CBSE Class 6 Sanskrit — NCERT Solutions
CBSE Class 6 Sanskrit NCERT solutions, chapter by chapter — 216 textbook questions solved across 16 chapters. Follows the CBSE syllabus.
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216 NCERT textbook questions for CBSE Class 6 Sanskrit, solved step by step across 16 chapters. Each chapter page has every exercise: half the solutions are open to read and the rest are free with a Super Tutor account.
वयं वर्णमालां पठाम:
10 questions solved
- वयम् अभ्यासं कुर्मः (अभ्यास-प्रश्नाः) · 10 questions
Q१.कस्य चित्रम्? वदन्तु लिखन्तु च — (चित्रों को देखकर बताइए और लिखिए कि किसका चित्र है।)
दिया गया है: पाठ्यपुस्तक में विभिन्न चित्र दिए गए हैं। पहले चित्र का नाम 'गणेशः' दिया गया है।
अवधारणा: चित्र देखकर संस्कृत में नाम पहचानना और लिखना।
उत्तर (नमूना):
प्रथम चित्रम् → गणेशः
(शेष चित्रों के लिए छात्र अपनी पाठ्यपुस्तक के चित्र देखकर संस्कृत में नाम लिखें। उदाहरण के लिए —)
- यदि चित्र में मोर है → मयूरः
- यदि चित्र में कमल है → पङ्कजम्
- यदि चित्र में गाय है → गौः
- यदि चित्र में हाथी है → गजः
नोट: यह प्रश्न चित्र-आधारित है। छात्र अपनी पुस्तक के चित्र देखकर उत्तर लिखें।
Q२.चित्रं पश्यन्तु। पट्टिकातः समुचितान् वर्णसमूहान् चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयन्तु —
पट्टिका: क्वा त्रि एडः ज्चुः क्षः ड्क ड्खः नाः नः ष्ट
दिए गए अधूरे शब्द:
१. पड्क___जम् (पङ्कजम्)
२. ___चः
३. शु___
४. वृ___ः
५. ___दः
६. ___चः
७. ___शूलम्
८. ___अः
९. ___ढः
१०. ___शः
दिया गया है: चित्रों के आधार पर अधूरे शब्द और पट्टिका में वर्णसमूह।
अवधारणा: चित्र देखकर उचित वर्णसमूह चुनकर शब्द पूर्ण करना।
उत्तर:
चित्रों और पट्टिका के आधार पर रिक्तस्थान इस प्रकार भरे जाते हैं —
| अधूरा शब्द | पट्टिका से वर्णसमूह | पूर्ण शब्द |
|---|---|---|
| पड्क___जम् | ड्क | पङ्कजम् (कमल) |
| ___चः | त्रि | त्रिचः |
| शु___ | क्ष | शुक्षः |
| वृ___ः | नाः | वृनाः |
| ___दः | एडः | एडदः |
| ___चः | ज्चुः | ज्चुचः |
| ___शूलम् | त्रि | त्रिशूलम् |
| ___अः | क्वा | क्वाअः |
| ___ढः | ड्खः | ड्खढः |
| ___शः | नः | नशः |
नोट: यह प्रश्न पूर्णतः चित्र-आधारित है। छात्र अपनी पाठ्यपुस्तक के चित्र देखकर सही वर्णसमूह चुनें। उदाहरण के रूप में — 'त्रिशूलम्' (त्रिशूल), 'पङ्कजम्' (कमल) आदि शब्द बनते हैं।
संयुक्त-व्यञ्जनानि
53 questions solved
- वर्ण-वियोग: (भाग १) · 11 questions
- वर्ण-वियोग: — संयुक्त व्यञ्जन (भाग २) · 7 questions
- वर्ण-वियोग: — संयुक्त व्यञ्जन (भाग ३) · 16 questions
- वर्ण-वियोग: — संयुक्त व्यञ्जन (भाग ४) · 6 questions
- वर्ण-संयोग: · 12 questions
- परियोजनाकार्यम् · 1 question
Q1.रामः का वर्ण-वियोग करें।
दिया गया: रामः
वर्ण-वियोग:
स्पष्टीकरण: 'र' = र् + आ, 'म' = म् + अ, अन्त में विसर्ग (:)।
Q2.हरिः का वर्ण-वियोग करें।
दिया गया: हरिः
वर्ण-वियोग:
स्पष्टीकरण: 'ह' = ह् + अ, 'रि' = र् + इ, अन्त में विसर्ग (:)।
एष: क :? एषा का? एतत् किम्?
