पानी रे पानी (निबंध)-अनुपम मिश्र — NCERT Solutions
CBSE · Class 7 · Hindi
NCERT Solutions for पानी रे पानी (निबंध)-अनुपम मिश्र, CBSE Class 7 Hindi: 30 textbook questions solved step by step.
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पाठ से — मेरी समझ से
(क)(1)हमारा भूजल भंडार निम्नलिखित में से किससे समृद्ध होता है?
- नल सूख जाने से।
- पानी बरसने से।
- तालाब और झीलों से।
- बाढ़ आने से।Show solution
सही उत्तर: पानी बरसने से ☀ तथा तालाब और झीलों से ☀
कारण: जब वर्षा होती है तो वर्षा का जल धरती में रिसकर भूजल भंडार को भरता है। इसी प्रकार तालाब और झीलों का पानी भी धीरे-धीरे धरती में रिसकर भूजल भंडार को समृद्ध करता है। नल सूखना या बाढ़ आना भूजल भंडार को समृद्ध नहीं करते, बल्कि ये जल संकट के संकेत हैं।
(क)(2)निम्नलिखित में से कौन-सी बात जल-चक्र से संबंधित है?
- वर्षा जल का संग्रह करना।
- समुद्र से उठी भाप का बादल बनकर बरसना।
- नदियों का समुद्र में जाकर मिलना।
- बरसात में चारों ओर पानी ही पानी दिखाई देना।Show solution
सही उत्तर: समुद्र से उठी भाप का बादल बनकर बरसना ☀ तथा नदियों का समुद्र में जाकर मिलना ☀
कारण: जल-चक्र एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें समुद्र का पानी सूर्य की गर्मी से भाप बनकर ऊपर उठता है, बादल बनता है, वर्षा के रूप में बरसता है, नदियों में बहता है और अंततः नदियाँ समुद्र में मिल जाती हैं। यह एक निरंतर चलने वाला चक्र है। वर्षा जल संग्रह मानवीय प्रयास है, जल-चक्र की प्राकृतिक प्रक्रिया नहीं।
(क)(3)"इस बड़ी गलती की सजा अब हम सबको मिल रही है।" यहाँ किस गलती की ओर संकेत किया गया है?
- जल-चक्र की अवधारणा को न समझना।
- आवश्यकता से अधिक पानी का उपयोग करना।
- तालाबों को कचरे से पाटकर समाप्त करना।
- भूजल भंडारण के विषय में विचार न करना।Show solution
सही उत्तर: तालाबों को कचरे से पाटकर समाप्त करना ☀ तथा आवश्यकता से अधिक पानी का उपयोग करना ☀
कारण: पाठ में बताया गया है कि हमने तालाबों को कचरे से पाटकर नष्ट कर दिया और पानी का अंधाधुंध उपयोग किया। इन्हीं गलतियों के कारण आज हमें जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। यही वह 'बड़ी गलती' है जिसकी सजा हम सबको मिल रही है।
(ख)अपने मित्रों के साथ संवाद कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?Show solution
संवाद का सुझाव:
छात्र अपने मित्रों के साथ निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा कर सकते हैं—
- प्रश्न 1 के लिए: वर्षा और तालाब-झीलें भूजल को रिचार्ज करती हैं क्योंकि इनका पानी धरती में रिसता है। नल सूखना तो भूजल की कमी का परिणाम है, कारण नहीं।
- प्रश्न 2 के लिए: जल-चक्र एक प्राकृतिक प्रक्रिया है — भाप → बादल → वर्षा → नदी → समुद्र। यह चक्र निरंतर चलता रहता है।
- प्रश्न 3 के लिए: पाठ में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि तालाबों को पाटना और पानी की बर्बादी करना हमारी सबसे बड़ी भूल रही है, जिसके कारण आज जल संकट उत्पन्न हुआ है।
