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Chapter 8 of 12
NCERT Solutions

झाँसी की रानी (सुभद्रा कुमारी चौहान)

CBSE · Class 9 · Hindi

NCERT Solutions for झाँसी की रानी (सुभद्रा कुमारी चौहान) — CBSE Class 9 Hindi.

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62 Questions Solved · 10 Sections

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प्रश्न रचना से संवाद

1'झाँसी की रानी' कविता की पंक्ति “बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी” में 'नई जवानी' शब्द किस भाव को व्यक्त करता है?Show solution
पंक्ति में “नई जवानी” का अर्थ शाब्दिक युवावस्था नहीं, बल्कि देश में जागी नई चेतना और विद्रोह की भावना है। कविता 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में लिखी गई है, इसलिए यहाँ यह विद्रोह की चिंगारी को व्यक्त करता है।

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2लक्ष्मीबाई को 'छबीली' कहना उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता को दर्शाता है?Show solution
‘छबीली’ शब्द का अर्थ कविता के शब्द-संपदा में तेजस्वी, सुंदर, छबिवाली, सजीली दिया गया है। इसलिए यह लक्ष्मीबाई के शोभायुक्त, आकर्षक व्यक्तित्व को दर्शाता है।

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3"बुझा दीप झाँसी का" पंक्ति का भावार्थ है—Show solution
“बुझा दीप झाँसी का” का भावार्थ है कि झाँसी का राज्य समाप्त हो गया और अंग्रेजों ने उस पर अधिकार कर लिया। पाठ में आगे डलहौजी द्वारा राज्य हड़पने और झाँसी पर झंडा फहराने का वर्णन भी है, इसलिए यही सही अर्थ है।

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4"इस स्वतंत्रता-महायज्ञ में कई वीरवर आए काम" पंक्ति में स्वतंत्रता आंदोलन की किस ऐतिहासिक घटना की ओर संकेत किया गया है?Show solution
कविता में “स्वतंत्रता-महायज्ञ” और वीरों के त्याग का उल्लेख 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के लिए किया गया है। इसलिए यह पंक्ति 1857 की क्रांति की ओर संकेत करती है।

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5“व्यापारी बन दया चाहता था जब यह भारत आया” पंक्ति में ‘यह’ शब्द किसके लिए कहा गया है?Show solution
पंक्ति “व्यापारी बन दया चाहता था जब यह भारत आया” में ‘यह’ से आशय जनरल डलहौजी है। कविता में कहा गया है कि वह पहले व्यापारी बनकर दया चाहता था, फिर बाद में उसने भारत पर अधिकार की नीति अपनाई।

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1“कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी”Show solution
कविता के शब्द-संपदा के अनुसार ‘छबीली’ का अर्थ तेजस्वी, सुंदर, छबिवाली, सजीली है। इसलिए सही अर्थ शोभायुक्त है।

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2“कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी”

“मेरठ, कानपुर, पटना ने भारी धूम मचाई थी”
Show solution
लक्ष्मीबाई के प्रिय खेल थे बरछी, ढाल, कृपाण, कटारी। कविता में कहा गया है कि वे बचपन से ही शस्त्रों को अपनी सहेलियाँ मानती थीं।

उनका बचपन दूसरों से इसलिए भिन्न था क्योंकि सामान्य बच्चों की तरह वे केवल खेलकूद में नहीं रहीं, बल्कि वीरता, युद्ध, शिकार, सैन्य घेरना और दुर्ग तोड़ना जैसे कौशलों में रुचि रखती थीं। वे नाना के साथ पढ़ती और खेलती थीं तथा वीर शिवाजी की गाथाएँ उन्हें याद थीं।

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8- “दूर फ़िरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी”

उपर्युक्त पंक्ति में ‘दृढ़ निश्चय करने’ के अर्थ को व्यक्त करने के लिए ‘मन में ठान लेना’ वाक्यांश का प्रयोग हुआ है जो एक मुहावरा है। ‘मुहावरे’ ऐसे वाक्यांश होते हैं जो अपने शाब्दिक अर्थ से भिन्न एक विशेष और लाक्षणिक अर्थ व्यक्त करते हैं। इनके प्रयोग से भाषा में सौंदर्य और प्रभाव उत्पन्न होता है।

