हल्का-फुल्का पौष्टिक भोजन देना चाहिए।

निष्कर्ष: नानाजी-नानीजी ने अपनी समझ और परंपरागत ज्ञान के अनुसार सही किया। उनका इरादा बच्चे की भलाई का था।

अनुमान और कल्पना से

(क)कहानी के अंत में बच्चा नानाजी और नानीजी को सब कुछ सच-सच बताने का निर्णय कर लेता तो कहानी में आगे क्या होता?Show solution

उत्तर (कल्पना के आधार पर):

यदि बच्चा सब कुछ सच बता देता तो:

  1. पहले तो नानाजी और नानीजी को थोड़ा आश्चर्य और शायद हल्का गुस्सा आता।
  2. फिर वे बच्चे की ईमानदारी की प्रशंसा करते।
  3. बच्चे को तुरंत खाना मिल जाता — शायद साबूदाने की खीर भी।
  4. नानाजी उसे समझाते कि झूठ बोलना और बहाना बनाना गलत है।
  5. बच्चे का मन हल्का हो जाता और वह दिन आनंद से बिताता।
  6. अगले दिन वह खुशी-खुशी स्कूल जाता।
  7. इस अनुभव से उसे सीख मिलती कि सच बोलने से समस्याएँ सुलझती हैं।
(ख)कहानी में बच्चे की नानीजी के स्थान पर आप हैं। आप सारे नाटक को समझ गए हैं लेकिन चाहते हैं कि बच्चा सारी बात आपको स्वयं बता दे। अब आप क्या करेंगे?Show solution

उत्तर (कल्पना के आधार पर):

यदि मैं नानीजी की जगह होता/होती तो:

  1. भोजन की सुगंध का उपयोग: रसोई में बच्चे की पसंदीदा चीज — साबूदाने की खीर — बनाना शुरू करती और उसकी खुशबू पूरे घर में फैला देती।
  1. बातचीत का तरीका: बच्चे के पास जाकर प्यार से पूछती — 'बेटा, सच बताओ, क्या सच में बुखार है या कोई और बात है? मुझे बताओ, मैं डाँटूँगी नहीं।'
  1. कहानी सुनाना: उसे किसी ऐसे बच्चे की कहानी सुनाती जिसने झूठ बोला और बाद में पछताया।
  1. विश्वास दिलाना: कहती — 'जो भी बात हो, नानी को बताओ। नानी हमेशा तुम्हारी मदद करेगी।'

इस तरह बच्चा स्वयं सारी बात बता देता।

(ग)कहानी में बच्चे के स्थान पर आप हैं और घर में अकेले हैं। अब आप ऊबने से बचने के लिए क्या-क्या करेंगे?Show solution

उत्तर:

यदि मैं घर में अकेला/अकेली होता/होती तो ऊबने से बचने के लिए निम्नलिखित काम करता/करती:

  1. पढ़ाई या किताब पढ़ना — कोई रोचक कहानी की किताब पढ़ता/पढ़ती।
  2. चित्र बनाना — अपनी पसंदीदा चीजों के चित्र बनाता/बनाती।
  3. संगीत सुनना — अपने पसंदीदा गाने सुनता/सुनती।
  4. गृहकार्य पूरा करना — स्कूल का बचा हुआ काम पूरा करता/करती।
  5. खिलौनों से खेलना — घर में उपलब्ध खिलौनों या पहेलियों से खेलता/खेलती।
  6. डायरी लिखना — अपने विचार और अनुभव डायरी में लिखता/लिखती।
  7. घर की छोटी-मोटी सफाई — अपना कमरा साफ करता/करती।
(घ)कहानी के अंत में बच्चे को लगा कि उसे स्कूल जाना चाहिए था। कल्पना कीजिए, अगर वह स्कूल जाता तो उसका दिन कैसा होता?Show solution

उत्तर (कल्पना के आधार पर):

यदि बच्चा स्कूल जाता तो:

  1. सुबह नाश्ता करके खुशी-खुशी स्कूल जाता।
  2. रास्ते में दोस्तों से मिलता और बातें करता।
  3. कक्षा में पढ़ाई होती, शायद कोई रोचक विषय पढ़ाया जाता।
  4. मध्यांतर में टेले पर नमक-मिर्च वाले अमरूद खाता।
  5. दोस्तों के साथ खेलता और मस्ती करता।
  6. शाम को घर लौटता तो थका हुआ लेकिन खुश होता।
  7. नानीजी के हाथ का खाना खाता।

अगले दिन स्कूल में: वह अपने दोस्तों को अस्पताल वाली घटना मजेदार तरीके से सुनाता और सब मिलकर हँसते।

(ड)कहानी में नानाजी और नानीजी ने बच्चे की बीमारी ठीक करने के लिए उसे दवाई दी और खाने के लिए कुछ नहीं दिया। अगर आप नानीजी या नानाजी की जगह होते तो क्या-क्या करते?Show solution

उत्तर:

यदि मैं नानीजी या नानाजी की जगह होता/होती तो:

  1. प्यार से पूछता/पूछती — बच्चे से धीरे से पूछता/पूछती कि सच में क्या तकलीफ है।
  2. हल्का भोजन देता/देती — दवाई के साथ थोड़ी साबूदाने की खीर या दलिया जरूर देता/देती ताकि बच्चे को कमजोरी न हो।
  3. मनोरंजन का प्रबंध — बच्चे को अकेला न छोड़ता/छोड़ती, उसके पास बैठकर कहानी सुनाता/सुनाती।
  4. विश्वास का माहौल बनाता/बनाती — बच्चे को यह एहसास दिलाता/दिलाती कि वह कुछ भी बता सकता है, डरने की जरूरत नहीं।
  5. डॉक्टर को दिखाता/दिखाती — यदि बुखार अधिक होता तो डॉक्टर के पास ले जाता/जाती।

कहानी की रचना

(क)इस पाठ को एक बार फिर से पढ़िए और अपने समूह में मिलकर इस पाठ की अन्य विशेषताओं की सूची बनाइए।Show solution

उत्तर — कहानी की विशेषताएँ:

  1. चित्रात्मक भाषा — अस्पताल, गली और घर का जीवंत वर्णन।
  2. हास्यरस — बच्चे की मनोदशा और उसके विचारों में हास्य।
  3. बच्चे द्वारा कल्पना करना — घर और बाहर की गतिविधियों का अनुमान लगाना।
  4. आत्मकथात्मक शैली — कहानी प्रथम पुरुष में लिखी गई है।
  5. पिछली बातों को याद करना — सुधाकर काका की बीमारी की याद।
  6. स्वयं से बातें करना — बच्चा मन ही मन खुद से बातें करता है।
  7. व्यंग्य — 'कोई ताजमहल तो नहीं माँग लेता' जैसे व्यंग्यपूर्ण वाक्य।
  8. सोच में बदलाव — कहानी के अंत में बच्चे की सोच बदल जाती है।
  9. संवाद शैली — पात्रों के बीच स्वाभाविक संवाद।
(ख)कहानी में से निम्नलिखित के लिए उदाहरण खोजकर लिखिए।Show solution

उत्तर:

विशेष बिंदुकहानी में से उदाहरण
बच्चे द्वारा पिछली बातों को याद किया जानाजब बच्चे को सुधाकर काका की बीमारी और उन्हें साबूदाने की खीर मिलने की बात याद आती है।
हास्य यानी हँसी-मजाक का उपयोग किया जाना'कोई ताजमहल तो नहीं माँग लेता' तथा 'चलो बीमार पड़ जाते हैं!'
बच्चे द्वारा सोचने के तरीके में बदलाव आनाकहानी के अंत में बच्चे को लगता है कि उसे स्कूल जाना चाहिए था और वह फिर कभी बीमारी का बहाना नहीं बनाएगा।
कहानी में किसी का किसी बात से अनजान होनानानाजी और नानीजी को नहीं पता कि बच्चा झूठ बोल रहा है (या शायद वे जानते हैं पर अनजान बने रहते हैं)।
बच्चे द्वारा स्वयं से बातें किया जानाजब बच्चा रजाई में लेटे-लेटे सोचता है — 'देखो! उन्होंने एक बार भी आकर नहीं पूछा...'

