Skip to main content
Chapter 14 of 17
NCERT Solutions

प्रहलाद अग्रवाल (तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र)

CBSE · Class 10 · Hindi- Course B

NCERT Solutions for प्रहलाद अग्रवाल (तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र) — CBSE Class 10 Hindi- Course B.

129 questions28 flashcards5 concepts

Interactive on Super Tutor

Studying प्रहलाद अग्रवाल (तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र)? Get the full interactive chapter.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for ncert solutions and more.

1,000+ Class 10 students started this chapter today

38 Questions Solved · 1 Section

19 worked solutions below. Unlock all 38 free in Super Tutor

प्रश्न-अभ्यास

1‘तीसरी कसम’ फ़िल्म को कौन-कौन से पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है?Show solution
पाठ के अनुसार ‘तीसरी कसम’ को राष्ट्रपति स्वर्णपदक, बंगाल फिल्म जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा सर्वश्रेष्ठ फिल्म और मास्को फिल्म फेस्टिवल में पुरस्कार मिला था।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

2शैलेंद्र ने कितनी फ़िल्में बनाईं?Show solution
पाठ में स्पष्ट है कि ‘तीसरी कसम’ शैलेंद्र के जीवन की पहली और अंतिम फिल्म है। इसलिए शैलेंद्र ने एक फिल्म बनाई।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

3राजकपूर द्वारा निर्देशित कुछ फ़िल्मों के नाम बताइए।Show solution
पाठ में राजकपूर द्वारा एक साथ घोषित चार फिल्मों के नाम दिए हैं: ‘मेरा नाम जोकर’, ‘अजन्ता’, ‘मैं और मेरा दोस्त’ और ‘सत्यम् शिवम् सुंदरम्’

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

4‘तीसरी कसम’ फ़िल्म के नायक व नायिकाओं के नाम बताइए और फ़िल्म में इन्होंने किन पात्रों का अभिनय किया है?Show solution
पाठ में कहा गया है कि राजकपूर ने हीरामन की भूमिका निभाई और वहीदा रहमान ने हीराबाई की भूमिका। इसलिए नायक-नायिका के नाम और उनके पात्र यही हैं।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

5फ़िल्म ‘तीसरी कसम’ का निर्माण किसने किया था?Show solution
पाठ के अनुसार ‘तीसरी कसम’ शैलेंद्र की पहली और अंतिम फिल्म थी। इसलिए इसका निर्माण शैलेंद्र ने किया था।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

6राजकपूर ने ‘मेरा नाम जोकर’ के निर्माण के समय किस बात की कल्पना भी नहीं की थी?Show solution
पाठ में लिखा है कि जब 1965 में राजकपूर ने ‘मेरा नाम जोकर’ बनाना शुरू किया, तब उन्होंने शायद यह कल्पना नहीं की थी कि इस फिल्म का एक ही भाग बनाने में छह वर्षों का समय लग जाएगा

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

7राजकपूर की किस बात पर शैलेंद्र का चेहरा मुरझा गया?Show solution
जब शैलेंद्र कहानी सुनाने गए और राजकपूर ने काम स्वीकार करते हुए मज़ाक में कहा, “मेरा पारिश्रमिक एडवांस देना होगा”, तब शैलेंद्र का चेहरा मुरझा गया।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

8फ़िल्म समीक्षक राजकपूर को किस तरह का कलाकार मानते थे?Show solution
पाठ में स्पष्ट है कि समीक्षक राजकपूर को “आँखों से बात करने वाला कलाकार” मानते थे।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

1‘तीसरी कसम’ फ़िल्म को ‘सैल्यूलाइड पर लिखी कविता’ क्यों कहा गया है?Show solution
पाठ में कहा गया है कि ‘तीसरी कसम’ ने फणीश्वरनाथ रेणु की अमर कृति को पूरी सार्थकता से सैल्यूलाइड पर उतारा। इसमें गीत, संगीत, कहानी, अभिनय और लोक-तत्त्व इतने सजीव हैं कि यह केवल फिल्म नहीं, बल्कि सैल्यूलाइड पर लिखी कविता प्रतीत होती है।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

2‘तीसरी कसम’ फ़िल्म को खरीददार क्यों नहीं मिल रहे थे?Show solution
पाठ के अनुसार ‘तीसरी कसम’ की संवेदना ऐसी थी कि दो से चार बनाने का गणित जानने वालों को समझ नहीं आई। इसमें रची-बसी करुणा तौली नहीं जा सकती थी। इसलिए फ़िल्म के लिए बमुश्किल वितरक मिले और बिना प्रचार के वह रिलीज़ हुई।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

