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Chapter 1 of 12
NCERT Solutions

दो बैलों की कथा (प्रेमचंद) — NCERT Solutions

CBSE · Class 9 · Hindi

NCERT Solutions for दो बैलों की कथा (प्रेमचंद), CBSE Class 9 Hindi: 67 textbook questions solved step by step. Part of the CBSE Class 9 Hindi syllabus.

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67 Questions Solved · 7 Sections

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प्रश्न से संवाद

1कहानी में हीरा और मोती का आपसी संबंध किस गुण को मुख्य रूप से दर्शाता है?Show solution

कहानी में हीरा और मोती हमेशा एक-दूसरे का साथ देते हैं। दोनों मिलकर काम करते हैं, दुख-सुख बाँटते हैं, और संकट में भी एक-दूसरे को नहीं छोड़ते। इसलिए उनके संबंध का मुख्य गुण एकता और सहयोग है.

2हीरा-मोती ने नया स्थान स्वीकार क्यों नहीं किया?Show solution

नए स्थान पर जाकर बैलों ने नाँद में मुँह नहीं डाला, क्योंकि उन्हें लगा कि उनके मालिक ने उन्हें बेच दिया है। पुराने घर से बिछुड़ना और अपनेपन का टूटना उन्हें बहुत बुरा लगा। इसलिए उन्होंने नया स्थान स्वीकार नहीं किया.

3बैलों ने रस्सी तोड़कर घर लौटने का निर्णय क्यों लिया?Show solution

बैलों ने पगहे तोड़े, नया स्थान छोड़ा और बाद में काँजीहौस की दीवार तोड़ने की कोशिश की। इससे स्पष्ट है कि वे कष्टों से भागने के लिए नहीं, बल्कि आजादी पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे.

4गया द्वारा डंडे से मारने पर मोती का आक्रोश किस मानवीय मनोवृत्ति का द्योतक है?Show solution

गया द्वारा मारने पर मोती का क्रोध दिखाता है कि वह अपमान और अत्याचार सहने को तैयार नहीं था। यह भावना स्वाभिमान की है।

5कहानी में बैलों की 'मूक-भाषा' का प्रयोग लेखक ने किस लिए किया?Show solution

लेखक ने बैलों की मूक-भाषा का प्रयोग इसलिए किया है ताकि वे केवल पशु न लगें, बल्कि उनमें मानव-जैसी संवेदना, सोच और भावना दिखाई दे। इससे कहानी अधिक प्रभावशाली बनती है.

6'दो बैलों की कथा' को यदि स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ें, तो हीरा और मोती किसके प्रतीक हो सकते हैं?Show solution

हीरा और मोती को भारतीय जनता के प्रतीक के रूप में देखा जा सकता है, जो अन्याय, दमन और बंधन के विरुद्ध स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करती रही।

मेरी समझ मेरे विचार

1“दूसरे दिन गया ने बैलों को हल में जोता, पर इन दोनों ने जैसे पाँव न उठाने की कसम खा ली थी।” जब बैल नए मालिक के यहाँ गए, तो उन्होंने काम करने से इनकार क्यों कर दिया था?Show solution

नए मालिक के यहाँ पहुँचकर बैलों ने काम करने से इसलिए इनकार कर दिया था क्योंकि उन्हें अपमान महसूस हुआ था। वे समझ गए थे कि झूरी ने उन्हें बेच दिया है। पुराने घर, अपनापन और स्नेह से अलग होकर वे नए स्थान को अपना नहीं पा रहे थे। उन्हें वहाँ प्रेम, आदर और अपनेपन की जगह केवल सूखा भूसा, मार और कठोर व्यवहार मिला। इसलिए उन्होंने पाँव न उठाकर असंतोष प्रकट किया।

2“गाँव के इतिहास में यह घटना अभूतपूर्व न होने पर भी महत्वपूर्ण थी।” बैलों का घर लौट आना कोई साधारण घटना नहीं है। कैसे?Show solution

बैलों का घर लौट आना साधारण बात नहीं है, क्योंकि वे अपने बूते पर बंधन तोड़कर लौटे थे। यह उनके प्रेम, स्मृति, स्वाभिमान और स्वतंत्रता-भाव का प्रमाण था। गाँव वालों और झूरी के लिए यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण थी कि इससे पशुओं की भी भावनाएँ और निष्ठा दिखाई दीं। यह दृश्य लोगों को चकित कर देता है और एक असामान्य, यादगार घटना बन जाता है।

