मैं और मेरा देश (कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर') — NCERT Solutions
CBSE · Class 9 · Hindi
NCERT Solutions for मैं और मेरा देश (कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर'), CBSE Class 9 Hindi: 60 textbook questions solved step by step.
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अभ्यास
1“एक दिन आनंद की इस दीवार में दरार पड़ गई”, इस पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘दरार’ किस ओर संकेत करता है?Show solution
यहाँ ‘दरार’ का अर्थ दीवार में आई चटक नहीं, बल्कि लेखक के पूर्णता के भाव पर पड़े आघात से है। उसे घर, पड़ोस और नगर में सब कुछ पाकर भी अचानक यह अनुभव हुआ कि उसकी स्थिति अपूर्ण है। इसलिए सही विकल्प पूर्णता के भाव पर प्रहार है।
2निबंध में कहा गया है कि “ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में एक अपूर्व आनंद आता है।” लेखक को किस तरह के प्रश्नों का उत्तर देने में आनंद की अनुभूति होती है?Show solution
लेखक को ऐसे प्रश्नों के उत्तर देने में आनंद आता है जो बात को आगे बढ़ाने और विस्तार देने का अवसर दें। पाठ में स्वयं कहा गया है कि ऐसे प्रश्न बात को खिलने का, आगे बढ़ने का अवसर देते हैं। इसलिए सही विकल्प बात को विस्तार देने वाले प्रश्नों का है।
3“अपने महान राष्ट्र की पराधीनता के दीन दिनों में जिन लोगों ने अपने रक्त से गौरव के दीपक जलाए”, इस वाक्य में पराधीनता के दिनों को दीन कहा गया है क्योंकि पराधीन भारत में—Show solution
पाठ के अनुसार पराधीन देश में व्यक्ति अपने देश के कारण हीनता और लज्जा का अनुभव करता है। इसलिए पराधीनता के दिनों को दीन कहा गया है क्योंकि वहाँ लोगों के आत्मसम्मान और गौरव का दमन होता था।
4निबंध के अनुसार मनुष्य साधन-संपन्न होते हुए भी गौरव का अनुभव नहीं कर सकते यदि—Show solution
लेखक के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को संसार के सारे साधन मिल जाएँ, लेकिन उसका देश गुलाम हो या किसी दूसरे रूप में हीन हो, तो वह गौरव का अनुभव नहीं कर सकता। इसलिए सही विकल्प है कि उसका देश किसी दूसरे देश के अधीन हो।
5“पर उन दो घटनाओं में वह गाँठ इतनी साफ है”, इस वाक्य में रेखांकित शब्द ‘गाँठ’ किन दो बातों को साथ बाँधती है?Show solution
पाठ में ‘गाँठ’ उस संबंध को बताती है जो नागरिक और देश को एक साथ बाँधता है। दो घटनाओं से यही स्पष्ट होता है कि नागरिक का सम्मान/अपमान और देश का गौरव/कलंक जुड़े हुए हैं। इसलिए सही उत्तर देश और नागरिक है।
6प्रस्तुत निबंध में मुख्यतः कौन-सा भाव व्यक्त हुआ है?Show solution
यह निबंध मुख्य रूप से यह स्थापित करता है कि व्यक्ति और राष्ट्र एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। व्यक्ति का कार्य, सम्मान, कर्तव्य और अधिकार देश से अलग नहीं हैं। इसलिए मुख्य भाव व्यक्ति और देश का अंतर्संबंध है।
7आप पुस्तकालय में किन नियमों का पालन करते हैं, उन नियमों का पालन करना क्यों अनिवार्य है? इस पर अपनी कक्षा में चर्चा कीजिए और लिखिए।Show solution
मैं पुस्तकालय में शांतिपूर्वक रहता हूँ, पुस्तकों को साफ हाथों से उठाता हूँ, पन्ने नहीं मोड़ता, पुस्तकें समय पर लौटा देता हूँ, फटी या खराब पुस्तकों की सूचना देता हूँ और पुस्तकालय में शोर नहीं करता।
इन नियमों का पालन करना इसलिए अनिवार्य है ताकि पुस्तकें सुरक्षित रहें, सभी विद्यार्थी उनका लाभ उठा सकें और पुस्तकालय का अनुशासन एवं व्यवस्था बनी रहे। यदि नियम न मानें तो पुस्तकें नष्ट हो सकती हैं और दूसरों को हानि पहुँचती है।
8उपर्युक्त पंक्ति में चुनाव में योग्य उम्मीदवार को चुनने का संदेश दिया गया है। आप भी चुनाव में योग्य उम्मीदवार को चुनने के लिए एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए।Show solution
योग्य उम्मीदवार को चुनिए!
