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Chapter 11 of 12
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रीढ़ की हड्डी (जगदीशचंद्र माथुर) — NCERT Solutions

CBSE · Class 9 · Hindi

NCERT Solutions for रीढ़ की हड्डी (जगदीशचंद्र माथुर), CBSE Class 9 Hindi: 75 textbook questions solved step by step.

145 questions35 flashcards5 concepts

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75 Questions Solved · 18 Sections

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मेरे उत्तर मेरे तर्क

1एकांकी 'रीढ़ की हड्डी' का शीर्षक किसका प्रतीक है?Show solution

एकांकी में ‘रीढ़ की हड्डी’ का प्रतीकात्मक अर्थ आत्म-सम्मान, साहस और नैतिक दृढ़ता है। उमा शंकर और उसके पिता के व्यवहार पर जो टिप्पणी करती है, उससे स्पष्ट होता है कि ‘रीढ़ की हड्डी’ केवल शरीर का अंग नहीं, बल्कि चरित्र की मजबूती का प्रतीक है।

2'रीढ़ की हड्डी' एकांकी में किस पर व्यंग्य किया गया है?Show solution

इस एकांकी में विवाह के समय लड़की की शिक्षा, सुंदरता और खरीद-फरोख्त जैसी सोच तथा समाज की रूढ़िवादी और अनुचित मान्यताओं पर व्यंग्य किया गया है। इसलिए सबसे उपयुक्त विकल्प समाज की अनुचित मान्यताओं पर है।

3'घर जाकर जरा यह पता लगाइएगा कि आपके लाडले बेटे के रीढ़ की हड्डी भी है या नहीं' यह वाक्य शंकर की किस छवि को उजागर करता है?Show solution

उमा का यह व्यंग्य शंकर की कायरता, नैतिक साहस की कमी और चारित्रिक दुर्बलता को उजागर करता है। वह लड़कियों के होस्टल के आसपास घूमता है, फिर भी सामने आने की हिम्मत नहीं रखता। इसलिए सही विकल्प यही है।

4'जी हाँ, मैं कॉलेज में पढ़ी हूँ मैंने बी.ए. पास किया है।' उमा की दृष्टि में शिक्षा प्राप्त करने का सही अर्थ है?Show solution

उमा के अनुसार शिक्षा का अर्थ केवल डिग्री लेना नहीं है। उसके लिए शिक्षा का सही अर्थ है आत्मसम्मान, आत्मबल, और स्वतंत्र विचार। वह अपने अधिकारों के साथ सच बोलती है और खरीदार बनकर आए लोगों का विरोध करती है।

5गोपालप्रसाद और रामस्वरूप में क्या-क्या समानताएँ हैं?Show solution

रामस्वरूप बाहर से आधुनिक और समझदार दिखते हैं, लेकिन बेटी की शादी के मामले में वही रूढ़िवादी और दिखावटी बन जाते हैं। गोपालप्रसाद भी पढ़े-लिखे होकर भी लड़की के लिए पुरानी सोच रखते हैं। इसलिए दोनों में समानता दिखावे और परंपरा के शिकार होने की है।

6इस एकांकी की संवाद शैली मुख्यतः कैसी है?Show solution

एकांकी के संवाद बोलचाल की भाषा में हैं, इसलिए वे स्वाभाविक लगते हैं। साथ ही पात्रों के स्वभाव, समाज और विवाह-प्रथा पर तीखा कटाक्ष है, इसलिए शैली व्यंग्यपूर्ण है।

मेरी समझ मेरे विचार

1बाबू रामस्वरूप समाज में आधुनिक व्यवहार का दिखावा करते हैं, जबकि उनके विचार रूढ़िवादी हैं। इस अंतर्द्वंद्व के उदाहरण एकांकी में से खोजकर लिखिए।Show solution

