संवादहीन (शेखर जोशी) — NCERT Solutions
CBSE · Class 9 · Hindi
NCERT Solutions for संवादहीन (शेखर जोशी), CBSE Class 9 Hindi: 52 textbook questions solved step by step. Part of the CBSE Class 9 Hindi syllabus.
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रचना से संवाद
1कहानी में ताई और मिट्टू का संबंध किस भाव को दर्शाता है?Show solution
कहानी में ताई मिट्टू को अपने सहारे और ममता के केंद्र के रूप में देखती हैं। दोनों के बीच प्रेमपूर्ण बातचीत, देखभाल और लगाव है, इसलिए उनका संबंध ममता और स्नेह को दर्शाता है।
2जगन मास्टर द्वारा मिट्टू को पिंजरे से बाहर निकालना किस भावना या मूल्य का संकेत देता है?Show solution
जगन मास्टर मिट्टू को पिंजरे में बंद देखकर बेचैन होते हैं। वे उसे खुली हवा का मौका देना चाहते हैं और अपने को उसके कष्ट का कुछ हद तक जिम्मेदार मानते हैं। यह उनके करुणामय और नैतिक स्वभाव का संकेत है।
3मिट्टू का उड़ जाना किस विचार को प्रस्तुत करता है?Show solution
मिट्टू रोशनदान पर बैठकर बाहर की दुनिया की ओर देखता है और फिर उड़ जाता है। इससे पक्षी के मन में मुक्त होने और स्वतंत्र आकाश में जाने की चाह प्रकट होती है।
4ताई के जीवन के दुख का मुख्य कारण क्या था?Show solution
ताई के जीवन का दुख मुख्यतः परिवार के बिखर जाने से है। बहू-बेटे शहर चले गए, बेटियाँ अपने घरों में रम गईं और बड़े घर में ताई अकेली रह गईं। इसलिए उनके दुख का मुख्य कारण परिवार से दूरी और संवाद का अभाव है।
5कहानी में मानव-समाज में व्याप्त किस विसंगति को उजागर किया गया है?Show solution
कहानी में समाज की जिस बड़ी विसंगति को उजागर किया गया है, वह है अकेलापन। शहरों की ओर पलायन के कारण ताई जैसे बुजुर्ग अकेले रह जाते हैं और उनका जीवन संवादहीन हो जाता है।
8अपने समूह के साथ मिलकर ऐसी पहेलियाँ या प्रश्न बनाइए जिनके उत्तर निम्नलिखित हों—
toता, ताई, कुंभ, पिंजरा, कमरा, गंगाShow solution
संभावित पहेलियाँ/प्रश्न —
- कौन-सा पक्षी मीठा बोलता है और ताई का साथी है? — तोता
- बड़े घर की अकेली वृद्धा कौन है? — ताई
- गंगा में स्नान का धार्मिक उत्सव क्या कहलाता है? — कुंभ
- तोते को रखने का घर क्या कहलाता है? — पिंजरा
- जिस कमरे में जगन मास्टर ने मिट्टू को रखा, वह क्या था? — कमरा
- कहानी में किस नदी के जयघोष का बार-बार पाठ होता है? — गंगा
मेरी समझ मेरे विचार
1“भगवान! कैसे नैया पार लगेगी?” ताई इस वाक्य में किस ‘नैया’ की बात कर रही हैं? वे यह बात क्यों कह रही हैं?Show solution
ताई इस वाक्य में अपनी जीवन-नैया की बात कर रही हैं। उनका जीवन बहुत कठिन हो गया था—घर में वे अकेली रह गई थीं, परिवार बिखर गया था और सूनेपन ने उन्हें घेर लिया था। इसलिए वे चिंता और असहायता में कहती हैं कि यह जीवन-संग्राम कैसे पार लगेगा।
2“धीरे-धीरे सब पराए हाथ में चला गया।” इस वाक्य में किस घटना की ओर संकेत किया गया है?Show solution
इस वाक्य से संकेत मिलता है कि ताई के बहू-बेटे गाँव छोड़कर शहरों में बस गए, बेटियाँ अपनी गृहस्थी में रम गईं और घर-कारबार धीरे-धीरे दूसरों के हाथों में चला गया। इसी पारिवारिक और आर्थिक परिवर्तन के कारण ताई का घर सूना पड़ गया।
