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Chapter 11 of 17
NCERT Solutions

प्रेमचंद ( बड़े भाई साहब) — NCERT Solutions

CBSE · Class 10 · Hindi- Course B

NCERT Solutions for प्रेमचंद ( बड़े भाई साहब), CBSE Class 10 Hindi- Course B: 32 textbook questions solved step by step.

124 questions35 flashcards5 concepts

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32 Questions Solved · 7 Sections

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मौखिक प्रश्न

1कथा नायक की रुचि किन कार्यों में थी?Show solution

उत्तर:
कथा नायक (छोटे भाई) की रुचि खेल-कूद, कनकौए उड़ाना, गुल्ली-डंडा खेलना, मैदान में उछल-कूद करना तथा मेला-तमाशा देखने जैसे कार्यों में थी। पढ़ाई में उसका बिल्कुल मन नहीं लगता था।

2बड़े भाई साहब छोटे भाई से हर समय पहला सवाल क्या पूछते थे?Show solution

उत्तर:
बड़े भाई साहब छोटे भाई से हर समय पहला सवाल यही पूछते थे — "कहाँ थे?" अर्थात् वे हमेशा छोटे भाई की अनुपस्थिति और खेल-कूद में समय बर्बाद करने पर नज़र रखते थे।

3दूसरी बार पास होने पर छोटे भाई के व्यवहार में क्या परिवर्तन आया?Show solution

उत्तर:
दूसरी बार पास होने पर छोटे भाई के मन में अभिमान आ गया। उसे लगने लगा कि बिना पढ़े भी वह पास हो जाता है, इसलिए उसने खेल-कूद और मनोरंजन में और अधिक समय बिताना शुरू कर दिया तथा बड़े भाई साहब की डाँट-फटकार की परवाह कम हो गई।

4बड़े भाई साहब छोटे भाई से उम्र में कितने बड़े थे और वे कौन-सी कक्षा में पढ़ते थे?Show solution

उत्तर:
बड़े भाई साहब छोटे भाई से उम्र में पाँच साल बड़े थे। जब छोटा भाई नौवीं कक्षा में था, तब बड़े भाई साहब दसवीं (मैट्रिक) की कक्षा में पढ़ते थे। कहानी के आरंभ में छोटा भाई पाँचवीं कक्षा में और बड़े भाई साहब आठवीं कक्षा में थे।

5बड़े भाई साहब दिमाग को आराम देने के लिए क्या करते थे?Show solution

उत्तर:
बड़े भाई साहब दिमाग को आराम देने के लिए कभी कापी पर, कभी किताब के हाशियों पर चिड़ियों, कुत्तों और बिल्लियों के चित्र बनाते थे। कभी-कभी वे किसी एक शब्द या नाम को बार-बार लिखते रहते थे।

लिखित (क) — 25-30 शब्दों में उत्तर

1छोटे भाई ने अपनी पढ़ाई का टाइम-टेबिल बनाते समय क्या-क्या सोचा और फिर उसका पालन क्यों नहीं कर पाया?Show solution

उत्तर:
छोटे भाई ने टाइम-टेबिल बनाते समय सोचा कि वह सुबह उठकर पढ़ेगा, खेलने का समय निश्चित करेगा और हर विषय को उचित समय देगा। परंतु वह उसका पालन नहीं कर पाया क्योंकि खेल के मैदान की हवा, दोस्तों का साथ और खेल-कूद का आकर्षण उसे टाइम-टेबिल भुला देता था। मन पढ़ाई में लगता ही नहीं था।

2एक दिन जब गुल्ली-डंडा खेलने के बाद छोटा भाई बड़े भाई साहब के सामने पहुँचा तो उनकी क्या प्रतिक्रिया हुई?Show solution

उत्तर:
गुल्ली-डंडा खेलकर लौटने पर बड़े भाई साहब ने छोटे भाई को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कड़े शब्दों में डाँटते हुए कहा कि तुम्हें खेल-कूद के अलावा कुछ नहीं सूझता। उन्होंने उसे समझाया कि यदि इसी तरह समय बर्बाद करते रहे तो जीवन में कुछ नहीं बन पाओगे और परीक्षा में फेल हो जाओगे।