12 questions solved
- वयम् अभ्यासं कर्म: (अभ्यास प्रश्न) · 10 questions
- परियोजनाकार्यम् · 2 questions
Q1.उदाहरणं दृष्ट्वा रिक्तस्थानानि पूर्यन्तु —
यथा – बालक: बालकी बालका:
(क) चषक:
(ख) देवा:
(ग) सैनिक:
(घ) रजकौ
(ङ) तन्त्रज्ञ:
दिया गया है: उदाहरण के अनुसार पुंलिङ्ग एकवचन, स्त्रीलिङ्ग एकवचन और पुंलिङ्ग बहुवचन के रूप भरने हैं।
नियम: पुंलिङ्ग शब्द के अन्त में 'ई' जोड़ने से स्त्रीलिङ्ग बनता है और 'आ:' जोड़ने से बहुवचन बनता है।
| पुंलिङ्ग (एकवचन) | स्त्रीलिङ्ग (एकवचन) | पुंलिङ्ग (बहुवचन) |
|---|---|---|
| यथा – बालक: | बालकी | बालका: |
| (क) चषक: | चषकी | चषका: |
| (ख) देव: | देवी | देवा: |
| (ग) सैनिक: | सैनिकी | सैनिका: |
| (घ) रजक: | रजकी | रजका: |
| (ङ) तन्त्रज्ञ: | तन्त्रज्ञी | तन्त्रज्ञा: |
टिप्पणी: (ख) में 'देवा:' बहुवचन दिया है, अतः एकवचन 'देव:' और स्त्रीलिङ्ग 'देवी' होगा। (घ) में 'रजकौ' द्विवचन दिया है, अतः एकवचन 'रजक:' और स्त्रीलिङ्ग 'रजकी' होगी।
Q2.उदाहरणानुसारं पट्टिकात: पदानि चित्वा रिक्तस्थानेषु संयोजयन्तु —
यथा – स: शुक:
स:
सा
तत्
पट्टिका: शुक: स्वत: अजा फलम् पुष्पम् महिषी वृक्ष: कुक्कुर: पार्वती पुस्तकम्
दिया गया है: स:, सा, तत् — इन सर्वनामों के साथ उचित लिङ्ग के शब्द जोड़ने हैं।
नियम:
- = पुंलिङ्ग (He/That — masculine)
- = स्त्रीलिङ्ग (She/That — feminine)
- = नपुंसकलिङ्ग (It/That — neuter)
उत्तर:
विस्तृत संयोजन:
| सर्वनाम | शब्द |
|---|---|
| स: | शुक: |
| स: | वृक्ष: |
| स: | कुक्कुर: |
| सा | अजा |
| सा | महिषी |
| सा | पार्वती |
| तत् | फलम् |
| तत् | पुष्पम् |
| तत् | पुस्तकम् |
अहं च त्वं च
9 questions solved
- अभ्यास १ — उच्चै: पठन्तु अवगच्छन्तु च · 1 question
- अभ्यास २ — रिक्तस्थानपूर्तिः · 1 question
- अभ्यास ३ — चित्रं दृष्ट्वा वाक्यलेखनम् (उत्तमपुरुष — पुल्लिङ्ग) · 1 question
- अभ्यास ३ (क्रमशः) — चित्रं दृष्ट्वा वाक्यलेखनम् (उत्तमपुरुष — स्त्रीलिङ्ग) · 1 question
- अभ्यास ३ (क्रमशः) — चित्रं दृष्ट्वा वाक्यलेखनम् (मध्यमपुरुष — पुल्लिङ्ग) · 1 question
- अभ्यास ३ (क्रमशः) — चित्रं दृष्ट्वा वाक्यलेखनम् (मध्यमपुरुष — स्त्रीलिङ्ग) · 1 question
- अभ्यास ८ — वाक्यानि परस्परं योजयन्तु · 1 question
- अभ्यास ९ — प्रश्ननिर्माणम् · 1 question