3“ताई की सारी ममता मिट्टू पर बरस पड़ी।” क्यों?Show solution
ताई का अकेलापन मिटाने वाला कोई और नहीं था। मिट्टू उनके लिए केवल तोता नहीं, बल्कि संवाद का माध्यम, सहारा और ममता का केंद्र था। इसलिए ताई की सारी ममता मिट्टू पर बरस पड़ी।
4“अब ताई को इस बात की पूरी जानकारी रहने लगी थी कि किसके खेत में हरी मिर्चें तैयार हो गई हैं और किस पेड़ में फसल के आखिरी अमरूद बचे हैं।” इस वाक्य द्वारा ताई के व्यक्तित्व में आए परिवर्तनों के विषय में क्या-क्या पता चलता है?Show solution
इस वाक्य से पता चलता है कि ताई अब केवल अपने दुख में डूबी नहीं रहतीं, बल्कि आसपास के जीवन के प्रति भी जागरूक हो गई थीं। उनमें सतर्कता, ध्यान और पर्यवेक्षण की आदत बढ़ गई थी। मिट्टू के कारण उनका मन बाहर की दुनिया से जुड़ गया था।
5“जगन मास्टर दूसरे मिजाज के आदमी थे।” जगन मास्टर का व्यक्तित्व कैसा था? कहानी में से उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।Show solution
जगन मास्टर स्वतंत्र विचारों वाले और करुणाशील व्यक्ति थे। वे किसी को कष्ट नहीं देना चाहते थे। पिंजरे में बंद मिट्टू को देखकर उन्हें बेचैनी होती थी। इसलिए उन्होंने कमरा बंद करके पिंजरा खोला, दाना बिखेरा और मिट्टू को बाहर आने का अवसर दिया। यह उनके नैतिक, सहानुभूतिपूर्ण और स्वतंत्रताप्रिय स्वभाव को दिखाता है।
6कहानी का शीर्षक ‘संवादहीन’ किसके लिए सबसे अधिक सार्थक प्रतीत होता है— ताई, जगन मास्टर, मिट्टू या नया तोता? कारण सहित स्पष्ट कीजिए।Show solution
यह शीर्षक सबसे अधिक ताई और मिट्टू दोनों के लिए सार्थक है, क्योंकि कहानी में उनके बीच का असली संवाद ही उनके जीवन का आधार है। ताई अकेली हैं और मिट्टू भी पिंजरे में बंद है; फिर भी दोनों के बीच बातचीत होती रहती है। अंत में जब वह संवाद टूट जाता है, तब शीर्षक का अर्थ और गहरा हो जाता है।
7“अब ये ही दो प्राणी गाँव के बीच में स्थित बड़े घर के उस सूने खंडहर में एक-दूसरे को सहारा देने के लिए रह गए थे।” ताई के बड़े से घर को सूना खंडहर क्यों कहा गया होगा?Show solution
बड़े घर को सूना खंडहर इसलिए कहा गया है क्योंकि उसमें पहले पूत-परिवार, बहू-बेटियाँ, नौकर-चाकर, गाय-ढोर आदि थे, लेकिन अब सब बिखर गए हैं। बहू-बेटे शहर चले गए, बेटियाँ अपने घरों में बस गईं और घर में ताई अकेली रह गईं। इसलिए वह वैभवहीन, खाली और सुनसान हो गया।
मेरे प्रश्न
1उत्तर : ताई के अकेलेपन को मिट्टू ने सहारा दिया।
प्रश्न क : ताई के सूनेपन को किसने सहारा दिया था?
प्रश्न ख : ताई को मिट्टू किसने भेंट में दिया था?Show solution
दिए गए उत्तर— “ताई के अकेलेपन को मिट्टू ने सहारा दिया।” — के लिए सही प्रश्न है: “ताई के सूनेपन को किसने सहारा दिया था?” क्योंकि उत्तर में सहारा देने वाले के रूप में मिट्टू का नाम है।
2उत्तर : ताई के लौटने से पहले मिट्टू उड़ गया था।
प्रश्न क : ताई के लौटने के बाद मिट्टू कहाँ चला गया था?
प्रश्न ख : ताई के प्रयागराज से लौटने से पहले क्या अनहोनी हुई?Show solution
उत्तर में लिखा है कि ताई के लौटने से पहले मिट्टू उड़ गया था। इसलिए उपयुक्त प्रश्न है: “ताई के प्रयागराज से लौटने से पहले क्या अनहोनी हुई?”
