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Chapter 7 of 12
NCERT Solutions

ऐसी भी बातें होती हैं (लता मंगेशकर से साक्षात्कार) (यतींद्र मिश्र)

CBSE · Class 9 · Hindi

NCERT Solutions for ऐसी भी बातें होती हैं (लता मंगेशकर से साक्षात्कार) (यतींद्र मिश्र) — CBSE Class 9 Hindi.

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70 Questions Solved · 29 Sections

35 worked solutions below. Unlock all 70 free in Super Tutor

# अभ्यास

1लता जी ने अपने पिताजी से क्या-क्या सीखा?Show solution
लता जी ने बताया कि उनके पिताजी ने उन्हें स्वाभिमान से जीने की प्रेरणा दी और सही बात पर डटे रहने की हिम्मत दी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी के आगे झुकने की जरूरत नहीं है। इसलिए सबसे उपयुक्त उत्तर स्वाभिमान और सच्चाई के साथ जीना है।

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2पिताजी की मृत्यु के बाद परिवार सँभालने का लता जी का निर्णय किस जीवन-मूल्य का द्योतक है?Show solution
पिताजी की मृत्यु के बाद लता जी ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली और घर चलाने के लिए कठिन परिश्रम किया। यह उनके कर्तव्य को निभाने की भावना दिखाता है। इसलिए सही उत्तर कर्तव्यनिष्ठा है।

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3“बिल्कुल ठेठ गँवई अंदाज में यह मंगलागौर का उत्सव मनाया जाता है...” ‘मंगलागौर’ के वर्णन से भारतीय समाज की कौन-सी परंपरा उजागर होती है?Show solution
‘मंगलागौर’ में स्त्रियाँ गीत गाती हैं, नाचती हैं और सामूहिक रूप से उत्सव मनाती हैं। इससे पता चलता है कि संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज के पर्व-त्योहारों और सामूहिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग है। इसलिए सही उत्तर संगीत की महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका है।

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4“गांव गेला वाहुन, नाव गेला राहुन” — इस कहावत का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?Show solution
लता जी ने समझाया कि इस कहावत का अर्थ है— गाँव/जीवन तो बदलता या चला जाता है, लेकिन नाम रह जाता है। यानी मनुष्य का शरीर नश्वर है, पर उसके कर्म और नाम बने रहते हैं। इसलिए सही अर्थ है: जीवन अस्थायी है, पर कर्म अमर रहते हैं।

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5कोरस में साथ गाने वाली लड़कियों के साथ लता जी के संबंध कैसे थे?Show solution
लता जी ने कोरस की लड़कियों को अपने घर जैसी बताया। वे उनके साथ जमीन पर बैठकर बातें करती थीं और उनका संबंध बहुत अच्छा था। इसलिए संबंध आत्मीय थे।

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6लता मंगेशकर के अनुसार बाबा हरिदास और तानसेन की कथाओं से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?Show solution
लता जी ने कहा कि संभव है उन महान संगीतकारों की कला में कोई सच्चा सुर और आत्मा की आवाज लगी हो, तभी ऐसी घटनाएँ हुई हों। बाद में वे यह भी कहती हैं कि संगीत की असीम शक्ति कुछ अप्रत्याशित रच देती है। इसलिए निष्कर्ष है कि संगीत में अपरिमित शक्ति होती है।

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7पूरे साक्षात्कार में लता मंगेशकर की जो छवि बनती है, वह मुख्यतः कैसी है?Show solution
पूरे साक्षात्कार में लता जी मितभाषी, विनम्र, कृतज्ञ, मेहनती और स्वाभिमानी दिखाई देती हैं। वे परिवार, संगीत और परंपरा के प्रति समर्पित हैं। इसलिए उनकी छवि मुख्यतः सादगी, समर्पण और आत्मसम्मान की बनती है।

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### मेरी समझ मेरे विचार

1“पिताजी उस समय पूछते थे, ‘समझ गए न?’... इसके बाद वे कहते थे कि ‘अच्छा अब जाओ, बाहर जाकर खेलो।’” यह प्रसंग पारिवारिक अनुशासन और स्नेह के संतुलन का प्रतीक है। कैसे?Show solution
यह प्रसंग दिखाता है कि पिताजी डराकर नहीं, समझाकर अनुशासन सिखाते थे। वे बच्चों को अपनी गलती का अहसास करा देते थे, लेकिन उसके बाद उन्हें प्यार से जाने देते थे। इससे परिवार में सम्मान, अनुशासन और स्नेह—तीनों का संतुलन बनता है।