रामस्वरूप के अंतर्द्वंद्व के उदाहरण इस प्रकार हैं—

  • वे बाहर से आधुनिक, सभ्य और मेहमाननवाज़ दिखना चाहते हैं, इसलिए घर में सजा-धजा वातावरण बनाते हैं, चाय-नाश्ता, बाजा, चद्दर आदि की व्यवस्था करवाते हैं।
  • लेकिन बेटी उमा की उच्च शिक्षा उन्हें भीतर ही भीतर परेशान करती है। वे चाहते हैं कि लोग उसे मैट्रिक तक पढ़ी समझें, क्योंकि लड़के वाले पढ़ी-लिखी लड़की नहीं चाहते।
  • वे प्रेमा को बार-बार समझाते हैं कि उमा को पाउडर लगाकर, करीने से भेजो, पर यह सब करते हुए वे सच्चाई छिपाना चाहते हैं।
  • जब गोपालप्रसाद लड़की की शिक्षा के बारे में पूछते हैं, तो रामस्वरूप झूठ बोलते हैं कि उमा की आँखें दुख रही हैं, इसलिए चश्मा लगा है; वे उसकी पढ़ाई छिपाने की कोशिश करते हैं।

इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि रामस्वरूप आधुनिक दिखने और रूढ़िवादी सोच के बीच झूलते रहते हैं।

2'रीढ़ की हड्डी' का संदर्भ दो अलग-अलग पात्रों के लिए भिन्न-भिन्न अर्थों में आया है, उनकी पहचान कीजिए और लिखिए।Show solution

‘रीढ़ की हड्डी’ का अर्थ दो पात्रों के लिए अलग-अलग है—

  • उमा के लिए यह आत्मसम्मान, साहस और नैतिक दृढ़ता का प्रतीक है। वह शंकर को कायर बताकर कहती है कि उसमें रीढ़ की हड्डी नहीं है।
  • शंकर के लिए यह शब्द शारीरिक मुद्रा और मानसिक कायरता के संदर्भ में आता है। वह झुकी कमर वाला, संकोची और डरपोक दिखाया गया है।

इस प्रकार एकांकी में यह वाक्य चरित्र-बल और कायरता—दोनों के विपरीत अर्थों में प्रयोग हुआ है।

3'मेरी समझ में तो ये पढ़ाई-लिखाई के जंजाल आते नहीं।' प्रेमा की इस सोच से उस समय की स्त्री-शिक्षा की स्थिति के विषय में क्या पता चलता है?Show solution

प्रेमा की इस सोच से पता चलता है कि उस समय स्त्री-शिक्षा का स्तर बहुत सीमित और उपेक्षित था।

  • स्त्रियों को पढ़ाई को गंभीरता से लेने के बजाय झंझट माना जाता था।
  • बहुत-सी स्त्रियाँ केवल आँखों-देखी, घरेलू और सीमित शिक्षा तक ही रुक जाती थीं।
  • उच्च शिक्षा को लड़की के लिए आवश्यक या स्वाभाविक नहीं माना जाता था।

इससे स्पष्ट है कि उस समय समाज में स्त्रियों की शिक्षा के प्रति अवहेलना और रूढ़िवादिता व्याप्त थी।

4लेखक ने 'रीढ़ की हड्डी' शब्द को एकांकी के शीर्षक के रूप में क्यों चुना होगा? यदि आप इस एकांकी का दूसरा शीर्षक रखना चाहें, जो इसकी मुख्य बात को दर्शाए, तो वह क्या होगा और क्यों?Show solution

लेखक ने ‘रीढ़ की हड्डी’ शीर्षक इसलिए चुना होगा क्योंकि यह एकांकी के केंद्रीय विचार—आत्मसम्मान, साहस, चरित्र की मजबूती और कायरता के विरोध—को व्यक्त करता है। उमा के भीतर यह ‘रीढ़’ है, जबकि शंकर और उसके जैसे लोगों में इसकी कमी दिखाई गई है।

