Skip to main content
Chapter 26 of 38
NCERT Solutions

भक्तिन-(महादेवी वर्मा)

Nagaland Board · Class 12 · Hindi

NCERT Solutions for भक्तिन-(महादेवी वर्मा) — Nagaland Board Class 12 Hindi.

42 questions32 flashcards5 concepts

Interactive on Super Tutor

Studying भक्तिन-(महादेवी वर्मा)? Get the full interactive chapter.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for ncert solutions and more.

1,000+ Class 12 students started this chapter today

महादेवी वर्मा के जन्म, प्रमुख रचनाएँ (काव्य-संग्रह, निबंध-संग्रह, संस्मरण/रेखाचित्र), प्रमुख पुरस्कार (ज्ञानपीठ, भारत भारती, पद्मभूषण), और निधन को दर्शाने वाला एक सूचनात्मक ग्राफिक।
Super Tutor

Super Tutor has 6+ illustrations like this for भक्तिन-(महादेवी वर्मा) alone — flashcards, concept maps, and step-by-step visuals.

See them all
14 Questions Solved · 1 Section

7 worked solutions below. Unlock all 14 free in Super Tutor

अभ्यास

1भक्तिन अपना वास्तविक नाम लोगों से क्यों छुपाती थी? भक्तिन को यह नाम किसने और क्यों दिया होगा?Show solution
भक्तिन अपना वास्तविक नाम लछमिन इसलिए छुपाती थी, क्योंकि वह अपने समृद्धि-सूचक नाम और अपने दरिद्र/संघर्षपूर्ण जीवन के बीच के विरोधाभास को लोगों के सामने नहीं लाना चाहती थी। लेखिका के अनुसार वह बहुत समझदार थी, इसलिए नौकरी की खोज में आते समय केवल ईमानदारी दिखाने के लिए उसने अपना नाम बताया, पर यह भी अनुरोध किया कि उसका नाम कभी उपयोग न किया जाए

उसे यह नाम उसके पिता ने दिया होगा, क्योंकि पाठ में बताया गया है कि वह एक गोपालिका की कन्या थी और उसका नाम लछमिन अर्थात् लक्ष्मी था। यह नाम संभवतः लक्ष्मी के अर्थ में, यानी समृद्धि और सौभाग्य की कामना से दिया गया होगा।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

2दो कन्या-रत्न पैदा करने पर भक्तिन पुत्र-महिमा में अंधी अपनी जिठानियों द्वारा घृणा व उपेक्षा का शिकार बनी। ऐसी घटनाओं से ही अक्सर यह धारणा चलती है कि स्त्री ही स्त्री की दुश्मन होती है। क्या इससे आप सहमत हैं?Show solution
मैं इस धारणा से पूरी तरह सहमत नहीं हूँ। पाठ में जिठानियाँ भक्तिन की बेटियों के जन्म पर उसे तिरस्कार और उपेक्षा से देखती हैं, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सभी स्त्रियाँ स्त्री की दुश्मन होती हैं

असल में समस्या पितृसत्तात्मक सोच और पुत्र-महिमा की है, जो स्त्री को भी उसी मूल्य-व्यवस्था में ढाल देती है। जब किसी समाज में लड़के को वरीयता दी जाती है, तब कुछ स्त्रियाँ भी उसी मानसिकता से प्रभावित होकर दूसरी स्त्रियों के विरुद्ध व्यवहार करने लगती हैं। इसलिए यह कहना अधिक सही होगा कि स्त्री को स्त्री का दुश्मन समाज बनाता है, न कि स्वभावतः स्त्री दूसरी स्त्री की शत्रु होती है। भक्तिन और उसकी बेटी का पक्ष इसी सामाजिक अन्याय को उजागर करता है।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

3भक्तिन की बेटी पर पंचायत द्वारा जबरन पति थोपा जाना एक दुर्घटना भर नहीं, बल्कि विवाह के संदर्भ में स्त्री के मानवाधिकार (विवाह करें या न करें अथवा किससे करें) इसकी स्वतंत्रता को कुचलते रहने की सदियों से चली आ रही सामाजिक परंपरा का प्रतीक है। कैसे?Show solution
भक्तिन की बेटी के मामले में पंचायत का फैसला इस बात का प्रतीक है कि समाज में स्त्री की विवाह-स्वतंत्रता को कितनी आसानी से कुचल दिया जाता है। लड़की ने वर को नापसंद किया, यानी उसके पास अपने जीवनसाथी के चुनाव का अधिकार था; लेकिन पंचायत ने उसकी इच्छा को महत्व न देकर जबरन पति थोप दिया

