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Chapter 12 of 17
NCERT Solutions

सीताराम सेकसरिया ( डायरी का एक पन्ना) — NCERT Solutions

CBSE · Class 10 · Hindi- Course B

NCERT Solutions for सीताराम सेकसरिया ( डायरी का एक पन्ना), CBSE Class 10 Hindi- Course B: 27 textbook questions solved step by step.

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27 Questions Solved · 7 Sections

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मौखिक

1कलकत्ता वासियों के लिए 26 जनवरी 1931 का दिन क्यों महत्वपूर्ण था?Show solution

26 जनवरी 1931 का दिन कलकत्तावासियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि इस दिन स्वतंत्रता दिवस मनाया जाना था। मोनुमेंट के नीचे झंडा फहराकर स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा पढ़ी जानी थी। यह दिन राष्ट्रीय चेतना और स्वाधीनता आंदोलन के प्रति समर्पण का प्रतीक था।

2सुभाष बाबू के जुलूस का भार किस पर था?Show solution

सुभाष बाबू के जुलूस का भार पूर्णोदास पर था। उन्होंने जुलूस के सारे प्रबंध पहले से ही कर लिए थे।

3विद्यार्थी संघ के मंत्री अविनाश बाबू के झंडा गाड़ने पर क्या प्रतिक्रिया हुई?Show solution

विद्यार्थी संघ के मंत्री अविनाश बाबू ने जैसे ही झंडा गाड़ा, पुलिस ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया। इस घटना से लोगों में उत्तेजना फैल गई और आंदोलन और तेज हो गया।

4लोग अपने-अपने मकानों व सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय झंडा फहराकर किस बात का संकेत देना चाहते थे?Show solution

लोग राष्ट्रीय झंडा फहराकर यह संकेत देना चाहते थे कि वे स्वतंत्रता आंदोलन के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। वे अंग्रेजी शासन को यह बताना चाहते थे कि भारतीय जनता पूर्ण स्वराज्य की माँग करती है और इसके लिए हर बलिदान देने को तैयार है।

5पुलिस ने बड़े-बड़े पार्कों तथा मैदानों को क्यों घेर लिया था?Show solution

पुलिस ने बड़े-बड़े पार्कों तथा मैदानों को इसलिए घेर लिया था ताकि लोग वहाँ एकत्रित होकर सभा न कर सकें और स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम न मना सकें। अंग्रेज सरकार इस आंदोलन को दबाना चाहती थी।

लिखित (क) — 25-30 शब्दों में उत्तर

126 जनवरी 1931 के दिन को अमर बनाने के लिए क्या-क्या तैयारियाँ की गईं?Show solution

26 जनवरी 1931 को अमर बनाने के लिए निम्नलिखित तैयारियाँ की गईं:

  • केवल प्रचार में दो हजार रुपये खर्च किए गए।
  • कलकत्ते के प्रत्येक भाग में झंडे लगाए गए।
  • बड़े बाजार के अधिकांश मकानों पर राष्ट्रीय झंडा फहराया गया।
  • मोनुमेंट के नीचे झंडा फहराने और स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा पढ़ने का कार्यक्रम तय किया गया।
  • स्वयंसेवकों को संगठित किया गया और जुलूस की पूरी व्यवस्था पूर्णोदास को सौंपी गई।
2'आज जो बात थी वह निराली थी'—किस बात से पता चल रहा था कि आज का दिन अपने आप में निराला है? स्पष्ट कीजिए।Show solution

आज का दिन इसलिए निराला था क्योंकि:

  • बड़े बाजार के प्रायः सभी मकानों पर राष्ट्रीय झंडा फहरा रहा था।
  • स्त्रियाँ भी बड़ी संख्या में जुलूस में शामिल हुईं।
  • पुलिस की कड़ी निगरानी और दमन के बावजूद लोग डरे नहीं।
  • हजारों लोग मैदान में एकत्रित हुए और खुलेआम अंग्रेज सरकार को चुनौती दी गई।

इन सब बातों से स्पष्ट था कि यह दिन वास्तव में निराला था।

3पुलिस कमिश्नर के नोटिस और कौंसिल के नोटिस में क्या अंतर था?Show solution

पुलिस कमिश्नर के नोटिस में यह चेतावनी दी गई थी कि 26 जनवरी को कोई जुलूस नहीं निकाला जाए और न ही कोई सभा की जाए, अन्यथा कानूनी कार्रवाई होगी। इसके विपरीत, कौंसिल के नोटिस में लोगों को मोनुमेंट के नीचे एकत्रित होकर झंडा फहराने और स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा लेने के लिए आमंत्रित किया गया था। एक नोटिस दमन का था तो दूसरा आह्वान का।