3उत्तर : गाँववालों को डर था कि ताई को सच्चाई जानकर सदमा लगेगा।
प्रश्न क : गाँववाले ताई की वापसी से क्यों चिंतित थे?
प्रश्न ख : गाँववाले मिट्टू के उड़ने से खुश क्यों थे?Show solution
उत्तर के अनुसार गाँववालों को डर था कि ताई को सच पता चलने पर सदमा लगेगा। इसलिए उपयुक्त प्रश्न है: “गाँववाले ताई की वापसी से क्यों चिंतित थे?”
4उत्तर : कहानी का शीर्षक 'संवादहीन' जीवन के मौन का प्रतीक है।
प्रश्न क : कहानी का शीर्षक 'संवादहीन' क्यों उपयुक्त नहीं है?
प्रश्न ख : शीर्षक 'संवादहीन' का क्या भावार्थ है?Show solution
उत्तर है— “कहानी का शीर्षक 'संवादहीन' जीवन के मौन का प्रतीक है।” इसलिए सही प्रश्न है: “शीर्षक 'संवादहीन' का क्या भावार्थ है?”
मेरे अनुभव मेरे विचार
1'कभी-कभार गाँव में थोड़ी देर के लिए भी न्यौते-बुलावे में जाती, तो दस बार खिड़की-दरवाजों की साँकलें टोहकर देखती...' ताई की तरह जब आप अपने घर या परिवार से दूर होते हैं, तो किसी वस्तु या व्यक्ति की चिंता आपको भीतर से कैसे परेशान करती है?Show solution
जब हम घर या परिवार से दूर होते हैं, तो किसी अपने या किसी प्रिय वस्तु की चिंता मन को लगातार खींचती रहती है। मन बार-बार उसी के बारे में सोचता है, बेचैनी होती है, काम में ध्यान नहीं लगता और जल्दी लौटने की इच्छा होने लगती है। ताई की तरह भीतर से डर और असुरक्षा महसूस होती है।
2'आखिर वह भी तो बोलता-बतियाता प्राणी है।' क्या आप मानते हैं कि पशु-पक्षियों में भी संवेदनाएँ होती हैं? अपने किसी अनुभव का वर्णन करते हुए लिखिए।Show solution
हाँ, पशु-पक्षियों में भी संवेदनाएँ होती हैं। वे प्रेम, भय, अपनापन और असुरक्षा महसूस कर सकते हैं। कहानी में मिट्टू ताई के बोलने पर जवाब देता है, उनके साथ रटा हुआ संवाद दोहराता है और उनसे जुड़ जाता है। यह उनके संवेदनशील होने का संकेत है।
3'गनपत ने ही एक सुझाव दिया कि मिट्टू की ही सूरत-शकल का एक दूसरा तोता ले आया जाए ताकि ताई को भ्रम में रखा जा सके...' ताई को भ्रम में रखना उचित था या नहीं? तर्क सहित अपने विचार लिखिए।Show solution
ताई को भ्रम में रखना उचित नहीं था, क्योंकि यह सच छिपाने जैसा था। इससे ताई की भावनाओं के साथ खेल होता और सच जानने पर उन्हें अधिक दुख होता। बेहतर होता कि उन्हें धीरे-धीरे और सच्चाई के साथ स्थिति बताई जाती।
4'ताई सोच रही थीं कि उन्हें देखते ही मिट्टू 'राम राम सीताराम' की रट लगाकर आसमान सिर पर उठा लेगा।' क्या कभी ऐसा हुआ कि आपने सोचा कुछ और, हुआ कुछ और? उस अनुभव को लिखिए।Show solution
हाँ, ऐसा हो सकता है। कभी हम किसी काम, परीक्षा या यात्रा के बारे में सोचते हैं कि वह एक तरह से होगा, लेकिन वास्तव में कुछ और ही हो जाता है। जैसे मैं सोचूँ कि कार्यक्रम रद्द हो जाएगा, लेकिन अचानक वह बहुत अच्छे से हो जाए। इससे पता चलता है कि जीवन में अनिश्चितता रहती है।
5'मिट्टू अब पिंजरे में रहने के इतने आदी हो चुके थे कि उन्होंने बाहर आने की कोई इच्छा नहीं प्रकट की।' क्या प्राणी सचमुच पिंजरे में रहने के आदी हो सकते हैं? अपने उत्तर के समर्थन में अपने आस-पास से उदाहरण भी दीजिए।Show solution
प्राणी लंबे समय तक बंदी जीवन के आदी हो सकते हैं, लेकिन यह उनकी स्वाभाविक अवस्था नहीं होती। चिड़ियाघर या पिंजरे में रहने वाले पक्षी अक्सर बाहर निकलने की इच्छा खो-सी देते हैं, फिर भी उनके लिए खुला आकाश ही सही जीवन है। कहानी में मिट्टू का पिंजरे में न निकलना इसी आदत को दिखाता है।