यदि दूसरा शीर्षक रखना हो तो ‘आत्मसम्मान’ या ‘नारी का साहस’ रखा जा सकता है, क्योंकि एकांकी की मुख्य बात लड़की की स्वतंत्र चेतना और समाज की कायर/दकियानूसी सोच का विरोध है।

विधा से संवाद

1एकांकी का नामShow solution

पाठ में एकांकी का नाम ‘रीढ़ की हड्डी’ दिया गया है।

2लेखक का नामShow solution

पाठ के अनुसार इस एकांकी के लेखक जगदीशचंद्र माथुर हैं।

3पात्रShow solution

पाठ में दिए गए पात्र परिचय के अनुसार प्रमुख पात्र हैं: उमा, रामस्वरूप (बाबू), प्रेमा, शंकर, गोपालप्रसाद और रतन।

4परिवेश/देश-कालShow solution

यह एकांकी भारतीय समाज की पृष्ठभूमि में है और पाठ में साफ लिखा है कि इसकी रचना 1939 में हुई थी। इसलिए परिवेश/देश-काल का उत्तर यही है।

5रंग-निर्देश/मंच-निर्देशShow solution

पाठ के आरंभ में रंग-निर्देश में मामूली तरह से सजा हुआ एक कमरा, तख्त, दरी, बाजा, कुर्सियाँ आदि का वर्णन है। यही मंच-सज्जा/रंग-निर्देश का उदाहरण है।

6संवाद-निर्देशShow solution

संवाद-निर्देश वे संकेत होते हैं जिनसे पता चलता है कि कौन पात्र कब और कैसे बोलेगा। पाठ में कोष्ठक में दिए गए निर्देश इसी प्रकार के हैं।

7समस्याShow solution

पाठ में समस्या स्पष्ट रूप से परंपरागत विवाह-व्यवस्था, कम पढ़ी-लिखी लड़की की माँग, और स्त्रियों की शिक्षा के प्रति रूढ़िगत सोच बताई गई है।

8संवादShow solution

इस एकांकी का आधार संवाद है, और ये संवाद बोलचाल की भाषा में स्वाभाविक तथा व्यंग्यपूर्ण ढंग से रचे गए हैं।

9मुख्य विचारShow solution

एकांकी का मुख्य विचार आत्मसम्मान, स्त्री-शिक्षा, और समाज की रूढ़िवादी सोच का विरोध है। उमा का व्यक्तित्व इस विचार को सामने लाता है।

10समाधान/परिणामShow solution

अंत में उमा अपनी बात खुलकर कह देती है, गोपालप्रसाद को पता चल जाता है कि लड़की बी.ए. पास है, वे क्रोधित होकर लौट जाते हैं, और उमा के आत्मसम्मान की विजय दिखती है।

2‘जी हाँ, जाइए, जरूर चले जाइए। लेकिन घर जाकर जरा यह पता लगाइएगा कि आपके लाडले बेटे के रीढ़ की हड्डी भी है या नहीं— यानी बैकबोन, बैकबोन!’

उपर्युक्त वाक्य को ध्यान से पढ़िए। यह वाक्य उमा द्वारा शंकर पर की गई एक टिप्पणी है जो एक व्यंग्य की तरह है.

‘टिप्पणी’ किसी व्यक्ति, विषय या घटना पर व्यक्त की गई एक संक्षिप्त राय, स्पष्टीकरण या विचार होता है। यह किसी के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी देने, किसी मुद्दे पर नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करने या किसी संदर्भ पर विचारों की अभिव्यक्ति होती है, जो पाठक को उस विषय पर एक नया दृष्टिकोण देती है.
Show solution

यह पंक्ति उमा की तेज, साहसी और व्यंग्यात्मक टिप्पणी है। इससे स्पष्ट होता है कि वह शंकर की कायरता को पहचानती है और समाज में दिखावे से काम चलाने वाली पुरुष-मानसिकता पर प्रहार करती है। उमा यह बताती है कि सच्ची ‘रीढ़ की हड्डी’ केवल शरीर की बनावट नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, साहस और चरित्र है। उसकी टिप्पणी से वह कमजोर पुरुष-मानसिकता पर चोट करती है जो लड़कियों को तो परखती है, पर खुद नैतिक रूप से कमजोर होती है।