4धर्मतल्ले के मोड़ पर आकर जुलूस क्यों टूट गया?Show solution

धर्मतल्ले के मोड़ पर पुलिस ने जुलूस पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने बेरहमी से लोगों को मारा जिससे अनेक लोग घायल हो गए। इस अचानक हुए लाठीचार्ज और पुलिस की कड़ी कार्रवाई के कारण जुलूस टूट गया और लोग तितर-बितर हो गए।

5डॉ. दासगुप्ता जुलूस में घायल लोगों की देख-रेख तो कर ही रहे थे, उनके फ़ोटो भी उतरवा रहे थे। उन लोगों के फ़ोटो खींचने की क्या वजह हो सकती थी? स्पष्ट कीजिए।Show solution

डॉ. दासगुप्ता घायल लोगों के फ़ोटो इसलिए उतरवा रहे थे ताकि:

  • पुलिस के अत्याचार और दमन का प्रमाण एकत्रित किया जा सके।
  • इन फ़ोटो को समाचार-पत्रों में प्रकाशित करके अंग्रेज सरकार की क्रूरता को जनता के सामने उजागर किया जा सके।
  • यह साक्ष्य न्यायालय में या अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जा सके।

इस प्रकार फ़ोटो आंदोलन को और अधिक प्रभावशाली बनाने का साधन थे।

लिखित (ख) — 50-60 शब्दों में उत्तर

1सुभाष बाबू के जुलूस में स्त्री समाज की क्या भूमिका थी?Show solution

सुभाष बाबू के जुलूस में स्त्री समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और साहसपूर्ण थी। बड़ी संख्या में महिलाएँ जुलूस में शामिल हुईं। उन्होंने पुलिस की लाठियाँ खाईं, फिर भी पीछे नहीं हटीं। अनेक महिलाएँ गिरफ्तार हुईं और जेल गईं। जानकीदेवी जैसी महिलाओं ने नेतृत्व किया। स्त्रियों ने झंडा उठाकर जुलूस को आगे बढ़ाया। उनकी भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि स्वतंत्रता संग्राम में महिलाएँ पुरुषों से किसी भी प्रकार कम नहीं हैं। उनके साहस और बलिदान ने आंदोलन को नई ऊर्जा दी।

2जुलूस के लालबाजार आने पर लोगों की क्या दशा हुई?Show solution

जुलूस के लालबाजार आने पर पुलिस ने सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया। लगभग दो सौ आदमियों का जुलूस लालबाजार गया और वहाँ सभी गिरफ्तार हो गए। लॉकअप में इतनी भीड़ हो गई कि लोगों को बैठने तक की जगह नहीं थी। बहुत से लोग घायल थे। स्त्रियाँ भी जेल भेजी गईं। इतनी कठिनाइयों के बावजूद लोगों के मनोबल में कोई कमी नहीं आई और वे देश के लिए बलिदान देने को तत्पर रहे।

3'जब से कानून भंग का काम शुरू हुआ है तब से आज तक इतनी बड़ी सभा ऐसे मैदान में नहीं की गई थी और यह सभा तो कहना चाहिए कि ओपन लड़ाई थी।' यहाँ पर कौन से और किसके द्वारा लागू किए गए कानून को भंग करने की बात कही गई है? क्या कानून भंग करना उचित था? पाठ के संदर्भ में अपने विचार प्रकट कीजिए।Show solution

यहाँ अंग्रेज सरकार द्वारा लागू उस कानून को भंग करने की बात कही गई है जिसके अंतर्गत सार्वजनिक सभाएँ करना, जुलूस निकालना और राष्ट्रीय झंडा फहराना प्रतिबंधित था। पुलिस कमिश्नर ने नोटिस जारी करके इन गतिविधियों पर रोक लगाई थी।

पाठ के संदर्भ में यह कानून भंग करना पूरी तरह उचित था क्योंकि:

  • यह कानून भारतीयों की स्वतंत्रता की भावना को कुचलने के लिए बनाया गया था।
  • अन्यायपूर्ण कानून का विरोध करना नागरिक का अधिकार है।
  • महात्मा गांधी के नेतृत्व में सविनय अवज्ञा आंदोलन के तहत ऐसे कानूनों को तोड़ना आंदोलन की रणनीति का हिस्सा था।
  • इस प्रकार के सामूहिक प्रतिरोध से ही अंग्रेज सरकार पर दबाव बनाया जा सकता था।

अतः यह कानून भंग करना न केवल उचित था, बल्कि देशभक्ति का प्रतीक भी था।

4बहुत से लोग घायल हुए, बहुतों को लॉकअप में रखा गया, बहुत-सी स्त्रियाँ जेल गईं, फिर भी इस दिन को अपूर्व बताया गया है। आपके विचार में यह सब अपूर्व क्यों है? अपने शब्दों में लिखिए।Show solution