3बड़े भाई साहब को अपने मन की इच्छाएँ क्यों दबानी पड़ती थीं?Show solution

उत्तर:
बड़े भाई साहब को अपने मन की इच्छाएँ इसलिए दबानी पड़ती थीं क्योंकि वे परिवार में बड़े थे और छोटे भाई के अभिभावक की भूमिका निभा रहे थे। यदि वे स्वयं खेल-कूद में लग जाते, तो छोटे भाई को सही राह दिखाने का उनका नैतिक अधिकार समाप्त हो जाता। उन्हें अपना कर्तव्य निभाना था।

4बड़े भाई साहब छोटे भाई को क्या सलाह देते थे और क्यों?Show solution

उत्तर:
बड़े भाई साहब छोटे भाई को सलाह देते थे कि वह खेल-कूद छोड़कर मन लगाकर पढ़ाई करे, समय की पाबंदी रखे और अपनी नींव मजबूत करे। वे यह सलाह इसलिए देते थे क्योंकि वे उसका भला चाहते थे और जानते थे कि बिना परिश्रम के जीवन में सफलता नहीं मिलती।

5छोटे भाई ने बड़े भाई साहब के नरम व्यवहार का क्या फ़ायदा उठाया?Show solution

उत्तर:
जब बड़े भाई साहब का व्यवहार नरम पड़ा तो छोटे भाई ने इसका पूरा फायदा उठाया। उसने खेल-कूद और मनोरंजन में और अधिक समय बिताना शुरू कर दिया। उसने सोचा कि अब भाई साहब कुछ नहीं कहेंगे, इसलिए वह पहले से भी अधिक स्वच्छंद हो गया और पढ़ाई की ओर ध्यान देना लगभग बंद कर दिया।

लिखित (ख) — 50-60 शब्दों में उत्तर

1बड़े भाई की डॉट-फटकार अगर न मिलती, तो क्या छोटा भाई कक्षा में अव्वल आता? अपने विचार प्रकट कीजिए।Show solution

उत्तर:
यदि बड़े भाई साहब की डाँट-फटकार न मिलती तो छोटा भाई कक्षा में अव्वल नहीं आता। छोटे भाई का स्वभाव खेल-कूद और मनोरंजन में रमने का था। उसे पढ़ाई में बिल्कुल रुचि नहीं थी। बड़े भाई साहब की डाँट ही उसे समय-समय पर सचेत करती थी और उसके मन में एक भय बनाए रखती थी। इसी भय के कारण वह कभी-कभी पढ़ाई की ओर ध्यान देता था। बड़े भाई की फटकार न होती तो वह पूरी तरह खेल-कूद में डूब जाता और परीक्षा में फेल हो जाता। अतः बड़े भाई की डाँट-फटकार उसकी सफलता में सहायक थी।

2इस पाठ में लेखक ने समूची शिक्षा के किन गौर-तरीकों पर व्यंग्य किया है? क्या आप उनके विचार से सहमत हैं?Show solution

उत्तर:
लेखक प्रेमचंद ने इस पाठ में रटंत शिक्षा पद्धति पर व्यंग्य किया है। उन्होंने बताया है कि बड़े भाई साहब वर्षों से एक ही कक्षा में पढ़ते हैं, फिर भी फेल होते हैं क्योंकि वे केवल रटते हैं, समझते नहीं। अंग्रेजी के कठिन पाठ्यक्रम, इतिहास की तारीखें रटना, बेकार के प्रश्नों को याद करना — इन सब पर व्यंग्य किया गया है। लेखक का मानना है कि परीक्षा पास करना ही शिक्षा का उद्देश्य नहीं है, बल्कि बुद्धि का विकास और जीवन की समझ असली शिक्षा है। हम लेखक के विचार से पूरी तरह सहमत हैं क्योंकि व्यावहारिक ज्ञान और समझ ही जीवन में काम आती है।