यह निर्णय केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं था, बल्कि उस व्यापक सामाजिक परंपरा का रूप था जिसमें स्त्री को स्वतंत्र व्यक्ति नहीं, बल्कि निर्णय का विषय समझा जाता है। समाज यह मान लेता है कि विवाह के बारे में अंतिम अधिकार स्त्री का नहीं, परिवार, पंचायत या समुदाय का है। इस तरह स्त्री के मानवाधिकार, विशेषकर विवाह करने या न करने और किससे विवाह करने की स्वतंत्रता, दबा दी जाती है।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

4भक्तिन अच्छी है, यह कहना कठिन होगा, क्योंकि उसमें दुर्गुणों का अभाव नहींShow solution
लेखिका ने यह इसलिए कहा कि भक्तिन पूरी तरह आदर्श या निष्कलंक चरित्र नहीं है। उसमें कुछ दुर्गुण भी हैं—जैसे वह कभी-कभी चोरी करती है, झूठ भी बोलती है, पैसे सँभालकर इधर-उधर रख देती है और शास्त्र के नाम पर अपनी सुविधा से तर्क गढ़ लेती है।

लेकिन लेखिका यह भी दिखाती हैं कि ये दुर्गुण उसके स्वार्थ से नहीं, बल्कि उसके स्वभाव, चतुराई, और मालकिन के प्रति सेवा-भाव से जुड़े हैं। इसलिए “भक्तिन अच्छी है” कहना कठिन है, पर वह मानवीय है; उसमें अच्छाई और कमी दोनों हैं।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

5भक्तिन द्वारा शास्त्र के प्रश्न को सुविधा से सुलझा लेने का क्या उदाहरण लेखिका ने दिया है?Show solution
लेखिका ने शास्त्र के प्रश्न को भक्तिन द्वारा सुविधा से सुलझाने का उदाहरण तब दिया है जब लेखिका ने पूछा कि स्त्रियों का सिर क्यों मुँडाया जाता है। भक्तिन ने तुरंत उत्तर दिया कि शास्त्र में लिखा है। जब लेखिका ने पूछा—“क्या लिखा है?”—तो उसने कहा: “तीरथ गए मुँडाए सिद्ध।”

यह दिखाता है कि भक्तिन शास्त्र के अर्थ को अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार समझ लेती है, और अपने पक्ष को सही ठहराने के लिए कोई-न-कोई कथन खोज लेती है।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

6भक्तिन के आ जाने से महादेवी अधिक देहाती कैसे हो गई?Show solution
भक्तिन के आ जाने से महादेवी अधिक देहाती इसलिए हो गईं कि भक्तिन ने उन्हें गाँव-जैसा जीवन जीने की आदत डाल दी। वह उन्हें देहाती भोजन करने लगी—मकई का दलिया, बाजरे के पुए, ज्वार की खिचड़ी, महुए की लपसी आदि। महादेवी पहले भोजन में नखरे करती थीं, पर भक्तिन की देखभाल और तर्क के आगे वे अपनी सुविधाएँ छोड़ने लगीं।

भक्तिन ने उनके जीवन की साधारणता बढ़ा दी; वह कपड़े तह करने, घरेलू काम करने, सादगी से रहने और देहाती स्वाद अपनाने में उन्हें प्रभावित करने लगी। इस तरह महादेवी के रहन-सहन, भोजन और दृष्टि में ग्रामीण जीवन का रंग आ गया।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

1आलो आंधारि की नायिका और लेखिका बेबी हालदार और भक्तिन के व्यक्तित्व में आप क्या समानता देखते हैं?Show solution
बेबी हालदार और भक्तिन दोनों के व्यक्तित्व में कुछ समानताएँ दिखाई देती हैं। दोनों संघर्षशील, कर्मठ और जीवन की कठिन परिस्थितियों से जूझने वाली स्त्रियाँ हैं। दोनों में आत्मसम्मान है और वे अपने जीवन को अपने बल पर सँभालती हैं।

दोनों के जीवन में श्रम, अभाव और संघर्ष के बावजूद एक भीतरी साहस और जीवन-जिजीविषा बनी रहती है। वे सामान्य दिखने के बावजूद अपने अनुभवों के कारण विशिष्ट बन जाती हैं। भक्तिन की तरह बेबी हालदार भी अपने जीवन-संघर्ष से एक अलग पहचान बनाती हैं।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