3“मोती ने मूक-भाषा में कहा—अब तो नहीं सहा जाता, हीरा!”
‘कभी-कभी संघर्ष करना आवश्यक हो जाता है’ इस कथन को कहानी के उदाहरणों से सिद्ध कीजिए।
Show solution

कहानी में संघर्ष आवश्यक इसलिए बन जाता है क्योंकि अन्याय, अत्याचार और बंधन के विरुद्ध चुप रहना उचित नहीं है। हीरा और मोती पहले नए स्थान पर चुपचाप कष्ट सहते हैं, लेकिन जब अपमान और मार बढ़ती है, तो वे रस्सियाँ तोड़कर भागते हैं। काँजीहौस में जब सभी पशु भूखे-प्यासे पड़े रहते हैं, तब हीरा- मोती दीवार तोड़ते हैं और दूसरों को भी बाहर निकालते हैं। साँड़ से सामना होने पर भी वे भागते नहीं, बल्कि मिलकर संघर्ष करते हैं। इससे पता चलता है कि सम्मान, स्वतंत्रता और दूसरों की रक्षा के लिए कभी-कभी संघर्ष करना जरूरी होता है।

4“जब पेट भर गया और दोनों ने आजादी का अनुभव किया...” हीरा एवं मोती ‘स्वतंत्रता’ और ‘अपनापन’ दोनों में से किस भावना से अधिक प्रेरित थे? कारण सहित लिखिए।Show solution

हीरा और मोती स्वतंत्रता की भावना से अधिक प्रेरित थे। उन्हें झूरी के घर में प्रेम और अपनापन मिला था, लेकिन नया स्थान उन्हें बंधन, अपमान और कठोरता का प्रतीक लगा। जब वे रस्सियाँ तोड़कर लौटते हैं, तब उनका उद्देश्य केवल पुराने घर का मोह नहीं, बल्कि आज़ादी और आत्मसम्मान भी है। बाद में काँजीहौस से भागते समय भी उनकी प्रेरणा स्वतंत्रता ही रहती है।

5“बैलों ने जैसे पाँव न उठाने की कसम खा ली थी।”
‘अत्याचार सहना भी अन्याय में भागीदारी है’—क्या आप इस कथन से सहमत हैं? अपने उत्तर के कारण भी बताइए।
Show solution

हाँ, मैं इस कथन से सहमत हूँ। अत्याचार सहते रहना कई बार अन्याय को बढ़ावा देता है, क्योंकि अत्याचारी को लगता है कि उसका व्यवहार स्वीकार किया जा रहा है। कहानी में बैल पहले अपमान और मार सहते हैं, लेकिन जब वे विरोध करते हैं, तभी अपनी स्थिति बदलने का प्रयास करते हैं। यदि वे चुप रहते, तो अत्याचार और बढ़ता। इसलिए अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाना आवश्यक है।

6“बहुत दिनों साथ रहते-रहते दोनों में भाईचारा हो गया था।” हीरा और मोती अभिन्न मित्र थे। कहानी की किन-किन घटनाओं के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है? कम से कम तीन बिंदु लिखिए।Show solution

हीरा और मोती के अभिन्न मित्र होने के प्रमाण कहानी में कई जगह मिलते हैं—

  1. दोनों साथ-साथ चलते, खाते और आराम करते थे।
  2. हल या गाड़ी में जोते जाने पर दोनों एक-दूसरे का बोझ हल्का करने की कोशिश करते थे।
  3. संकट में एक-दूसरे को छोड़ते नहीं थे; जैसे मोती ने हीरा को काँजीहौस में रस्सी से छुड़ाने की कोशिश की।
  4. एक की पीड़ा पर दूसरा तुरंत प्रतिक्रिया करता है।

इन घटनाओं से उनकी गहरी मित्रता और भाईचारा सिद्ध होता है।

7“उसी समय मालकिन ने आकर दोनों के माथे चूम लिए।” कहानी में मालकिन और छोटी लड़की, दोनों के व्यवहार की तुलना कीजिए।Show solution