मेरी टिप्पणी

1“जी हाँ, जाइए, जरूर चले जाइए। लेकिन घर जाकर जरा यह पता लगाइएगा कि आपके लाडले बेटे के रीढ़ की हड्डी भी है या नहीं— यानी बैकबोन, बैकबोन!”

उपर्युक्त वाक्य को ध्यान से पढ़िए। यह वाक्य उमा द्वारा शंकर पर की गई एक टिप्पणी है जो एक व्यंग्य की तरह है।

‘टिप्पणी’ किसी व्यक्ति, विषय या घटना पर व्यक्त की गई एक संक्षिप्त राय, स्पष्टीकरण या विचार होता है। यह किसी के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी देने, किसी मुद्दे पर नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करने या किसी संदर्भ पर विचारों की अभिव्यक्ति होती है, जो पाठक को उस विषय पर एक नया दृष्टिकोण देती है।

टिप्पणी की कुछ विशेषताएँ हैं—

- संक्षिप्तता – इसमें विषय के मुख्य बिंदुओं को कम शब्दों में प्रस्तुत किया जाता है।
- स्पष्टता – भाषा सरल, स्पष्ट और तर्कपूर्ण होनी चाहिए।
- व्यक्तिपरकता – इसमें व्यक्ति के विचारों और सुझावों को शामिल किया जाता है।

अब आप उमा द्वारा शंकर के लिए कही गई उपर्युक्त बात पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए इस पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Show solution

उमा का यह कथन साहस, आत्मसम्मान और स्पष्टवादिता का परिचायक है। वह शंकर को उसके डरपोक और असंवेदनशील व्यवहार के लिए सीधे लताड़ती है। इससे यह भी पता चलता है कि उमा केवल पढ़ी-लिखी ही नहीं, बल्कि स्वतंत्र विचारों वाली और अन्याय का विरोध करने वाली लड़की है। उसकी टिप्पणी समाज की उस मानसिकता पर चोट करती है जो लड़की को कमजोर समझती है, जबकि असल में कायरता लड़के में भी हो सकती है।

तुलना और विचार

1“गोपालप्रसाद : भला पूछिए इन अकल के ठेकेदारों से कि क्या लड़कों की पढ़ाई और लड़कियों की पढ़ाई एक बात है।”

एकांकी में उन पंक्तियों को खोजिए जहाँ एकांकी के पात्रों के व्यवहार में लड़कियों तथा लड़कों के प्रति भिन्न-भिन्न दृष्टि अभिव्यक्त हुई है। अब यह भी लिखिए कि आप इस भिन्नता को किस प्रकार समझते हैं?
Show solution

एकांकी में लड़कों और लड़कियों के प्रति भिन्न दृष्टि कई जगह दिखाई गई है। उदाहरण के लिए—

  • गोपालप्रसाद कहते हैं: “क्या लड़कों की पढ़ाई और लड़कियों की पढ़ाई एक बात है।”
  • वे आगे कहते हैं कि लड़की ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं चाहिए, बस मैट्रिक-पास होनी चाहिए।
  • वे लड़कों को बी.ए., एम.ए. तक पढ़ाने को सही मानते हैं, लेकिन लड़कियों के लिए वही शिक्षा अनुपयुक्त समझते हैं।
  • शंकर के बारे में भी एक तरह से नरमी दिखाई जाती है, जबकि उमा को खरीदार की तरह परखा जाता है।