मिलकर करें मिलान
1स्तंभ 1 और स्तंभ 2 का सही मिलान कीजिए।
स्तंभ 1: 1. वर्षा जल संग्रहण, 2. जल संकट, 3. जल-चक्र, 4. भूजल
स्तंभ 2: 1. जमीन के नीचे छिपा जल भंडार। 2. वर्षा के जल को प्राकृतिक अथवा कृत्रिम रूप से धरती में संग्रह करना। 3. जल की अत्यधिक कमी होना। 4. समुद्र से उठी भाप का बादल बनकर पानी में बदलना और वर्षा के द्वारा पुनः समुद्र में मिल जाना।Show solution
सही मिलान इस प्रकार है—
| स्तंभ 1 | स्तंभ 2 |
|---|---|
| 1. वर्षा जल संग्रहण | 2. वर्षा के जल को प्राकृतिक अथवा कृत्रिम रूप से (मानवीय प्रयासों से) धरती में संग्रह करना। |
| 2. जल संकट | 3. जल की अत्यधिक कमी होना। |
| 3. जल-चक्र | 4. समुद्र से उठी भाप का बादल बनकर पानी में बदलना और वर्षा के द्वारा पुनः समुद्र में मिल जाना। |
| 4. भूजल | 1. जमीन के नीचे छिपा जल भंडार। |
सोच-विचार के लिए
(क)पाठ में धरती को एक बहुत बड़ी गुल्लक क्यों कहा गया है?Show solution
उत्तर:
जिस प्रकार गुल्लक में सिक्के डाले जाते हैं और वे उसमें सुरक्षित जमा रहते हैं, उसी प्रकार धरती भी वर्षा के जल को अपने अंदर संग्रहीत करती रहती है। वर्षा का पानी, तालाबों और झीलों का पानी धीरे-धीरे धरती में रिसकर भूजल के रूप में जमा होता जाता है। जब हमें जरूरत होती है तो हम कुएँ, हैंडपंप या नलकूप के माध्यम से इस जल को निकालकर उपयोग करते हैं — ठीक वैसे ही जैसे जरूरत पड़ने पर गुल्लक तोड़कर पैसे निकाले जाते हैं। इसीलिए धरती को एक बहुत बड़ी गुल्लक कहा गया है।
(ख)जल-चक्र की प्रक्रिया कैसे पूरी होती है?Show solution
उत्तर:
जल-चक्र की प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी होती है—
- वाष्पीकरण: सूर्य की गर्मी से समुद्र, नदियों और तालाबों का पानी भाप बनकर ऊपर उठता है।
- बादल निर्माण: यह भाप ऊपर जाकर ठंडी होती है और बादलों का रूप ले लेती है।
- वर्षा: बादल जब भारी हो जाते हैं तो वर्षा के रूप में पानी धरती पर बरसता है।
- प्रवाह: वर्षा का पानी नदियों, नालों और झरनों के रूप में बहता हुआ वापस समुद्र में मिल जाता है।
- भूजल संचय: कुछ पानी धरती में रिसकर भूजल भंडार को भरता है।
इस प्रकार यह चक्र निरंतर चलता रहता है।
(ग)यदि सारी नदियाँ, झीलें और तालाब सूख जाएँ तो क्या होगा?Show solution
उत्तर:
यदि सारी नदियाँ, झीलें और तालाब सूख जाएँ तो—
- पीने के पानी का भयंकर संकट उत्पन्न हो जाएगा।
- खेती के लिए पानी नहीं मिलेगा, जिससे अनाज का उत्पादन बंद हो जाएगा और भुखमरी फैलेगी।
- भूजल भंडार भी धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगा क्योंकि उसे रिचार्ज करने वाले स्रोत नहीं रहेंगे।
- जल-चक्र बाधित हो जाएगा, वर्षा कम होगी और सूखे की स्थिति बन जाएगी।
- जलीय जीव-जंतु और वनस्पतियाँ नष्ट हो जाएंगी।
- पर्यावरण असंतुलित हो जाएगा और जीवन असंभव हो जाएगा।
संक्षेप में, जल के बिना पृथ्वी पर जीवन का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।
(घ)पाठ में पानी को रुपयों से भी कई गुना मूल्यवान क्यों बताया गया है?Show solution
उत्तर:
पाठ में पानी को रुपयों से भी कई गुना मूल्यवान इसलिए बताया गया है क्योंकि—
- रुपयों से जीवन की अनेक वस्तुएँ खरीदी जा सकती हैं, परंतु पानी के बिना जीवन ही संभव नहीं है।
- पानी के बिना न खाना बन सकता है, न खेती हो सकती है, न शरीर की सफाई हो सकती है।
- रुपये कमाए जा सकते हैं, परंतु पानी को बनाया नहीं जा सकता — यह प्रकृति की देन है।
- जब पानी की कमी होती है तो रुपये होने पर भी पानी नहीं मिलता।
- पानी के बिना मनुष्य, पशु, पक्षी, पेड़-पौधे — कोई भी जीवित नहीं रह सकता।
इसीलिए पानी रुपयों से भी कई गुना अधिक मूल्यवान है।
शीर्षक
(क)इस पाठ का शीर्षक 'पानी रे पानी' दिया गया है। पाठ का यह नाम क्यों दिया गया होगा? अपने सहपाठियों के साथ चर्चा करके लिखिए। अपने उत्तर का कारण भी लिखिए।Show solution
उत्तर:
इस पाठ का शीर्षक 'पानी रे पानी' इसलिए दिया गया होगा क्योंकि—
- यह शीर्षक पानी के महत्त्व और उसकी कमी दोनों को एक साथ व्यक्त करता है।
- 'रे' शब्द में एक पुकार और व्याकुलता का भाव है — जैसे पानी को पुकारा जा रहा हो।
- यह शीर्षक पाठक के मन में पानी के प्रति चिंता और जागरूकता उत्पन्न करता है।
- पूरा पाठ पानी की समस्या, जल-चक्र और जल संरक्षण के बारे में है, इसलिए 'पानी रे पानी' शीर्षक पाठ के केंद्रीय विषय को सटीक रूप से प्रकट करता है।
- यह शीर्षक पाठक को यह सोचने पर मजबूर करता है कि पानी हमारे जीवन में कितना महत्त्वपूर्ण है।
(ख)आप इस पाठ को क्या नाम देना चाहेंगे? इसका कारण लिखिए।Show solution
उत्तर (उदाहरण):
मैं इस पाठ को 'जल है तो कल है' नाम देना चाहूँगा/चाहूँगी।
कारण: यह शीर्षक इस बात को स्पष्ट करता है कि यदि आज हम पानी को बचाएंगे तो हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा। पाठ का मुख्य संदेश भी यही है कि जल संरक्षण करना हमारी जिम्मेदारी है। 'जल है तो कल है' — यह वाक्य संक्षेप में पूरे पाठ का सार प्रस्तुत करता है।
(नोट: छात्र अपनी कल्पना और समझ के अनुसार अलग शीर्षक भी दे सकते हैं, जैसे 'जल ही जीवन है', 'पानी बचाओ जीवन बचाओ' आदि। कारण स्पष्ट और तर्कसंगत होना चाहिए।)
शब्दों की बात — बात पर बल देना
(क)"हमारी यह धरती भी इसी तरह की एक गुल्लक है।" और "हमारी यह धरती इसी तरह की एक गुल्लक है।" — दूसरे वाक्य में कौन-सा शब्द हटा दिया गया है? उस शब्द को हटा देने से वाक्य के अर्थ में क्या अंतर आया है?Show solution
उत्तर:
दूसरे वाक्य में 'भी' शब्द हटा दिया गया है।
अंतर:
- पहले वाक्य में 'भी' शब्द की उपस्थिति से यह भाव आता है कि जिस प्रकार गुल्लक पैसे संग्रहीत करती है, उसी प्रकार धरती भी पानी संग्रहीत करती है। 'भी' शब्द तुलना और समानता का बोध कराता है तथा वाक्य में विशेष बल उत्पन्न करता है।
- दूसरे वाक्य में 'भी' हटा देने से यह तुलनात्मक भाव और जोर कम हो जाता है। वाक्य सामान्य कथन बनकर रह जाता है।
इस प्रकार 'भी' शब्द वाक्य में विशेष प्रभाव और बल उत्पन्न करता है।
(ख)पाठ में ऐसे ही कुछ और शब्द भी आए हैं जो अपनी उपस्थिति से वाक्य में विशेष प्रभाव उत्पन्न करते हैं। पाठ को फिर से पढ़िए और इस तरह के शब्दों वाले वाक्यों को चुनकर लिखिए।Show solution
