निदा फ़ाज़ली (अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले) — NCERT Solutions
CBSE · Class 10 · Hindi- Course B
NCERT Solutions for निदा फ़ाज़ली (अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले), CBSE Class 10 Hindi- Course B: 24 textbook questions solved step by step.
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मौखिक प्रश्न (एक-दो पंक्तियों में उत्तर)
1बड़े-बड़े बिल्डर समुद्र को पीछे क्यों धकेल रहे थे?Show solution
उत्तर:
बड़े-बड़े बिल्डर अपनी इमारतें और कॉलोनियाँ बनाने के लिए अधिक से अधिक जमीन प्राप्त करना चाहते थे। इसीलिए वे समुद्र को पीछे धकेलकर उसकी जमीन पर कब्जा कर रहे थे।
2लेखक का घर किस शहर में था?Show solution
उत्तर:
लेखक का घर बंबई (मुंबई) शहर में था।
3जीवन कैसे घरों में सिमटने लगा है?Show solution
उत्तर:
बढ़ती हुई आबादी और शहरीकरण के कारण जीवन छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में सिमटने लगा है। पहले जहाँ बड़े-बड़े आँगन, बाग-बगीचे और खुले मैदान होते थे, अब वहाँ बहुमंजिली इमारतों के छोटे-छोटे फ्लैट बन गए हैं।
4कबूतर परेशानी में इधर-उधर क्यों फड़फड़ा रहे थे?Show solution
उत्तर:
लेखक की पत्नी ने कबूतरों के आशियाने वाली जगह पर जाली लगा दी थी और उनके बच्चों को दूसरी जगह कर दिया था। अपने बच्चों से बिछड़ने और घर छिन जाने के कारण कबूतर परेशानी में इधर-उधर फड़फड़ा रहे थे।
लिखित (क) — 25-30 शब्दों में उत्तर
1अरब में लराकर को नूह के नाम से क्यों याद करते हैं?Show solution
उत्तर:
हजरत नूह एक पैगंबर थे जो लगभग 950 वर्षों तक जीवित रहे। उन्होंने अपने जीवनकाल में अनेक कठिनाइयाँ झेलीं और लंबे समय तक संघर्ष किया। इसीलिए अरब में किसी बहुत अधिक उम्र वाले व्यक्ति को 'नूह' के नाम से याद किया जाता है। 'नूह' का अर्थ ही है — बहुत अधिक रोने वाला अर्थात् दुखी रहने वाला।
2लेखक की माँ किस समय पेड़ों के पत्ते तोड़ने के लिए मना करती थीं और क्यों?Show solution
उत्तर:
लेखक की माँ रात के समय पेड़ों के पत्ते तोड़ने के लिए मना करती थीं। उनका मानना था कि रात को पेड़-पौधे सो जाते हैं और उस समय उनके पत्ते तोड़ने से उन्हें कष्ट होता है। यह प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का भाव था।
3प्रकृति में आए असंतुलन का क्या परिणाम हुआ?Show solution
उत्तर:
प्रकृति में आए असंतुलन के कारण कई भयंकर परिणाम सामने आए — असमय बाढ़, भूकंप, तूफान और सूखे जैसी आपदाएँ बढ़ गईं। ऋतुओं का चक्र बिगड़ गया। पशु-पक्षियों के आवास नष्ट हो गए और अनेक प्रजातियाँ विलुप्त होने के कगार पर आ गईं।
4लेखक की माँ ने पूरे दिन का रोजा क्यों रखा?Show solution
उत्तर:
लेखक के घर के पास एक कबूतर के घोंसले में दो अंडे थे। एक दिन अचानक बिल्ली ने उन अंडों को तोड़ दिया। इस घटना से लेखक की माँ को बहुत दुख हुआ। उन्होंने उन बेजुबान पक्षियों के दुख में सहभागिता जताने के लिए पूरे दिन का रोजा रखा।
5लेखक ने ग्वालियर से बंबई तक किन बदलावों को महसूस किया? पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।Show solution
उत्तर:
लेखक ने ग्वालियर से बंबई तक आते-आते अनेक बदलाव महसूस किए। ग्वालियर में उनका बड़ा घर था जिसमें आँगन, बाग-बगीचे और खुली जगह थी। वहाँ पशु-पक्षियों के लिए भी स्थान था। लेकिन बंबई में आकर जीवन एक छोटे से फ्लैट में सिमट गया। पेड़-पौधे, खुला आकाश और प्रकृति से निकटता समाप्त हो गई। शहरीकरण के कारण पशु-पक्षियों के आवास भी छिन गए।
6'डेरा डालने' से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।Show solution
उत्तर:
'डेरा डालना' का अर्थ है — किसी स्थान पर अस्थायी रूप से रहना या पड़ाव डालना। पाठ में इस शब्द का प्रयोग उन पशु-पक्षियों के संदर्भ में हुआ है जिनके घर मनुष्य ने छीन लिए। वे अपना स्थायी घर खोकर यहाँ-वहाँ अस्थायी आश्रय ढूँढ़ने पर मजबूर हो गए हैं।
7शेख अयाज के पिता अपने बाजू पर काला च्यांटा रेंगता देख भोजन छोड़ कर क्यों उठ खड़े हुए?Show solution
उत्तर:
शेख अयाज के पिता कुएँ से नहाकर आए थे। भोजन करते समय उन्होंने देखा कि उनके बाजू पर एक काला च्यूँटा रेंग रहा है। उन्हें एहसास हुआ कि वे उस च्यूँटे को उसके घर (कुएँ) से बेघर करके ले आए हैं। इसलिए उन्होंने तुरंत भोजन छोड़ दिया और उस च्यूँटे को वापस कुएँ पर छोड़ने चले गए। यह उनकी दूसरे जीवों के प्रति गहरी संवेदनशीलता और करुणा का प्रमाण था।
लिखित (ख) — 50-60 शब्दों में उत्तर
1बढ़ती हुई आबादी का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ा?Show solution
उत्तर:
बढ़ती हुई आबादी के कारण पर्यावरण पर अत्यंत विनाशकारी प्रभाव पड़ा। अधिक जनसंख्या के लिए आवास बनाने हेतु जंगल काटे गए, पहाड़ खोदे गए और समुद्र को पीछे धकेला गया। पशु-पक्षियों के प्राकृतिक आवास नष्ट हो गए। प्रकृति का संतुलन बिगड़ गया जिसके परिणामस्वरूप बाढ़, भूकंप, तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाएँ बढ़ने लगीं। वायु और जल प्रदूषण में वृद्धि हुई। अनेक वन्य प्राणियों की प्रजातियाँ विलुप्त होने लगीं। कुल मिलाकर मनुष्य ने अपने स्वार्थ के लिए प्रकृति को गंभीर क्षति पहुँचाई।
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लिखित (ग) — आशय स्पष्ट कीजिए
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भाषा-अध्ययन
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योग्यता विस्तार एवं परियोजना कार्य
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Frequently Asked Questions
What are the important topics in निदा फ़ाज़ली (अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले) for CBSE Class 10 Hindi- Course B?
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Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
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