यह दिन अपूर्व इसलिए था क्योंकि इतने दमन और अत्याचार के बावजूद भारतीयों का मनोबल नहीं टूटा। लोगों ने पुलिस की लाठियाँ खाईं, घायल हुए, जेल गए, फिर भी झंडा उठाने और प्रतिज्ञा लेने से नहीं रुके। स्त्रियों ने भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का एकजुट होकर खुलेआम अंग्रेज सरकार को चुनौती देना अभूतपूर्व था। बंगाल पर जो कलंक था कि वहाँ आंदोलन नहीं हो रहा, वह इस दिन धुल गया। यह दिन त्याग, साहस और राष्ट्रप्रेम का अद्वितीय उदाहरण बन गया, इसीलिए इसे अपूर्व कहा गया।

लिखित (ग) — आशय स्पष्ट कीजिए

1आज तो जो कुछ हुआ वह अपूर्व हुआ है। बंगाल के नाम या कलकत्ता के नाम पर कलंक था कि यहाँ काम नहीं हो रहा है वह आज बहुत अंश में धुल गया।

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2खुला चैलेंज देकर ऐसी सभा पहले नहीं की गई थी।

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भाषा अध्ययन

1-Iनिम्नलिखित वाक्यों को सरल वाक्यों में बदलिए— (क) दो सौ आदमियों का जुलूस लालबाजार गया और वहाँ पर गिरफ़्तार हो गया। (ख) मैदान में हजारों आदमियों की भीड़ होने लगी और लोग टोलियाँ बना-बनाकर मैदान में घूमने लगे। (ग) सुभाष बाबू को पकड़ लिया गया और गाड़ी में बैठाकर लालबाजार लॉकअप में भेज दिया गया।

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1-II'बड़े भाई साहब' पाठ में से भी दो-दो सरल, संयुक्त और मिश्र वाक्य छाँटकर लिखिए।

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2निम्नलिखित वाक्य संरचनाओं को ध्यान से पढ़िए और समझिए कि जाना, रहना और चुकना क्रियाओं का प्रयोग किस प्रकार किया गया है।

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3नीचे दिए गए शब्दों की संधि कीजिए— 1. श्रद्धा + आनंद 2. प्रति + एक 3. पुरुष + उत्तम 4. झंडा + उत्सव 5. पुनः + आवृत्ति 6. ज्योतिः + मय

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योग्यता विस्तार

126 जनवरी को स्वाधीनता दिवस और गणतंत्र दिवस के रूप में मनाने के बारे में जानकारी दी गई है। इसे पढ़िए।

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2डायरी विधा के बारे में बताइए और अपनी दैनिक जीवन की घटनाओं को डायरी में लिखने का अभ्यास करें।

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3जमना लाल बजाज महात्मा गांधी के पाँचवें पुत्र के रूप में क्यों जाने जाते हैं?

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परियोजना कार्य

1स्वतंत्रता आंदोलन में निम्नलिखित महिलाओं के योगदान के बारे में संक्षिप्त जानकारी लिखिए— (क) सरोजिनी नायडू (ख) अरुणा आसफ अली (ग) कस्तूरबा गांधी

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2इस पाठ के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम में कलकत्ता (कोलकाता) के योगदान का चित्र स्पष्ट होता है। आजादी के आंदोलन में आपके क्षेत्र का भी किसी न किसी प्रकार का योगदान रहा होगा। पुस्तकालय, अपने परिचितों या फिर किसी दूसरे स्रोत से इस संबंध में जानकारी हासिल कर लिखिए।

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3'केवल प्रचार में दो हजार रुपया खर्च किया गया था।' तत्कालीन समय को मद्देनजर रखते हुए अनुमान लगाइए कि प्रचार-प्रसार के लिए किन माध्यमों का उपयोग किया गया होगा?

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4आपको अपने विद्यालय में लगने वाले पल्स पोलियो केंद्र की सूचना पूरे मोहल्ले को देनी है। आप इस बात का प्रचार बिना पैसे के कैसे कर पाएँगे? उदाहरण के साथ लिखिए।

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in सीताराम सेकसरिया ( डायरी का एक पन्ना) for CBSE Class 10 Hindi- Course B?
Key topics in सीताराम सेकसरिया ( डायरी का एक पन्ना) include लेखक परिचय और कृति, पाठ का ऐतिहासिक संदर्भ, मुख्य घटनाएँ और घटनाक्रम, चरित्र-चित्रण. Study these first, then practise questions on each for the CBSE Class 10 board exam.
Are these NCERT Solutions for सीताराम सेकसरिया ( डायरी का एक पन्ना) free?
The first 14 of the 27 solutions on this page are open to read. The other 13 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise सीताराम सेकसरिया ( डायरी का एक पन्ना) for the CBSE Class 10 board exam?
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Sources & Official References

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