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2लता मंगेशकर पर अपने पिताजी पं. दीनानाथ मंगेशकर के व्यक्तित्व का क्या प्रभाव पड़ा? उनके कौन-कौन से कार्यों और व्यवहार में उनके पिता का प्रभाव दिखाई देता है?Show solution
पं. दीनानाथ मंगेशकर का लता जी पर गहरा प्रभाव पड़ा। उनसे लता जी ने स्वाभिमान, सही बात पर अडिग रहने की हिम्मत, संस्कार और परिवार के प्रति जिम्मेदारी सीखी। उनके कार्यों में यह प्रभाव दिखता है कि वे किसी के आगे हाथ नहीं पसारतीं, मेहनत से काम करती हैं, परिवार को संभालती हैं और अपने निर्णयों पर दृढ़ रहती हैं।

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3“मैंने अपने पिताजी का नाम, थोड़ा ही सही मगर, आगे बढ़ाया।” ‘नाम आगे बढ़ाने’ का लता जी के लिए क्या अर्थ है? क्या यह सिर्फ प्रसिद्धि पाना है या इससे कोई महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व भी जुड़ा हुआ है?Show solution
लता जी के लिए नाम आगे बढ़ाने का अर्थ केवल प्रसिद्धि पाना नहीं है। इसका मतलब है— अपने पिता की कला, संस्कार, प्रतिष्ठा और आदर्शों को आगे बढ़ाना। इसमें एक बड़ा उत्तरदायित्व भी जुड़ा है: अपने काम से परिवार और गुरु का सम्मान बनाए रखना, सही मूल्यों पर चलना और अपने नाम के साथ अपने पिताजी का नाम भी उज्ज्वल करना।

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4किसी भी कार्य को पूरा करने में सहयोगियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। साक्षात्कार के आधार पर बताइए कि लता जी के अपने सहयोगियों के साथ संबंध कैसे थे?Show solution
लता जी का अपने सहयोगियों के साथ संबंध बहुत आत्मीय और अपनापन भरा था। कोरस की लड़कियाँ उनके लिए घर जैसी थीं। वे उनके साथ बैठती थीं, बातें करती थीं और पारिवारिक माहौल बनता था। इससे पता चलता है कि वे सहयोगियों को केवल सहकर्मी नहीं, बल्कि अपना मानती थीं

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### साक्षात्कार से उभरता व्यक्तित्व/उभरती छवि

1“मुझे अपने गाने और रेकॉर्डिंग के अलावा किसी दूसरी चीज की सुध नहीं रहती थी।”Show solution
इस कथन में लता जी का पूरा ध्यान केवल गाने और रिकॉर्डिंग पर लगा रहता है। उन्हें दूसरी किसी चीज की सुध नहीं रहती थी। इसलिए यह एकाग्रता को दर्शाता है।

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1“अगर कोई बात तुम्हें सही लगती है, तो उसे करो और किसी के आगे झुकने की जरूरत नहीं है।”Show solution
लता जी ने कहा कि यदि कोई बात आपको सही लगती है, तो उसे करना चाहिए और किसी के आगे झुकना नहीं चाहिए। इससे उनके स्वाभिमान, दृढ़ता और सच के साथ खड़े रहने के संस्कार झलकते हैं।

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3“आप जैसे लोग अगर यह मानते हैं कि मैं अमर हूँ, तो यह मुझे मिलने वाले उस प्यार जैसा ही है।”Show solution
“आप जैसे लोग अगर यह मानते हैं कि मैं अमर हूँ...” — यह कथन अपने प्रशंसकों के प्यार के प्रति आभार व्यक्त करता है। इसलिए यह कृतज्ञता को दर्शाता है।

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4“मेरा गाना अमर है, पर शरीर तो अमर नहीं।”Show solution
“मेरा गाना अमर है, पर शरीर तो अमर नहीं।” इस कथन में जीवन की नश्वरता और कला की अमरता पर विचार है। इसलिए यह दार्शनिकता को दर्शाता है।