- परियोजनाकार्यम् — अस्मद्-युष्मद्-शब्दरूपाणि · 1 question
Q1.निम्नलिखित श्लोकं उच्चै: पठन्तु अवगच्छन्तु च —
त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव, त्वमेव सर्वं मम देवदेव॥
श्लोकस्य अर्थ: (हिन्दी में):
हे देवों के देव! तुम ही मेरी माता हो, तुम ही पिता हो, तुम ही बन्धु हो, तुम ही मित्र हो। तुम ही विद्या हो, तुम ही धन हो — हे देवदेव! तुम ही मेरा सब कुछ हो।
पद-विभाजन:
मुख्य शब्दार्थाः:
- = तुम ही
- = माँ
- = पिता
- = भाई/सम्बन्धी
- = मित्र
- = ज्ञान
- = धन
- = देवों के देव
- = मेरा सब कुछ
संख्यागणना ननु सरला
8 questions solved
- क्याम् अभ्यासं कुमेः · 8 questions
Q१.पाठस्य आधारेण अधोलिखितानां प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तराणि लिखन्तु —
(क) कः एकः अस्ति?
(ख) कः षणमुखदेवः अस्ति?
(ग) कः त्रिनयनमूर्तिः अस्ति?
(घ) का सरला अस्ति?
(ङ) के अतुलबलाः सन्ति?
(क) एकः — सूर्यः एकः अस्ति।
(ख) षणमुखदेवः — कार्तिकेयः षणमुखदेवः अस्ति।
(ग) त्रिनयनमूर्तिः — शिवः त्रिनयनमूर्तिः अस्ति।
(घ) सरला — संख्यागणना सरला अस्ति।
(ङ) अतुलबलाः — पञ्चपाण्डवाः अतुलबलाः सन्ति।
अहं प्रातः उत्तिष्ठामि
9 questions solved
- वयम् अभ्यासं कुर्मः · 9 questions
Q1.पट्टिकातः शिष्टाचारस्य पदानि चित्वा लिखन्तु —
(पट्टिका में दिए गए शब्दों में से शिष्टाचार के शब्द चुनकर लिखिए।)
पट्टिका: कलहः, गुरुवन्दनम्, वृद्धसेवा, अतिथिसत्कारः, अहङ्कारः, मातृप्रेम, पितृभक्तिः, ज्येष्ठेषु आदरः, कनिष्ठेषु प्रीतिः, परस्परद्वेषः, बन्धुषु प्रीतिः, असूया, स्वाभिमानम्, परोपकारः, प्राणिषु दया, प्रियवचनम्, हिंसा, सत्यकथनम्, सत्पात्रे दानम्, सर्वेषु मैत्रीभावः, अहिंसा, समयपालनम्, स्वच्छता, प्रकृतिरक्षणम्, भ्रातृषु भगिनीषु च स्नेहः
दिया गया है: पट्टिका में शिष्टाचार तथा अशिष्टाचार दोनों प्रकार के शब्द हैं।
अवधारणा: शिष्टाचार के अन्तर्गत वे आचरण आते हैं जो समाज में सद्भाव, सेवा, प्रेम, सत्य एवं अहिंसा को बढ़ावा देते हैं। कलह, अहङ्कार, परस्परद्वेष, असूया, हिंसा — ये अशिष्टाचार के उदाहरण हैं।
शिष्टाचार के पद (उत्तर):
यथा – गुरुवन्दनम्
१. गुरुवन्दनम्
२. वृद्धसेवा
३. अतिथिसत्कारः
४. मातृप्रेम
५. पितृभक्तिः
६. ज्येष्ठेषु आदरः
७. कनिष्ठेषु प्रीतिः
८. बन्धुषु प्रीतिः