समस्या और समाधान

(क)बच्चे के सामने क्या समस्या थी? उसने उस समस्या का क्या समाधान निकाला?Show solution

उत्तर:

बच्चे की समस्या: बच्चे का स्कूल जाने का मन नहीं था। वह घर पर रहकर आराम करना और साबूदाने की खीर खाना चाहता था।

समाधान: बच्चे ने बीमारी का बहाना बनाने का निर्णय किया। उसने नानाजी और नानीजी को बताया कि उसे बुखार है, सिरदर्द है और पेट दुख रहा है। इस प्रकार उसने झूठ बोलकर स्कूल से छुट्टी ले ली।

परिणाम: यह समाधान उल्टा पड़ गया — उसे न खाना मिला, न मनोरंजन, और पूरा दिन अकेले भूखे रहना पड़ा।

(ख)नानीजी-नानाजी के सामने क्या समस्या थी? उन्होंने उस समस्या का क्या समाधान निकाला?Show solution

उत्तर:

नानाजी-नानीजी की समस्या: उनके सामने यह समस्या थी कि उनका पोता/नाती बीमार है (या बीमारी का नाटक कर रहा है) और उन्हें उसकी देखभाल करनी है।

समाधान:

  1. उन्होंने थर्मामीटर से बुखार नापने की कोशिश की (थर्मामीटर नहीं मिला)।
  2. नानाजी ने माथा छुआ, पेट देखा और नब्ज देखी।
  3. बच्चे को दवाई दी।
  4. उसे आराम करने को कहा।
  5. खाना न देने का निर्णय किया ताकि शरीर के 'विकार' निकल जाएँ।

इस प्रकार उन्होंने परंपरागत तरीके से बच्चे की 'बीमारी' का उपचार किया।

शब्द से जुड़े शब्द

1नीचे दिए गए स्थानों में 'बीमार' से जुड़े शब्द पाठ में से चुनकर लिखिए।Show solution

उत्तर — 'बीमार' से जुड़े शब्द (पाठ से):

  • बीमारी — बीमार होने की अवस्था
  • बुखार — शरीर का तापमान बढ़ना
  • थर्मामीटर — बुखार नापने का यंत्र
  • दवाई / दवा — बीमारी ठीक करने की औषधि
  • नर्स — रोगी की देखभाल करने वाली
  • वार्ड — अस्पताल का कमरा
  • काढ़ा — जड़ी-बूटियों से बना पेय
  • अस्पताल — बीमारों के इलाज का स्थान
  • नब्ज — नाड़ी की गति
  • साबूदाने की खीर — बीमारी में दिया जाने वाला हल्का भोजन
  • आराम — बीमारी में विश्राम
  • सिरदर्द / पेट दर्द — बीमारी के लक्षण

खोजबीन

(क)कहानी में से वे वाक्य ढूँढ़कर लिखिए जिनसे पता चलता है कि कहानी में सर्दी के मौसम की घटनाएँ बताई गई हैं।Show solution

उत्तर:

निम्नलिखित वाक्यों से सर्दी के मौसम का पता चलता है:

  1. बच्चे का रजाई में लेटे रहना — 'मैं रजाई में पड़ा-पड़ा...'।
  2. नानाजी का रजाई हटाकर माथा छूना — 'नानाजी ने रजाई हटाकर मेरा माथा छुआ।'
  3. सर्दी के मौसम में ही रजाई ओढ़ी जाती है, जो कहानी में बार-बार उल्लिखित है।

(नोट: विद्यार्थी पाठ से सटीक वाक्य खोजकर लिखें।)

(ख)कहानी में से वे वाक्य ढूँढ़कर लिखिए जिनसे पता चलता है कि बच्चे को बहाना बनाने के परिणाम का आभास हो गया।Show solution

उत्तर:

निम्नलिखित वाक्यों से पता चलता है कि बच्चे को परिणाम का आभास हो गया:

  1. 'इसके बाद स्कूल से छुट्टी मारने के लिए मैंने बीमारी का बहाना कभी नहीं बनाया।'
  2. जब बच्चे को पूरे दिन भूखा रहना पड़ा और उसे लगा कि स्कूल जाना बेहतर होता।

(नोट: विद्यार्थी पाठ से सटीक वाक्य खोजकर लिखें।)

(ग)कहानी में से वे वाक्य ढूँढ़कर लिखिए जिनसे पता चलता है कि बच्चे को खाना-पीना बहुत प्रिय है।Show solution

उत्तर:

निम्नलिखित वाक्यों से पता चलता है कि बच्चे को खाना-पीना बहुत प्रिय है:

  1. साबूदाने की खीर खाने की तीव्र इच्छा — 'पूछते तो मैं साबूदाने की खीर ही तो माँगता।'
  2. मुन्नू को आम खाते देखकर ईर्ष्या होना।
  3. स्कूल में टेले पर नमक-मिर्च वाले अमरूद खाने की याद आना।
  4. रसोई से आती खुशबू से रजाई फेंककर झाँकने जाना।

(नोट: विद्यार्थी पाठ से सटीक वाक्य खोजकर लिखें।)

(घ)कहानी में से वे वाक्य ढूँढ़कर लिखिए जिनसे पता चलता है कि बच्चे को स्कूल जाना अच्छा लगता है।Show solution

उत्तर:

निम्नलिखित वाक्यों से पता चलता है कि बच्चे को स्कूल जाना अच्छा लगता है:

  1. कहानी के अंत में बच्चे को लगा कि उसे स्कूल जाना चाहिए था।
  2. स्कूल में दोस्तों के साथ खेलने और टेले पर अमरूद खाने की याद आना।
  3. 'इसके बाद स्कूल से छुट्टी मारने के लिए मैंने बीमारी का बहाना कभी नहीं बनाया।'

(नोट: विद्यार्थी पाठ से सटीक वाक्य खोजकर लिखें।)

शीर्षक

(क)इस कहानी का नाम 'नहीं होना बीमार' है। अपने समूह में चर्चा करके लिखिए कि यह नाम उपयुक्त है या नहीं।Show solution

उत्तर:

हाँ, 'नहीं होना बीमार' शीर्षक इस कहानी के लिए उपयुक्त है।

कारण:

  1. कहानी का मुख्य विषय ही बीमारी का बहाना बनाना है — बच्चा वास्तव में बीमार नहीं था, बस बीमार होने का नाटक कर रहा था।
  2. शीर्षक में एक व्यंग्य छिपा है — 'नहीं होना बीमार' यानी बीमार न होते हुए भी बीमार होने का दिखावा करना।
  3. यह शीर्षक पाठक को कहानी पढ़ने के लिए उत्सुक करता है।
  4. कहानी का संदेश भी यही है कि बीमारी का बहाना बनाना उचित नहीं है।
(ख)यदि आपको इस कहानी को कोई अन्य नाम देना हो तो क्या नाम देंगे?Show solution

उत्तर (कुछ सुझाव):

  1. 'झूठी बीमारी' — क्योंकि बच्चे ने झूठमूठ बीमार होने का नाटक किया।
  1. 'बहाने का फल' — क्योंकि बहाना बनाने का परिणाम बच्चे को भुगतना पड़ा।
  1. 'साबूदाने की खीर' — क्योंकि पूरी कहानी में साबूदाने की खीर एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  1. 'एक दिन की छुट्टी' — क्योंकि बच्चे ने एक दिन की छुट्टी के लिए यह सब किया।

मेरा चुना हुआ नाम: 'बहाने का फल' — यह नाम इसलिए उचित है क्योंकि इसमें कहानी का मुख्य संदेश छिपा है कि बहाना बनाने का परिणाम अच्छा नहीं होता।