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### मेरे प्रश्न

1लता मंगेशकर ने संगीत के विषय में क्या कहा?Show solution
लता मंगेशकर ने संगीत को अपने जीवन का आधार बताया। उनके अनुसार वे हमेशा संगीत में डूबी रहीं और जो कुछ भी उन्होंने जाना, वह संगीत के ही माध्यम से जाना। उन्होंने यह भी कहा कि संगीत में असीम शक्ति है और वह मनुष्य को भीतर तक प्रभावित करता है।

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2लता मंगेशकर ने संगीत की क्या विशेषताएँ बताई हैं?Show solution
लता मंगेशकर ने संगीत की विशेषताएँ बताते हुए उसे असीम शक्ति वाला, अप्रत्याशित रूप से प्रभाव पैदा करने वाला और आत्मा को छूने वाला माना है। उनके अनुसार संगीत में इतना बल है कि वह श्रोता को मंत्रमुग्ध कर सकता है और कभी-कभी असाधारण घटनाएँ भी कर सकता है।

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3लता मंगेशकर ने संगीत की क्षमता का आकलन करते हुए क्या कहा?Show solution
संगीत की क्षमता का आकलन करते हुए लता जी ने कहा कि यह कुछ अप्रत्याशित रच देता है। उन्होंने माना कि संगीत की शक्ति इतनी गहरी है कि वह सामान्य अनुभव से परे प्रभाव पैदा कर सकती है।

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4उस्ताद अली अकबर खाँ और पंडित रविशंकर के कंसर्ट में हुई घटना से संगीत के बारे में क्या पता चलता है?Show solution
अली अकबर खाँ के कंसर्ट में तार टूटने की घटना से लता जी ने यह निष्कर्ष निकाला कि जब सुर बहुत पवित्र और गहरे होते हैं, तो संगीत की शक्ति अत्यंत तीव्र हो जाती है। इससे पता चलता है कि संगीत में ऐसी अनंत शक्ति है जो श्रोता और वादक दोनों को अभिभूत कर सकती है।

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### मेरे अनुभव मेरे विचार

2“बाबा ने जैसा सिखाया था, उस पर हम सभी भाई-बहनों ने चलने का प्रयास किया।”Show solution
लता जी ने बताया कि उनके पिताजी ने उन्हें हर हाल में स्वाभिमान के साथ जीना सिखाया। उनकी शिक्षा थी कि जो बात सही लगे, उस पर डटे रहो और किसी के आगे हाथ मत फैलाओ। यही संस्कार लता जी ने पूरे जीवन निभाने का प्रयास किया।

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3“पहले दिन गुड़ि बाँधने के बाद नौ दिन तक उत्सव मनाया जाता है।”Show solution
यह वाक्य महाराष्ट्र की गुड़ी पड़वा और उससे जुड़े नौ दिन के उत्सव की परंपरा को बताता है। पहले दिन गुड़ी बाँधी जाती है, फिर नौ दिन उत्सव मनाया जाता है और अंत में रामनवमी आती है।

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4“बिल्कुल ठेठ गँवई अंदाज में यह मंगलागौर का उत्सव मनाया जाता है, मगर आहिस्ता-आहिस्ता वह भी अब खत्म हो रहा है।”Show solution
यह कथन मंगलागौर जैसी लोक-परंपराओं के धीरे-धीरे समाप्त होने की ओर संकेत करता है। इससे पता चलता है कि पहले जो उत्सव ठेठ गँवई अंदाज में सामूहिक रूप से मनाए जाते थे, वे अब कम होते जा रहे हैं।

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### विधा से संवाद

1‘ऐसी भी बातें होती हैं’ एक साक्षात्कार है। साक्षात्कार में एक व्यक्ति प्रश्न पूछता है और दूसरा व्यक्ति उन प्रश्नों के उत्तर देता है। साक्षात्कार विधा के कुछ मुख्य बिंदु आगे दिए गए हैं। इस साक्षात्कार में से इन मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करने वाली पंक्तियों को ढूँढ़कर लिखिए।Show solution
साक्षात्कार की मुख्य पंक्तियाँ उदाहरण के रूप में इस प्रकार हैं:

- साक्षात्कार लेने वाला/ली गई व्यक्तित्व: “यतींद्र मिश्र : दीदी, आपके संगीत की अप्रतिम यात्रा पर बातचीत शुरू करते हैं...”
- प्रश्नोत्तर: “यतींद्र मिश्र : आपके पिताजी...?”, “लता मंगेशकर : कई बातें हैं।”
- भावनात्मक वातावरण: “(हँसते हुए)”, “आप जैसे लोग अगर यह मानते हैं...”
- आमंत्रण/स्वागत/परिचय: “जी, जरूर। आपका बेहद शुक्रिया...”
- उत्तर देने की शैली का संकेत: “मैं कोशिश करूँगी कि जो कुछ भी मैंने संगीत में रहते हुए जाना है...”
- विचार और उदाहरण: पिताजी, कोरस, होली, दीवाली, अली अकबर खाँ की घटना आदि के संस्मरण
- समापन: “आज मुझे लगता है कि हे प्रभु! तुमने जो भी दिया...”

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2“मैं कोशिश करूँगी कि जो कुछ भी मैंने संगीत में रहते हुए जाना है, उसे आपको बता सकूँ।”Show solution
यह कथन साक्षात्कार की आत्मीय, विनम्र और सहयोगपूर्ण शैली दिखाता है। इसमें औपचारिकता से अधिक अपनापन है, क्योंकि लता जी सामने वाले को सम्मान देते हुए अपने अनुभव साझा करने के लिए तैयार हैं।

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# आपका साक्षात्कार

1“आप पूछिए, मैं आपके प्रश्नों का जवाब देने के लिए तैयार हूँ।”Show solution
यह कथन साक्षात्कार की सहज, आत्मीय और सम्मानपूर्ण शैली दिखाता है। लता जी प्रश्न पूछने वाले का स्वागत करती हैं, जवाब देने के लिए तैयार होने की बात कहती हैं और बातचीत को औपचारिकता से नहीं, बल्कि अपनापन और विनम्रता से आगे बढ़ाती हैं।

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# विषयों से संवाद

1“एक स्टूडियो से दूसरे और तीसरे स्टूडियो के चक्कर में ही पूरा दिन बीत जाता था।”Show solution
लता जी के अनुसार रेकॉर्डिंग की प्रक्रिया बहुत व्यस्त और थकाने वाली थी। उन्हें एक दिन में एक स्टूडियो से दूसरे और फिर तीसरे स्टूडियो तक जाना पड़ता था, इसलिए पूरा दिन इसी भागदौड़ में निकल जाता था। इससे पता चलता है कि वे अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित थीं और समय का उपयोग भी बहुत मेहनत से करती थीं।

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2“पहले के दौर में पुरुष और स्त्री आवाजों के कोरस हम लोगों के गीतों के साथ ही रेकॉर्ड होते थे। भले ही वह गाना डुएट हो या फिर कोई सोलो सांगा।”Show solution
इस कथन से पता चलता है कि पहले के समय में गाने की रेकॉर्डिंग में कोरस का बहुत महत्त्व था। डुएट हो या सोलो, पुरुष और स्त्री आवाजों का कोरस साथ ही रेकॉर्ड होता था। बाद में ऐसे कोरस-गायकों के साथ लता जी के बहुत आत्मीय संबंध बन गए, क्योंकि वे सब परिवार जैसे लगते थे।

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### शास्त्रीय संगीत

1“फिर उसमें लंबी-लंबी रागदारी वाले गायन की भी परंपरा थी।”Show solution
इस पंक्ति से भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपरा का पता चलता है। पुराने समय में नाटकों और संगीत-सभाओं में लंबी रागदारी वाला गायन होता था। इससे यह समझ में आता है कि उस दौर में संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक गहरी कलात्मक परंपरा थी।

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2“त्योहारों के संदर्भ में एक बात और ध्यान में आती है कि अधिकांश प्रदेशों में पर्व व अनुष्ठानों से संबंधित घर-घर गीत गाए जाने का प्रचलन रहा है।”Show solution
इस कथन से यह स्पष्ट होता है कि भारत में त्योहारों के साथ लोकगीतों की मजबूत परंपरा रही है। होली, छठ, जन्माष्टमी, रामनवमी जैसे अवसरों पर घर-घर गीत गाए जाते हैं। इससे यह भी पता चलता है कि संगीत की सामाजिक भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है, क्योंकि वह पर्वों को सामूहिक और आनंदपूर्ण बनाता है।