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। उन पंक्तियों में आए मुहावरे ढूँढ़कर लिखिए और उन मुहावरों का प्रयोग करते हुए नए वाक्य भी बनाइए। आपकी सुविधा के लिए एक उदाहरण दिया गया है।
Show solution
पाठ में आए मुहावरों को पहचानकर उनके लाक्षणिक अर्थ के साथ नए वाक्य बनाए गए हैं:

1. पैर पसारना — किसी जगह अपना प्रभाव/अधिकार फैलाना।
- नया वाक्य: व्यापारियों ने धीरे-धीरे पूरे बाजार में अपने पैर पसार लिए

2. पैरों ठुकराना — तुच्छ समझकर अस्वीकार करना।
- नया वाक्य: उसने हर सलाह को पैरों तले रौंद दिया

3. सोई ज्योति जगाना — निष्क्रिय शक्ति या चेतना को सक्रिय करना।
- नया वाक्य: शिक्षक ने विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा की सोई ज्योति जगा दी

4. धूम मचाना — बहुत प्रसिद्ध होना या हलचल मचाना।
- नया वाक्य: स्कूल के वार्षिकोत्सव ने पूरे शहर में धूम मचा दी

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1झलकारी बाई की सखियों काना तथा मंदरा की ओर से लक्ष्मीबाई को एक पत्र लिखिए जिसमें काना तथा मंदरा द्वारा ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध युद्ध की रणनीति पर चर्चा की गई हो।Show solution
पत्र में लक्ष्मीबाई को संबोधित करते हुए उनकी सखियों की ओर से युद्ध-रणनीति का वर्णन किया गया है। कविता के अनुसार काना और मंदरा रानी के साथ रणक्षेत्र में रहीं, इसलिए पत्र में उनकी सहयोगी भूमिका, किले की रक्षा, अचानक आक्रमण, रसद-व्यवस्था और साहसपूर्वक संघर्ष का उल्लेख उपयुक्त है।

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मेरी समझ मेरे विचार

1‘झाँसी की रानी’ कविता के आधार पर बताइए कि लक्ष्मीबाई के प्रिय खेल कौन-कौन से थे? उनका बचपन दूसरों से किस प्रकार भिन्न था?Show solution
कविता के अनुसार लक्ष्मीबाई के प्रिय खेल बरछी, ढाल, कृपाण, कटारी थे। ये सब शस्त्र हैं, इसलिए स्पष्ट है कि उनका मन बचपन से ही वीरता और युद्ध-कौशल की ओर था।

उनका बचपन दूसरों से भिन्न था क्योंकि वे:
- नाना के साथ पढ़ती थीं,
- नाना के साथ खेलती थीं,
- शस्त्रों को सहेली मानती थीं,
- वीर शिवाजी की गाथाएँ याद रखती थीं,
- और नकली युद्ध, शिकार, सैन्य घेरना, दुर्ग तोड़ना जैसे खेल खेलती थीं।

इसलिए उनका बचपन साधारण न होकर वीरांगना के रूप में तैयार होने वाला बचपन था।

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2“किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई” पंक्ति के माध्यम से किस घटना की ओर संकेत किया गया है?Show solution
पंक्ति “किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई” में कालगति का अर्थ समय का बदलना और दुखद घटना आना है। यहाँ इससे राजा गंगाधर राव की आकस्मिक मृत्यु का संकेत मिलता है। उनके निधन के बाद रानी विधवा हुईं और झाँसी के जीवन में दुख और संकट छा गया।

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3“महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी” पंक्ति समाज के विभिन्न वर्गों की एकता को दर्शाती है, इस एकता का स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में क्या महत्व है?Show solution
“महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी” का अर्थ है कि स्वतंत्रता की आग केवल राजमहलों में ही नहीं, बल्कि सामान्य जनता की झोंपड़ियों में भी फैल गई थी।