मालकिन का व्यवहार कठोर और स्वार्थी है। वह बैलों को देखकर जलती है, उन्हें नमकहराम कहती है और उन्हें सूखा भूसा देने का आदेश देती है। इसके विपरीत छोटी लड़की करुणामयी और संवेदनशील है। वह बैलों पर दया करती है, उनके माथे सहलाती है, रोटियाँ खिलाती है और उन्हें भागने का मौका भी देती है। इस तरह मालकिन का व्यवहार निर्दयता का और छोटी लड़की का व्यवहार ममता तथा सहानुभूति का प्रतीक है।

मेरी कल्पना मेरे अनुमान

1“उसने उनके माथे सहलाए और बोली— खोले देती हूँ। चुपके से भाग जाओ...” यदि आप वह छोटी लड़की होते, तो बैलों की मदद किस प्रकार करते?Show solution

यदि मैं वह छोटी लड़की होता, तो बैलों को चुपके से अच्छा चारा और पानी देता, उन्हें सूखा भूसा न खाने देता। मैं उनकी रस्सियाँ ढीली करता, उन्हें चोट न लगे इसका ध्यान रखता और मौका देखकर उन्हें सुरक्षित रूप से घर लौटने में मदद करता। यदि भागने में मदद कर सकता, तो ऐसा करता, लेकिन इस तरह कि उन पर शक भी न हो।

2“दोनों गधे अभी तक ज्यों-के-त्यों खड़े थे।” भय और संकोच इंसान को अवसर मिलने पर भी जकड़े रखता है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? इस वाक्य के संबंध में कहानी और अपने अनुभवों से उदाहरण लेते हुए अपने विचार लिखिए।Show solution

हाँ, मैं इस कथन से सहमत हूँ। कहानी में गधे अवसर मिलने पर भी डर और संकोच के कारण नहीं भागते, जबकि बाहर भागने का मौका था। इसी तरह जीवन में भी कई बार लोग डर, संदेह या असफलता के भय से सही अवसर होते हुए भी निर्णय नहीं ले पाते। मेरे अनुभव में भी कभी-कभी नया काम शुरू करने से पहले हम सोचते रहते हैं और मौका निकल जाता है। इसलिए भय और संकोच व्यक्ति को रोक देते हैं।

मेरे अनुभव मेरे विचार

1“दोस्तों में घनिष्ठता होते ही धौल-धप्पा होने लगता है। इसके बिना दोस्ती कुछ फुसफुसी, कुछ हल्की-सी रहती है, जिस पर ज्यादा विश्वास नहीं किया जा सकता।” क्या आप इस बात से सहमत हैं? आपको ऐसा क्यों लगता है? अपने अनुभवों के आधार पर बताइए।Show solution

हाँ, मैं इस बात से सहमत हूँ। सच्ची दोस्ती केवल औपचारिकता नहीं होती; उसमें घनिष्ठता, अपनापन और खुलापन होता है। जब मित्र आपस में सहज होते हैं, तभी वे मज़ाक, छेड़छाड़ या हल्की नोकझोंक कर पाते हैं। कहानी में भी हीरा और मोती का संबंध ऐसा ही है—वे एक-दूसरे से मूक-भाषा में बात करते हैं, साथ खाते-पीते हैं और संकट में साथ खड़े रहते हैं। इसलिए ऐसी दोस्ती मजबूत और विश्वसनीय होती है।

2“हीरा ने तिरस्कार किया— गिरे हुए बैरी पर सींग न चलाना चाहिए।”
“यह सब ढोंग है। बैरी को ऐसा मारना चाहिए कि फिर न उठे।”
आपका इस संबंध में क्या विचार है? आप किसके साथ हैं— हीरा के या मोती के या दोनों के? क्यों?
Show solution

मैं हीरा के विचार से अधिक सहमत हूँ, और कुछ सीमा तक मोती के क्रोध को भी समझता हूँ। हीरा का कहना है कि गिरे हुए बैरी पर वार नहीं करना चाहिए—यह मानवीयता, संयम और नैतिकता दिखाता है। मोती का विचार शत्रु को पूरी तरह पराजित करने वाला है, जो क्रोध में उचित लग सकता है, लेकिन वह कठोर है। इसलिए सही दृष्टि हीरा की है, क्योंकि जीत के बाद भी संयम और दया बनाए रखना श्रेष्ठ है।

3“हम और तुम इतने दिनों एक साथ रहे। आज तुम विपत्ति में पड़ गए तो मैं तुम्हें छोड़कर अलग हो जाऊँ?” क्या कभी आपने किसी विपत्ति या चुनौती का सामना अपने किसी मित्र या परिजन के साथ मिलकर किया है? उस घटना के विषय में बताइए।Show solution

