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Chapter 16 of 38
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उषा - (शमशेर बहादुर सिंह) (Part 2) — NCERT Solutions

Nagaland Board · Class 12 · Hindi

NCERT Solutions for उषा - (शमशेर बहादुर सिंह) (Part 2), Nagaland Board Class 12 Hindi: 4 textbook questions solved step by step.

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यह इन्फोग्राफिक 'उषा' कविता में भोर के आकाश का वर्णन करने के लिए उपयोग किए गए विभिन्न उपमानों (metaphors) को दर्शाता है। इसमें 'नीला शंख', 'राख से लीपा हुआ चौका', 'काली सिल पर लाल केसर', 'स्लेट पर लाल
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4 Questions Solved · 1 Section

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उषा — कविता के साथ (अभ्यास)

1कविता के किन उपमानों को देखकर यह कहा जा सकता है कि उषा कविता गाँव की सुबह का गतिशील शब्दचित्र है?Show solution

दिया गया: शमशेर बहादुर सिंह की कविता 'उषा' में भोर के आकाश का वर्णन विभिन्न उपमानों के माध्यम से किया गया है।

उत्तर:

कवि ने 'उषा' कविता में जो उपमान चुने हैं, वे सभी ग्रामीण जीवन और ग्रामीण परिवेश से लिए गए हैं। इन्हीं उपमानों के कारण यह कविता गाँव की सुबह का गतिशील शब्दचित्र बन जाती है। प्रमुख उपमान निम्नलिखित हैं —

  1. 'राख से लीपा हुआ चौका' — भोर के नभ की तुलना राख से लीपे हुए चौके से की गई है। गाँव में महिलाएँ प्रतिदिन सुबह चूल्हे के पास की जगह (चौका) को राख से लीपती हैं। यह दृश्य पूरी तरह ग्रामीण है।
  1. 'गीला पड़ा है' — चौके का अभी गीला होना यह बताता है कि सुबह का काम अभी-अभी शुरू हुआ है — यह गाँव की ताज़ी, जीवंत सुबह का संकेत है।
  1. 'नीला शंख' — आकाश की नीलिमा की तुलना नीले शंख से की गई है। शंख गाँव और मंदिर से जुड़ी वस्तु है।
  1. 'स्लेट पर लाल खड़िया चाक मल दी हो' — सूर्योदय की लालिमा की तुलना स्लेट पर लाल खड़िया मलने से की गई है। यह उपमान ग्रामीण पाठशाला के परिवेश से लिया गया है।
  1. 'काली सिल ज़रा से लाल केसर से कि जैसे धुल गई हो' — यह उपमान गाँव की रसोई में मसाले पीसने वाली काली सिल (पत्थर) से लिया गया है।
  1. 'गोरी चमकीली देह जैसे खिल रहे हों' — उगते सूरज की आभा की तुलना किसी गोरी युवती की देह से की गई है — यह ग्रामीण सौंदर्य-बोध का प्रतीक है।

निष्कर्ष: ये सभी उपमान — चौका, राख, सिल, केसर, खड़िया, शंख — गाँव के दैनिक जीवन से जुड़े हैं और सुबह होने के साथ-साथ बदलते जाते हैं, इसलिए यह कविता गाँव की सुबह का गतिशील (बदलता हुआ) शब्दचित्र है।

2भोर का नभ / राख से लीपा हुआ चौका / (अभी गीला पड़ा है) — नयी कविता में कोष्ठक, विराम चिह्नों और पंक्तियों के बीच का स्थान भी कविता को अर्थ देता है। उपर्युक्त पंक्तियों में कोष्ठक से कविता में क्या विशेष अर्थ पैदा हुआ है? समझाइए।Show solution

दिया गया: कविता की पंक्तियाँ —
भोर का नभ\text{भोर का नभ}
राख से लीपा हुआ चौका\text{राख से लीपा हुआ चौका}
(अभी गीला पड़ा है)\text{(अभी गीला पड़ा है)}

अवधारणा: नयी कविता में कोष्ठक का प्रयोग एक अतिरिक्त, सूक्ष्म और व्यक्तिगत टिप्पणी देने के लिए होता है। यह मुख्य कथन से अलग, किंतु उसे और अधिक सजीव बनाने वाला होता है।

विशेष अर्थ:

  1. ताज़गी और तात्कालिकता का बोध: कोष्ठक में लिखा 'अभी गीला पड़ा है' यह बताता है कि यह दृश्य अभी-अभी का है — सुबह बिल्कुल ताज़ी है, जैसे चौका अभी-अभी लीपा गया हो। इससे भोर की ताज़गी और क्षणभंगुरता का बोध होता है।
  1. कवि की व्यक्तिगत फुसफुसाहट: कोष्ठक में लिखी बात ऐसी लगती है जैसे कवि पाठक के कान में धीरे से कह रहा हो — यह एक आत्मीय, अनौपचारिक टिप्पणी है जो उपमान को और जीवंत बना देती है।
  1. उपमान की सटीकता: राख से लीपा चौका तभी भोर के नभ जैसा दिखता है जब वह गीला हो — सूखने पर वह सफ़ेद हो जाता है। कोष्ठक यह स्पष्ट करता है कि उपमान बिल्कुल सटीक है।
  1. गतिशीलता का संकेत: 'अभी गीला है' — इसका अर्थ है कि थोड़ी देर बाद यह सूख जाएगा, अर्थात् सुबह का यह रंग-रूप बदलता रहेगा। यह भोर की क्षणिकता को दर्शाता है।

निष्कर्ष: कोष्ठक का यह प्रयोग कविता में एक जीवंत, सूक्ष्म और अर्थपूर्ण आयाम जोड़ता है। यह उपमान को केवल दृश्य नहीं, बल्कि एक अनुभव बना देता है।

अपनी रचनाअपने परिवेश के उपमानों का प्रयोग करते हुए सूर्योदय और सूर्यास्त का शब्दचित्र खींचिए।

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आपसदारीसूर्योदय का वर्णन लगभग सभी बड़े कवियों ने किया है। प्रसाद की कविता 'बीती विभावरी जाग री' और अज्ञेय की 'बावरा अहेरी' की पंक्तियाँ दी गई हैं। 'उषा' कविता के समानांतर इन कविताओं को पढ़ते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर तीनों कविताओं का विश्लेषण कीजिए और यह भी बताइए कि कौन-सी कविता आपको ज्यादा अच्छी लगी और क्यों? ● उपमान ● शब्दचयन ● परिवेश

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in उषा - (शमशेर बहादुर सिंह) for Nagaland Board Class 12 Hindi?
Key topics in उषा - (शमशेर बहादुर सिंह) include कवि परिचय और काव्य-दृष्टि, कविता का केंद्रीय भाव, मुख्य बिंब और उपमान, काव्य-शिल्प और भाषा. Study these first, then practise questions on each for the Nagaland Board Class 12 board exam.
Are these NCERT Solutions for उषा - (शमशेर बहादुर सिंह) free?
The first 2 of the 4 solutions on this page are open to read. The other 2 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise उषा - (शमशेर बहादुर सिंह) for the Nagaland Board Class 12 board exam?
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Sources & Official References

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