- जो ईमानदार हो
- जो शिक्षित हो
- जो जनहित में काम करे
- जो भ्रष्टाचार से दूर हो
- जो विकास और स्वच्छ प्रशासन दे
अपना मत सोच-समझकर दें।
ठीक मनुष्य को अपना मत दें।
9निबंध के इस अंश को पुनः पढ़िए। इस प्रकार के और कौन-कौन से आचरण हो सकते हैं जिनसे देश के सौंदर्य को आघात लगता है? इस विषय पर अपने अभिभावकों, सहपाठियों और शिक्षकों के साथ चर्चा कीजिए।Show solution
देश के सौंदर्य को आघात पहुँचाने वाले आचरणों में कूड़ा इधर-उधर फेंकना, दीवारों पर लिखना, सार्वजनिक स्थानों को गंदा करना, पीक थूकना, पेड़ों को नुकसान पहुँचाना, फूल तोड़ना, ऐतिहासिक स्थलों पर नाम लिखना, और शोर-शराबा करके अनुशासन बिगाड़ना शामिल हो सकते हैं।
इनसे स्थान की स्वच्छता, सुरुचि और सांस्कृतिक गरिमा प्रभावित होती है। इसलिए ऐसे काम नहीं करने चाहिए।
10नेचे ‘देश’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है।Show solution
भाषा-संगम के अंतर्गत ‘देश’ शब्द के लिए दी गई भारतीय भाषाओं की सूची में हिंदी, संस्कृत, पंजाबी, उर्दू, कश्मीरी, सिंधी, मराठी, गुजराती, कोंकणी, नेपाली, बांग्ला, असमिया, मणिपुरी, ओड़िआ, तेलुगु, तमिल, मलयालम और कन्नड़ के रूप दिए गए हैं।
यदि आप चाहें, तो इनमें से किसी भाषा में ‘देश’ का शब्द लिख सकते हैं, जैसे— संस्कृत: देशः/क्षेत्रम्, मराठी: देश, तमिल: इडम्/पिरदेशम् आदि।
11आत्मनिर्भरताShow solution
आत्मनिर्भरता का अर्थ है— अपने पैरों पर खड़ा होना, अपनी शक्ति और सामर्थ्य पर भरोसा करना तथा दूसरों पर अनावश्यक निर्भरता कम करना। पाठ में कहा गया है कि प्रगति का तात्पर्य स्वतंत्रता की ओर प्रस्थान है और पर-निर्भरता से स्वतंत्रता दूर हो जाती है। इसलिए हमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की आदत डालनी चाहिए।
12अधिकारों की रक्षाShow solution
अधिकारों की रक्षा का अर्थ है— अपने जन्मसिद्ध अधिकारों को पहचानना, उनके लिए जागरूक रहना और उनकी रक्षा करना। पाठ के अनुसार हर व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है कि वह तन-मन-धन से अपने अधिकारों की रक्षा करे। जो व्यक्ति ऐसा नहीं करता, वह अपने नैतिक कर्तव्य से पीछे हट जाता है।
मेरी समझ मेरे विचार
1स्वामी रामतीर्थ फल देने वाले युवक का उत्तर सुनकर मुग्ध क्यों हो गए?Show solution
स्वामी रामतीर्थ युवक का उत्तर सुनकर इसलिए मुग्ध हो गए क्योंकि उस युवक ने फलों के बदले पैसे नहीं माँगे, बल्कि अपने देश के सम्मान की रक्षा करने की बात कही। उसने कहा कि बस इतना ही है कि आप जाकर यह न कहें कि जापान में अच्छे फल नहीं मिलते। इससे उसकी देशभक्ति, शिष्टता और सम्मान-बोध प्रकट होता है।
2जापान के युवक ने स्वामी रामतीर्थ को दिए गए फलों के मूल्य के रूप में क्या माँगा? आपके मन में उस युवक के व्यक्तित्व की कौन-सी छवि उभरती है, यह भी लिखिए।Show solution
जापानी युवक ने फलों के मूल्य के रूप में पैसा नहीं, बल्कि यह माँगा कि स्वामी रामतीर्थ अपने देश जाकर यह न कहें कि जापान में अच्छे फल नहीं मिलते।
इससे युवक की छवि एक देशप्रेमी, संवेदनशील, संस्कारवान और स्वाभिमानी व्यक्ति की बनती है, जो अपने देश का गौरव बढ़ाना चाहता है।
3“बात यह है कि मैं और मेरा देश दो अलग चीज तो हैं ही नहीं।” स्वयं को देश से अलग न मानने के पीछे क्या तर्क हो सकते हैं, उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।Show solution
स्वयं को देश से अलग न मानने के पीछे तर्क यह है कि व्यक्ति और देश अलग नहीं होते। व्यक्ति का सम्मान, व्यवहार, विचार और कार्य देश की छवि को प्रभावित करते हैं।
