मैथिलीशरण गुप्त (मनुष्यता) — NCERT Solutions
CBSE · Class 10 · Hindi- Course B
NCERT Solutions for मैथिलीशरण गुप्त (मनुष्यता), CBSE Class 10 Hindi- Course B: 15 textbook questions solved step by step.
Interactive on Super Tutor
Studying मैथिलीशरण गुप्त (मनुष्यता)? Get the full interactive chapter.
Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for NCERT solutions and more.
Free trial, no card needed.
The first 8 solutions are open to read. The other 7 are free with a Super Tutor account.
प्रश्न-अभ्यास — (क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
1कवि ने कैसी मृत्यु को सुमृत्यु कहा है?Show solution
दिया गया: कविता 'मनुष्यता' — कवि मैथिलीशरण गुप्त।
उत्तर:
कवि ने उस मृत्यु को सुमृत्यु (अच्छी मृत्यु) कहा है जो मरने के बाद भी व्यक्ति को अमर बना दे। अर्थात् जो व्यक्ति अपने जीवन में परोपकार के ऐसे कार्य करे कि उसके जाने के बाद भी लोग उसे याद करें, उसकी कीर्ति युगों-युगों तक गाई जाए — वही मृत्यु सुमृत्यु है। इसके विपरीत, जो व्यक्ति केवल अपने लिए जीता है और मरने के बाद कोई उसे याद नहीं करता, उसकी मृत्यु व्यर्थ है। कवि के शब्दों में — 'मरो परंतु यों मरो कि याद जो करे सभी।'
2उदार व्यक्ति की पहचान कैसे हो सकती है?Show solution
दिया गया: कविता 'मनुष्यता' — कवि मैथिलीशरण गुप्त।
उत्तर:
उदार व्यक्ति की पहचान यह है कि वह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समस्त मानव-जाति के लिए जीता है। उसका हृदय इतना विशाल होता है कि वह सारी पृथ्वी को अपना परिवार मानता है। उसकी कीर्ति दूर-दूर तक फैलती है और उसे देखकर लोग कृतार्थ (धन्य) हो जाते हैं। कवि कहते हैं — 'उदार जिनका विश्व है, उन्हीं का नाम है।' अर्थात् जो व्यक्ति विश्व-कल्याण की भावना रखता है, वही सच्चा उदार है और उसी का नाम संसार में अमर रहता है।
3कवि ने दधीचि, कर्ण आदि महान व्यक्तियों का उदाहरण देकर 'मनुष्यता' के लिए क्या संदेश दिया है?Show solution
दिया गया: कविता 'मनुष्यता' — कवि मैथिलीशरण गुप्त।
उत्तर:
कवि ने निम्नलिखित महान व्यक्तियों के उदाहरण दिए हैं:
- रंतिदेव — जो स्वयं भूखे रहकर भी क्षुधार्त (भूखे) अतिथि को अपना भोजन दे देते थे।
- दधीचि — जिन्होंने देवताओं की रक्षा के लिए अपनी हड्डियाँ (अस्थिजाल) दान कर दीं, जिनसे इंद्र का वज्र बना।
- उशीनर (राजा शिबि) — जिन्होंने एक कबूतर की प्राण-रक्षा के लिए अपने शरीर का मांस काटकर दे दिया।
- कर्ण — जो अपने कवच-कुंडल तक दान कर देते थे।
इन उदाहरणों के माध्यम से कवि ने मनुष्यता के लिए यह संदेश दिया है कि सच्चा मनुष्य वही है जो दूसरों के कल्याण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दे। परोपकार ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है।
4कवि ने किन पंक्तियों में यह व्यक्त किया है कि हमें गर्व-रहित जीवन व्यतीत करना चाहिए?Show solution
दिया गया: कविता 'मनुष्यता' — कवि मैथिलीशरण गुप्त।
उत्तर:
कवि ने निम्नलिखित पंक्तियों में गर्व-रहित जीवन जीने की बात कही है:
'रहो न भूल के कभी मदांध तुच्छ वित्त में,
सनाथ जान आपको करो न गर्व चित्त में।
अनाथ कौन है यहाँ? त्रिलोकनाथ साथ हैं,
दयालु दीनबंधु के बड़े विशाल हाथ हैं।'
इन पंक्तियों में कवि कहते हैं कि धन-संपत्ति के मद में अंधे होकर कभी अहंकार मत करो। यह सोचकर कि तुम्हारे साथ कोई है, घमंड मत करो, क्योंकि इस संसार में कोई भी अनाथ नहीं है — ईश्वर (त्रिलोकनाथ) सबके साथ हैं।
5'मनुष्य मात्र बंधु है' से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।Show solution
दिया गया: कविता 'मनुष्यता' — कवि मैथिलीशरण गुप्त।
उत्तर:
'मनुष्य मात्र बंधु है' का अर्थ है — प्रत्येक मनुष्य एक-दूसरे का भाई है। कवि का मानना है कि सभी मनुष्य एक ही परमात्मा की संतान हैं, इसलिए जाति, धर्म, देश या भाषा के आधार पर भेदभाव करना उचित नहीं है। जब हम यह समझ लें कि सारी मानव-जाति एक ही परिवार है, तो हम एक-दूसरे की सहायता करेंगे, परस्पर प्रेम और सहयोग से रहेंगे। यही भावना 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना है। इस भावना को अपनाने से ही सच्ची मनुष्यता का विकास होता है।
6कवि ने सबको एक होकर चलने की प्रेरणा क्यों दी है?Show solution
दिया गया: कविता 'मनुष्यता' — कवि मैथिलीशरण गुप्त।
उत्तर:
कवि ने सबको एक होकर चलने की प्रेरणा इसलिए दी है क्योंकि:
- एकता में शक्ति है — जब सभी मनुष्य मिलकर चलते हैं तो विपत्तियाँ और बाधाएँ आसानी से दूर हो जाती हैं।
