Skip to main content
Chapter 13 of 16
NCERT Solutions

वर्णोच्चारण-शिक्षा १ — NCERT Solutions

CBSE · Class 8 · Sanskrit-Book (दीपकम्)

NCERT Solutions for वर्णोच्चारण-शिक्षा १, CBSE Class 8 Sanskrit-Book: 20 textbook questions solved step by step.

119 questions32 flashcards5 concepts

Interactive on Super Tutor

Studying वर्णोच्चारण-शिक्षा १? Get the full interactive chapter.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for NCERT solutions and more.

Free trial, no card needed.

20 Questions Solved · 1 Section

The first 10 solutions are open to read. The other 10 are free with a Super Tutor account.

अभ्यासात् जायते सिद्धिः — वर्णोच्चारण-शिक्षा १

1(क)उरसि किं तन्त्रं भवति ?Show solution

दिया गया: उरस् (वक्षस्थल) के विषय में प्रश्न है।

उत्तर: उरसि श्वासकोशतन्त्रं भवति।

(वक्षस्थल में श्वास-कोश का तन्त्र होता है।)

1(ख)नाभिप्रदेशे स्थिताः मांसपेश्यः किं नोदयन्ति ?Show solution

दिया गया: नाभि-प्रदेश की मांसपेशियों के कार्य के विषय में प्रश्न है।

उत्तर: नाभिप्रदेशे स्थिताः मांसपेश्यः वायुं नोदयन्ति।

(नाभि-प्रदेश में स्थित मांसपेशियाँ वायु को प्रेरित/धकेलती हैं।)

1(ग)आस्यस्य आभ्यन्तरे वाणीनाम् उत्पत्यर्थ द्वितीयं तत्त्वं किम् अस्ति ?Show solution

दिया गया: मुख के भीतर वाणी की उत्पत्ति के लिए द्वितीय तत्त्व के विषय में प्रश्न है।

उत्तर: आस्यस्य आभ्यन्तरे वाणीनाम् उत्पत्यर्थं द्वितीयं तत्त्वं करणम् अस्ति।

(मुख के भीतर वाणी की उत्पत्ति के लिए दूसरा तत्त्व 'करण' है।)

1(घ)आस्ये कति स्थानानि सन्ति ?Show solution

दिया गया: मुख में स्थानों की संख्या के विषय में प्रश्न है।

उत्तर: आस्ये पञ्च स्थानानि सन्ति।

(मुख में पाँच स्थान होते हैं — कण्ठ, तालु, मूर्धा, दन्त, ओष्ठ।)

1(ङ)स्थानस्य कार्यानिदर्शनार्थ किं समुचितम् उदाहरणम् अस्ति ?Show solution

दिया गया: स्थान के कार्य के उदाहरण के विषय में प्रश्न है।

उत्तर: स्थानस्य कार्यानिदर्शनार्थं मुरली (वंशी) समुचितम् उदाहरणम् अस्ति।

(स्थान के कार्य को दर्शाने के लिए मुरली/बाँसुरी उचित उदाहरण है।)

1(च)करणानि मुरल्याः कस्य भागम् इव व्यवहरन्ति ?Show solution

दिया गया: करण और मुरली के सम्बन्ध के विषय में प्रश्न है।

उत्तर: करणानि मुरल्याः अङ्गुलिच्छिद्राणाम् भागम् इव व्यवहरन्ति।

(करण मुरली के अँगुली-छिद्रों के भाग की तरह कार्य करते हैं।)

2(क)करणं किं भवति ?Show solution

दिया गया: करण की परिभाषा के विषय में प्रश्न है।

उत्तर: यत् अङ्गं स्थानं स्पृशति, तत् करणं भवति।

अर्थात् — जो अंग स्थान को स्पर्श करता है, वह 'करण' कहलाता है। उदाहरणार्थ — जिह्वा (जीभ) प्रमुख करण है जो तालु, मूर्धा, दन्त आदि स्थानों को स्पर्श करती है।

2(ख)उरः श्वासकोशस्थितं वायुं कुत्र निःसारयति ?Show solution

दिया गया: उरस् के कार्य के विषय में प्रश्न है।

उत्तर: उरः श्वासकोशस्थितं वायुं कण्ठं प्रति निःसारयति।

(वक्षस्थल श्वास-कोश में स्थित वायु को कण्ठ की ओर निकालता/भेजता है।)