इस एकता का महत्व बहुत बड़ा था क्योंकि:
- उच्च वर्ग और सामान्य जनता दोनों एक ही लक्ष्य के लिए जुटे।
- आंदोलन को जनसमर्थन मिला।
- संघर्ष व्यापक और शक्तिशाली हुआ।
- स्वतंत्रता की भावना देश के हर हिस्से तक पहुँची।

इस प्रकार यह पंक्ति राष्ट्रीय एकता और सामूहिक संघर्ष की शक्ति को दर्शाती है।

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4“सरे-आम नीलाम छापते थे अंग्रेजों के अखबार” पंक्ति में ‘नीलाम छापते’ शब्द किसकी ओर संकेत करता है? यह भी बताइए कि किसकी नीलामी की जाती थी और क्यों?Show solution
कविता में “सरे-आम नीलाम छापते थे अंग्रेजों के अखबार” का अर्थ है कि अंग्रेजी अखबारों में भारतीय रियासतों की संपत्तियों की बिक्री और अधिकार-हड़पने की खबरें छपती थीं।

यहाँ नीलामी की बात:
- राज्यों की संपत्ति,
- गहने-कपड़े,
- झाँसी, लखनऊ, नागपुर आदि के जेवर और हार
की होती है।

ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि अंग्रेज भारतीय राज्यों को कमजोर करके, उनकी संपत्ति और अधिकार पर कब्जा करना चाहते थे।

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5“अभी उम्र कुल तेइस की थी, मनुज नहीं अवतारी थी” पंक्ति में ‘अवतारी’ शब्द व्यक्ति के विशेष गुणों की ओर इंगित कर रहा है। कविता के आधार पर बताइए कि लक्ष्मीबाई के किन गुणों के कारण उनको ‘अवतारी’ कहा गया है?Show solution
कविता में लक्ष्मीबाई को “मनुज नहीं अवतारी” कहा गया है, क्योंकि उनके गुण सामान्य मनुष्य से ऊपर दिखाए गए हैं। कविता के आधार पर उनके प्रमुख गुण हैं:

- असाधारण वीरता
- युद्ध-कौशल
- अद्भुत साहस
- देशप्रेम
- नेतृत्व क्षमता
- स्वतंत्रता के लिए बलिदान
- अंत तक संघर्ष करने की दृढ़ता

इसी कारण कवि उन्हें एक सामान्य मानव नहीं, बल्कि दिव्य और प्रेरणादायक अवतार के रूप में प्रस्तुत करता है।

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विधा से संवाद

1कविता में कहानीShow solution

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2यह कविता लक्ष्मीबाई के जीवन की घटनाओं पर आधारित है और अपनी संरचना में एक कथात्मक कविता है। कथात्मक कविता ऐसी कविता को कहते हैं जिसमें कविता और कहानी के तत्व परस्पर जुड़े होते हैं तथा घटनाओं का एक क्रम होता है। इस कविता में भी लक्ष्मीबाई के बचपन से लेकर वीरगति प्राप्त होने तक की कथा क्रम से देखने को मिलती है। पाठ की संरचना को समझते हुए इसमें वर्णित प्रमुख घटनाओं को समय-रेखा (टाइमलाइन) पर दर्शाएँ।Show solution
कविता की घटनाओं को क्रम से रखने पर लक्ष्मीबाई के जीवन की प्रमुख अवस्थाएँ इस प्रकार बनती हैं:

1. बचपन — नाना के साथ पढ़ना-खेलना, शस्त्र-विद्या सीखना।
2. वीरता का विकास — बरछी, ढाल, कृपाण, कटारी से खेलना, शिकार और युद्धाभ्यास।
3. झाँसी में विवाह — रानी बनकर झाँसी आना।
4. दुखद परिवर्तन — राजा गंगाधर राव का निधन, रानी का विधवा होना।
5. अंग्रेजों का षड्यंत्र — डलहौजी द्वारा झाँसी हड़पना।
6. 1857 की क्रांति — झाँसी, दिल्ली, लखनऊ, मेरठ, कानपुर आदि में विद्रोह फैलना।
7. अन्य वीरों का सहयोग — नाना, ताँतिया, अजीमुल्ला, कुंवरसिंह आदि का साथ।
8. झाँसी का युद्ध — अंग्रेजों से रण।
9. कालपी और ग्वालियर — आगे बढ़कर संघर्ष जारी रखना।
10. वीरगति — घायल होकर शहीद होना।
11. अमर स्मृति — बलिदान का भारत के लिए प्रेरणा बनना।