- परस्परावलंब — एक-दूसरे का सहारा लेकर चलने से जीवन-पथ सरल हो जाता है।
- भिन्नता हानिकारक है — आपसी मतभेद और भेदभाव समाज को कमज़ोर बनाते हैं।
- मानव-बंधुत्व — सभी मनुष्य एक ही ईश्वर की संतान हैं, अतः मिलकर चलना ही उचित है।
कवि चाहते हैं कि सभी लोग अपने मतभेद भुलाकर एक ही लक्ष्य की ओर सहर्ष बढ़ें।
7व्यक्ति को किस प्रकार का जीवन व्यतीत करना चाहिए? इस कविता के आधार पर लिखिए।Show solution
दिया गया: कविता 'मनुष्यता' — कवि मैथिलीशरण गुप्त।
उत्तर:
इस कविता के आधार पर व्यक्ति को निम्नलिखित प्रकार का जीवन व्यतीत करना चाहिए:
- परोपकारी जीवन — केवल अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए भी जीना चाहिए।
- गर्व-रहित जीवन — धन-संपत्ति या शक्ति का अहंकार नहीं करना चाहिए।
- उदार जीवन — विश्व को अपना परिवार मानकर सबके प्रति दयालु रहना चाहिए।
- एकता का जीवन — सभी मनुष्यों को बंधु मानकर मिल-जुलकर रहना चाहिए।
- कीर्तिमय जीवन — ऐसे कार्य करने चाहिए जिससे मृत्यु के बाद भी नाम अमर रहे।
- सहानुभूतिपूर्ण जीवन — दूसरों के दुख में सहभागी बनना चाहिए।
संक्षेप में, व्यक्ति को मानवता, परोपकार और बंधुत्व की भावना से युक्त जीवन जीना चाहिए।
8'मनुष्यता' कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?Show solution
दिया गया: कविता 'मनुष्यता' — कवि मैथिलीशरण गुप्त।
उत्तर:
'मनुष्यता' कविता के माध्यम से कवि मैथिलीशरण गुप्त निम्नलिखित मुख्य संदेश देना चाहते हैं:
- परोपकार ही सच्ची मनुष्यता है — जो व्यक्ति दूसरों के लिए जीता और मरता है, वही सच्चा मनुष्य है।
- अमर कीर्ति का महत्त्व — ऐसे कार्य करो जिससे मृत्यु के बाद भी तुम्हारा नाम अमर रहे।
- विश्व-बंधुत्व की भावना — सभी मनुष्य एक-दूसरे के भाई हैं, भेदभाव छोड़ो।
- अहंकार का त्याग — धन, बल या पद का घमंड नहीं करना चाहिए।
- एकता और सहयोग — मिलकर चलने से ही जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं।
- सहानुभूति और दया — दूसरों के प्रति करुणा और सहानुभूति रखना मनुष्य का सबसे बड़ा गुण है।
कुल मिलाकर, कवि यह संदेश देना चाहते हैं कि मनुष्य को पशु-प्रवृत्ति छोड़कर मानवीय गुणों को अपनाना चाहिए — तभी वह सच्चे अर्थों में मनुष्य कहलाने का अधिकारी है।
प्रश्न-अभ्यास — (ख) निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए
वशीकृता सदैव है बनी हुई स्वयं मही।
विरुद्धवाद बुद्ध का दया-प्रवाह में बहा,
विनीत लोकवर्ग क्या न सामने झुका रहा?
Free with a Super Tutor account
सनाथ जान आपको करो न गर्व चित्त में।
अनाथ कौन है यहाँ? त्रिलोकनाथ साथ हैं,
दयालु दीनबंधु के बड़े विशाल हाथ हैं।
Free with a Super Tutor account
विपत्ति, विघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए।
घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी,
अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी।
Free with a Super Tutor account
योग्यता विस्तार
Free with a Super Tutor account
Free with a Super Tutor account
परियोजना कार्य
Free with a Super Tutor account
Free with a Super Tutor account
7 more solved questions in मैथिलीशरण गुप्त (मनुष्यता)
They are free with a Super Tutor account, along with practice quizzes and flashcards for this chapter. Free to start, no card needed.
Frequently Asked Questions
What are the important topics in मैथिलीशरण गुप्त (मनुष्यता) for CBSE Class 10 Hindi- Course B?
Are these NCERT Solutions for मैथिलीशरण गुप्त (मनुष्यता) free?
How should I revise मैथिलीशरण गुप्त (मनुष्यता) for the CBSE Class 10 board exam?
Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
More resources for मैथिलीशरण गुप्त (मनुष्यता)
Practice Quiz
Test yourself with a quick quiz
Important Questions
Exam-style questions with answers
Revision Notes
Key points for last-minute revision
Chapter Summary
Understand the chapter at a glance
Concept Maps
See how topics connect
Study Plan
Step-by-step plan for this chapter
Flashcards
Quick-fire cards for active recall
Syllabus
What topics to cover
For serious students
Get the full मैथिलीशरण गुप्त (मनुष्यता) chapter — start free.
Quizzes, flashcards, an AI doubt solver and a study plan for CBSE Class 10 Hindi- Course B. Free to start, no card needed.