इस प्रश्न का उत्तर आपके अपने अनुभव पर आधारित होना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि कभी पढ़ाई, यात्रा, बीमारी या किसी कठिन परिस्थिति में आपने किसी मित्र या परिवारजन के साथ मिलकर समस्या का सामना किया हो, तो उसे लिखें। उत्तर में यह बताइए कि चुनौती क्या थी, आपने साथ मिलकर क्या किया, और उससे क्या सीखा।

विधा से संवाद

2कहानी ऐसी रचना है जिसमें जीवन के किसी एक अंग या किसी एक मनोभाव को प्रदर्शित करना ही लेखक का उद्देश्य रहता है। उसके चरित्र, उसकी शैली, उसका कथा-विन्यास सभी उसी एक भाव को पुष्ट करते हैं।

कोई कहानी वास्तविक या काल्पनिक घटनाओं पर आधारित हो सकती है और इसमें वास्तविक या काल्पनिक पात्र भी शामिल हो सकते हैं।

आप कहानी लेखन की इस प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए एक कहानी का शीर्षक चुनिए और दिए गए मुख्य बिंदुओं को पूरा कीजिए—
Show solution

यह एक रचनात्मक लेखन वाला प्रश्न है। इसमें आपको कहानी का एक शीर्षक चुनकर उसके विषय, क्रिया/कार्य, परिवेश, पात्र और परिणाम लिखने हैं। चूँकि पुस्तक ने कोई एक निश्चित उत्तर नहीं दिया है, इसलिए इसका उत्तर आपके चुने हुए शीर्षक पर निर्भर करेगा।

4“दोनों सिर झुकाकर उसका हाथ चाटने लगे। दोनों की पूँछें खड़ी हो गईं।”

इस वाक्य को पढ़कर आँखों के सामने एक दृश्य-सा बन जाता है। आप जानते हैं कि भाषा की इस विशेषता को चित्रात्मकता कहते हैं। ‘दो बैलों की कथा’ कहानी में ऐसी अनेक विशेषताएँ हैं जो इसे अद्भुत और प्रभावपूर्ण बनाती हैं।

नीचे इस कहानी में आए कुछ विशेष बिंदुओं को उदाहरण के साथ दिया गया है। आप भी एक-एक उदाहरण खोजकर तालिका में लिखिए—
Show solution

इस प्रश्न में तालिका के लिए कहानी से उदाहरण खोजने हैं। कुछ उपयुक्त उदाहरण इस प्रकार हैं—

  • संवादात्मकता: “मर जाऊँगा, पर उसके काम तो न आऊँगा।”
  • विरोधाभास: “झूरी बैलों को देखकर स्नेह से गद्गद हो गया। झूरी की स्त्री ने बैलों को द्वार पर देखा, तो जल उठी।”
  • व्यंग्य: “अगर वे भी ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख जाते, तो शायद सभ्य कहलाने लगते।”
  • संघर्ष: “साँड़ पूरा हाथी है... पर दोनों मित्र जान हथेलियों पर लेकर लपके।”
  • अतिशयोक्ति: “झूरी इन्हें फूल की छड़ी से भी न छूता था।”
  • संदेह/उलझन: “सारा दिन बीत गया और खाने को एक तिनका भी न मिला।”
6प्रायः कहानी के प्रारंभ में ही कहानी के मुख्य चरित्र, कहानी का समय, कहानी की भाषा, घटनाओं आदि के कुछ संकेत मिलने लगते हैं। प्रेमचंद की इस कहानी में भी ऐसे संकेत हैं। आप कहानी के ऐसे संकेत/बिंदुओं को ढूँढ़कर लिखिए।Show solution

कहानी के प्रारंभ में ही कुछ संकेत मिलते हैं—

  • मुख्य चरित्र: हीरा और मोती, झूरी के बैल।
  • समय/समाज: किसानों, पशुओं और ग्रामीण जीवन का परिवेश।
  • भाषा: सरल, मुहावरेदार और जीवंत शैली।
  • कथानक का संकेत: पशुओं के प्रति अपनापन, बंधन, संघर्ष और स्वतंत्रता की भावना।
  • मुख्य भाव: आत्मीयता, स्वाभिमान और आज़ादी।
9आप कहानी लेखन की इस प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए एक कहानी का शीर्षक चुनिए और दिए गए मुख्य बिंदुओं को पूरा कीजिए—Show solution