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### साइबर सुरक्षा

1“आज, जो स्थिति है और जिस तरह हमारी तकनीक विकसित हो चुकी है, उसमें अगर इन लोगों को काम करने का मौका मिलता, तब तो कमाल ही हो गया होता।”Show solution
लता मंगेशकर के अनुसार यदि पुराने महान संगीतकारों को आज की विकसित तकनीक मिलती, तो वे और भी अद्भुत संगीत रचते। वे यह मानती हैं कि पुराने संगीतकारों की सादगी, नवाचार और गहराई बहुत विशेष थी। इस कथन से संगीत की अपरिमित शक्ति और कलाकारों की प्रतिभा का पता चलता है।

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## हम ऐसे भी बोलते हैं

1क्या आपके जीवन में भी कोई ऐसा व्यक्ति है जो बिना कुछ बोले सिर्फ नजरों या संकेतों (हाव-भाव) से ही आपको समझा देता है? उस अनुभव के विषय में बताइए।Show solution
हाँ, मेरे जीवन में भी एक ऐसा व्यक्ति है जो बिना बोले मेरे चेहरे के भाव देखकर समझ जाता है कि मैं क्या महसूस कर रहा/रही हूँ। जब मुझे कोई परेशानी होती है, तो वह सिर्फ मेरी ओर देखकर ही मेरा मन समझ लेता/लेती है। ऐसा अनुभव बहुत सुकून देने वाला होता है, क्योंकि उसमें स्नेह और समझदारी दोनों होती हैं।

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2यदि कोई व्यक्ति बिना बोले (संकेत भाषा में) आपको कुछ समझा रहा है, तो वह आपके साथ और आप उसके साथ कैसा व्यवहार करेंगे?Show solution
ऐसी स्थिति में मैं उस व्यक्ति की बातों और संकेतों पर ध्यान से ध्यान दूँगा/दूँगी। मैं धैर्य और सम्मान के साथ उसे समझने की कोशिश करूँगा/करूँगी। बदले में मैं भी समानुभूति और विनम्रता के साथ व्यवहार करूँगा/करूँगी, ताकि बातचीत सहज और भरोसेमंद बनी रहे।

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## सृजन

1“अगर हम समय के चक्र (टाइम मशीन) को घुमाकर सन् 1949-50 में ले जाएँ”, कल्पना कीजिए कि आपके पास टाइम मशीन है। 1940-50 के दशक में जाकर लता जी से मिलिए और उनके साथ बिताए गए एक दिन का वर्णन डायरी के रूप में लिखिए। उस समय की वेशभूषा, भोजन, संगीत आदि का वर्णन अवश्य कीजिए।Show solution
डायरी प्रविष्टि

आज का दिन मेरे लिए अविस्मरणीय रहा। मेरी टाइम मशीन मुझे 1949-50 के दशक में ले गई और मैं लता मंगेशकर जी से मिलने पहुँचा/पहुँची। वे साधारण लेकिन बहुत साफ-सुथरी साड़ी में थीं और उनके व्यक्तित्व में अद्भुत सादगी थी। सुबह-सुबह वे रेकॉर्डिंग के लिए निकलने की तैयारी कर रही थीं।

मैंने देखा कि उस समय का संगीत बहुत गंभीर साधना जैसा था। स्टूडियो में बिना आधुनिक तकनीक के भी कलाकार पूरी एकाग्रता से काम करते थे। वहाँ शास्त्रीयता, सुरों की शुद्धता और भावों की गहराई स्पष्ट दिख रही थी। लता जी ने मुस्कराकर बताया कि वे अपने बाबा से सीखी बातों को जीवन में उतारती हैं।

दोपहर में मुझे मराठी भोजन जैसा सादा और स्वादिष्ट खाना मिला। घर का वातावरण बहुत आत्मीय था। शाम को जब संगीत की बात चली, तो लता जी ने कुछ पुराने गीतों का स्मरण किया। उनकी आवाज़ में इतनी मिठास थी कि लगा जैसे संगीत अपने असली रूप में सामने खड़ा हो।