विधा से संवाद
2संवादहीन कहानी में अनेक विशेष बिंदु हैं जो इसे प्रभावपूर्ण बनाते हैं। नीचे कहानी के कुछ विशेष बिंदु और उनके उदाहरण दिए गए हैं। आप भी कहानी से इसी प्रकार के एक-एक उदाहरण खोजकर लिखिए—Show solution
कहानी से उदाहरण इस प्रकार लिखे जा सकते हैं—
- चित्रात्मकता (दृश्य बिंब): “मिट्टू एक डाल से दूसरी डाल पर, एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर अपने पंख तौलने में मशगूल रहे।”
- संवादात्मकता: “राम-राम कहो, सीताराम कहो।”
- पुनरुक्ति: “कटेगी! कटेगी!! कटेगी!!!”
- अतिशयोक्ति: “रेलगाड़ी में उसका भी टिकट लगेगा, आखिर वह भी तो बोलता-बतियाता प्राणी है।”
- लोकधर्मी भाषा: “भगवान! कैसे नैया पार लगेगी?”
- प्रश्नोत्तर शैली: “मिट्टू! अब कैसे कटेगी?”
5आपके अनुसार ‘संवादहीन’ कहानी के अंत को किस श्रेणी में रखा जा सकता है? अपने उत्तर के कारण भी बताइए। आप इस कहानी का नया अंत किस प्रकार करना चाहेंगे?Show solution
‘संवादहीन’ कहानी का अंत यथार्थवादी और कुछ हद तक दुखांत है। ताई को लौटकर अपना असली मिट्टू नहीं मिलता, और पाठक को भी यह अनुभूति होती है कि जीवन में खोना और वियोग वास्तविक है। मैं नया अंत यह चाहूँगा कि असली मिट्टू लौट आए और ताई का अकेलापन कुछ कम हो जाए, लेकिन कहानी की मूल संवेदना बनी रहे।
विषयों से संवाद
1“अंत में जगन मास्टर की घरवाली ने उनकी चिंता दूर कर दी।”
कहानी में रेखांकित पात्र का नाम नहीं दिया गया है। इसे कहीं ‘मास्टराइन’, तो कहीं ‘जगन मास्टर की घरवाली’ कहा गया है। आपके अनुसार कहानी में ऐसा क्यों किया गया होगा?Show solution
कहानी में उस पात्र का नाम न देकर उसे ‘मास्टराइन’ या ‘जगन मास्टर की घरवाली’ कहना इसलिए उचित है कि लेखक का ध्यान उस व्यक्ति की निजी पहचान से अधिक उसके भूमिका-स्वरूप पर है। इससे वह पात्र एक सामान्य ग्रामीण स्त्री के रूप में भी दिखती है, न कि किसी अलग विशिष्ट नाम के साथ। यह तरीका कहानी की सामाजिक और यथार्थवादी दृष्टि को भी मजबूत करता है।
सृजन
1“बहु-बेटे गाँव का मोह छोड़कर शहरों के होकर रह गए।”
अपना घर छोड़कर नए स्थान पर बस जाना आसान नहीं होता है। ताई के बहु-बेटों ने गाँव क्यों छोड़ा होगा? गाँव छोड़ते समय क्या-क्या सोचा होगा? अपना घर छोड़ने के लिए स्वयं को कैसे तैयार किया होगा?Show solution
ताई के बहु-बेटों ने गाँव इसलिए छोड़ा होगा कि उन्हें रोज़गार, सुविधा और बेहतर जीवन शहरों में मिला होगा। गाँव में खेती-बाड़ी और कारबार कमज़ोर पड़ने पर वे शहर की ओर चले गए होंगे। गाँव छोड़ते समय उन्होंने यह भी सोचा होगा कि वहाँ की ज़िंदगी कठिन है, इसलिए बच्चों की पढ़ाई, काम-धंधा और आमदनी के लिए शहर जाना ज़रूरी है। अपने घर को छोड़ने के लिए उन्होंने मन को यह कहकर तैयार किया होगा कि यह भविष्य के लिए है, और नए स्थान पर जाकर वे जल्दी ही बस जाएंगे।
ताई सोच रही थीं कि मिट्टू ‘राम राम सीताराम’ कहेगा, लेकिन एवजी मिट्टू चुप था। कल्पना कीजिए कि एक दिन असली मिट्टू वापस आ गया। मिट्टू ने नए तोते को देखकर क्या कहा होगा? आगे की कहानी लिखिए।
(संकेत— प्रारंभ कीजिए— “एक दिन आकाश में वही हरे पंख चमके...”)