यह भी रचनात्मक/गतिविधि-आधारित प्रश्न है। इसमें आपको कहानी से जुड़ी तालिका भरनी होती है। इसलिए इसका एक निश्चित पुस्तक-आधारित उत्तर नहीं है। आप अपने चुने हुए शीर्षक के अनुसार विषय, पात्र, परिवेश और परिणाम लिख सकते हैं।

10शीर्षक और लेखकShow solution

पुस्तक में इस भाग का शीर्षक “कहानी की पड़ताल” दिया गया है।

12नीचे इस कहानी में आए कुछ विशेष बिंदुओं को उदाहरण के साथ दिया गया है। आप भी एक-एक उदाहरण खोजकर तालिका में लिखिए—Show solution

इस गतिविधि में आपको कहानी से उदाहरण खोजकर तालिका में लिखने हैं। उदाहरण के रूप में आप संवादात्मकता, व्यंग्य, संघर्ष, अतिशयोक्ति आदि के लिए कहानी की उपयुक्त पंक्तियाँ लिख सकते हैं।

13है | शब्दों के माध्यम से पाठक के मन में स्पष्ट और जीवंत चित्र या छवियाँ बनाना।Show solution

“शब्दों के माध्यम से पाठक के मन में स्पष्ट और जीवंत चित्र या छवियाँ बनाना” — यह चित्रात्मक भाषा की परिभाषा है।

14संवादात्मकता | कथ्य को आगे बढ़ाने के लिए, पात्रों के विचार, भाव आदि व्यक्त करने के लिए बातचीत और संवादों का प्रयोग।Show solution

संवादात्मकता का अर्थ है कथ्य को आगे बढ़ाने के लिए पात्रों के विचार और भाव बातचीत के माध्यम से व्यक्त करना।

15विरोधाभास | एक ही प्रसंग या रचना में दो विपरीत या परस्पर विरोधी बातें एक साथ मौजूद होना।Show solution

विरोधाभास का अर्थ है एक ही प्रसंग में दो विपरीत बातें एक साथ होना।

16व्यंग्य | वह शैली जिसमें मजाक, हास्य या कटाक्ष (चुभते हुए संकेतों) के माध्यम से किसी दोष, कुरीति, अन्याय, पाखंड या कमजोरी को प्रकट किया जाता है।Show solution

व्यंग्य वह शैली है जिसमें मजाक, हास्य या कटाक्ष के माध्यम से किसी दोष, कुरीति, अन्याय या कमजोरी को प्रकट किया जाता है।

17संघर्ष | दो विरोधी शक्तियों, विचारों, इच्छाओं या परिस्थितियों का आपस में टकराना।Show solution

संघर्ष का अर्थ है दो विरोधी शक्तियों, इच्छाओं या परिस्थितियों का आपस में टकराना।

18अतिशयोक्ति | किसी पात्र, घटना, भाव या वस्तु का वर्णन इतना बढ़ाकर करना कि वह असंभव या अविश्वसनीय लगे।Show solution

अतिशयोक्ति में किसी बात का वर्णन इतना बढ़ाकर किया जाता है कि वह असंभव या अविश्वसनीय लगे।

19संदेह/उलझन | जब पात्र किसी निर्णय पर नहीं पहुँच पाता।Show solution

जब कोई पात्र किसी निर्णय पर नहीं पहुँच पाता, तो उसे संदेह/उलझन कहते हैं।

विषयों से संवाद

3इस कहानी में से कुछ वाक्य चुनकर नीचे दिए गए हैं। इन वाक्यों का मिलान स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े उपयुक्त वाक्यों के साथ कीजिए—Show solution