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3कविता में लक्ष्मीबाई की जीवन की घटनाओं पर आधारित है और अपनी संरचना में एक कथात्मक कविता है। कथात्मक कविता ऐसी कविता को कहते हैं जिसमें कविता और कहानी के तत्व परस्पर जुड़े होते हैं तथा घटनाओं का एक क्रम होता है। इस कविता में भी लक्ष्मीबाई के बचपन से लेकर वीरगति प्राप्त होने तक की कथा क्रम से देखने को मिलती है। पाठ की संरचना को समझते हुए इसमें वर्णित प्रमुख घटनाओं को समय-रेखा (टाइमलाइन) पर दर्शाएँ।Show solution
यह भी कविता की घटनाओं की वही क्रमबद्ध समय-रेखा है। इसमें लक्ष्मीबाई के बचपन से लेकर वीरगति तक की यात्रा को दिखाया गया है:

- बचपन और शस्त्र-प्रशिक्षण
- विवाह और झाँसी आगमन
- राजा की मृत्यु और दुःख
- अंग्रेजों द्वारा झाँसी हड़पना
- 1857 की क्रांति
- अन्य वीरों का साथ
- झाँसी का युद्ध
- कालपी और ग्वालियर के संघर्ष
- अंतिम युद्ध में वीरगति
- अमर स्मृति

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विषयों से संवाद

1“लावारिस का वारिस बनकर ब्रिटिश राज्य झाँसी आया”, ब्रिटिश राज किस नीति के कारण ‘लावारिस का वारिस’ बन जाता था? अपने इतिहास के शिक्षक से पता लगाकर उस नीति के विषय में लिखिए।Show solution
कविता में “लावारिस का वारिस बनकर ब्रिटिश राज्य झाँसी आया” से अंग्रेजों की हड़प नीति का संकेत है। इतिहास में इसे डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स कहा जाता है।

इस नीति के अनुसार:
- यदि किसी राजा की मृत्यु हो जाती और प्राकृतिक उत्तराधिकारी न माना जाता,
- या अंग्रेज उत्तराधिकारी को स्वीकार नहीं करते,
- तो अंग्रेज उस राज्य को अपने अधिकार में ले लेते थे।

यही कारण था कि झाँसी सहित कई रियासतें अंग्रेजी राज्य में मिलाई गईं।

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2इस कविता में लक्ष्मीबाई की जीवन-गाथा के साथ-साथ अनेक वीरों के त्याग और बलिदान का भी उल्लेख है। उनकी सूची बनाइए तथा शिक्षक की सहायता से 1857 की क्रांति में उनके योगदान के विषय में लिखिए।Show solution
कविता में अनेक वीरों का नाम आया है:
- नाना धुंधूपंत (नाना साहब)
- ताँतिया
- चतुर अजीमुल्ला
- अहमद शाह मौलवी
- ठाकुर कुंवरसिंह

इनका योगदान 1857 की क्रांति में महत्वपूर्ण था क्योंकि इन्होंने:
- अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्व किया,
- सैनिकों और जनता को संगठित किया,
- संघर्ष को व्यापक बनाया,
- और स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया।

