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Chapter 12 of 17
NCERT Solutions

सीताराम सेकसरिया ( डायरी का एक पन्ना)

CBSE · Class 10 · Hindi- Course B

NCERT Solutions for सीताराम सेकसरिया ( डायरी का एक पन्ना) — CBSE Class 10 Hindi- Course B.

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29 Questions Solved · 1 Section

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प्रश्न-अभ्यास

1कलकत्ता वासियों के लिए 26 जनवरी 1931 का दिन क्यों महत्वपूर्ण था?Show solution
26 जनवरी 1931 को कलकत्ता में स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। यह 26 जनवरी 1930 की पुनरावृत्ति थी और इसी कारण कलकत्ता वासियों के लिए यह दिन विशेष महत्व का था।

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2सुभाष बाबू के जुलूस का भार किस पर था?Show solution
पाठ में स्पष्ट है कि सुभाष बाबू के जुलूस का भार पूर्णदास पर था

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3विद्यार्थी संघ के मंत्री अविनाश बाबू के झंडा गाड़ने पर क्या प्रतिक्रिया हुई?Show solution
श्रद्धानंद पार्क में जब अविनाश बाबू ने झंडा गाड़ा, तो पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। साथ ही, आसपास के लोगों को मारा या हटा दिया गया।

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4लोग अपने-अपने मकानों व सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय झंडा फहराकर किस बात का संकेत देना चाहते थे?Show solution
पाठ के अनुसार मकानों और सार्वजनिक स्थलों पर झंडा फहराकर लोग यह जताना चाहते थे कि मानो देश स्वतंत्र हो गया हो। इससे उनकी आज़ादी की भावना और उत्साह प्रकट होता था।

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5पुलिस ने बड़े-बड़े पार्कों तथा मैदानों को क्यों घेर लिया था?Show solution
पाठ में कहा गया है कि पुलिस ने सबेरे से ही पार्कों और मैदानों को घेर लिया था, क्योंकि उन्हें सभा, झंडा-फहराने और जुलूस जैसे कार्यक्रमों को रोकना था।

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126 जनवरी 1931 के दिन को अमर बनाने के लिए क्या-क्या तैयारियाँ की गईं?Show solution
इस दिन को खास बनाने के लिए काफी पहले से तैयारी हुई थी।
- प्रचार में दो हजार रुपये खर्च किए गए।
- कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर समझाया गया।
- बड़े बाज़ार सहित कलकत्ता के कई भागों में राष्ट्रीय झंडे लगाए गए।
- कई मकान सजाए गए।
- मोनुमेंट के नीचे सभा और झंडा-फहराने की योजना बनाई गई।

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2'आज जो बात थी वह निराली थी'-किस बात से पता चल रहा था कि आज का दिन अपने आप में निराला है? स्पष्ट कीजिए।Show solution
पाठ में कई बातें बताती हैं कि आज का दिन निराला था।
- शहर भर में झंडे लगाए गए थे।
- लोग टोलियाँ बनाकर घूम रहे थे।
- पुलिस की भारी तैनाती थी, फिर भी लोग खुली चुनौती देकर सभा कर रहे थे।
- स्त्रियाँ आगे आकर झंडा फहरा रही थीं
- लाठीचार्ज, गिरफ्तारियाँ और घायल लोगों की संख्या बहुत अधिक थी।
इन सब कारणों से यह दिन साधारण नहीं, बल्कि अद्वितीय था।

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3पुलिस कमिश्नर के नोटिस और कौंसिल के नोटिस में क्या अंतर था?Show solution
दोनों नोटिसों में अंतर यह था कि पुलिस कमिश्नर का नोटिस निषेधात्मक था—उसमें कहा गया कि अमुक धाराओं के अनुसार कोई सभा नहीं हो सकती। इसके विपरीत कौंसिल का नोटिस आह्वानात्मक था—उसमें समय बताकर झंडा फहराने और प्रतिज्ञा पढ़ने के लिए सर्वसाधारण को बुलाया गया था।

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4धर्मतल्ले के मोड़ पर आकर जुलूस क्यों टूट गया?Show solution
पाठ के अनुसार पहले पुलिस कुछ ठंडी पड़ी थी, लेकिन धर्मतल्ले के मोड़ पर पहुँचकर उसने फिर लाठीचार्ज किया। भीड़ अधिक थी, इसलिए बहुत लोग घायल हुए और जुलूस टूट गया

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5डॉ. दासगुप्ता जुलूस में घायल लोगों की देख-रेख तो कर ही रहे थे, उनके फोटो भी उतरवा रहे थे। उन लोगों के फोटो खींचने की क्या वजह हो सकती थी? स्पष्ट कीजिए।Show solution
डॉ. दासगुप्ता घायल लोगों की सेवा कर रहे थे और उनके फोटो भी खिंचवा रहे थे, क्योंकि ऐसे फोटो घटना का प्रमाण बन सकते थे। इससे लाठीचार्ज, चोटों और पुलिस की क्रूरता का सच्चा चित्र सामने आता था।

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1सुभाष बाबू के जुलूस में स्त्री समाज की क्या भूमिका थी?Show solution
पाठ में स्त्रियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण दिखाई गई है। वे जुलूस निकालने में शामिल थीं, झंडा फहराती थीं, घोषणा पढ़ती थीं और पुलिस की मार के बावजूद डटी रहती थीं। अनेक स्त्रियाँ गिरफ्तार भी हुईं।