मैं इस भिन्नता को पितृसत्तात्मक सोच मानता/मानती हूँ। समाज में लड़कों की शिक्षा और स्वतंत्रता को महत्व दिया जाता है, जबकि लड़कियों से अपेक्षा की जाती है कि वे कम पढ़ी-लिखी, आज्ञाकारी और घर तक सीमित रहें। यह दृष्टि असमान और अन्यायपूर्ण है।

2“मुझे अपनी इज्जत, अपने मान का खयाल तो है। लेकिन इससे पूछिए कि ये किस तरह अपना मुँह छिपाकर भागे थे।”

एकांकी में उमा अपने अधिकार और विचार खुलकर व्यक्त करती है। इससे उमा के व्यक्तित्व के विषय में क्या-क्या पता चलता है? आपके विचार से उसके व्यक्तित्व में ये विशेषताएँ कैसे आई होंगी?

(संकेत— शिक्षा, परिवार का व्यवहार आदि)
Show solution

उमा के व्यक्तित्व से पता चलता है कि वह साहसी, स्वाभिमानी, स्पष्टवादी और स्वतंत्र विचारों वाली लड़की है। वह अन्याय के सामने चुप नहीं रहती और अपने अधिकारों के लिए बोलती है। वह शिक्षा को केवल दिखावे की चीज नहीं मानती; वह अपने सम्मान को अधिक महत्त्व देती है।

ये विशेषताएँ संभवतः उसके अच्छी शिक्षा, संवेदनशील और जागरूक स्वभाव, तथा परिवार में मिले अनुभवों से आई होंगी। पढ़ाई ने उसे आत्मविश्वास दिया है, और घर के भीतर मिली उपेक्षा ने उसे अपने विचार खुलकर व्यक्त करना सिखाया होगा।

सृजन

1एकांकी के अंत में रतन कहता है— “बाबूजी, मक्खन...” और परदा गिर जाता है। लेखक ने इस संवाद से एकांकी का अंत क्यों किया होगा?Show solution

लेखक ने इस संवाद से एकांकी का अंत इसलिए किया है ताकि हास्य और व्यंग्य दोनों एक साथ उभरें। पूरे दृश्य में शादी के लिए लड़की की पढ़ाई छिपाने का नाटक चल रहा था, और अंत में अचानक रतन का “बाबूजी, मक्खन!” कहना इस नकली गंभीरता को तोड़ देता है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि घर के लोग शंका, अफरा-तफरी और दिखावे में उलझे हुए हैं। यह एकांकी के व्यंग्यपूर्ण अंत को प्रभावी बनाता है।

2एकांकी में यदि परदा दोबारा उठ जाए तो अगला दृश्य क्या होगा? अनुमान लगाइए और लिखिए।Show solution

अगला दृश्य यह हो सकता है कि परदा उठते ही घर का वातावरण बदला हुआ दिखे। गोपालप्रसाद और शंकर के चले जाने के बाद रामस्वरूप निराश बैठे हों और प्रेमा उमा से सहानुभूति दिखा रही हो। उमा शायद रोते हुए भी अपने आत्मसम्मान पर अड़ी रहे। रतन का “मक्खन!” कहना यह संकेत देता है कि घर के लोग जिस दिखावे और तैयारी में लगे थे, वह सब बेकार हो गया। इसलिए अगले दृश्य में संभवतः परिवार के भीतर का तनाव, उमा की बेबाकी पर चर्चा, और रामस्वरूप की मजबूरी व शर्मिंदगी दिखाई जा सकती है।

भाषा से संवाद

1एकांकी में पाँच ऐसे शब्द चुनकर रेखांकित कर लीजिए जो आपके लिए बिल्कुल नए थे। उन शब्दों वाले वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए। अब उन शब्दों के अर्थ अपने अनुमान से लिखिए। इसके बाद उनके अर्थ शब्दकोश में से देखकर लिखिए।Show solution