3शैलेंद्र के अनुसार कलाकार का कर्तव्य क्या है?Show solution
शैलेंद्र के अनुसार कलाकार को उथलापन नहीं परोसना चाहिए। उसका कर्तव्य है कि वह उपभोक्ता/दर्शक की रुचियों का परिष्कार करे, यानी उसे बेहतर और परिष्कृत दृष्टि देने का प्रयास करे।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

4फ़िल्मों में त्रासद स्थितियों का चित्रांकन ग्लोरिफ़ाई क्यों कर दिया जाता है?Show solution
पाठ में कहा गया है कि कई फ़िल्में त्रासद स्थितियों को ग्लोरीफ़ाई करती हैं, यानी दुख को इतना बढ़ा-चढ़ाकर दिखाती हैं कि वह वीभत्स रूप ले ले और दर्शकों का भावनात्मक शोषण कर सके।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

5‘शैलेंद्र ने राजकपूर की भावनाओं को शब्द दिए हैं’-इस कथन से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।Show solution
पाठ में कहा गया है कि शैलेंद्र ने राजकपूर की भावनाओं को शब्द दिए। इसका अर्थ यह है कि उन्होंने राजकपूर की मित्रता, आत्मीयता, संवेदना और भावनात्मक संसार को गीतों और संवादों में व्यक्त किया। इसलिए उनकी रचनाएँ राजकपूर की भावनाओं की भाषा बन गईं।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

6लेखक ने राजकपूर को एशिया का सबसे बड़ा शोमैन कहा है। शोमैन से आप क्या समझते हैं?Show solution
शोमैन से आशय ऐसे फिल्मकार/कलाकार से है जो अपनी कला, व्यक्तित्व और प्रस्तुति-शैली से दर्शकों को बाँध ले, उन्हें मनोरंजन दे और फिल्म को बहुत बड़े स्तर पर लोकप्रिय बना दे।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

7फ़िल्म ‘श्री 420’ के गीत ‘रातों दसों दिशाओं से कहेंगी अपनी कहानियाँ’ पर संगीतकार जयकिशन ने आपत्ति क्यों की?Show solution
पाठ के अनुसार जयकिशन ने ‘दसों दिशाओं’ पर यह कहकर आपत्ति की कि दर्शक ‘चार दिशाएँ’ तो समझ सकते हैं, ‘दस दिशाएँ’ नहीं। उन्हें लगा कि यह पंक्ति दर्शकों की समझ से ऊपर है।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

1राजकपूर द्वारा फ़िल्म की असफलता के खतरों से आगाह करने पर भी शैलेंद्र ने यह फ़िल्म क्यों बनाई?Show solution
पाठ में बताया गया है कि शैलेंद्र आदर्शवादी भावुक कवि थे। उन्हें अपार संपत्ति या यश की कामना नहीं थी; वे अपनी आत्म-संतुष्टि के लिए यह फ़िल्म बनाना चाहते थे। इसलिए राजकपूर की चेतावनी के बाद भी उन्होंने फ़िल्म बनाई।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

2'तीसरी कसम' में राजकपूर का महिमामय व्यक्तित्व किस तरह हीरामन की आत्मा में उतर गया है? स्पष्ट कीजिए।Show solution
पाठ में कहा गया है कि राजकपूर हीरामन पर हावी नहीं हो सके, बल्कि हीरामन में एकाकार हो गए। उनका महिमामय व्यक्तित्व, जो एक किंवदंती बन चुका था, फिल्म में खालिस देहाती भुच्च गाड़ीवान के रूप में उतर आया। वे हीराबाई की बोली, उसकी सूरत और उसकी उपेक्षा पर भी सच्चे हीरामन की तरह प्रतिक्रिया करते हैं।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

3लेखक ने ऐसा क्यों लिखा है कि 'तीसरी कसम' ने साहित्य-रचना के साथ शत-प्रतिशत न्याय किया है?Show solution
लेखक ने कहा है कि ‘तीसरी कसम’ ने साहित्य-रचना के साथ शत-प्रतिशत न्याय किया है, क्योंकि फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी का रेशा-रेशा फिल्म में आ गया। उसकी सूक्ष्मताएँ, लोक-जीवन, करुणा, भाव-प्रवणता और पात्रों की आत्मा पूरी तरह परदे पर साकार हुई।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

4शैलेंद्र के गीतों की क्या विशेषताएँ हैं? अपने शब्दों में लिखिए।Show solution
पाठ के अनुसार शैलेंद्र के गीत भाव-प्रवण थे, लेकिन दुरूह नहीं। उनमें सरलता, करुणा, लोक-जीवन की सजीवता, देशज मिठास और गहराई थी। वे दर्शकों की रुचि का परिष्कार करते हुए भी सहज और लोकप्रिय बने रहे।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

