Skip to main content
Chapter 7 of 17
NCERT Solutions

सुमित्रानंदन पंत (पर्वत प्रदेश में पावस)

CBSE · Class 10 · Hindi- Course B

NCERT Solutions for सुमित्रानंदन पंत (पर्वत प्रदेश में पावस) — CBSE Class 10 Hindi- Course B.

69 questions32 flashcards5 concepts

Interactive on Super Tutor

Studying सुमित्रानंदन पंत (पर्वत प्रदेश में पावस)? Get the full interactive chapter.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for ncert solutions and more.

1,000+ Class 10 students started this chapter today

16 Questions Solved · 1 Section

8 worked solutions below. Unlock all 16 free in Super Tutor

प्रश्न-अभ्यास

1पावस ऋतु में प्रकृति में कौन-कौन से परिवर्तन आते हैं? कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।Show solution
पावस ऋतु में प्रकृति का रूप-रंग लगातार बदलता रहता है। कविता में यह परिवर्तन इस तरह दिखाया गया है कि पर्वत, तालाब, झरने, पेड़ और आकाश सब कुछ नए रूप में दिखाई देते हैं। पर्वत पर बादल छा जाते हैं, तालाब दर्पण-सा फैल जाता है, झरने झाग भरे मोतियों की लड़ियों जैसे लगते हैं, पेड़ ऊँचे उठकर आकाश की ओर देखते हैं और बादलों के कारण धरती-आकाश का दृश्य बदल जाता है। इसलिए पावस में प्रकृति क्षण-क्षण परिवर्तित प्रतीत होती है।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

2'मेखलाकार' शब्द का क्या अर्थ है? कवि ने इस शब्द का प्रयोग यहाँ क्यों किया है?Show solution
मेखलाकार का अर्थ है करघनी के आकार का। कवि ने यह शब्द पर्वत के लिए इसलिए प्रयोग किया है क्योंकि पर्वत की आकृति करघनी या पेटी की तरह लग रही है, जो चारों ओर फैली हुई है। इससे पर्वत का विशाल और सुंदर आकार आँखों के सामने आ जाता है।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

3'सहस्र दृग-सुमन' से क्या तात्पर्य है? कवि ने इस पद का प्रयोग किसके लिए किया होगा?Show solution
सहस्र दृग-सुमन का अर्थ है हजारों आँखों जैसे फूल। यहाँ पर्वत की चट्टानों या ढाल पर फैले हुए छोटे-छोटे फूलों की ओर संकेत है, जो मानो पर्वत की आँखें हों। कवि ने इस पद का प्रयोग पर्वत के लिए किया होगा।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

4कवि ने तालाब की समानता किसके साथ दिखाई है और क्यों?Show solution
कवि ने तालाब की समानता दर्पण के साथ दिखाई है, क्योंकि वर्षा के बाद पर्वत के नीचे फैला तालाब इतना विशाल, स्वच्छ और चमकीला लग रहा है कि उसमें पर्वत का प्रतिबिंब साफ दिखाई देता है। वह शांत जल में पर्वत का रूप ऐसे दिखा रहा है जैसे दर्पण में चेहरा दिखाई देता है।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

5पर्वत के हृदय से उठकर ऊँचे-ऊँचे वृक्ष आकाश की ओर क्यों देख रहे थे और वे किस बात को प्रतिबिंबित करते हैं?Show solution
पर्वत के हृदय से उठकर वृक्ष आकाश की ओर इसलिए देख रहे थे क्योंकि वे ऊँचा उठने की कामना कर रहे थे। वे अपनी उच्चाकांक्षा, स्थिरता और मौन आकांक्षा को प्रतिबिंबित करते हैं। कवि ने उन्हें मानो चेतन प्राणी की तरह दिखाया है जो नीरव आकाश की ओर एकटक देख रहे हैं।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