अभिनय

1-5कहानी में से दिए गए संवादों को अभिनय के साथ बोलकर दिखाइए।Show solution

संकेत एवं भाव-निर्देश:

  1. 'बुखार आ गया।' मैंने कराहते हुए कहा।

— आवाज में दर्द और कमजोरी लाएँ, शरीर को थोड़ा झुकाएँ, माथे पर हाथ रखें।

  1. 'आपको पता नहीं चल रहा। थर्मामीटर लगाकर देखिए।'

— थोड़ी जिद और विश्वास के साथ बोलें, जैसे बच्चा अपनी 'बीमारी' साबित करना चाहता हो।

  1. 'मेरे सिर में दर्द हो रहा है। पेट भी दुख रहा है और मुझे बुखार भी है।'

— एक-एक लक्षण गिनाते हुए धीरे-धीरे और कराहते हुए बोलें।

  1. नानाजी आए। बोले, 'अब कैसा है सिरदर्द?'

— चिंतित और स्नेहपूर्ण स्वर में, बुजुर्ग की तरह धीरे-धीरे बोलें।

  1. 'आज इसे कुछ खाने को मत देना। आराम करने दो। शाम को देखेंगे।'

— दृढ़ और अनुभवी स्वर में, जैसे कोई बड़ा निर्णय ले रहा हो।

(यह एक कक्षा-गतिविधि है। विद्यार्थी बारी-बारी से इन संवादों को उचित भाव-भंगिमा के साथ प्रस्तुत करें।)

चेहरों पर मुस्कान, मुँह में पानी

(क)इस कहानी में किन बातों को पढ़कर आपके चेहरे पर मुस्कान आ गई थी? उन्हें रेखांकित कीजिए।

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(ख)इस कहानी में किन वाक्यों को पढ़कर आपके मुँह में पानी आ गया था? उन्हें रेखांकित कीजिए।

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लेखन के अनोखे तरीके

1-6नीचे दिए गए वाक्यों को कहानी में किस प्रकार लिखा गया है, ढूँढ़कर लिखिए।

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विराम चिह्न

1नीचे दिए गए विराम चिह्नों को कहानी में ढूँढ़िए और बताइए कि इनका प्रयोग वाक्यों में कहाँ-कहाँ किया जाता है।

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कैसी होगी गली

1कहानी में बच्चे के घर के साथ वाली गली के बारे में पढ़ी बातों और अपनी कल्पना के आधार पर उस गली का एक चित्र बनाइए।

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पाठ से आगे — आपकी बात

(क)बच्चे ने अस्पताल के वातावरण का विस्तार से सुंदर वर्णन किया है। इसी प्रकार आप अपनी कक्षा का वर्णन कीजिए।

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(ख)कहानी में बच्चे को घर में अकेले दिन भर लेटे रहना पड़ा था। क्या आप कभी कहीं अकेले रहे हैं? उस समय आपको कैसा लग रहा था?

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(ग)कहानी में आम खाने वाले मुन्नू को देखकर बच्चे को ईर्ष्या हुई थी। क्या आपको कभी किसी से ईर्ष्या हुई है?

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(घ)कहानी में नानाजी-नानीजी बच्चे का पूरा ध्यान रखने का प्रयास करते हैं। आपके घर और विद्यालय में आपका ध्यान कौन-कौन रखते हैं?

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(ड)आप अपने परिजनों और मित्रों का ध्यान कैसे रखते हैं?

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बहाने

(क)कहानी में बच्चे ने बीमारी का बहाना बनाया ताकि उसे स्कूल न जाना पड़े। क्या आपने कभी किसी कारण से बहाना बनाया है?

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(ख)आमतौर पर बनाए जाने वाले बहानों की एक सूची बनाइए।

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(ग)बहाने क्यों बनाने पड़ते हैं? बहाने न बनाने पड़ें, इसके लिए हम क्या-क्या कर सकते हैं?

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अनुमान

1'मैं रजाई में पड़ा-पड़ा घर में चल रही गतिविधियों का अनुमान लगाता रहा।' क्या आपने कभी किसी अनदेखे व्यक्ति/वस्तु/पशु-पक्षी/स्थान आदि के विषय में अनुमान लगाए हैं?