कवि ने इन्हें इतिहास में अमर रहने वाले वीर कहा है।

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3यह कविता जिस समय और परिवेश में लिखी गई है, उसमें युद्ध और अन्य साहसिक कार्य करना सामान्यतः पुरुषों का क्षेत्र माना जाता था। वर्तमान में लगभग हर क्षेत्र में महिलाएँ कार्य कर रही हैं। नीचे कुछ ऐसे ही कार्यक्षेत्र दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में काम करने वाली स्त्रियों के नाम और उनके विषय में लिखिए। आप चाहें तो इसमें अपनी समझ के अनुसार कुछ और कार्यक्षेत्र भी जोड़ सकते हैं।Show solution
कविता के समय युद्ध को पुरुषों का क्षेत्र माना जाता था, लेकिन आज महिलाएँ हर क्षेत्र में काम कर रही हैं। उदाहरण:

- दमकल केंद्र — मीनाक्षी जोशी जैसी महिला फायर फाइटर
- रेलगाड़ी चालकसुरेखा यादव
- खेलपी. वी. सिंधु, मिताली राज, मैरी कॉम
- व्यापार और प्रबंधनइंदिरा नूयी
- विज्ञान और तकनीककल्पना चावला, टेस्सी थॉमस

इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि महिलाएँ आज लगभग हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रही हैं।

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4कविता में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित उनके स्थानों के नाम आए हैं। अपने शिक्षक की सहायता से दिए गए मानचित्र में उन स्थानों/नगरों को चिह्नित करके नाम लिखिए।Show solution

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भाषा से संवाद

1शब्द एक अर्थ अनेकShow solution

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1“कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी”

उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द पर ध्यान दीजिए। कविता में ‘नाना’ शब्द ‘नाना धुंधूपंत’ के लिए प्रयुक्त हुआ है। लेकिन इस शब्द का प्रयोग संदर्भ के अनुसार अन्य अर्थों में भी होता है। जैसे—माता के पिता के लिए तथा अनेक के अर्थ में। इस प्रकार अनेकार्थी शब्द वह शब्द है जिसके एक से अधिक अर्थ होते हैं। नीचे तालिका में दी गई कविता की पंक्तियों में रेखांकित शब्द अनेकार्थी शब्द है। कविता के संदर्भ में उनके सही अर्थ पर घेरा लगाइए।
Show solution
पंक्ति “तीर चलाने वाले कर में उसे चूड़ियाँ कब भाई” में ‘तीर’ का अर्थ बाण है। कविता के संदर्भ में यही सही अर्थ है।

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2“कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी”

“मेरठ, कानपुर, पटना ने भारी धूम मचाई थी”

उपर्युक्त पंक्तियों में रेखांकित शब्दों की वर्तनी पर ध्यान दीजिए। दोनों शब्दों की वर्तनी में थोड़ी भिन्नता है। कई बार रचनाकार कविता की लय, अर्थ की लय इत्यादि को ध्यान में रखते हुए भाषा के स्तर पर इस प्रकार का प्रयोग करते रहे हैं। इस कविता में अन्य शब्दों के भी ऐसे प्रयोग मिलते हैं, उन्हें ढूँढ़कर लिखिए और कक्षा में चर्चा कीजिए।

इसी पाठ्यपुस्तक की अन्य कविताओं में भी आपने ऐसा प्रयोग देखा होगा। जहाँ किसी शब्द की मानक वर्तनी से भिन्न वर्तनी का प्रयोग किया गया है। अपने शिक्षक के साथ इस विषय पर चर्चा कीजिए। चर्चा से उभरे बिंदुओं को लिखकर उन पर अपने शिक्षक के साथ पुनः चर्चा कीजिए कि ऐसे प्रयोग क्यों किए गए हैं?
Show solution
कविता में कुछ शब्द मानक वर्तनी से अलग रूप में आए हैं ताकि लय, तुक और उच्चारण-सौंदर्य बना रहे। उदाहरण:

- भूकूटी के स्थान पर भृकुटी
- हरबालों / हरबोलों जैसे उच्चारण-आधारित रूप
- फ़िरंगी
- मुँहबोली
- वज्र-निपात
- सन्मुख आदि

ऐसे प्रयोग कविता को गेय, प्रवाहपूर्ण और प्रभावशाली बनाते हैं।

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मुहावरे

1“दूर फ़िरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी”