3भक्तिन की बेटी के मामले में जिस तरह का फ़ैसला पंचायत ने सुनाया, वह आज भी कोई हैरतअंगेज बात नहीं है। अखबारों या टी. वी. समाचारों में आनेवाली किसी ऐसी ही घटना को भक्तिन के उस प्रसंग के साथ रखकर उस पर चर्चा करें।
4पाँच वर्ष की वय में ब्याही जानेवाली लड़कियों में सिर्फ़ भक्तिन नहीं है, बल्कि आज भी हजारों अभागिनियाँ हैं। बाल-विवाह और उम्र के अनमेलपन वाले विवाह की अपने आस-पास हो रही घटनाओं पर दोस्तों के साथ परिचर्चा करें।
5महादेवी जी इस पाठ में हिरनी सोना, कुत्ता बसंत, बिल्ली गोथूलि आदि के माध्यम से पशु-पक्षी को मानवीय संवेदना से उकेरने वाले लेखिका के रूप में उभरती हैं। उन्होंने अपने घर में और भी कई पशु-पक्षी पाल रखे थे तथा उन पर रेखाचित्र भी लिखे हैं। शिक्षक की सहायता से उन्हें ढूँढ़कर पढ़ें। जो मेरा परिवार नाम से प्रकाशित है।
1नीचे दिए गए विशिष्ट भाषा-प्रयोगों के उदाहरणों को ध्यान से पढ़िए और इनकी अर्थ-छवि स्पष्ट कीजिए-
2'बहनोई' शब्द 'बहन (स्त्री.)+ओई' से बना है। इस शब्द में हिंदी भाषा की एक अनन्य विशेषता प्रकट हुई है। पुलिंग शब्दों में कुछ स्त्री-प्रत्यय जोड़ने से स्त्रीलिंग शब्द बनने की एक समान प्रक्रिया कई भाषाओं में दिखती है, पर स्त्रीलिंग शब्द में कुछ पुं. प्रत्यय जोड़कर पुलिंग शब्द बनाने की घटना प्रायः अन्य भाषाओं में दिखलाई नहीं पड़ती। यहाँ पुं. प्रत्यय 'ओई' हिंदी की अपनी विशेषता है। ऐसे कुछ और शब्द और उनमें लगे पुं. प्रत्ययों की हिंदी तथा और भाषाओं में खोज करें।
3पाठ में आए लोकभाषा के इन संवादों को समझ कर इन्हें खड़ी बोली हिंदी में डाल कर प्रस्तुत कीजिए।
4भवितन पाठ में पहली कन्या के दो संस्करण जैसे प्रयोग लेखिका के खास भाषाई संस्कार की पहचान करता है, साथ ही ये प्रयोग कथ्य को संप्रेषणीय बनाने में भी मददगार हैं। वर्तमान हिंदी में भी कुछ अन्य प्रकार की शब्दावली समाहित हुई है। नीचे कुछ वाक्य दिए जा रहे हैं जिससे वक्ता की खास पसंद का पता चलता है। आप वाक्य पढ़कर बताएँ कि इनमें किन तीन विशेष प्रकार की शब्दावली का प्रयोग हुआ है? इन शब्दावलियों या इनके अतिरिक्त अन्य किन्हीं विशेष शब्दावलियों का प्रयोग करते हुए आप भी कुछ वाक्य बनाएँ और कक्षा में चर्चा करें कि ऐसे प्रयोग भाषा की समृद्धि में कहाँ तक सहायक है?

7 more solved questions in भक्तिन-(महादेवी वर्मा)

Every remaining exercise is solved step by step in Super Tutor, plus practice quizzes and flashcards for this chapter. Free to start.

Stuck on a step?

Ask Super Tutor AI to explain any solution on this page in a simpler way — free, 24x7.

Ask a Doubt Free

Frequently Asked Questions

What are the important topics in भक्तिन-(महादेवी वर्मा) for Nagaland Board Class 12 Hindi?
भक्तिन-(महादेवी वर्मा) covers several key topics that are frequently asked in Nagaland Board Class 12 board exams. Focus on the core concepts listed on this page and practise related questions to build confidence.
How to score full marks in भक्तिन-(महादेवी वर्मा) — Nagaland Board Class 12 Hindi?
Understand the core concepts first, then work through the 42 practice questions available for this chapter. Revise formulas and definitions regularly, and use flashcards for quick recall before the exam.
Where can I get free NCERT Solutions for भक्तिन-(महादेवी वर्मा) Class 12 Hindi?
This page has free step-by-step NCERT Solutions for every exercise question in भक्तिन-(महादेवी वर्मा) (Nagaland Board Class 12 Hindi) — written the way examiners award marks: given, formula, working, answer.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

For serious students

Get the full भक्तिन-(महादेवी वर्मा) chapter — for free.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for Nagaland Board Class 12 Hindi.