अग्नि पथ
CBSE · Class 9 · Hindi
NCERT Solutions for अग्नि पथ — CBSE Class 9 Hindi.
Interactive on Super Tutor
Studying अग्नि पथ? Get the full interactive chapter.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for ncert solutions and more.
1,000+ Class 9 students started this chapter today

This is just one of 5+ visuals inside Super Tutor's अग्नि पथ chapter
Explore the full setप्रश्न-अभ्यास
1(क)कवि ने 'अग्नि पथ' किसके प्रतीक स्वरूप प्रयोग किया है?Show solution
कवि हरिवंशराय बच्चन ने 'अग्नि पथ' को जीवन के कठिन, संघर्षपूर्ण और चुनौतियों से भरे मार्ग के प्रतीक स्वरूप प्रयोग किया है। जिस प्रकार अग्नि (आग) से भरे मार्ग पर चलना अत्यंत कठिन और पीड़ादायक होता है, उसी प्रकार मनुष्य का जीवन भी अनेक कठिनाइयों, बाधाओं और संकटों से भरा हुआ है। कवि इस प्रतीक के माध्यम से यह संदेश देना चाहता है कि जीवन-पथ पर आने वाली कठिनाइयों से घबराए बिना, बिना रुके और बिना मुड़े निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए।
1(ख)'माँग मत', 'कर शपथ', 'लथपथ' इन शब्दों का बार-बार प्रयोग कर कवि क्या कहना चाहता है?Show solution
कवि ने इन शब्दों का बार-बार प्रयोग करके निम्नलिखित भाव व्यक्त किए हैं—
- 'माँग मत' — इस शब्द के बार-बार प्रयोग से कवि यह कहना चाहता है कि मनुष्य को जीवन-संघर्ष में किसी से भी सहायता या आश्रय की याचना नहीं करनी चाहिए। उसे आत्मनिर्भर रहकर स्वयं अपने बल पर आगे बढ़ना चाहिए।
- 'कर शपथ' — इस शब्द की पुनरावृत्ति से कवि मनुष्य को दृढ़ संकल्प लेने के लिए प्रेरित करता है। वह चाहता है कि मनुष्य यह प्रतिज्ञा करे कि वह कभी नहीं रुकेगा और कभी पीछे नहीं मुड़ेगा।
- 'लथपथ' — इस शब्द की पुनरावृत्ति से कवि यह बताना चाहता है कि मनुष्य आँसुओं, पसीने और रक्त से सना हुआ होने के बावजूद निरंतर चलता रहता है। यह शब्द संघर्ष की तीव्रता और मनुष्य की अदम्य जिजीविषा को दर्शाता है।
इन शब्दों की पुनरावृत्ति से कविता में लय, संगीतात्मकता और भावों की तीव्रता उत्पन्न होती है तथा पाठक के मन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
1(ग)'एक पत्र—छाँह भी माँग मत' इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।Show solution
इस पंक्ति का आशय है — एक पत्ते की छाया भी मत माँगो।
कवि कहता है कि जीवन के कठिन और संघर्षपूर्ण मार्ग पर चलते हुए मनुष्य को थोड़ी-सी भी राहत या विश्राम की कामना नहीं करनी चाहिए। यहाँ 'एक पत्र की छाँह' अत्यंत तुच्छ और न्यूनतम सुख-सुविधा का प्रतीक है। कवि का संदेश है कि यदि मनुष्य एक पत्ते की छाया जैसी छोटी-सी सुविधा के लिए भी रुक जाए या याचना करे, तो वह अपने लक्ष्य से भटक सकता है। अतः जीवन-पथ पर बिना किसी सहारे की अपेक्षा किए, बिना विश्राम की चाह रखे, निरंतर आगे बढ़ते रहना ही सच्चे मनुष्य का धर्म है।
2(क)निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए— 'तू न थमेगा कभी / तू न मुड़ेगा कभी'Show solution
भाव: इन पंक्तियों में कवि मनुष्य को दृढ़ संकल्प और अटूट इच्छाशक्ति के साथ जीवन-पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है।