कहानी के वाक्यों और स्वतंत्रता आंदोलन के वाक्यों का सही मिलान इस प्रकार है—

  1. जोर तो मारता ही जाऊँगा, चाहे कितने ही बंधन पड़ते जाएँ। → 3. ब्रिटिश साम्राज्य बहुत शक्तिशाली था, फिर भी स्वतंत्रता सेनानियों ने साहसपूर्वक उसका सामना किया।
  2. मर जाऊँगा, पर उसके काम तो न आऊँगा। → 5. स्वतंत्रता के लिए प्राण देना स्वीकार्य था, पर अंग्रेजों की सेवा में लगना अस्वीकार्य।
  3. हमारी जान को कोई जान ही नहीं समझता। → 4. दासता के काल में भारतीयों के प्राण, सम्मान और अधिकारों की कोई महत्ता नहीं थी।
  4. दोनों मित्रों की आँखों में, रोम-रोम में विद्रोह भरा हुआ था। → 2. भारतीय जनता के मन में ब्रिटिश शासन के प्रति विद्रोह धीरे-धीरे गहराता गया।
  5. इतना तो हो ही गया कि नौ-दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगे। → 1. भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों ने बलिदान दिया, जिससे लाखों भारतीयों में आजादी की प्रेरणा जगी।
  6. साँड़ पूरा हाथी है... पर दोनों मित्र जान हथेलियों पर लेकर लपके। → 6. स्वतंत्रता सेनानी बार-बार जेल गए, फाँसी पर चढ़े, पर संघर्ष छोड़ने को तैयार नहीं हुए।
4पशुओं के लिए कानूनShow solution

न्याय यह है कि मवेशियों को कानून के अनुसार संरक्षण मिले और उनका अनावश्यक शोषण न हो। अन्याय यह है कि निर्दोष बैलों को बिना उचित कारण काँजीहाउस में बंद कर दिया गया, भूखा रखा गया और फिर नीलाम किया गया।

5नीचे दिए गए संवाद पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए—Show solution

संवादों के आधार पर—

  1. बैलों का बंद होना न्याय और अन्याय दोनों दिखाता है, क्योंकि कानून के अनुसार बिना स्वामी के पशुओं को पकड़ना उचित माना गया, लेकिन निर्दोष और अपने मालिक के पशुओं को भूख-प्यास में बंद रखना अन्याय था।
  2. यदि अवसर मिले, तो बैलों की ओर से भोजन, पानी, उचित देखभाल, मारपीट से सुरक्षा, और गलत तरीके से नीलाम न किए जाने का अधिकार माँगेंगे।
  3. थानाध्यक्ष को शिकायत-पत्र में यह लिखा जाएगा कि बैलों के साथ अन्याय हुआ, उन्हें जबरन पकड़ा गया, भूखा रखा गया और उनके अधिकारों का हनन किया गया।
1बैलों का काँजीहाउस में बंद होना न्याय और अन्याय दोनों को दर्शाता है। कैसे?

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2यदि आपको अवसर मिले तो आप बैलों की ओर से कौन-कौन से कानूनी अधिकार माँगेंगे?

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3मान लीजिए कि हीरा-मोती अपने साथ हुए अन्याय की शिकायत करना चाहते हैं। उनकी ओर से उनकी शिकायत थानाध्यक्ष को करते हुए एक पत्र लिखिए।

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9हमारी धरोहर और संस्कृति

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1“वह अपना धर्म छोड़ दे लेकिन हम अपना धर्म क्यों छोड़ें!”
कहानी के अनुसार हीरा और मोती सदैव ध्यान रखते थे कि कौन-से कार्य करने योग्य हैं और कौन-से नहीं। वे कौन-कौन से कार्य कभी नहीं करते थे?

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2“गिरे हुए बैरी पर सींग न चलाना चाहिए।”
“लेकिन औरत जात पर सींग चलाना मना है, यह भूले जाते हो।”
हीरा के ये कथन किन भारतीय मूल्यों की ओर संकेत करते हैं?

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13अलग-अलग और साथ-साथ

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1कहानी के आधार पर हीरा और मोती की विशेषताएँ लिखिए।

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2हीरा और मोती की विशेषताएँ कुछ-कुछ समान और कुछ-कुछ अलग हैं, किंतु उनकी भिन्न विशेषताएँ एक-दूसरे को पूरा करती हैं। कैसे?

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3आपकी कक्षा में भी कुछ-कुछ समान और कुछ-कुछ भिन्न विशेषताओं वाले सहपाठी हैं। सबकी आवश्यकताएँ भी थोड़ी समान और थोड़ी भिन्न हैं। बताइए कि आप भिन्न विशेषताओं वाले सहपाठी से अपने लिए कैसा व्यवहार चाहते हैं? उनसे पता कीजिए कि वे आपसे अपने लिए कैसा व्यवहार चाहते हैं?