2(ग)मुरल्याः अङ्गुलिच्छिद्राणि कीदृशं व्यवहरन्ति ?Show solution

दिया गया: मुरली के अँगुली-छिद्रों के व्यवहार के विषय में प्रश्न है।

उत्तर: मुरल्याः अङ्गुलिच्छिद्राणि करणानि इव व्यवहरन्ति। यथा मुरल्याः नलिकायां वायुः प्रवहति, तथैव अङ्गुलयः छिद्राणि स्पृशन्ति, तेन विविधाः स्वराः उत्पद्यन्ते।

(मुरली के अँगुली-छिद्र 'करण' की तरह व्यवहार करते हैं — जैसे अँगुलियाँ छिद्रों को स्पर्श करने से विभिन्न स्वर उत्पन्न होते हैं।)

2(घ)केषां वाणीनाम् उच्चारणे जिह्वा प्रायः निष्क्रिया भवति ?Show solution

दिया गया: जिह्वा की निष्क्रियता के विषय में प्रश्न है।

उत्तर: कण्ठ्यानां, ओष्ठ्यानां, नासिक्यानां च वाणीनाम् उच्चारणे जिह्वा प्रायः निष्क्रिया भवति।

(कण्ठ्य, ओष्ठ्य और नासिक्य वर्णों के उच्चारण में जीभ प्रायः निष्क्रिय रहती है।)

2(ङ)तालव्यानां, मूर्धन्यानां, दन्त्यानां च वर्णानाम् उच्चारणार्थं सामान्यं करणं किम् अस्ति ?

Free with a Super Tutor account

2(च)कण्ठ्यानां, ओष्ठ्यानां, नासिक्यानां च वर्णानाम् उच्चारणार्थं स्थानस्य करणस्य च मध्ये किं भवति ?

Free with a Super Tutor account

3(क)श्वासकोशस्थितः वायुः ऊर्ध्वं चरन् पूर्वम् आस्यं प्राप्नोति । (आम् / न)

Free with a Super Tutor account

3(ख)सर्वप्रथमं नाभि-प्रदेशे स्थिताः मांसपेश्याः कण्ठं नोदयन्ति । (आम् / न)

Free with a Super Tutor account

3(ग)आस्यस्य आभ्यन्तरे वाणीनाम् उत्पत्यर्थम् आभ्यन्तर-प्रयत्नः आवश्यकम् अस्ति । (आम् / न)

Free with a Super Tutor account

3(घ)तालव्य-वर्णानाम् उच्चारणार्थं दन्तः स्थानं स्पृशति । (आम् / न)

Free with a Super Tutor account

3(ङ)मूर्धन्यानां वर्णानाम् उच्चारणार्थं जिह्वा स्थानं स्पृशति । (आम् / न)

Free with a Super Tutor account

3(च)तत्स्थानस्य एव कश्चित् पूर्वभागः, तत्स्थानस्य परभागं स्पृशति । (आम् / न)

Free with a Super Tutor account

8मुखे उपलभ्यमानानि स्थानानि बहिष्ठात् अन्तः यथाक्रमं (अर्थात् विपरीत-क्रमेण) लिखन्तु।

Free with a Super Tutor account

9यथायोग्यं मेलनं कुरुत — सामान्य-स्थानम्, विशेष-स्थानम्, सामान्य-करणम्, विशेष-करणम् का मिलान करें।

Free with a Super Tutor account

10 more solved questions in वर्णोच्चारण-शिक्षा १

They are free with a Super Tutor account, along with practice quizzes and flashcards for this chapter. Free to start, no card needed.

Frequently Asked Questions

What are the important topics in वर्णोच्चारण-शिक्षा १ for CBSE Class 8 Sanskrit-Book (दीपकम्)?
Key topics in वर्णोच्चारण-शिक्षा १ include वर्णोच्चारणस्य मूलभावः, वर्णोत्पत्तेः प्रक्रिया, स्थानम्, करणम्. Study these first, then practise questions on each for Class 8 exams.
Are these NCERT Solutions for वर्णोच्चारण-शिक्षा १ free?
The first 10 of the 20 solutions on this page are open to read. The other 10 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise वर्णोच्चारण-शिक्षा १ for Class 8 exams?
Learn the core ideas first, then work through the 119 practice questions on वर्णोच्चारण-शिक्षा १. Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

For serious students

Get the full वर्णोच्चारण-शिक्षा १ chapter — start free.

Quizzes, flashcards, an AI doubt solver and a study plan for CBSE Class 8 Sanskrit-Book (दीपकम्). Free to start, no card needed.