दिन के अंत में मुझे यह समझ आया कि उस दौर की दुनिया भले ही साधनों में छोटी थी, पर साधना और समर्पण बहुत बड़े थे।

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2“आप जैसे लोग अगर यह मानते हैं कि मैं अमर हूँ, तो यह मुझे मिलने वाले उस प्यार जैसा ही है।” कल्पना कीजिए कि यह लता जी का अंतिम संदेश है— आप उस पर अपनी भावनात्मक प्रतिक्रिया एक अनुच्छेद के रूप में व्यक्त कीजिए।Show solution
यदि यह लता जी का अंतिम संदेश होता, तो मुझे उसमें उनकी विनम्रता, कृतज्ञता और अमर संगीत की छवि दिखाई देती। वे जीवन भर अपने श्रोताओं के प्रेम को सबसे बड़ी पूँजी मानती रहीं। यह जानकर मन भावुक हो जाता है कि उन्होंने अपने सुरों से करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बनाई। उनके जाने के बाद भी उनकी आवाज़ हमेशा जीवित रहेगी, क्योंकि कला शरीर से नहीं, सृजन से अमर होती है

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## भाषा से संवाद

1## व्याकरण की बातShow solution

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2## मुहावरे
3“मगर किसी के आगे जाकर हाथ नहीं पसारना है।”

## हमारी भाषाएँ

1“गांव गेला वाहुन, नाव गेला राहुन” मतलब गाँव तो बह जाता है, लेकिन जो नाम है, वह रह जाता है।” आपने एक कहावत और उसका हिंदी में अर्थ पढ़ा। इस कहावत के अर्थ को अपने घर या क्षेत्र की भाषा अथवा भाषाओं में लिखिए।
2लता जी ने मराठी कहावत को हिंदी में समझाया। अब आप अपनी मातृभाषा की कोई कहावत चुनिए और उसका हिंदी में अनुवाद कीजिए। अनुवाद के बाद भाव में क्या परिवर्तन आया? लिखिए।
3एक ‘सेतु चित्र’ बनाइए जिसमें दो किनारे हों— एक किनारे पर हिंदी और दूसरे किनारे पर अपने घर या क्षेत्र की भाषा। दोनों किनारों के बीच में ऐसे शब्द लिखिए जो दोनों भाषाओं में समान अर्थ रखते हैं।

## गतिविधियाँ

1‘नाम रह जाएगा’ वाक्य के लिए एक सुंदर पोस्टर बनाइए। इसके ऊपर ‘नाम रह जाता है...’ लिखिए और नीचे विभिन्न भारतीय भाषाओं में ‘नाम’ शब्द (जैसे— नाव, नालो, नाउ, नाउ, मिड़, पेरू, नामम् आदि) लिखिए। साथ ही कक्षा में सब विद्यार्थी मिलकर एक प्रतिज्ञा लें— ‘हम हर भाषा का सम्मान करेंगे।’
2कागज पर एक पेड़ का चित्र बनाइए। इसे नाम दीजिए— भाषा-वृक्ष। इसकी जड़ में लिखिए— ‘भारतीय संस्कृति’; तने पर और शाखाओं पर लिखिए— हिंदी, मराठी, तमिल, बांग्ला, गुजराती आदि। हर शाखा पर उस भाषा का एक प्यारा शब्द जोड़िए।
3समूह में मिलकर किसी विषय पर एक छोटा समाचार बुलेटिन तैयार कीजिए जिसमें हिंदी, अंग्रेजी और किसी क्षेत्रीय भाषा का प्रयोग हो। उदाहरण के लिए, एक विषय हो सकता है— ‘कला जो जोड़ती है, बाँटती नहीं।’
4भाषाई स्मृति पोटली
5स्वर-कोलाज
6समय-रेखा

# भाषा संगम

1“उस दिन घर में संगीत की सभा होती थी।”