उपर्युक्त पंक्ति में ‘दृढ़ निश्चय करने’ के अर्थ को व्यक्त करने के लिए ‘मन में ठान लेना’ वाक्यांश का प्रयोग हुआ है जो एक मुहावरा है। ‘मुहावरे’ ऐसे वाक्यांश होते हैं जो अपने शाब्दिक अर्थ से भिन्न एक विशेष और लाक्षणिक अर्थ व्यक्त करते हैं। इनके प्रयोग से भाषा में सौंदर्य और प्रभाव उत्पन्न होता है।

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। उन पंक्तियों में आए मुहावरे ढूँढ़कर लिखिए और उन मुहावरों का प्रयोग करते हुए नए वाक्य भी बनाइए। आपकी सुविधा के लिए एक उदाहरण दिया गया है।
Show solution
पाठ में प्रयुक्त मुहावरे और उनके अर्थ के अनुसार वाक्य:

1. मन में ठान लेना — दृढ़ निश्चय करना।
- वाक्य: उसने देश को आज़ाद कराने की मन में ठान ली

2. मुँह की खाना — हार जाना, असफल होना।
- वाक्य: जनरल स्मिथ को युद्ध में मुँह की खानी पड़ी

3. पैर पसारना — फैलना, अधिकार जमाना।
- वाक्य: डलहौजी ने अपने पैर पसारे

4. पैरों ठुकराना — तिरस्कार करना।
- वाक्य: उसने राजाओं नव्वाबों को पैरों ठुकराया

5. धूम मचाना — बहुत हलचल/प्रसिद्धि फैलाना।
- वाक्य: मेरठ, कानपुर, पटना ने भारी धूम मचाई

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सूजन

1लक्ष्मीबाई की सखियों काना तथा मंदरा की ओर से लक्ष्मीबाई को एक पत्र लिखिए जिसमें काना तथा मंदरा द्वारा ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध युद्ध की रणनीति पर चर्चा की गई हो।Show solution
पत्र में काना और मंदरा की ओर से रानी को युद्ध-तैयारी और अंग्रेजों के विरुद्ध रणनीति बताई गई है। कविता के अनुसार दोनों सखियाँ रानी के साथ रणक्षेत्र में थीं, इसलिए पत्र में घुड़सवार दल, रसद, संदेश-व्यवस्था, किले की रक्षा और अचानक आक्रमण का उल्लेख उपयुक्त है।

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2युद्धपूर्व रात्रि में झाँसी की रानी के मन में अगले दिन की संभावनाओं को लेकर कई तरह के भाव और विचार उठ रहे होंगे। आपके जीवन में भी कई ऐसे क्षण आए होंगे जब आपने मानसिक ऊहापोह का अनुभव किया होगा। ऐसी किसी घटना के विषय में अपनी डायरी में लिखिए, जैसे— परीक्षा के एक दिन पूर्व की स्थिति या नौवीं कक्षा में पहला दिन आदि।Show solution
डायरी-लेखन में किसी व्यक्तिगत अनुभव का संक्षिप्त वर्णन करना है। यहाँ परीक्षा से पहले की घबराहट, तैयारी, मन की उलझन और अंत में आत्मविश्वास का उल्लेख उचित है।

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अतिविधियाँ

1• शौर्य के समाचारShow solution

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2यह कविता रानी लक्ष्मीबाई के जीवन की घटनाओं, उनकी वीरता और पराक्रम से हमारा साक्षात्कार कराती है। कविता में वर्णित घटनाओं को एक समाचार-वाचक की तरह समाचार के रूप में प्रस्तुत कीजिए।Show solution
समाचार-वाचक शैली में कविता की मुख्य घटनाएँ संक्षेप में प्रस्तुत की गई हैं: रानी की वीरता, अंग्रेजों से संघर्ष, साथियों का सहयोग, कालपी-ग्वालियर की यात्रा और अंत में वीरगति।

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3• ‘हरबोलों’ और हमारी कहानीShow solution

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4“बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी।”