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घर का सामान

1आमतौर पर हमारे घरों में कोई न कोई ऐसी वस्तु होती है जिसे खोजने पर भी वह नहीं मिलती। ऐसी वस्तुओं की सूची बनाइए।

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खान-पान और आप

(क)कहानी में सुधाकर काका को बीमार होने पर साबूदाने की खीर दी गई थी। आपके घर में किसी के बीमार होने पर उसे क्या-क्या खिलाया जाता है?

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(ख)कहानी में बच्चे को बहुत-सी चीजें खाने का मन है। आपका क्या-क्या खाने का बहुत मन करता है?

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(ग)कहानी में बच्चा सोचता है कि साबूदाने की खीर सिर्फ बीमारी या उपवास में क्यों मिलती है। आपके घर में ऐसा क्या-क्या है, जो केवल विशेष अवसरों या त्योहारों पर ही बनता है?

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(घ)कहानी में बच्चा सोचता है कि अगर वह स्कूल जाता तो उसे टेले पर नमक-मिर्च वाले अमरूद खाने को मिलते। आप अपने विद्यालय में क्या-क्या खाते-पीते हैं?

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(ड)इस कहानी में भोजन से जुड़ी बच्चे की कई रोचक बातें बताई गई हैं। आपके बचपन की भोजन से जुड़ी कोई विशेष याद क्या है?

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(च)कहानी में बच्चा भोजन की सुगंध से रजाई फेंककर रसोई में झाँकने लगा। क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है?

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आज की पहेली

1रोटी जैसा होता है ये, पर आलू से भरा-भरा / घी-तेल साथी हैं इसके, दही-चटनी से हरा-भरा

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2दाल-चावल का मेल है यह तो, भारत भर में तुम इसे पाओ... गोल-तिकोना इसका आकार, गरम-गरम तुम इसे बनाओ।

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3नाश्ते का यह बड़ा है खास, महाराष्ट्र में इसका वास, मिर्च-मसाले से भरपूर, संग बटाटा भी मशहूर, चटपटी चटनी लगी किसे?

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4बेसन से बने चौकोर या गोल, गुजरात में बड़ा है बोला। खाने में नर्म, पानी भरे, धनिया मिर्ची संग सजे।

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5गोल-गोल पानी से भरके, चटनी सोंठ संग इसे खाओ / उत्तर-दक्षिण पूर्व-पश्चिम, गली-मुहल्लों में भी पाओ।

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6हरे साग संग मुझको पाओ, मक्खन के संग मुझको खाओ। आटा मेरा हल्का पीला, स्वाद मेरा है बड़ा रंगीला।

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7आग में पकती हूँ, सोंधा-सा स्वाद, साथ में खाओ चूरमा, बन जाए फिर बात, गरम दाल से मुझको प्यार, राजस्थान का मैं उपहार।

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8गोल-गोल और श्वेत रंग का, रस से भरा हुआ हूँ खूब। मीठी दुनिया का महाराजा, चाशनी मीठी डूब-डूब।

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29 more solved questions in नहीं होना बीमार (कहानी)-स्वयं प्रकाश

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in नहीं होना बीमार (कहानी)-स्वयं प्रकाश for CBSE Class 7 Hindi?
Key topics in नहीं होना बीमार (कहानी)-स्वयं प्रकाश include कहानी का सार, मुख्य पात्र और उनकी भूमिका, अस्पताल का वर्णन और वातावरण, कहानी की घटनाएँ क्रम से. Study these first, then practise questions on each for Class 7 exams.
Are these NCERT Solutions for नहीं होना बीमार (कहानी)-स्वयं प्रकाश free?
The first 30 of the 59 solutions on this page are open to read. The other 29 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise नहीं होना बीमार (कहानी)-स्वयं प्रकाश for Class 7 exams?
Learn the core ideas first, then work through the 45 practice questions on नहीं होना बीमार (कहानी)-स्वयं प्रकाश. Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

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