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4“दोनों आमने-सामने या आस-पास बैठे हुए एक-दूसरे से मूक-भाषा में विचार-विनिमय करते थे।”
कहानी में अनेक स्थानों पर ‘मूक-भाषा’ का उल्लेख किया गया है। आपके विचार से हीरा और मोती किस प्रकार आपस में बातें किया करते होंगे? अनुमान और कल्पना से बताइए।

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5आप भी अनेक अवसरों पर बिना शब्दों का उच्चारण किए संवाद करते हैं। कब-कब? कहाँ-कहाँ? कुछ उदाहरण लिखिए।

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22मार्ग खोजेंगे कैसे?

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1हीरा-मोती अपने घर के मार्ग से भटक गए थे। क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आप रास्ता भूल गए या भटक गए? तब आपने अपने मार्ग का पता कैसे लगाया था?

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2यदि कोई व्यक्ति भटक जाए तो उसे क्या करना चाहिए कि वह सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुँच जाए। कक्षा में चर्चा कीजिए और लिखिए।

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29कहानी में हीरा और मोती आपस में मनुष्यों की तरह बातें करते दिखते हैं। कल्पना कीजिए कि वे लिख-पढ़ भी सकते हैं। हीरा या मोती की नजर से उस दिन की डायरी लिखिए जब उन्हें कॉजीहाउस ले जाया गया।

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31मान लीजिए आप एक स्थानीय समाचार पत्र के संवाददाता हैं। अपने समाचार पत्र के लिए बैलों के काँजीहाउस से भागने का समाचार लिखिए।

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33यदि बैल वापस न लौटते तो कहानी का अंत कैसे होता? कहानी का नया अंत लिखिए।

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35नीचे “दो बैलों की कथा” की एक घटना को चित्रकथा के रूप में दिया गया है। इन घटनाओं को पहचानिए। प्रत्येक घटना के लिए उपयुक्त संवाद और घटनाक्रम बताने वाले वाक्य लिखिए।

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37नीचे दिए गए संवाद पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए—

“मैं तो समझता हूँ, चुराए लिए आते हो। चुपके से चले जाओ। मेरे बैल हैं। मैं बेचूँगा, तो बिकेंगे। किसी को मेरे बैल नीलाम करने का क्या अख्तियार है?”

“जाकर थाने में रपट कर दूँगा।”

“मेरे बैल हैं। इसका सबूत यह है कि मेरे द्वार पर खड़े हैं।”

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3“दूसरे दिन गया ने बैलों को हल में जोता”
(क) खेतों में जुताई के लिए बैल और हल कृषि के पारंपरिक उपकरण हैं। कृषि के अन्य पारंपरिक और आधुनिक उपकरणों तथा उनके उपयोग के विषय में पता लगाइए और लिखिए।
(ख) भारत में बैल केवल पशु नहीं बल्कि कृषि संस्कृति का अभिन्न अंग हैं। लिखिए कि भारतीय गाँवों एवं शहरों में भी बैल किस-किस काम में सहायक होते हैं?

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40“लोग आ-आकर उनकी सूरत देखते और मन फीका करके चले जाते।”

‘मन फीका करना’ एक मुहावरा है जिसका अर्थ आपको वाक्य पढ़कर समझ में आ ही गया होगा। इसी से मिलते-जुलते मुहावरे हैं— जी फीका होना, जी खट्टा होना आदि। ‘दो बैलों की कथा’ कहानी में कई मुहावरे हैं जिनसे यह कहानी जीवंत हो गई है। ऐसी भाषा को ही मुहावरेदार भाषा कहा जाता है।

कहानी में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। इन वाक्यों में मुहावरों को पहचानकर रेखांकित कीजिए। इन मुहावरों का प्रयोग करते हुए नए वाक्य बनाकर लिखिए—

1. “झूरी के साले गया को घर तक गोई ले जाने में दाँतों पसीना आ गया।”
2. “उसका चेहरा देखकर अंतर्ज्ञान से दोनों मित्रों के दिल काँप उठे।”
3. “झूरी की स्त्री ने बैलों को द्वार पर देखा, तो जल उठी।”
4. “मोती दिल में ऐंठकर रह गया।”
5. “आएगा तो दूर ही से खबर लूँगा। देखूँ कैसे ले जाता है।”
6. “जी तोड़कर काम करते हैं, किसी से लड़ाई-झगड़ा नहीं करते, चार बातें सुनकर गम खा जाते हैं।”
7. “अगर वे भी ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख जाते, तो शायद सभ्य कहलाने लगते।”
8. “तो फिर वहीं मरो। बंदा तो नौ-दो ग्यारह होता है।”