‘हरबोला’ बुंदेलखंड क्षेत्र में रहने वाले लोकगायकों का एक समुदाय है जिन्होंने रानी लक्ष्मीबाई की वीरतापूर्ण गाथा को अपने गीतों के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाने का काम किया। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में लोकगायकों की एक लंबी और समृद्ध परंपरा रही है। इनके द्वारा गाए जाने वाले गीत सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्यों को संरक्षित करने का एक जीवंत माध्यम हैं। आपके क्षेत्र में अथवा आपकी भाषा में भी ऐसे लोकगायक और उनके द्वारा गाए जाने वाले देशभक्तिपूर्ण गीत अवश्य प्रचलित होंगे। ऐसे गीतों का एक संकलन तैयार कीजिए और कक्षा में साझा कीजिए।
Show solution

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5### भाषा संगम
6“कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी।”

नीचे ‘बहन’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है।
7नीचे ‘बहन’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है.

झरोखे से

1कविता में लक्ष्मीबाई की दो सखियों ‘काना’ और ‘मंदरा’ का उल्लेख मिलता है जो युद्धक्षेत्र में अंत तक लक्ष्मीबाई के साथ रही। लक्ष्मीबाई की सहेलियों में ऐसी ही एक और वीरांगना का नाम आता है, जिनका नाम था ‘झलकारी बाई’। इन्होंने भी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बहुत ही वीरता के साथ अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ाई लड़ी। नीचे दिए गए लेख को पढ़कर आप 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के विषय में जान सकते हैं।
2### झलकारी बाई
3इतिहास के पन्नों में लुप्त, यह एक महान योद्धा की कहानी है जिसने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बहादुरी से लड़ाई लड़ी थी। एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाली झलकारी बाई केवल अपनी दृढ़ता और साहस से प्रेरित थीं जो आगे चलकर एक आदरणीय योद्धा बनीं।
4झलकारी बाई का जन्म 22 नवंबर 1830 को झाँसी के निकट भोजला गाँव में हुआ था। वह बड़ी होकर एक सैनिक और रानी लक्ष्मीबाई की विश्वसनीय सलाहकारों में से एक बन गईं। उन्होंने बहुत कम उम्र में ही घुड़सवारी, अस्त्र-शस्त्र की कला और एक योद्धा की तरह लड़ना सीख लिया था। उन्होंने अपने पति पूरन कोरी से तीरंदाजी, कुश्ती और निशानेबाजी भी सीखी। पूरन कोरी रानी लक्ष्मीबाई के पति राजा गंगाधर राव की सेना में एक सैनिक थे।

झलकारी बाई अक्सर अपने पति के साथ शाही महल जाया करती थीं। रानी लक्ष्मीबाई को उनकी बहादुरी के बारे में पता चलने के बाद, वे उनकी अच्छी सहेली बन गईं। झलकारी बाई का शारीरिक गठन और उनका चेहरा रानी लक्ष्मीबाई से मिलता-जुलता था।

जल्द ही, झलकारी बाई को रानी लक्ष्मीबाई की ‘दुर्गा दल’ नामक महिला सेना में पद मिल गया और वे अक्सर रानी की तरफ से महत्वपूर्ण निर्णय लिया करती थीं।

राजा गंगाधर राव के निधन के बाद, अंग्रेजों को उनका उत्तराधिकारी स्वीकार्य नहीं था, परंतु अंग्रेजों के विरोध के बावजूद, रानी लक्ष्मीबाई ने शासन की बागडोर संभालने का फैसला किया। लक्ष्मीबाई ने निकट भविष्य में होने वाली लड़ाई के लिए तैयारियाँ शुरू कर दीं। 1857 में, सिपाहियों का विद्रोह बढ़ गया और उत्तरी एवं मध्य भारत के बड़े हिस्सों में फैल गया। वे सिपाही रानी लक्ष्मी बाई का समर्थन करने के लिए एकत्र हुए। झलकारी बाई को सेना की महिला टुकड़ी का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
51858 में जब जनरल सर ह्यू रोज की कमान में अंग्रेजी सेना ने झाँसी के किले पर हमला किया और किले को घेर लिया तो झलकारी बाई और पूरन कोरी दोनों ने उसका कड़ा प्रतिरोध किया। झलकारी बाई ने जमकर लड़ाई लड़ी और रानी को अपने बच्चे के साथ महल छोड़ने का सुझाव दिया।