5फ़िल्म निर्माता के रूप में शैलेंद्र की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
6शैलेंद्र के निजी जीवन की छाप उनकी फ़िल्म में झलकती है—कैसे? स्पष्ट कीजिए।
7लेखक के इस कथन से कि 'तीसरी कसम' फ़िल्म कोई सच्चा कवि-हृदय ही बना सकता था, आप कहाँ तक सहमत हैं? स्पष्ट कीजिए।
1...वह तो एक आदर्शवादी भावुक कवि था, जिसे अपार संपत्ति और यश तक की इतनी कामना नहीं थी जितनी आत्म-संतुष्टि के सुख की अभिलाषा थी।
2उनका यह दृढ़ मंतव्य था कि दर्शकों की रुचि की आड़ में हमें उथलेपन को उन पर नहीं थोपना चाहिए। कलाकार का यह कर्तव्य भी है कि वह उपभोक्ता की रुचियों का परिष्कार करने का प्रयत्न करें।
3व्यथा आदमी को पराजित नहीं करती, उसे आगे बढ़ने का संदेश देती है।
4दरअसल इस फ़िल्म की संवेदना किसी दो से चार बनाने वाले की समझ से परे है।
5उनके गीत भाव-प्रवण थे—दुरूह नहीं।
1पाठ में आए 'से' के विभिन्न प्रयोगों से वाक्य की संरचना को समझिए।
2इस पाठ में आए निम्नलिखित वाक्यों की संरचना पर ध्यान दीजिए—
3पाठ में आए निम्नलिखित मुहावरों से वाक्य बनाइए—
4निम्नलिखित शब्दों के हिंदी पर्याय दीजिए—
5निम्नलिखित का संधिविच्छेद कीजिए—
6निम्नलिखित का समास विग्रह कीजिए और समास का नाम भी लिखिए—
1फणीश्वरनाथ रेणु की किस कहानी पर 'तीसरी कसम' फ़िल्म आधारित है, जानकारी प्राप्त कीजिए और मूल रचना पढ़िए।
2समाचार पत्रों में फ़िल्मों की समीक्षा दी जाती है। किन्हीं तीन फ़िल्मों की समीक्षा पढ़िए और 'तीसरी कसम' फ़िल्म को देखकर इस फ़िल्म की समीक्षा स्वयं लिखने का प्रयास कीजिए।
1फ़िल्मों के संदर्भ में आपने अक्सर यह सुना होगा—'जो बात पहले की फ़िल्मों में थी, वह अब कहाँ'। वर्तमान दौर की फ़िल्मों और पहले की फ़िल्मों में क्या समानता और अंतर है? कक्षा में चर्चा कीजिए।
2‘तीसरी कसम’ जैसी और भी फ़िल्में हैं जो किसी न किसी भाषा की साहित्यिक रचना पर बनी हैं। ऐसी फ़िल्मों की सूची निम्नांकित प्रपत्र के आधार पर तैयार करें।
3लोकगीत हमें अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं। ‘तीसरी कसम’ फ़िल्म में लोकगीतों का प्रयोग किया गया है। आप भी अपने क्षेत्र के प्रचलित दो-तीन लोकगीतों को एकत्र कर परियोजना कॉपी पर लिखिए।

19 more solved questions in प्रहलाद अग्रवाल (तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र)

Every remaining exercise is solved step by step in Super Tutor, plus practice quizzes and flashcards for this chapter. Free to start.

Stuck on a step?

Ask Super Tutor AI to explain any solution on this page in a simpler way — free, 24x7.

Ask a Doubt Free

Frequently Asked Questions

What are the important topics in प्रहलाद अग्रवाल (तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र) for CBSE Class 10 Hindi- Course B?
प्रहलाद अग्रवाल (तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र) covers several key topics that are frequently asked in CBSE Class 10 board exams. Focus on the core concepts listed on this page and practise related questions to build confidence.
How to score full marks in प्रहलाद अग्रवाल (तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र) — CBSE Class 10 Hindi- Course B?
Understand the core concepts first, then work through the 129 practice questions available for this chapter. Revise formulas and definitions regularly, and use flashcards for quick recall before the exam.
Where can I get free NCERT Solutions for प्रहलाद अग्रवाल (तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र) Class 10 Hindi- Course B?
This page has free step-by-step NCERT Solutions for every exercise question in प्रहलाद अग्रवाल (तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र) (CBSE Class 10 Hindi- Course B) — written the way examiners award marks: given, formula, working, answer.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

For serious students

Get the full प्रहलाद अग्रवाल (तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र) chapter — for free.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for CBSE Class 10 Hindi- Course B.