पाँच नए शब्दों के उदाहरण, उनके वाक्य और अर्थ इस प्रकार हो सकते हैं—

  1. दकियानूसी
  • वाक्य: गोपालप्रसाद के विचार बहुत दकियानूसी थे।
  • अनुमानित अर्थ: पुराने और रूढ़िवादी विचार वाला।
  • शब्दकोश अर्थ: पुराने विचार का, पुराना।
  1. तशरीफ़
  • वाक्य: बाबू रामस्वरूप ने अतिथियों से अंदर तशरीफ़ लाने को कहा।
  • अनुमानित अर्थ: आदरपूर्वक आना।
  • शब्दकोश अर्थ: आदर, सम्मान, महत्व।
  1. मार्जिन
  • वाक्य: शंकर ने अपने कोर्स के खत्म होने में एक साल का मार्जिन बताया।
  • अनुमानित अर्थ: अतिरिक्त समय या सीमा।
  • शब्दकोश अर्थ: सीमा, किनारा।
  1. जायचा
  • वाक्य: रामस्वरूप ने कहा कि जायचा ठाकुर जी के चरणों में रख दिया गया है।
  • अनुमानित अर्थ: जन्मपत्री।
  • शब्दकोश अर्थ: जन्मपत्री।
  1. खीस निपोरना
  • वाक्य: शंकर हर बात पर खीस निपोरता रहा।
  • अनुमानित अर्थ: बेढंगी तरह से हँसना।
  • शब्दकोश अर्थ: इस तरह हँसना कि दाँत दिखाई दें, बेढंगी हँसी हँसना।
2एकांकी में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। इन वाक्यों में जहाँ-जहाँ मुहावरे आए हैं, उन्हें पहचानकर रेखांकित कीजिए। इन मुहावरों का प्रयोग करते हुए नए वाक्य बनाकर लिखिए—Show solution

इन वाक्यों में मुहावरे और उनके नए वाक्य इस प्रकार हैं—

  1. भीगी बिल्ली की तरह
  • नया वाक्य: परीक्षा में नकल पकड़े जाने पर वह भीगी बिल्ली की तरह चुपचाप खड़ा रहा।
  1. मुँह फुलाए पड़ी है
  • नया वाक्य: माँ के डाँटने पर बच्चा पूरे दिन मुँह फुलाए पड़ी है।
  1. किस मर्ज की दवा हो
  • नया वाक्य: अगर तुम मदद नहीं कर सकते, तो बताओ किस मर्ज की दवा हो?
  1. सिर चढ़ा रखा है
  • नया वाक्य: बच्चों को बहुत ज़्यादा सिर चढ़ा रखा है, इसलिए वे नहीं मानते।
  1. सब-कुछ उगले देती हो
  • नया वाक्य: जाँच में उसने घबराकर सब-कुछ उगले दिया।
  1. काँटों में घसीटना
  • नया वाक्य: बिना वजह दूसरों को विवाद में काँटों में घसीटना ठीक नहीं है।
  1. इज्जत उतारना
  • नया वाक्य: सार्वजनिक रूप से किसी की इज्जत उतारना गलत बात है।
  1. मुँह छिपाकर भागे थे
  • नया वाक्य: चोरी पकड़े जाने पर वे सब मुँह छिपाकर भागे थे।

भाषा में मुहावरे

1“उनके पीछे-पीछे भीगी बिल्ली की तरह रतन आ रहा है— खाली हाथ।”Show solution

वाक्य में मुहावरा भीगी बिल्ली की तरह है। इसका अर्थ है बहुत डरकर, दबकर या सहमे हुए तरीके से।

2“लेकिन वह तुम्हारी लाडली बेटी तो मुँह फुलाए पड़ी है।”Show solution

वाक्य में मुहावरा मुँह फुलाए पड़ी है है। इसका अर्थ है नाराज़ होकर चुप बैठना।

3“और तुम उसकी माँ, किस मर्ज की दवा हो?”Show solution

वाक्य में मुहावरा किस मर्ज की दवा हो है। इसका अर्थ है किस काम के हो / किस काम आओगे।