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मान लीजिए कि जगन मास्टर ने मिट्टू की खोज के लिए एक विज्ञापन प्रकाशित किया है। अपनी कल्पना से वह विज्ञापन बनाइए।
(संकेत—आप समाचार पत्रों में प्रकाशित खोया-पाया या तलाश संबंधी विज्ञापन देख सकते हैं।)
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भाषा से संवाद
यह शब्द इतना अधिक प्रचलित है कि इसका प्रयोग एक मुहावरे में भी किया जाता है— ‘अपने मुँह मियाँ मिट्टू बनना’ जिसका अर्थ है ‘अपनी प्रशंसा आप करना’ या ‘अपने मुँह से अपनी बड़ाई करना’।
आप कुछ ऐसे मुहावरों की सूची बनाइए जिनमें किसी अन्य जीव-जंतु का उल्लेख किया गया हो, जैसे नीचे लिखे इस वाक्य में हैं—
“अकेले मिट्टू क्या उड़े, आदर्शवादी जगन मास्टर के हाथों के सभी तोते उड़ गए।”
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पक्षी के उड़ने पर पंखों के हिलने-डुलने से उत्पन्न ध्वनि ‘फड़फड़ाफट’ कहलाती है। ध्वनियों का आभास कराने वाले कुछ और शब्द लिखिए और उनसे नए वाक्य बनाइए।
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उपर्युक्त वाक्य में रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए। ये शब्द-युग्म हैं। वे शब्द जो जोड़े में लिखे जाते हैं, उन्हें शब्द-युग्म कहा जाता है। शब्द-युग्म मुख्यतः निम्न प्रकार के होते हैं—
- पुनरुक्त शब्द-युग्म, जैसे— बार-बार
- सजातीय शब्द-युग्म, जैसे— उठना-बैठना
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- विपरीतार्थक शब्द-युग्म, जैसे- दिन-रात
पाठ में से चुनकर कुछ शब्द-युग्म नीचे दिए गए हैं। उनका अर्थ स्पष्ट करते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए—
वक्त-बेवक्त, नियम-सिद्धांत, शादी-ब्याह, तीज-त्योहार
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उपर्युक्त अनुच्छेद में से खोजिए—
- ऐसा शब्द जो ‘तंग’ का विपरीतार्थक है।
- ऐसा वाक्यांश जो एक मुहावरा है।
- ऐसा शब्द जो एक क्रिया है।
- ऐसा शब्द जो एक संज्ञा है।
- ऐसा शब्द जो एक सर्वनाम है।
- ऐसा शब्द जो एक विशेषण है।
- ऐसा शब्द जो एक कारक है।
- ऐसा शब्द जो एक कर्ता है।
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तोता, ताई, कुंभ, पिंजरा, कमरा, गंगा
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भाषा संगम
नीचे ‘तोता’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है।
तोता (हिंदी); शुक्र; (संस्कृत); तोता (पंजाबी); तोता (उर्दू); तोतू (कश्मीरी); तोतो (सिंधी); पोपट (मराठी); पोपट, सूडो (गुजराती); पोपट (कोंकणी); सुगा (नेपाली); तोता (बांग्ला); भाटी (असमिया); तेनवा (मणिपुरी); शुआ (शुक्र); (ओड़िआ); चिलुक (तेलुगु); किळि (तमिल); शुक्रम्, तत (मलयालम); गिळि (कन्नड़)।
- इनके अतिरिक्त यदि आप ‘तोता’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
- उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए।
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अभ्यास
ताई सोच रही थीं कि मिट्टू ‘राम राम सीताराम’ कहेगा, लेकिन एवजी मिट्टू चुप था। कल्पना कीजिए कि एक दिन असली मिट्टू वापस आ गया। मिट्टू ने नए तोते को देखकर क्या कहा होगा? आगे की कहानी लिखिए।
(संकेत— प्रारंभ कीजिए— “एक दिन आकाश में वही हरे पंख चमके...”)