९. स्वाभिमानम्
१०. परोपकारः
११. प्राणिषु दया
१२. प्रियवचनम्
१३. सत्यकथनम्
१४. सत्पात्रे दानम्
१५. सर्वेषु मैत्रीभावः
१६. अहिंसा
१७. समयपालनम्
१८. स्वच्छता
१९. प्रकृतिरक्षणम्
२०. भ्रातृषु भगिनीषु च स्नेहः
(अशिष्टाचार के पद — जो नहीं लिखने हैं: कलहः, अहङ्कारः, परस्परद्वेषः, असूया, हिंसा)
शूरा: वयं धीरा: वयम्
11 questions solved
- वयम् अभ्यासं कुर्मः (Exercise Questions) · 8 questions
- परियोजनाकार्यम् (Project Work) · 3 questions
Q1.एतत् सम्पूर्णं गीतं सस्वरं गायन्तु, लिखन्तु, कण्ठस्थं च कुर्वन्तु।
यह प्रश्न छात्रों की कक्षा-गतिविधि (Activity) पर आधारित है। छात्र 'शूराः वयं धीराः वयम्' गीत को ध्यानपूर्वक पढ़ें, बार-बार गाएँ, अपनी पुस्तिका में लिखें और कण्ठस्थ (याद) करें। यह अभ्यास स्वयं करना है।
सः एव महान् चित्रकार:
8 questions solved
- वयम् अभ्यासं कुर्मः — सः एव महान् चित्रकारः · 8 questions
Q1.पाठस्य आधारेण प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखन्तु —
(क) जपापुष्पस्य वर्णः कः ?
(ख) शुकः केन वर्णेन शोभते ?
(ग) श्रद्धायाः इष्टवर्णः कः ?
(घ) कः महान् चित्रकारः ?
(ङ) आदित्यः कान् द्रष्टुम् इच्छति ?
(क) जिज्ञासा / दिया गया उत्तर — जपापुष्पस्य वर्णः रक्तः (लाल) अस्ति।
(ख) शुकः हरितेन वर्णेन शोभते।
(ग) श्रद्धायाः इष्टवर्णः पाटलः (गुलाबी) अस्ति।
(घ) प्रकृतिः एव महान् चित्रकारः।
(ङ) आदित्यः चित्रवर्णशुकान् द्रष्टुम् इच्छति।
अतिथिदेवो भव
20 questions solved
- वचनम् अभ्यासं कर्म: — अतिथिदेवो भव (कक्षा ६, संस्कृत) · 20 questions
Q१(क).राधिका कथं चलति स्म?
दिया गया है: पाठ 'अतिथिदेवो भव' के आधार पर प्रश्न।
उत्तर (एकपदेन):
राधिका कूर्दमाना चलति स्म।
(अर्थात् राधिका कूदती हुई चल रही थी।)
बुद्धि: सर्वार्थसाधिका
8 questions solved
- वयम् अभ्यासं कर्म: (बुद्धि: सर्वार्थसाधिका) · 8 questions
Q1.पाठस्य आधारेण अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखन्तु —
(क) सरोवरस्य तीरे सुकोमलभूमी बिलेषु के निवसन्ति ?
(ख) केषां परिभ्रमणेन शशका: क्षतविक्षता: मृता: च भवन्ति ?
(ग) शशकिराज: कस्य समीपं गच्छति ?
(घ) के स्वमतं प्रकाशयन्ति ?
(ङ) क: चन्द्रं नमति ?
(च) के सुखेन तिष्ठन्ति ?
(क) प्रश्न: सरोवरस्य तीरे सुकोमलभूमी बिलेषु के निवसन्ति ?
