रवींद्र केलेकर (गिन्नी का सोना ,झेन की देन ) — NCERT Solutions
CBSE · Class 10 · Hindi- Course B
NCERT Solutions for रवींद्र केलेकर (गिन्नी का सोना ,झेन की देन ), CBSE Class 10 Hindi- Course B: 28 textbook questions solved step by step.
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प्रश्न-अभ्यास
1शुद्ध सोना और गिन्नी का सोना अलग क्यों होता है?Show solution
शुद्ध सोना 24 कैरेट का, यानी बिना मिलावट का होता है। गिन्नी का सोना 22 कैरेट का होता है, जिसमें थोड़ा-सा ताँबा मिला होता है। इसी मिलावट के कारण वह शुद्ध सोने से अलग होता है, अधिक चमकता है और मजबूत भी होता है।
2प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट किसे कहते हैं?Show solution
पाठ के अनुसार प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट वे हैं जो आदर्शों में थोड़ा-सा व्यावहारिकता का ताँबा मिला देते हैं और उन्हें चलाकर दिखाते हैं।
3पाठ के संदर्भ में शुद्ध आदर्श क्या है?Show solution
पाठ में शुद्ध आदर्श की तुलना शुद्ध सोने से की गई है। जैसे शुद्ध सोना बिना किसी मिलावट के होता है, वैसे ही शुद्ध आदर्श भी बिना किसी व्यावहारिक समझौते के होते हैं।
4लेखक ने जापानियों के दिमाग में 'स्पीड' का इंजन लगाने की बात क्यों कही है?Show solution
लेखक के मित्र के अनुसार जापान में जीवन की रफ़्तार बहुत बढ़ गई है। लोग हर काम को बहुत जल्दी करना चाहते हैं, अमेरिका से प्रतिस्पर्धा करते हैं और दिमाग पर लगातार दबाव रहता है। इसलिए लेखक ने कहा कि जैसे दिमाग में ‘स्पीड’ का इंजन लगा दिया गया हो, जो उसे बहुत तेज़ चला रहा है।
5जापानी में चाय पीने की विधि को क्या कहते हैं?Show solution
जापानी में चाय पीने की विधि को चा-नो-यू कहते हैं।
6जापान में जहाँ चाय पिलाई जाती है, उस स्थान की क्या विशेषता है?Show solution
टी-सेरेमनी का स्थान एक सुंदर पर्णकुटी था। उसमें दफ्ती की दीवारें, तातामी की ज़मीन थी। बाहर हाथ-पाँव धोने के लिए पानी से भरा बरतन था। अंदर का वातावरण इतना शांत था कि चायदानी के पानी का खदबदाना भी सुनाई देता था।
1शुद्ध आदर्श की तुलना सोने से और व्यावहारिकता की तुलना ताँबे से क्यों की गई है?Show solution
पाठ में शुद्ध सोना और ताँबा प्रतीक के रूप में आए हैं। सोना = शुद्ध आदर्श, क्योंकि वह स्वयं में मूल्यवान है। ताँबा = व्यावहारिकता, क्योंकि वह आदर्श को व्यवहार में लाने में मदद करता है और उसे मजबूत बनाता है।
2चाजीन ने कौन-सी क्रियाएँ गरिमापूर्ण ढंग से पूरी की?Show solution
चाजीन ने आते ही प्रणाम किया, आइए कहकर स्वागत किया, बैठने की जगह दिखाई, अँगीठी सुलगाई, उस पर चायदानी रखी, फिर बगल के कमरे से बरतन लाकर उन्हें तौलिए से साफ़ किया। ये सब क्रियाएँ उसने बहुत गरिमापूर्ण ढंग से कीं।
3'टी-सेरेमनी' में कितने आदमियों को प्रवेश दिया जाता था और क्यों?Show solution
पाठ में स्पष्ट है कि इस विधि में शांति मुख्य बात होती है, इसलिए वहाँ तीन से अधिक आदमियों को प्रवेश नहीं दिया जाता।
4चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या परिवर्तन महसूस किया?Show solution
चाय पीते-पीते लेखक के मन की उलझन दूर होने लगी। उनके दिमाग की रफ़्तार धीमी पड़ गई और वह लगभग शांत हो गया। उन्हें लगा कि वे अनंतकाल में जी रहे हैं और भूत-भविष्य हटकर केवल वर्तमान बचा है।
1गांधीजी में नेतृत्व की अद्भुत क्षमता थी; उदाहरण सहित इस बात की पुष्टि कीजिए।Show solution
पाठ के अनुसार गांधीजी प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट थे, लेकिन वे आदर्शों को व्यावहारिकता के स्तर पर नहीं उतारते थे, बल्कि व्यावहारिकता को आदर्शों के स्तर पर चढ़ाते थे। इसी कारण उनके आदर्श मजबूत रहे और लोग उनके पीछे चले। यही उनकी नेतृत्व क्षमता का उदाहरण है।
2आपके विचार से कौन-से ऐसे मूल्य हैं जो शाश्वत हैं? वर्तमान समय में इन मूल्यों की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।Show solution
शाश्वत मूल्य वे हैं जो समय के साथ बदलते नहीं, जैसे सत्य, अहिंसा, ईमानदारी, न्याय, करुणा और मानवता। वर्तमान समय में भी इनके बिना समाज में विश्वास, शांति और सही दिशा संभव नहीं है, इसलिए ये आज भी उतने ही आवश्यक हैं।
3अपने जीवन की किसी ऐसी घटना का उल्लेख कीजिए जब-Show solution
यह प्रश्न व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। इसमें अपने जीवन की ऐसी घटना लिखनी है जब शुद्ध आदर्श से लाभ या हानि हुई हो, और फिर ऐसी घटना जब आदर्श में व्यावहारिकता जोड़ने से लाभ हुआ हो।
4'शुद्ध सोने में ताँबे की मिलावट या ताँबे में सोना', गांधीजी के आदर्श और व्यवहार के संदर्भ में यह बात किस तरह झलकती है? स्पष्ट कीजिए।Show solution
लेखक कहता है कि गांधीजी आदर्शों को व्यवहार के स्तर पर नहीं लाते थे, बल्कि व्यवहार को आदर्श के स्तर तक उठाते थे। इसलिए वे ताँबे में सोना मिलाते थे, न कि सोने में ताँबा घटाकर। इसका अर्थ है कि उनके काम में भी आदर्श की ऊँचाई बनी रहती थी।
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यहाँ द्वंद्व समास है जिसमें दोनों पद प्रधान होते हैं। दोनों पदों के बीच योजक शब्द का लोप करने के लिए योजक चिह्न लगाया जाता है। नीचे दिए गए द्वंद्व समास का विग्रह कीजिए-
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Frequently Asked Questions
What are the important topics in रवींद्र केलेकर (गिन्नी का सोना ,झेन की देन ) for CBSE Class 10 Hindi- Course B?
Are these NCERT Solutions for रवींद्र केलेकर (गिन्नी का सोना ,झेन की देन ) free?
How should I revise रवींद्र केलेकर (गिन्नी का सोना ,झेन की देन ) for the CBSE Class 10 board exam?
Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
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