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उपर्युक्त वाक्य में रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए। ये शब्द-युग्म हैं। वे शब्द जो जोड़े में लिखे जाते हैं, उन्हें शब्द-युग्म कहा जाता है। शब्द-युग्म मुख्यतः निम्न प्रकार के होते हैं—
- पुनरुक्त शब्द-युग्म, जैसे— बार-बार
- सजातीय शब्द-युग्म, जैसे— उठना-बैठना
- समानार्थक शब्द-युग्म, जैसे- दिन-प्रतिदिन
- विपरीतार्थक शब्द-युग्म, जैसे- दिन-रात
पाठ में से चुनकर कुछ शब्द-युग्म नीचे दिए गए हैं। उनका अर्थ स्पष्ट करते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए—
वक्त-बेवक्त, नियम-सिद्धांत, शादी-ब्याह, तीज-त्योहार
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अब आप भी अपनी पुस्तक में से प्रत्येक प्रकार का एक-एक वाक्य चुनकर लिखिए।
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छोटे समूहों में सोचें कि अगर आपको मिट्टू की तरह उड़ने का मौका मिले तो आप कहाँ जाते और क्यों?
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नीचे ‘तोता’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है।
तोता (हिंदी); शुक्र; (संस्कृत); तोता (पंजाबी); तोता (उर्दू); तोतू (कश्मीरी); तोतो (सिंधी); पोपट (मराठी); पोपट, सूडो (गुजराती); पोपट (कोंकणी); सुगा (नेपाली); तोता (बांग्ला); भाटी (असमिया); तेनवा (मणिपुरी); शुआ (शुक्र); (ओड़िआ); चिलुक (तेलुगु); किळि (तमिल); शुक्रम्, तत (मलयालम); गिळि (कन्नड़)।
- इनके अतिरिक्त यदि आप ‘तोता’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
- उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए।
https://shabd.education.gov.in/lexicon.jsp
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ताई सोच रही थीं कि मिट्टू ‘राम राम सीताराम’ कहेगा, लेकिन एवजी मिट्टू चुप था। कल्पना कीजिए कि एक दिन असली मिट्टू वापस आ गया। मिट्टू ने नए तोते को देखकर क्या कहा होगा? आगे की कहानी लिखिए।
(संकेत— प्रारंभ कीजिए— “एक दिन आकाश में वही हरे पंख चमके...” )
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वक्त-बेवक्त, नियम-सिद्धांत, शादी-ब्याह, तीज-त्योहार
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उपर्युक्त अनुच्छेद में से खोजिए—
- ऐसा शब्द जो ‘तंग’ का विपरीतार्थक है।
- ऐसा वाक्यांश जो एक मुहावरा है।
- ऐसा शब्द जो एक क्रिया है।
- ऐसा शब्द जो एक संज्ञा है।
- ऐसा शब्द जो एक सर्वनाम है।
- ऐसा शब्द जो एक विशेषण है।
- ऐसा शब्द जो एक कारक है।
- ऐसा शब्द जो एक कर्ता है.
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| | वाक्य का भेद | अर्थ/उपयोग | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| 1 | विधानवाचक वाक्य | किसी घटना या स्थिति के बारे में कथन करने वाला वाक्य। | जगन मास्टर ने पिंजरे का दरवाजा खोल दिया। |
| 2. | निषेधवाचक वाक्य | किसी कार्य के न होने या मना करने का भाव व्यक्त करने वाला वाक्य। | मिट्टू ने कोई हरकत नहीं की। |
| 3. | प्रश्नवाचक वाक्य | किसी बात को पूछने या जानने के लिए प्रयुक्त वाक्य। | मिट्टू! अब कैसे कटेगी? |
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Frequently Asked Questions
What are the important topics in संवादहीन (शेखर जोशी) for CBSE Class 9 Hindi?
Are these NCERT Solutions for संवादहीन (शेखर जोशी) free?
How should I revise संवादहीन (शेखर जोशी) for Class 9 exams?
Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
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