उदाहरण के लिए, यदि कोई नागरिक कहीं अच्छा आचरण करता है, तो उससे उसके देश की प्रतिष्ठा बढ़ती है; और यदि वह अनुचित व्यवहार करता है, तो देश की छवि खराब होती है। इसलिए हर नागरिक को अपने काम करते समय यह समझना चाहिए कि उसका काम केवल उसका निजी काम नहीं, बल्कि देश से भी जुड़ा है।
मेरे अनुभव मेरे विचार
1“देश की हीनता और गौरव का ही फल उसे नहीं मिलता, उसकी हीनता और गौरव का फल भी उसके देश को मिलता है”, अपने आस-पास के विभिन्न उदाहरणों के द्वारा इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।Show solution
इस पंक्ति का भाव यह है कि व्यक्ति का सम्मान और अपमान, देश के सम्मान और अपमान से जुड़ा है। यदि कोई नागरिक अच्छे कार्य करता है तो उसका गौरव उसके देश का गौरव बनता है; और यदि वह गलत काम करता है तो देश की छवि भी खराब होती है।
उदाहरण के लिए, विदेश में कोई भारतीय नागरिक अपने अच्छे आचरण से भारत का सम्मान बढ़ा सकता है, और कोई गलत काम करके भारत को लांछित भी कर सकता है। इसी तरह, चुनाव में सही उम्मीदवार चुनना, सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखना, और देशविरोधी बातें न करना—ये सब देश के गौरव को बढ़ाते हैं।
2“मुझे बहुतों की अपने लिए जरूरत पड़ती थी। मैं भी बहुतों की जरूरत का उनके लिए जवाब था।”Show solution
इस वाक्य में लेखक कहना चाहता है कि मनुष्य अपने जीवन में दूसरों पर निर्भर भी होता है और दूसरों की जरूरत पूरा भी करता है।
मैं सुबह उठकर पानी, बिजली, दूध, सब्जी, अख़बार, परिवहन जैसी सुविधाओं के लिए कई लोगों पर निर्भर होता हूँ। स्कूल में शिक्षक मुझे पढ़ाते हैं, परिवार के सदस्य मेरी देखभाल करते हैं, और सफाईकर्मी, किसान, चालक, दुकानदार आदि मेरे जीवन को चलाने में सहायता करते हैं। बदले में मैं समय पर काम करके, शिष्ट व्यवहार करके, घर की जिम्मेदारियाँ निभाकर और दूसरों की सहायता करके उनके लिए उपयोगी बन सकता हूँ।
3“सुना नहीं आपने कि जीवन एक युद्ध है और युद्ध में लड़ना ही तो काम नहीं होता।”Show solution
पाठ में जीवन को युद्ध इसलिए कहा गया है क्योंकि जीवन केवल संघर्ष करने का नाम नहीं है, बल्कि उसमें रसद पहुँचाना, सहारा देना, जय बोलना, प्रोत्साहन देना जैसे अनेक कार्य भी शामिल हैं।
देश की प्रगति, विकास और सुरक्षा के लिए हमारा दायित्व है कि हम:
- अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाएँ,
- अनुशासन रखें,
- मेहनत करें,
- देश के नियमों का पालन करें,
- समाज में एकता बनाए रखें,
- गलत बातों का विरोध करें,
- और जहाँ संभव हो, दूसरों की सहायता करें।
इस तरह हर नागरिक देश की रक्षा और उन्नति में अपना योगदान दे सकता है।
4“अपने पड़ोस में खेलकर, पड़ोसियों की ममता-दुलार पा, बड़ा हुआ था।”Show solution
इस पंक्ति से पता चलता है कि पड़ोस के लोगों के बीच स्नेह, अपनापन, ममता और सहयोग का संबंध रहा होगा। वे बच्चे को अपने घर-समाज का हिस्सा मानते थे, उसके साथ खेलते थे और उसे प्यार-दुलार देते थे।
ऐसे संबंधों में विश्वास, मदद और घनिष्ठता होती है। बच्चे का पालन-पोषण केवल परिवार नहीं, बल्कि पूरा पड़ोस मिलकर करता था।
5“क्या सुरुचि और सौंदर्य को आपके किसी काम से ठेस लगती है?” अपने घर/विद्यालय के आस-पास, सार्वजनिक संसाधनों और ऐतिहासिक महत्व के स्थानों की स्वच्छता एवं सौंदर्य को बनाए रखने के लिए आप और आपके सहपाठी, संबंधी क्या-क्या करते हैं?Show solution
घर, विद्यालय, सार्वजनिक स्थानों और ऐतिहासिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए हम और हमारे सहपाठी कई काम कर सकते हैं, जैसे—
- कूड़ा डस्टबिन में डालना,
- दीवारों पर लिखावट न करना,
- पेड़ों और पौधों को नुकसान न पहुँचाना,
- थूकना या गंदगी फैलाना बंद करना,
- सार्वजनिक संपत्ति को न तोड़ना,
- स्वच्छता अभियान में भाग लेना,