उत्तरम् — शशका:
(ख) प्रश्न: केषां परिभ्रमणेन शशका: क्षतविक्षता: मृता: च भवन्ति ?
उत्तरम् — गजानाम्
(ग) प्रश्न: शशकिराज: कस्य समीपं गच्छति ?
उत्तरम् — गजराजस्य
(घ) प्रश्न: के स्वमतं प्रकाशयन्ति ?
उत्तरम् — शशका:
(ङ) प्रश्न: क: चन्द्रं नमति ?
उत्तरम् — गजराज:
(च) प्रश्न: के सुखेन तिष्ठन्ति ?
उत्तरम् — शशका:
यः जानाति सः पण्डितः
17 questions solved
- वयम् अभ्यासं कुर्मः — यः जानाति सः पण्डितः · 17 questions
Q1(क).भोजनान्ते पातुं योग्यं किम्?
दत्तम्: पाठस्य आधारेण एकपदेन उत्तरम् अपेक्षितम्।
उत्तरम्: जलम्।
(भोजनान्ते पातुं योग्यं जलम् अस्ति।)
त्वम् आपणं गच्छ
9 questions solved
- क्यम् अभ्यासं कुमेः (Chapter 12: त्वम् आपणं गच्छ) · 1 question
- अभ्यासः २ · 1 question
- अभ्यासः ३ · 1 question
- अभ्यासः ४ (प्रथमः — बहुवचनरूपाणि) · 1 question
- अभ्यासः ४ (द्वितीयः — वार्षिकोत्सवसूचना) · 1 question
- अभ्यासः ५ · 1 question
- अभ्यासः ६ · 1 question
- अभ्यासः ७ (लोट्लकाररूपैः वाक्यपूर्तिः) · 1 question
- अभ्यासः ९ · 1 question
Q1.पूर्वपृष्ठस्य कोष्ठके दत्तानि रूपाणि दृष्ट्वा रिक्तस्थानानि पूर्यन्तु —
तालिका १:
| लिखतु | लिखताम् | ... |
| ... | लिखतम् | लिखत |
| लिखानि | लिखाव | ... |
तालिका २:
| ... | क्रीडताम् | ... |
| ... | क्रीडतम् | ... |
| क्रीडानि | क्रीडाव | क्रीडाम् |
दत्तम् / Given: लोट्लकारस्य रूपाणि (√लिख् तथा √क्रीड्)
प्रयुक्तं ज्ञानम्: लोट्लकारस्य प्रत्ययाः —
- प्रथमपुरुषः: एकवचनम् = अतु, द्विवचनम् = अताम्, बहुवचनम् = अन्तु
- मध्यमपुरुषः: एकवचनम् = (धातु मात्र), द्विवचनम् = अतम्, बहुवचनम् = अत
- उत्तमपुरुषः: एकवचनम् = आनि, द्विवचनम् = आव, बहुवचनम् = आम
तालिका १ (√लिख्) — पूर्णरूपम्:
| प्रथमपुरुषः | लिखतु | लिखताम् | लिखन्तु |
|---|---|---|---|
| मध्यमपुरुषः | लिख | लिखतम् | लिखत |
| उत्तमपुरुषः | लिखानि | लिखाव | लिखाम |
तालिका २ (√क्रीड्) — पूर्णरूपम्:
| प्रथमपुरुषः | क्रीडतु | क्रीडताम् | क्रीडन्तु |
|---|---|---|---|
| मध्यमपुरुषः | क्रीड | क्रीडतम् | क्रीडत |
| उत्तमपुरुषः | क्रीडानि | क्रीडाव | क्रीडाम् |
उत्तरम् (रिक्तस्थानानि):
तालिका १: लिखन्तु; लिख; लिखाम
तालिका २: क्रीडतु; क्रीडन्तु; क्रीड; क्रीडत
पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि
14 questions solved
- वचनम् अभ्यासं कृत्वा (Exercise Questions — पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि) · 14 questions
Q1.एतानि सर्वाणि सुभाषितानि उच्चैः पठन्तु स्मरन्तु लिखन्तु च।
निर्देशः (Instruction-based activity):
यह प्रश्न अभ्यास-आधारित है। छात्राः पाठ में दिए गए सभी सुभाषितों को —
- उच्चैः पठन्तु — ऊँचे स्वर से पढ़ें।
- स्मरन्तु — कण्ठस्थ करें।
- लिखन्तु — अपनी अभ्यास-पुस्तिका में लिखें।
उदाहरणार्थ प्रमुख सुभाषितानि —
- पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि जलमन्नं सुभाषितम्।
- अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्।
- उद्यमेन हि सिद्ध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः।
- विद्या ददाति विनयं विनयाद् याति पात्रताम्।
- जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।
आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थः महान् रिपुः
10 questions solved
- वयम् अभ्यासं कुर्मः · 10 questions
Q१.अधोलिखितानां प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तराणि यच्छन्तु —
(क) भिक्षुकः किं करोति स्म?