4“तुम्हें ने उसे पढ़ा-लिखाकर इतना सिर चढ़ा रखा है।”Show solution

वाक्य में मुहावरा सिर चढ़ा रखा है है। इसका अर्थ है अत्यधिक लाड़-प्यार देकर बिगाड़ देना।

5“मगर तुम तो अभी से सब-कुछ उगले देती हो।”Show solution

वाक्य में मुहावरा सब-कुछ उगले देती हो है। इसका अर्थ है सब बात तुरंत बता देना।

6“यह लीजिए, आप तो मुझे काँटों में घसीटने लगे।”Show solution

वाक्य में मुहावरा काँटों में घसीटना है। इसका अर्थ है किसी को अनावश्यक कठिनाई या झंझट में डालना।

7“बाबू रामस्वरूप, आपने मेरी इज्जत उतारने के लिए मुझे यहाँ बुलाया था?”Show solution

वाक्य में मुहावरा इज्जत उतारना है। इसका अर्थ है अपमान करना।

8“लेकिन इनसे पूछिए कि ये किस तरह अपना मुँह छिपाकर भागे थे।”Show solution

वाक्य में मुहावरा मुँह छिपाकर भागे थे है। इसका अर्थ है शर्मिंदा होकर भाग जाना।

संदर्भ में शब्द

1“बाप सेर है तो लड़का सवा सेर।”

एकांकी में इस कहावत का प्रयोग रामस्वरूप द्वारा गोपालप्रसाद और शंकर की नकारात्मक प्रवृत्ति का उल्लेख करने के लिए किया गया है। लेकिन इस कहावत का प्रयोग सकारात्मक अर्थ में भी किया जा सकता है। अब आप इस नए प्रयोग से वाक्य बनाकर लिखिए।
Show solution

इस कहावत का नया, सकारात्मक प्रयोग यह हो सकता है कि यदि पिता ईमानदार, परिश्रमी और चरित्रवान है, तो पुत्र भी प्रायः उसी गुणों वाला होता है।

उदाहरण: बाप सेर है तो लड़का सवा सेर— जैसे उसके पिता बहुत मेहनती और ईमानदार हैं, वैसे ही बेटा भी उनसे बढ़कर लगनशील और संस्कारी निकला।

शब्द-संपदा

अधेड़आधी उम्र का, ढलती उम्र काShow solution

अधेड़ का अर्थ है आधी उम्र का, ढलती उम्र का।

तख्तलकड़ी की बड़ी चौकी, सिंहासन

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गंदुमीगेहूँए रंग का

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डाटटेक, अटकाव

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जंजालझंझट, झमेला, संसार का बखेड़ा

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ठठोलीहँसी, परिहास

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करीने/करीनाढंग, क्रम, मेल, समानता

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दकियानूसीपुराने विचार का, पुराना

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तालीमशिक्षा

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चौपटनष्ट, चारों ओर से खुला हुआ

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दस्तकखटखटाना, हाथ का हलका आघात या धक्का, ताली

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फितरतीचालबाज, प्रकृतिगत

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खीस निपोरना/खीस निकालनाइस तरह हँसना कि दाँत दिखाई दें, बेढंगी हँसी हँसना

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खासियत/खासीयतविशेषता, गुण, प्रभाव, प्रकृति, स्वभाव

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तशरीफ़आदर, सम्मान, महत्व

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मार्जिनसीमा, किनारा

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बालाईऊपर का हिस्सा

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तकल्लुफ़बनावट, शिष्टाचार

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माफ़िकअनुकूल, अनुसार

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मुखातिबसंबोधन करने वाला, बात करने वाला

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निहायतअत्यधिक, अत्यंत, बहुत ज्यादा

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जायचाजन्मपत्री

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अर्जनिवेदन, प्रार्थना, चौड़ाई

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अधीरधैर्य रहित, उतावला, आकुल, दृढ़ता रहित

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मेरी समझ मेरे विचार

4लेखक ने 'रीढ़ की हड्डी' शब्द को एकांकी के शीर्षक के रूप में क्यों चुना होगा? यदि आप इस एकांकी का दूसरा शीर्षक रखना चाहें, जो इसकी मुख्य बात को दर्शाए, तो वह क्या होगा और क्यों होगा?