# खोजबीन

1“जब मैं बड़ी हो जाऊँगी, तब मुझे भी ऐसे ही मेडल मिलेंगे।”
2पाठ में लता मंगेशकर ने कई फिल्मों और गीतों का उल्लेख किया है। इंटरनेट की सहायता से इनमें से किसी एक फिल्म और गीत को देखकर उनके विषय में अपने विचार लिखिए। आपको यह फिल्म और गीत कैसा लगा और क्यों?
3अब आप नीचे दी गई इंटरनेट कड़ी की सहायता से लता मंगेशकर द्वारा गाया हुआ गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगो’ सुन सकते हैं।

मेरी समझ मेरे विचार

1“पिताजी उस समय पूछते थे, ‘समझ गए न?’... इसके बाद वे कहते थे कि ‘अच्छा अब जाओ, बाहर जाकर खेलो।’” यह प्रसंग पारिवारिक अनुशासन और स्नेह के संतुलन का प्रतीक है। कैसे?
(संकेत— यहाँ अनुशासन में डर है या सम्मान?)

मेरे अनुभव मेरे विचार

1“अगर कोई बात तुम्हें सही लगती है, तो उसे करो और किसी के आगे झुकने की जरूरत नहीं है।”

क्या आप किसी ऐसी स्थिति से गुजरे हैं जब आपको किसी सही बात पर अकेले खड़ा होना पड़ा हो? कब और क्यों?
2“बाबा ने जैसा सिखाया था, उस पर हम सभी भाई-बहनों ने चलने का प्रयास किया।”

आपके परिवार में भी कोई ऐसी सीख या नियम अवश्य होंगे जिनका पालन आप किसी के याद दिलाए बिना स्वतः करते होंगे, उनके विषय में बताइए।
3“पहले दिन गुड़ि बाँधने के बाद नौ दिन तक उत्सव मनाया जाता है।”

आप भी अपने घर में किसी पारंपरिक पर्व को विशेष तरीके से मनाते होंगे। उसका वर्णन कीजिए।
4“बिल्कुल ठेठ गँवई अंदाज में यह मंगलागौर का उत्सव मनाया जाता है, मगर आहिस्ता-आहिस्ता वह भी अब खत्म हो रहा है।”

पाठ में आपने पढ़ा कि लता मंगेशकर के बचपन से अब तक उत्सवों से जुड़ी अनेक परंपराएँ बदल रही हैं। कौन-कौन सी परंपराएँ बदल गई हैं? अपने घर-परिवार में बातचीत करके पता लगाइए कि विभिन्न त्योहारों को मनाने के तरीकों में कौन-कौन से बदलाव आ रहे हैं?

विधा से संवाद

2“मैं कोशिश करूँगी कि जो कुछ भी मैंने संगीत में रहते हुए जाना है, उसे आपको बता सकूँ।”

इस कथन से साक्षात्कार की शैली के विषय में क्या पता चलता है— क्या यह औपचारिक संवाद है या आत्मीय बातचीत? अपने विचार तर्क सहित लिखिए।

आपका साक्षात्कार

1“आप पूछिए, मैं आपके प्रश्नों का जवाब देने के लिए तैयार हूँ।”

प्रस्तुत पाठ में विश्व-प्रसिद्ध व्यक्तित्व का साक्षात्कार दिया गया है। कल्पना कीजिए कि आप भी लता मंगेशकर के इस साक्षात्कार में उपस्थित हैं। आप लता जी से कौन-कौन से अलग प्रश्न पूछते और क्यों?

विषयों से संवाद

1“एक स्टूडियो से दूसरे और तीसरे स्टूडियो के चक्कर में ही पूरा दिन बीत जाता था।”

सन् 1942 में अपने पिता की मृत्यु के बाद लता मंगेशकर ने अकेले अपनी माँ, छोटे भाई-बहनों की देखभाल की और अपने घर को सँभाला। उस समय उनकी आयु मात्र 13 वर्ष थी। तब महिलाओं का फिल्मों में काम करना अच्छा नहीं माना जाता था। उस समय सुबह से
2“पहले के दौर में पुरुष और स्त्री आवाजों के कोरस हम लोगों के गीतों के साथ ही रेकॉर्ड होते थे। भले ही वह गाना डुएट हो या फिर कोई सोलो सांगा।”

अपने घर, आस-पड़ोस, समुदाय, विद्यालय में होने वाले उन कार्यों के विषय में बताइए जिसमें सहयोग और सामूहिकता की आवश्यकता होती है।