कवि कहता है कि हे मनुष्य! तू कभी नहीं रुकेगा और कभी पीछे नहीं मुड़ेगा। जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ आएँ, चाहे मार्ग कितना भी दुर्गम हो, तुझे निरंतर आगे ही बढ़ते रहना है। 'थमना' और 'मुड़ना' — ये दोनों शब्द पराजय, निराशा और कायरता के प्रतीक हैं। कवि चाहता है कि मनुष्य इनसे दूर रहे और अपने लक्ष्य की ओर अविचल गति से बढ़ता रहे। इन पंक्तियों में आत्मविश्वास, साहस और संघर्षशीलता का संदेश निहित है।
2(ख)निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए— 'चल रहा मनुष्य है / अश्रु-स्वेद-रक्त से लथपथ, लथपथ, लथपथ'Show solution
भाव: इन पंक्तियों में कवि ने मनुष्य की अदम्य जीवनशक्ति और संघर्षशीलता का अत्यंत मार्मिक चित्रण किया है।
कवि कहता है कि मनुष्य आँसुओं (दुःख), पसीने (परिश्रम) और रक्त (पीड़ा एवं बलिदान) से पूरी तरह सना हुआ होने के बावजूद निरंतर चलता रहता है। ये तीनों — अश्रु, स्वेद और रक्त — जीवन के तीन प्रमुख संघर्षों के प्रतीक हैं:
- अश्रु — मानसिक पीड़ा और दुःख का प्रतीक
- स्वेद — कठोर परिश्रम और थकान का प्रतीक
- रक्त — शारीरिक कष्ट और बलिदान का प्रतीक
'लथपथ' शब्द की तीन बार पुनरावृत्ति इस संघर्ष की गहराई और तीव्रता को दर्शाती है। इन सब कठिनाइयों के बावजूद मनुष्य का चलते रहना उसकी महानता और अदम्य साहस का परिचायक है।
3इस कविता का मूलभाव क्या है? स्पष्ट कीजिए।Show solution
हरिवंशराय बच्चन की कविता 'अग्नि पथ' का मूलभाव है — जीवन के संघर्षों का सामना दृढ़ता, साहस और आत्मनिर्भरता से करते हुए निरंतर आगे बढ़ते रहना।
कवि इस कविता में मनुष्य को प्रेरित करता है कि जीवन-पथ अग्नि के समान कठिन और कष्टदायक है, परंतु इससे घबराकर रुकना या पीछे मुड़ना उचित नहीं है। कविता के प्रमुख भाव निम्नलिखित हैं—
1. संघर्ष की अनिवार्यता — जीवन में कठिनाइयाँ अवश्यंभावी हैं, इन्हें स्वीकार करना होगा।
2. आत्मनिर्भरता — किसी से सहायता या आश्रय की याचना नहीं करनी चाहिए।
3. दृढ़ संकल्प — कभी न रुकने और कभी न मुड़ने की शपथ लेनी चाहिए।
4. अदम्य साहस — दुःख, परिश्रम और पीड़ा से लथपथ होने के बावजूद आगे बढ़ते रहना चाहिए।
संक्षेप में, यह कविता मनुष्य को जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और हर परिस्थिति में संघर्षशील बने रहने का संदेश देती है। यह एक प्रेरणादायक और ओजपूर्ण कविता है जो पाठक के मन में उत्साह और जोश का संचार करती है।
Stuck on a step?
Ask Super Tutor AI to explain any solution on this page in a simpler way — free, 24x7.
Ask a Doubt FreeFrequently Asked Questions
What are the important topics in अग्नि पथ for CBSE Class 9 Hindi?
How to score full marks in अग्नि पथ — CBSE Class 9 Hindi?
Where can I get free NCERT Solutions for अग्नि पथ Class 9 Hindi?
Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
More resources for अग्नि पथ
Important Questions
Practice with board exam-style questions
Syllabus
What topics to cover
Revision Notes
Key points for last-minute revision
Study Plan
Step-by-step plan to ace this chapter
Flashcards
Quick-fire cards for active recall
Formula Sheet
All formulas in one place
Chapter Summary
Understand the chapter at a glance
Practice Quiz
Test yourself with a quick quiz
Concept Maps
See how topics connect visually
For serious students
Get the full अग्नि पथ chapter — for free.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for CBSE Class 9 Hindi.