3बड़े भाई साहब के अनुसार जीवन की समझ कैसे आती है?Show solution

उत्तर:
बड़े भाई साहब के अनुसार जीवन की समझ केवल किताबी पढ़ाई से नहीं आती। उनका मानना था कि जीवन के अनुभव, बड़े-बुजुर्गों की सीख और संसार के व्यावहारिक ज्ञान से जीवन की असली समझ आती है। उन्होंने उदाहरण दिया कि उनकी माँ और दादा ने कोई बड़ी पढ़ाई नहीं की, फिर भी वे घर-परिवार को बखूबी चलाते हैं। किताबें पढ़कर डिग्री लेना अलग बात है और जीवन को समझना अलग। जीवन की समझ संघर्ष, अनुभव और परिपक्वता से आती है।

4छोटे भाई के मन में बड़े भाई साहब के प्रति श्रद्धा क्यों उत्पन्न हुई?Show solution

उत्तर:
छोटे भाई के मन में बड़े भाई साहब के प्रति श्रद्धा कई कारणों से उत्पन्न हुई। बड़े भाई साहब हमेशा उसकी भलाई चाहते थे और उसे सही राह दिखाते थे। वे स्वयं अपनी इच्छाओं को दबाकर अपना कर्तव्य निभाते थे। उनकी डाँट-फटकार में भी प्रेम और चिंता झलकती थी। जब बड़े भाई साहब ने कनकौआ पकड़ने के लिए दौड़ लगाई, तब छोटे भाई को समझ आया कि उनके भीतर भी बच्चा है, फिर भी वे अपनी जिम्मेदारी नहीं भूलते। यही देखकर उसके मन में श्रद्धा जागी।

5बड़े भाई की स्वभावगत विशेषताएँ बताइए।Show solution

उत्तर:
बड़े भाई साहब की स्वभावगत विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  1. जिम्मेदार: वे अपने छोटे भाई की देखभाल को अपना कर्तव्य मानते थे।
  2. अनुशासनप्रिय: वे स्वयं कठोर परिश्रम करते और छोटे भाई को भी अनुशासन में रहने की सीख देते थे।
  3. उपदेश देने में निपुण: वे बड़े प्रभावशाली ढंग से नसीहत देते थे।
  4. स्नेही: डाँट-फटकार के बावजूद उनके मन में छोटे भाई के प्रति गहरा प्रेम था।
  5. व्यावहारिक: वे किताबी ज्ञान से अधिक जीवन के अनुभव को महत्व देते थे।
  6. बालसुलभ: मन से वे भी बच्चे थे — कनकौआ पकड़ने के लिए दौड़ पड़ना इसका प्रमाण है।
6बड़े भाई साहब ने ज़िदगी के अनुभव और किताबी ज्ञान में से किसे और क्यों महत्वपूर्ण कहा है?Show solution

उत्तर:
बड़े भाई साहब ने ज़िंदगी के अनुभव को किताबी ज्ञान से अधिक महत्वपूर्ण बताया है। उनका तर्क था कि उनकी माँ और दादा ने कोई बड़ी पढ़ाई नहीं की, फिर भी वे घर-परिवार, खेती-बाड़ी और जीवन की जिम्मेदारियाँ बखूबी निभाते हैं। इसके विपरीत, पढ़े-लिखे लोग भी कभी-कभी व्यावहारिक जीवन में असफल हो जाते हैं। किताबें पढ़कर परीक्षा पास करना अलग बात है, परंतु जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति अनुभव से ही आती है। इसीलिए उन्होंने जीवन के अनुभव को श्रेष्ठ माना।

7बताइए पाठ के किन अंशों से पता चलता है कि—(क) छोटा भाई अपने भाई साहब का आदर करता है। (ख) भाई साहब को ज़िदगी का अच्छा अनुभव है। (ग) भाई साहब के भीतर भी एक बच्चा है। (घ) भाई साहब छोटे भाई का भला चाहते हैं।

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लिखित (ग) — आशय स्पष्ट कीजिए

1इम्तिहान पास कर लेना कोई चीज नहीं, असल चीज है बुद्धि का विकास।

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2फिर भी जैसे मौत और विपत्ति के बीच भी आदमी मोह और माया के बंधन में जकड़ा रहता है, मैं फटकार और घुड़कियाँ खाकर भी खेल-कूद का तिरस्कार न कर सकता था।

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3बुनियाद ही पुख्ता न हो, तो मकान कैसे पायेदार बने?