6शाल के वृक्ष भयभीत होकर धरती में क्यों धँस गए?Show solution
शाल के वृक्ष भयभीत होकर धरती में इसलिए धँस गए क्योंकि वर्षा ऋतु में घने बादल, अँधेरा, तेज वर्षा और गर्जन से वातावरण भयावह हो गया था। कवि ने पर्वत पर छाए बादलों और वर्षा के प्रभाव को इतना तीव्र दिखाया है कि शाल के वृक्ष भी मानो भय के कारण नीचे झुककर धरती में समा गए हों।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

7झरने किसके गौरव का गान कर रहे हैं? बहते हुए झरने की तुलना किससे की गई है?Show solution
झरने पर्वत के गौरव का गान कर रहे हैं। उनकी तुलना मोती की लड़ियों से की गई है, क्योंकि झाग से भरे झरने मोतियों की चमकती हुई कतारों जैसे सुंदर दिखाई देते हैं।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

1है टूट पड़ा भू पर अंबर।Show solution
पंक्ति “है टूट पड़ा भू पर अंबर” का भाव है कि आकाश जैसा बादल धरती पर उतर आया हो। वर्षा और घने बादलों से ऐसा लगता है मानो आकाश टूटकर पृथ्वी पर आ गिरा हो।

Not sure why a step works? check your working in Super Tutor

2—यों जलद-यान में विचर-विचर
था इंद्र खेलता इंद्रजाल।
3गिरिवर के उर से उठ-उठ कर
उच्चाकांक्षाओं से तरुवर
हैं झाँक रहे नीरव नभ पर
अनिमेष, अटल, कुछ चितापर।
1इस कविता में मानवीकरण अलंकार का प्रयोग किस प्रकार किया गया है? स्पष्ट कीजिए।
2आपकी दृष्टि में इस कविता का सौंदर्य इनमें से किस पर निर्भर करता है—
3कवि ने चित्रात्मक शैली का प्रयोग करते हुए पावस ऋतु का सजीव चित्र अंकित किया है। ऐसे स्थलों को छाँटकर लिखिए।
1इस कविता में वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों की बात कही गई है। आप अपने यहाँ वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।
1वर्षा ऋतु पर लिखी गई अन्य कवियों की कविताओं का संग्रह कीजिए और कक्षा में सुनाइए।
2बारिश, झरने, इंद्रधनुष, बादल, कोयल, पानी, पक्षी, सूरज, हरियाली, फूल, फल आदि या कोई भी प्रकृति विषयक शब्द का प्रयोग करते हुए एक कविता लिखने का प्रयास कीजिए।

8 more solved questions in सुमित्रानंदन पंत (पर्वत प्रदेश में पावस)

Every remaining exercise is solved step by step in Super Tutor, plus practice quizzes and flashcards for this chapter. Free to start.

Stuck on a step?

Ask Super Tutor AI to explain any solution on this page in a simpler way — free, 24x7.

Ask a Doubt Free

Frequently Asked Questions

What are the important topics in सुमित्रानंदन पंत (पर्वत प्रदेश में पावस) for CBSE Class 10 Hindi- Course B?
सुमित्रानंदन पंत (पर्वत प्रदेश में पावस) covers several key topics that are frequently asked in CBSE Class 10 board exams. Focus on the core concepts listed on this page and practise related questions to build confidence.
How to score full marks in सुमित्रानंदन पंत (पर्वत प्रदेश में पावस) — CBSE Class 10 Hindi- Course B?
Understand the core concepts first, then work through the 69 practice questions available for this chapter. Revise formulas and definitions regularly, and use flashcards for quick recall before the exam.
Where can I get free NCERT Solutions for सुमित्रानंदन पंत (पर्वत प्रदेश में पावस) Class 10 Hindi- Course B?
This page has free step-by-step NCERT Solutions for every exercise question in सुमित्रानंदन पंत (पर्वत प्रदेश में पावस) (CBSE Class 10 Hindi- Course B) — written the way examiners award marks: given, formula, working, answer.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

For serious students

Get the full सुमित्रानंदन पंत (पर्वत प्रदेश में पावस) chapter — for free.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for CBSE Class 10 Hindi- Course B.