- और दूसरों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करना।
ऐसा करने से स्थान की सुरुचि, सौंदर्य और सम्मान बना रहता है।
मेरे प्रश्न
(क)रचनाकार को किस तरह के प्रश्नों का उत्तर देने में आनंद आता है?Show solution
रचनाकार को ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में आनंद आता है जो बात को आगे बढ़ाएँ, स्पष्ट करें, और विचारों को खोलें। पाठ में कहा गया है कि ऐसे प्रश्न बात को खिलने का अवसर देते हैं। इसलिए उसे विस्तार देने वाले और उचित संदर्भ वाले प्रश्नों का उत्तर देना प्रिय है।
(ख)आपको किस तरह के प्रश्नों को बूझना रोचक लगता है?Show solution
मुझे ऐसे प्रश्न बूझना रोचक लगता है जो सोचने पर मजबूर करें, उत्सुकता जगाएँ और जिनका उत्तर सीधे न दिखाई दे। जो प्रश्न किसी विषय को अलग ढंग से समझने में मदद करें, वे अधिक रोचक लगते हैं।
3अब इस निबंध के आलोक में नीचे दी गई सामग्री को पढ़कर तीन प्रश्न बनाइए और लिखिए।Show solution
तीन प्रश्न उदाहरण के रूप में:
- देश की प्रगति में केवल धनवान लोग ही योगदान दे सकते हैं, यह विचार क्यों निराधार है?
- एक नागरिक का गलत आचरण किस तरह पूरे देश की छवि को प्रभावित करता है?
- देश की सुरक्षा और विकास में हर नागरिक की क्या भूमिका हो सकती है?
ये प्रश्न पाठ के भाव के अनुसार नागरिक और देश के संबंध पर आधारित हैं।
4“ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में एक अपूर्व आनंद आता है”Show solution
रचनाकार को ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में आनंद इसलिए आता है क्योंकि वे सिर्फ उत्तर नहीं, बल्कि विचारों को फैलाने का अवसर देते हैं। ऐसे प्रश्न बातचीत को आगे बढ़ाते हैं, विषय को स्पष्ट करते हैं और चर्चा को जीवंत बनाते हैं।
विधा से संवाद
1‘निबंध’ का शाब्दिक अर्थ है— ‘बाँधना’ (निबंध)। अर्थात भली-भाँति बँधा या गठा हुआ। यह गद्य की वह विधा है जिसमें रचनाकार किसी विषय पर अपने अनुभव, विचार, दृष्टिकोण और भावनाओं को तार्किक, भावनात्मक, क्रमबद्ध और साहित्यिक रूप से प्रस्तुत करते हैं। एक विधा के रूप में निबंध की कुछ विशेषताओं को निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है—Show solution
निबंध की प्रमुख विशेषताएँ इस पाठ में स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं:
- विषय की एकता: पूरा निबंध व्यक्ति और देश के संबंध पर केंद्रित है।
- तार्किक क्रम: विचार एक से दूसरे की ओर क्रम से बढ़ते हैं।
- संवादात्मक शैली: प्रश्न और उत्तर के रूप में बात आगे बढ़ती है।
- भावात्मकता: देशप्रेम, गौरव और कर्तव्य का भाव है।
- उदाहरणों का प्रयोग: जापान, तुर्की, भारत आदि के उदाहरण दिए गए हैं।
- व्यक्तिगत अनुभव और विचार: लेखक अपने अनुभव के आधार पर निष्कर्ष देता है।
- भाषा की सहजता: भाषा सरल, प्रभावशाली और जीवंत है।
2निबंध के उपर्युक्त अंश को ध्यान से देखिए। इसकी पहली पंक्ति में एक प्रश्न है और बाद के अंश में उसका उत्तर दिया गया है। आपने ध्यान दिया होगा कि यह पूरा निबंध इसी तरह की प्रश्नोत्तर शैली में लिखा गया है। यह प्रश्नोत्तर या संवादात्मक शैली इस निबंध की संरचना को विशेष बनाती है। इसी तरह की और भी अन्य विशेषताएँ इस निबंध में से छाँटकर लिखिए।Show solution
इस निबंध की कुछ अन्य विशेषताएँ हैं—
- यह प्रश्नोत्तर शैली में लिखा गया है।
- इसमें संवादात्मक और आत्मीय भाषा है, जिससे पाठक से सीधा संवाद होता है।
- लेखक अपने विचार तर्क और उदाहरणों के सहारे स्पष्ट करता है।
- इसमें व्यक्तिगत अनुभव के साथ राष्ट्रीय भावना को जोड़ा गया है।
- शैली में व्यंग्य, भावुकता और विवेचनात्मकता तीनों का मेल है।