उत्तर:
पाठ में ऐसे वाक्य जिनमें विशेष बल देने वाले शब्द आए हैं—
- "पानी आता भी है तो बेवक्त।" — यहाँ 'भी' शब्द इस बात पर बल देता है कि पानी आता तो है, परंतु सही समय पर नहीं।
- "देश के कई हिस्सों में तो अकाल जैसे हालात बन जाते हैं।" — यहाँ 'तो' शब्द स्थिति की गंभीरता पर बल देता है।
- "अकाल और बाढ़ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।" — यहाँ 'एक ही' शब्द दोनों के आपसी संबंध पर विशेष बल देता है।
- "कुछ दिनों के लिए सब कुछ थम जाता है।" — यहाँ 'सब कुछ' शब्द पूर्ण ठहराव पर बल देता है।
(नोट: छात्र पाठ को पुनः पढ़कर और उदाहरण खोज सकते हैं।)
समानार्थी शब्द
1नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों के स्थान पर समान अर्थ देने वाले उपयुक्त शब्द लिखिए।
(क) सूरज की किरणें पड़ते ही फूल खिल उठे।
(ख) समुद्र का पानी भाप बनकर ऊपर जाता है।
(ग) अचानक बादल गरजने लगे।
(घ) जल-चक्र में हवा की भी बहुत बड़ी भूमिका है।Show solution
उत्तर:
(क) सूरज → रवि / सूर्य / दिनकर / भास्कर
वाक्य: रवि की किरणें पड़ते ही फूल खिल उठे।
(ख) भाप → वाष्प / भपारा
वाक्य: समुद्र का पानी वाष्प बनकर ऊपर जाता है।
(ग) बादल → मेघ / घन / जलद
वाक्य: अचानक मेघ गरजने लगे।
(घ) हवा → वायु / पवन / समीर
वाक्य: जल-चक्र में वायु की भी बहुत बड़ी भूमिका है।
उपसर्ग
1उपसर्ग के प्रयोग से नए शब्द बनाकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।Show solution
उपसर्ग की परिभाषा: वे शब्दांश जो किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं, 'उपसर्ग' कहलाते हैं।
उदाहरण — 'अ' उपसर्ग:
- काल → अकाल — इस वर्ष सूखे के कारण अकाल पड़ गया।
- सत्य → असत्य — असत्य बोलना पाप है।
- न्याय → अन्याय — किसी के साथ अन्याय नहीं करना चाहिए।
'अन' उपसर्ग:
- पढ़ → अनपढ़ — अनपढ़ व्यक्ति को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
- जान → अनजान — वह इस शहर में अनजान था।
'सु' उपसर्ग:
- गंध → सुगंध — फूलों की सुगंध मन को प्रसन्न कर देती है।
- विचार → सुविचार — सुविचार जीवन को सुंदर बनाते हैं।
'कु' उपसर्ग:
- मार्ग → कुमार्ग — कुमार्ग पर चलने से जीवन बर्बाद होता है।
- पोषण → कुपोषण — कुपोषण से बच्चों का विकास रुक जाता है।
'वि' उपसर्ग:
- देश → विदेश — वह विदेश में पढ़ने गया है।
- ज्ञान → विज्ञान — विज्ञान ने मानव जीवन को सरल बना दिया है।
(नोट: छात्र पाठ्यपुस्तक में दिए गए चित्र/तालिका के अनुसार और उपसर्ग जोड़कर अभ्यास कर सकते हैं।)
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Frequently Asked Questions
What are the important topics in पानी रे पानी (निबंध)-अनुपम मिश्र for CBSE Class 7 Hindi?
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How should I revise पानी रे पानी (निबंध)-अनुपम मिश्र for Class 7 exams?
Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
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