शास्त्रीय संगीत

1“फिर उसमें लंबी-लंबी रागदारी वाले गायन की भी परंपरा थी।”

रागदारी वाले गायन का अर्थ है भारतीय शास्त्रीय संगीत। आपने इस पाठ में संगीत से जुड़े अनेक शब्दों को पढ़ा है। शब्दकोश, इंटरनेट, पुस्तकालय और अपने शिक्षकों की सहायता से इनके अर्थ और उदाहरण खोजकर लिखिए—

राग, सुर, बंदिश, अभंग, सोहर, फाग, बधावा
2“त्योहारों के संदर्भ में एक बात और ध्यान में आती है कि अधिकांश प्रदेशों में पर्व व अनुष्ठानों से संबंधित घर-घर गीत गाए जाने का प्रचलन रहा है।” आपने पढ़ा कि भारत में त्योहारों पर फाग, धमार, सोहर, बधावा, छठ के गीत आदि गाने की परंपरा है। अपने क्षेत्र में गाए जाने वाले ऐसे गीतों के विषय में अपने घर में पता कीजिए और एक गीत अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।

साइबर सुरक्षा

1“आज, जो स्थिति है और जिस तरह हमारी तकनीक विकसित हो चुकी है, उसमें अगर इन लोगों को काम करने का मौका मिलता, तब तो कमाल ही हो गया होता।”

- आज तकनीकी विकास इतना अधिक हो चुका है कि अनेक धोखेबाज/ठग कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग करके अपनी आवाज बदलकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करते हैं। कक्षा में चर्चा कीजिए और बताइए कि साइबर सुरक्षा नियमों का प्रयोग करते हुए इस प्रकार की धोखाधड़ी से किस प्रकार बचा जा सकता है?

हम ऐसे भी बोलते हैं

2यदि कोई व्यक्ति बिना बोले (संकेत भाषा में) आपको कुछ समझा रहा है, तो वह आपके साथ और आप उसके साथ कैसा व्यवहार करेंगे?
(संकेत— धैर्य, जिज्ञासा, समानुभूति आदि)

व्याकरण की बात

1“मगर किसी के आगे जाकर हाथ नहीं पसारना है।”

उपर्युक्त वाक्य में रेखांकित अंश मुहावरा है। हाथ पसारना या फैलाना का अर्थ है— कुछ माँगना या याचना करना। हाथों से जुड़े अनेक मुहावरे आपने पढ़े और सुने होंगे। ऐसे ही कुछ मुहावरे नीचे दिए गए हैं। इनका प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए—

- हाथ में आना
- हाथ का मैल होना
- हाथ से हाथ मिलाना
- हाथ साफ करना
- हाथ से निकल जाना
- हाथ धो बैठना

गतिविधियाँ

4भाषाई स्मृति पोटली
अपने परिवार में प्रयुक्त अलग-अलग भाषाओं के पाँच शब्द एकत्र कीजिए (जैसे— दादी मराठी बोलती हों, माँ हिंदी)। उन्हें एक ‘शब्द पोटली’ में कार्ड पर सजाइए।
5स्वर-कोलाज
लता जी के जीवन के प्रेरक वाक्यों और गीतों का चित्रमय कोलाज बनाइए।
6समय-रेखा
लता जी के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाएँ कालानुक्रम में दर्शाइए।

लता मंगेशकर से जान-पहचान

1“जब मैं बड़ी हो जाऊँगी, तब मुझे भी ऐसे ही मेडल मिलेंगे।”

लता जी ने बचपन में मेडल पाने की कल्पना की और जीवन में अनगिनत पुरस्कार और मेडल प्राप्त भी किए। पता कीजिए कि उन्होंने जीवन-भर में कौन-कौन से ‘मेडल’ और पुरस्कार प्राप्त किए?
2पाठ में लता मंगेशकर ने कई फिल्मों और गीतों का उल्लेख किया है। इंटरनेट की सहायता से इनमें से किसी एक फिल्म और गीत को देखकर उसके विषय में अपने विचार लिखिए। आपको यह फिल्म और गीत कैसा लगा और क्यों?

मेरे प्रश्न

1नीचे दिए गए वाक्य को पढ़िए—

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