झलकारी बाई ने स्वयं रानी लक्ष्मीबाई का वेश धारण किया, सेना की कमान संभाली और अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी। उनकी सरूपता ने अंग्रेजों को भ्रमित किए रखा और उनकी यह चाल लंबे समय तक काम करती रही। झलकारी बाई की असली पहचान के बारे में अंग्रेज अनिश्चित थे और उनकी वजह से ही रानी लक्ष्मीबाई अपने बेटे के साथ अपने महल से भाग सकीं।

हालाँकि उसी लड़ाई में, पूरन कोरी अंग्रेजों से लड़ते हुए मारे गए और जब झलकारी बाई ने यह सुना तो वह क्रोधित हो गई। उन्होंने कई अंग्रेज सैनिकों को मार डाला और उनसे जमकर लड़ाई लड़ी।

झलकारी बाई की यह कहानी बुंदेलखंड की लोक स्मृति का एक हिस्सा है। आज तक, उनकी स्मृति लोगों के मन में जीवित है और उनके बहादुर करतब वहाँ की लोककथाओं में बार-बार उभर कर सामने आते हैं। उनके सम्मान में हर साल झलकारी बाई जयंती मनाई जाती है। 'अमर शहीद' झलकारी बाई 1890 तक जीवित रही और वे अपने समय की शौर्य की प्रतिमूर्ति बन गई थीं।

साभार : https://indianculture.gov.in/hi/node/2790247
6## खोजबीन
7नीचे दी गई इंटरनेट कड़ियों तथा पुस्तकों के माध्यम से आप लक्ष्मीबाई तथा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अन्य वीरांगनाओं और राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित बालिका कांति के अदम्य साहस के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं—

शब्द-संपदा

1फिरंगी | — अंग्रेज, विलायती
2मर्दानी/मर्दाना | — बहादुर, पुरुषोचित
3छबीली/छबीला | — तेजस्वी, सुंदर, छबिवाली, सजीली
4बरछी | — छोटा भाला
5ढाल | — तलवार, भाले आदि के आघात को रोकने का लोहे का बना कछुए की पीठ जैसा एक साधन
6गाथाएँ/गाथा | — कथा, प्रशंसागीत
7अवतार | — उतरना, नीचे आना, किसी देवता या ईश्वर का मनुष्यादि के रूप में जन्म लेना
8नाना | — माता का पिता, मातामह, अनेक प्रकार के, कई तरह के, विविध, अनेक, बहुत
9दुर्ग | — गढ़, किला, कठिन या तंग रास्ता
10सुभट | — रणकुशल योद्धा
11विरुदावलि/विरुद | — विस्तृत यशोगान, कीर्ति-गाथा, वह कविता आदि जिसमें किसी के यश आदि का वर्णन किया गया हो, प्रशंसासूचक पदवी
12विधि | — सृष्टि की रचना करने वाला, कार्य करने का ढंग, संगति, मेल, प्रयोग, शास्त्रसम्मत, व्यवस्था, धर्मग्रंथ, समय
13बिरानी/बिराना | — पराया
14बिसात | — फैलाव, हैसियत, शक्ति, सामर्थ्य, पूंजी
15निपात | — गिरना, चलाना, फेंकना, पतन, विनाश
16बेजार | — दुखी, ऊबा हुआ
17सन्मुख | — सम्मुख, जो सामने हो, भिड़ने वाला, अनुकूल
18कृतज्ञ | — उपकार मानने वाला, एहसानमंद
19अविनाशी | — नाशरहित, अक्षय, नित्य
20मदमाती/मदमाता | — मस्त, मदमत्त
21स्मारक | — किसी की स्मृति-रक्षा के अभिप्राय से संस्थापित संस्था, भवन, स्तंभ आदि, याद दिलाने वाला

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