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41“बाल-सभा ने निश्चय किया, दोनों पशुवीरों को अभिनंदन-पत्र देना चाहिए।”

(क) मान लीजिए कि बाल-सभा ने हीरा और मोती की प्रशंसा में एक गीत लिखा और गाया। अपनी कल्पना से वह गीत लिखिए।

(ख) हीरा और मोती के लिए अभिनंदन-पत्र लिखिए।

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42“कभी-कभी अडियल बैल भी देखने में आता है।”

नीचे ‘बैल’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है।

बैल (हिंदी); वृषभः (संस्कृत); बओलद, बलद (पंजाबी); बैल (उर्दू); दोंद (कश्मीरी); ढगो (सिंधी); बैल (मराठी); बळद (गुजराती); बैल (कोंकणी); गोरु (नेपाली); बलद (बांग्ला); षाँड़, बलध (असमिया); शन, लाबा (मणिपुरी); बलद (ओड़िया); एंदद (तेलुगु); एरिदु/काळेमाहु (तमिल); काळ (मलयालम); एतु (कन्नड़)।

- इनके अतिरिक्त यदि आप ‘बैल’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
- उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए।

https://shabd.education.gov.in/lexicon.jsp

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भाषा से संवाद

3कहानी में से पाँच ऐसे शब्द चुनकर लिखिए जो आपके लिए बिल्कुल नए हैं। अब उन शब्दों के अर्थ अपने अनुमान से लिखिए। इसके बाद उनके अर्थ शब्दकोश में से देखकर लिखिए।

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5“लोग आ-आकर उनकी सूरत देखते और मन फीका करके चले जाते।”

‘मन फीका करना’ एक मुहावरा है जिसका अर्थ आपको वाक्य पढ़कर समझ में आ ही गया होगा। इसी से मिलते-जुलते मुहावरे हैं— जी फीका होना, जी खट्टा होना आदि। ‘दो बैलों की कथा’ कहानी में कई मुहावरे हैं जिनसे यह कहानी जीवंत हो गई है। ऐसी भाषा को ही मुहावरेदार भाषा कहा जाता है।

कहानी में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। इन वाक्यों में मुहावरों को पहचानकर रेखांकित कीजिए। इन मुहावरों का प्रयोग करते हुए नए वाक्य बनाकर लिखिए—

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8“बाल-सभा ने निश्चय किया, दोनों पशुवीरों को अभिनंदन-पत्र देना चाहिए।”

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12इस कहानी के पाँच भाग हैं। कहानी के प्रत्येक भाग को अपने मन से उपयुक्त शीर्षक दीजिए।

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#### मेरी पहलीअपने समूह के साथ मिलकर ऐसी पहेलियाँ बनाइए जिनके उत्तर निम्नलिखित हों—

हीरा, झूरी, मोती, गया, बैल, मटर, रस्सी, रोटी

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#### भाषा संगम“कभी-कभी अडियल बैल भी देखने में आता है।”

नीचे ‘बैल’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है।

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20कहानी में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। इन वाक्यों में मुहावरों को पहचानकर रेखांकित कीजिए। इन मुहावरों का प्रयोग करते हुए नए वाक्य बनाकर लिखिए—

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(क)मान लीजिए कि बाल-सभा ने हीरा और मोती की प्रशंसा में एक गीत लिखा और गाया। अपनी कल्पना से वह गीत लिखिए।

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(ख)हीरा और मोती के लिए अभिनंदन-पत्र लिखिए।

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33 more solved questions in दो बैलों की कथा (प्रेमचंद)

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in दो बैलों की कथा (प्रेमचंद) for CBSE Class 9 Hindi?
Key topics in दो बैलों की कथा (प्रेमचंद) include लेखक परिचय, कहानी का मूल भाव, पात्र-परिचय, कथा-क्रम के मुख्य बिंदु. Study these first, then practise questions on each for Class 9 exams.
Are these NCERT Solutions for दो बैलों की कथा (प्रेमचंद) free?
The first 34 of the 67 solutions on this page are open to read. The other 33 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise दो बैलों की कथा (प्रेमचंद) for Class 9 exams?
Learn the core ideas first, then work through the 91 practice questions on दो बैलों की कथा (प्रेमचंद). Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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