- छोटे-छोटे उदाहरणों, घटनाओं और कथनों से बात को सजीव बनाया गया है।
- निबंध में गंभीर विषय को भी रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
3नीचे कुछ विषय दिए गए हैं, आप इनमें से किन विषयों पर निबंध लिखना चाहेंगे, कारण सहित लिखिए—Show solution
मैं “मेरा भारत मेरा गौरव” विषय पर निबंध लिखना चाहूँगा, क्योंकि यह विषय मेरे देश के प्रति प्रेम, गर्व और जिम्मेदारी को व्यक्त करता है। इससे हमें अपने देश की संस्कृति, इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और नागरिक कर्तव्यों के बारे में लिखने का अवसर मिलेगा।
मैं “गागर में सागर” विषय पर भी निबंध लिखना चाहूँगा, क्योंकि यह विषय संक्षेप में गहरी बात कहने की कला सिखाता है। इससे कम शब्दों में अधिक अर्थ व्यक्त करने का अभ्यास होगा।
विषयों से संवाद
1जब कोई चुनाव प्रक्रिया आपके क्षेत्र में शुरू होती है तो किस तरह की गतिविधियाँ होती हैं?Show solution
जब मेरे क्षेत्र में चुनाव शुरू होता है, तो कई गतिविधियाँ होती हैं। जगह-जगह पोस्टर, बैनर और झंडे लगाए जाते हैं। उम्मीदवार और उनके समर्थक जनसंपर्क करते हैं, सभाएँ और रैलियाँ निकालते हैं। लोग घोषणापत्र बाँटते हैं और अपने-अपने वादे बताते हैं। समाचारों और भाषणों में चुनाव की चर्चा होती है। घर-घर जाकर मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित किया जाता है।
2“जब भी कोई चुनाव हो, ठीक मनुष्य को अपना मत दें”, आपके विचार से एक अच्छे उम्मीदवार में क्या-क्या गुण होने चाहिए?Show solution
एक अच्छे उम्मीदवार में ये गुण होने चाहिए—
- ईमानदारी
- जनसेवा की भावना
- सच्चाई और पारदर्शिता
- शिक्षित और समझदार होना
- निर्मल चरित्र
- जनहित को प्राथमिकता देना
- भेदभाव न करना
- वचन निभाने वाला होना
ऐसा व्यक्ति ही जनता के हित में सही निर्णय ले सकता है।
3चुनाव से जुड़ा अपना कोई अनुभव लिखिए।Show solution
विद्यालय में कक्षा प्रतिनिधि के चुनाव के समय मैंने देखा कि सभी छात्र अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में बातें कर रहे थे। कुछ बच्चे अपनी योग्यताओं के आधार पर समर्थन माँग रहे थे। फिर मतदान हुआ और हम सबने शांतिपूर्वक अपना मत दिया। इस अनुभव से मैंने सीखा कि चुनाव में सही व्यक्ति को चुनना बहुत जरूरी है और प्रत्येक मत का अपना महत्व होता है।
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अधिकार और कर्तव्य
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स्वच्छता और आचरण
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भाषा से संवाद
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आप इस निबंध में से मिलते-जुलते अर्थ वाले और पुनरुक्त (एक ही शब्द को फिर से कहना) शब्द-युग्म छाँटकर लिखिए।
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भाषा संगम
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झरोखे से
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खोजबीन
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प्रश्न से संवाद
बड़े महत्व का प्रश्न है। इस अर्थ में भी कि यह बात को खिलने का, आगे बढ़ने का अवसर देता है और इस अर्थ में भी कि ठीक समय पर पूछा गया है। ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में एक अपूर्व आनंद आता है, तो उत्तर यह है आपके प्रश्न का...”
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अलौकिक, निरक्षरता, सम्मानित, अनावश्यक, अपमानित, अभिमानी
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Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
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