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2जुलूस के लालबाजार आने पर लोगों की क्या दशा हुई?Show solution
जुलूस के लालबाजार पहुँचने पर पुलिस ने फिर डंडे चलाए। बहुत लोग घायल हुए। धर्मतल्ले और बहू बाजार के मोड़ पर बैठी स्त्रियों को भी पकड़कर लालबाजार भेज दिया गया।

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3'जब से कानून भंग का काम शुरू हुआ है तब से आज तक इतनी बड़ी सभा ऐसे मैदान में नहीं की गई थी और यह सभा तो कहना चाहिए कि ओपन लड़ाई थी।' यहाँ पर कौन से और किसके द्वारा लागू किए गए कानून को भंग करने की बात कही गई है? क्या कानून भंग करना उचित था? पाठ के संदर्भ में अपने विचार प्रकट कीजिए।Show solution
यहाँ औपनिवेशिक अंग्रेजी शासन के बनाए कानूनों की बात है, जिनके अनुसार सार्वजनिक सभा करना निषिद्ध था। लेखक के पाठ में यह कानून-भंग जनता के अधिकार और स्वतंत्रता के लिए किया गया साहसिक कदम दिखता है। पाठ के संदर्भ में यह उचित लगता है, क्योंकि यह अन्यायपूर्ण शासन के विरुद्ध संगठित प्रतिरोध था।

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4बहुत से लोग घायल हुए, बहुतों को लॉकअप में रखा गया, बहुत-सी स्त्रियाँ जेल गईं, फिर भी इस दिन को अपूर्व बताया गया है। आपके विचार में यह सब अपूर्व क्यों है? अपने शब्दों में लिखिए।Show solution
यह सब अपूर्व इसलिए है कि यह केवल एक जुलूस नहीं था, बल्कि जन-शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन था। लोगों ने अत्याचार के डर से हार नहीं मानी। स्त्रियों ने भी साहस दिखाया। गिरफ्तारियाँ और चोटें सहकर भी स्वतंत्रता की भावना बनी रही। इससे यह सिद्ध हुआ कि कलकत्ता में भी संगठित कार्य हो सकता है।

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1आज तो जो कुछ हुआ वह अपूर्व हुआ है। बंगाल के नाम या कलकत्ता के नाम पर कलंक था कि यहाँ काम नहीं हो रहा है वह आज बहुत अंश में धुल गया।Show solution
लेखक कहना चाहते हैं कि कलकत्ता के बारे में जो कलंक था—कि यहाँ स्वतंत्रता आंदोलन में लोग सक्रिय नहीं हैं—वह इस दिन के कार्यों से काफी हद तक धुल गया। यानी जनता ने अपनी सक्रियता और साहस साबित कर दिया।

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2खुला चैलेंज देकर ऐसी सभा पहले नहीं की गई थी।
1I. (क) दो सौ आदमियों का जुलूस लालबाजार गया और वहाँ पर गिरफ्तार हो गया।
(ख) मैदान में हजारों आदमियों की भीड़ होने लगी और लोग टोलियाँ बना-बनाकर मैदान में घूमने लगे।
(ग) सुभाष बाबू को पकड़ लिया गया और गाड़ी में बैठाकर लालबाजार लॉकअप में भेज दिया गया।
2II. 'बड़े भाई साहब' पाठ में से भी दो-दो सरल, संयुक्त और मिश्र वाक्य छाँटकर लिखिए।
2निम्नलिखित वाक्य संरचनाओं को ध्यान से पढ़िए और समझिए कि जाना, रहना और चुकना क्रियाओं का प्रयोग किस प्रकार किया गया है।
1. (क) कई मकान सजाए गए थे.
2. कलकत्ते के प्रत्येक भाग में झंडे लगाए गए थे.
2. (ख) बड़े बाजार के प्रायः मकानों पर राष्ट्रीय झंडा फहरा रहा था.
3. कितनी ही लारियाँ शहर में घुमाई जा रही थीं.
4. पुलिस भी अपनी पूरी ताकत से शहर में गश्त देकर प्रदर्शन कर रही थी.
3. (ग) सुभाष बाबू के जुलूस का भार पूर्णदास पर था, वह प्रबंध कर चुका था.
5. पुलिस कमिश्नर का नोटिस निकल चुका था.
1श्रद्धा + आनंद = ...
2प्रति + एक = ...
3पुरुष + उत्तम = ...
4झंडा + उत्सव = ...
5पुनः + आवृत्ति = ...
6ज्योतिः + मय = ...
1स्वतंत्रता आंदोलन में निम्नलिखित महिलाओं ने जो योगदान दिया, उसके बारे में संक्षिप्त जानकारी प्राप्त करके लिखिए—
(क) सरोजिनी नायडू
(ख) अरुणा आसफ अली
(ग) कस्तूरबा गांधी
2इस पाठ के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम में कलकत्ता (कोलकाता) के योगदान का चित्र स्पष्ट होता है। आजादी के आंदोलन में आपके क्षेत्र का भी किसी न किसी प्रकार का योगदान रहा होगा। पुस्तकालय, अपने परिचितों या फिर किसी दूसरे स्रोत से इस संबंध में जानकारी हासिल कर लिखिए।
3'केवल प्रचार में दो हजार रुपया खर्च किया गया था।' तत्कालीन समय को मद्देनजर रखते हुए अनुमान लगाइए कि प्रचार-प्रसार के लिए किन माध्यमों का उपयोग किया गया होगा?
4आपको अपने विद्यालय में लगने वाले पल्स पोलियो केंद्र की सूचना पूरे मोहल्ले को देनी है। आप इस बात का प्रचार बिना पैसे के कैसे कर पाएंगे? उदाहरण के साथ लिखिए।

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