(ख) कदाचित् तेन मार्गेण कः आगच्छति?
(ग) भिक्षुकः धनिकात् किम् इच्छति?
(घ) धनिकः भिक्षुकात् किं याचितवान्?
(ड) सौभाग्येन वयं किं प्राप्तवन्तः?
(क) भिक्षुकः भिक्षाटनं करोति स्म।
(ख) कदाचित् तेन मार्गेण धनिकः आगच्छति।
(ग) भिक्षुकः धनिकात् धनम् इच्छति।
(घ) धनिकः भिक्षुकात् पादौ (अथवा श्रमं / कार्यं) याचितवान्।
(ड) सौभाग्येन वयं मानवजन्म प्राप्तवन्तः।
माधवस्य प्रियम् अङ्गम्
8 questions solved
- वयम् अभ्यासं कुर्मः — माधवस्य प्रियम् अङ्गम् (कक्षा ६) · 8 questions
Q1.चित्रं दृष्ट्वा अङ्गस्य नाम लिखन्तु —
(क) — —
(ख) — —
(ग) — —
(घ) — —
(ङ) — —
(टिप्पणी: प्रश्ने चित्रं दत्तम् अस्ति, परन्तु अत्र चित्रं दृश्यते न। सामान्यतः शरीराङ्गानां चित्राणि दत्तानि भवन्ति। सम्भाव्यानि उत्तराणि निम्नलिखितानि सन्ति —)
(क) शिरः (सिर)
(ख) नयनम् (आँख)
(ग) नासिका (नाक)
(घ) हस्तः (हाथ)
(ङ) पादः (पैर)
छात्राः स्वपाठ्यपुस्तके दत्तं चित्रं दृष्ट्वा सम्बन्धितानि अङ्गनामानि लिखन्तु।
वृक्षा: सत्पुरुषा: इव
10 questions solved
- वषम् अभ्यास · 10 questions
Q1.पाठे लिखितानि सुभाषितानि सस्वरं पठन्तु, अवगच्छन्तु, लिखन्तु स्मरन्तु च ।
यह अभ्यास-कार्य (Activity) है। छात्राः पाठ में लिखे सुभाषितों को स्वर सहित पढ़ें, उनका अर्थ समझें, लिखें और कण्ठस्थ करें। उदाहरण के लिए —
इस प्रकार सभी सुभाषितों का अभ्यास करें।
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वयं वर्णमालां पठाम:
संयुक्त-व्यञ्जनानि
एष: क :? एषा का? एतत् किम्?
अहं च त्वं च
संख्यागणना ननु सरला
अहं प्रातः उत्तिष्ठामि
शूरा: वयं धीरा: वयम्
सः एव महान् चित्रकार:
अतिथिदेवो भव
बुद्धि: सर्वार्थसाधिका
यः जानाति सः पण्डितः
त्वम् आपणं गच्छ
पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि
आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थः महान् रिपुः
माधवस्य प्रियम् अङ्गम्
वृक्षा: सत्पुरुषा: इव
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