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4आँखें आसमान की ओर थीं और मन उस आकाशगामी पथिक की ओर, जो मंद गति से झूमता पतन की ओर चला आ रहा था, मानो कोई आत्मा स्वर्ग से निकलकर विरक्त मन से नए संस्कार ग्रहण करने जा रही हो।

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भाषा अध्ययन

1निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए— नसीहत, रोष, आजादी, राजा, ताज्जुब

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2निम्नलिखित मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए— सिर पर नंगी तलवार लटकना, आड़े हाथों लेना, अंधे के हाथ बटेर लगना, लोहे के चने चबाना, दाँतों पसीना आना, ऐरा-गैरा नत्थू खैरा।

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3निम्नलिखित तत्सम, तद्भव, देशी, आगत शब्दों को दिए गए उदाहरणों के आधार पर छाँटकर लिखिए। तालीम, जल्दबाजी, पुख्ता, हाशिया, चेष्टा, जमात, हर्फ़, सूक्तिबाण, जानलेवा, आँखफोड़, घुड़कियाँ, आधिपत्य, पन्ना, मेला-तमाशा, मसलन, स्पेशल, स्कीम, फटकार, प्रातःकाल, विद्वान, निपुण, भाई साहब, अवहेलना, टाइम-टेबिल

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4नीचे दिए वाक्यों में कौन-सी क्रिया है—सकर्मक या अकर्मक? लिखिए— (क) उन्होंने वहीं हाथ पकड़ लिया। (ख) फिर चोरों-सा जीवन कटने लगा। (ग) शैतान का हाल भी पढ़ा ही होगा। (घ) मैं यह लताड़ सुनकर आँसू बहाने लगता। (ङ) समय की पाबंदी पर एक निबंध लिखो। (च) मैं पीछे-पीछे दौड़ रहा था।

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5'इक' प्रत्यय लगाकर शब्द बनाइए— विचार, इतिहास, संसार, दिन, नीति, प्रयोग, अधिकार

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योग्यता विस्तार

1प्रेमचंद की कहानियाँ मानसरोवर के आठ भागों में संकलित हैं। इनमें से कहानियाँ पढ़िए और कक्षा में सुनाइए। कुछ कहानियों का मंचन भी कीजिए।

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2शिक्षा रटंत विद्या नहीं है—इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।

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3क्या पढ़ाई और खेल-कूद साथ-साथ चल सकते हैं—कक्षा में इस पर वाद-विवाद कार्यक्रम आयोजित कीजिए।

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4क्या परीक्षा पास कर लेना ही योग्यता का आधार है? इस विषय पर कक्षा में चर्चा कीजिए।

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परियोजना कार्य

1कहानी में जिंदगी से प्राप्त अनुभवों को किताबी ज्ञान से ज्यादा महत्वपूर्ण बताया गया है। अपने माता-पिता, बड़े भाई-बहिनों या अन्य बुजुर्ग/बड़े सदस्यों से उनके जीवन के बारे में बातचीत कीजिए और पता लगाइए कि बेहतर ढंग से जिंदगी जीने के लिए क्या काम आया—समझदारी/पुराने अनुभव या किताबी पढ़ाई?

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2आपकी छोटी बहिन/छोटा भाई छात्रावास में रहती/रहता है। उसकी पढ़ाई-लिखाई के संबंध में उसे एक पत्र लिखिए।

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in प्रेमचंद ( बड़े भाई साहब) for CBSE Class 10 Hindi- Course B?
Key topics in प्रेमचंद ( बड़े भाई साहब) include लेखक परिचय, कथा का केंद्रीय विचार, पात्र-चित्रण, कथानक का क्रम. Study these first, then practise questions on each for the CBSE Class 10 board exam.
Are these NCERT Solutions for प्रेमचंद ( बड़े भाई साहब) free?
The first 16 of the 32 solutions on this page are open to read. The other 16 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise प्रेमचंद ( बड़े भाई साहब) for the CBSE Class 10 board exam?
Learn the core ideas first, then work through the 124 practice questions on प्रेमचंद ( बड़े भाई साहब). Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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