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विधा से संवाद

1आगे 'रीढ़ की हड्डी' एकांकी से संबंधित कुछ बिंदु दिए गए हैं। एकांकी में से इन बिंदुओं से संबंधित एक-एक उदाहरण ढूँढ़कर लिखिए।

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मेरी टिप्पणी

3अब आप उमा द्वारा शंकर के लिए कही गई उपर्युक्त बात पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए इस पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

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विषयों से संवाद

1“गोपालप्रसाद : भला पूछिए इन अकल के ठेकेदारों से कि क्या लड़कों की पढ़ाई और लड़कियों की पढ़ाई एक बात है।”

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2एकांकी में उन पंक्तियों को खोजिए जहाँ एकांकी के पात्रों के व्यवहार में लड़कियों तथा लड़कों के प्रति भिन्न-भिन्न दृष्टि अभिव्यक्त हुई है। अब यह भी लिखिए कि आप इस भिन्नता को किस प्रकार समझते हैं?

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2“मुझे अपनी इज्जत, अपने मान का खयाल तो है। लेकिन इससे पूछिए कि ये किस तरह अपना मुँह छिपाकर भागे थे।”

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4एकांकी में उमा अपने अधिकार और विचार खुलकर व्यक्त करती है। इससे उमा के व्यक्तित्व के विषय में क्या-क्या पता चलता है? आपके विचार से उसके व्यक्तित्व में ये विशेषताएँ कैसे आई होंगी?

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संदर्भ में शब्द

1“बाप सेर है तो लड़का सवा सेर।”

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2एकांकी में इस कहावत का प्रयोग रामस्वरूप द्वारा गोपालप्रसाद और शंकर की नकारात्मक प्रवृत्ति का उल्लेख करने के लिए किया गया है। लेकिन इस कहावत का प्रयोग सकारात्मक अर्थ में भी किया जा सकता है। अब आप इस नए प्रयोग से वाक्य बनाकर लिखिए।

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भाषा संगम

3- इनके अतिरिक्त यदि आप ‘मक्खन’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।

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4- उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए।

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विषयों से संवाद

2“मुझे अपनी इज्जत, अपने मान का खयाल तो है। लेकिन इससे पूछिए कि ये किस तरह अपना मुँह छिपाकर भागे थे।”

एकांकी में उमा अपने अधिकार और विचार खुलकर व्यक्त करती है। इससे उमा के व्यक्तित्व के विषय में क्या-क्या पता चलता है? आपके विचार से उसके व्यक्तित्व में ये विशेषताएँ कैसे आई होंगी?

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प्रश्न

1इनके अतिरिक्त यदि आप ‘मक्खन’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।

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2उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए।

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37 more solved questions in रीढ़ की हड्डी (जगदीशचंद्र माथुर)

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in रीढ़ की हड्डी (जगदीशचंद्र माथुर) for CBSE Class 9 Hindi?
Key topics in रीढ़ की हड्डी (जगदीशचंद्र माथुर) include लेखक परिचय, एकांकी का केंद्रीय भाव, पात्र और उनका चरित्र-चित्रण, मुख्य घटनाक्रम. Study these first, then practise questions on each for Class 9 exams.
Are these NCERT Solutions for रीढ़ की हड्डी (जगदीशचंद्र माथुर) free?
The first 38 of the 75 solutions on this page are open to read. The other 37 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise रीढ़ की हड्डी (जगदीशचंद्र माथुर) for Class 9 exams?
Learn the core ideas first, then work through the 145 practice questions on रीढ़ की हड्डी (जगदीशचंद्र माथुर). Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

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