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Chapter 14 of 20
NCERT Solutions

मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई (मीरा) — NCERT Solutions

CBSE · Class 11 · Hindi

NCERT Solutions for मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई (मीरा), CBSE Class 11 Hindi: 5 textbook questions solved step by step.

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5 Questions Solved · 2 Sections

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पद के साथ

1मीरा कृष्ण की उपासना किस रूप में करती हैं? वह रूप कैसा है?Show solution

दिया गया संदर्भ: मीरा के पद 'मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई' के आधार पर।

उत्तर:

मीरा कृष्ण की उपासना पति अथवा प्रियतम के रूप में करती हैं। वे कृष्ण को अपना सर्वस्व मानती हैं — उनके लिए कृष्ण ही माता, पिता, बंधु, सखा और पति सब कुछ हैं। वे कहती हैं —

"मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई।"\text{"मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई।"}

कृष्ण का रूप:
मीरा के आराध्य 'गिरधर गोपाल' हैं — अर्थात् वे कृष्ण जिन्होंने गोवर्धन पर्वत को अपनी उँगली पर उठाया था और जो गायों के पालक (गोपाल) हैं। उनके सिर पर मोर-मुकुट है, वे पीताम्बर धारण करते हैं और उनके गले में वैजयंती माला सुशोभित है। मीरा उन्हें एक दिव्य, सर्वशक्तिमान एवं परम प्रेमी के रूप में देखती हैं।

निष्कर्ष: मीरा की उपासना माधुर्य भाव की उपासना है जिसमें भक्त और भगवान के बीच प्रेमी-प्रेमिका अथवा पति-पत्नी का संबंध होता है।

2भाव व शिल्प सौंदर्य स्पष्ट कीजिए –
(क) अंसुवन जल सींचि-सींचि, प्रेम-बेलि बोयी
अब त बेलि फैलि गई, आणंद-फल होयी
(ख) दूध की मथनियाँ बड़े प्रेम से विलोयी
दधि मधि घृत काढ़ि लियो, डारि दयी छोयी
Show solution

(क) अंसुवन जल सींचि-सींचि, प्रेम-बेलि बोयी / अब त बेलि फैलि गई, आणंद-फल होयी

भाव सौंदर्य:
मीरा कहती हैं कि उन्होंने अपने आँसुओं के जल से सींच-सींचकर प्रेम की बेल बोई है। अर्थात् उनकी भक्ति का आरंभ अत्यंत कठिन परिस्थितियों, विरह-वेदना और अश्रुपात से हुआ। वर्षों की साधना, त्याग और पीड़ा के बाद अब वह प्रेम-बेल फैल गई है और उस पर आनंद रूपी फल लग गए हैं — अर्थात् उन्हें कृष्ण की कृपा और भक्ति का परम आनंद प्राप्त हो गया है।

शिल्प सौंदर्य:

  • रूपक अलंकार: 'प्रेम-बेलि' में प्रेम को बेल के रूप में चित्रित किया गया है।
  • अनुप्रास अलंकार: 'सींचि-सींचि' में पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार है जो निरंतर प्रयास को दर्शाता है।
  • प्रतीकात्मकता: आँसू = भक्ति की साधना; बेल = प्रेम; फल = आनंद की प्राप्ति।
  • भाषा: राजस्थानी मिश्रित ब्रजभाषा, सरल एवं भावपूर्ण।
  • बिम्ब: कृषि-बिम्ब का सुंदर प्रयोग — बोना, सींचना, फैलना, फल लगना।

(ख) दूध की मथनियाँ बड़े प्रेम से विलोयी / दधि मधि घृत काढ़ि लियो, डारि दयी छोयी

भाव सौंदर्य:
मीरा एक सुंदर रूपक के माध्यम से कहती हैं कि जैसे दही को मथने पर उसमें से मक्खन (घी) निकल आता है और छाछ (सारहीन अंश) फेंक दी जाती है — उसी प्रकार उन्होंने जीवन रूपी दही को भक्ति रूपी मथानी से मथा और उसमें से कृष्ण-प्रेम रूपी सार (घृत) निकाल लिया। सांसारिक मोह-माया, लोक-लाज, कुल-मर्यादा — ये सब छाछ की तरह सारहीन हैं, जिन्हें उन्होंने त्याग दिया।

शिल्प सौंदर्य:

  • रूपक/प्रतीक: दही = संसार/जीवन; मथना = भक्ति-साधना; घृत = कृष्ण-प्रेम का सार; छोयी = सांसारिक मोह।
  • लोकजीवन का बिम्ब: दूध मथने का चित्र राजस्थानी लोकजीवन से लिया गया है जो पद को सजीव बनाता है।
  • भाषा: राजस्थानी-ब्रज मिश्रित, 'विलोयी', 'दधि', 'छोयी' जैसे देशज शब्दों का प्रयोग।
  • व्यंजना शक्ति: सांसारिक वस्तुओं की तुलना में भक्ति की श्रेष्ठता व्यंजित होती है।
  • तुकबंदी: 'विलोयी' और 'छोयी' में अंत्यानुप्रास है।
3मीरा जगत को देखकर रोती क्यों हैं?Show solution

उत्तर:

मीरा जगत को देखकर इसलिए रोती हैं क्योंकि उन्हें संसार के लोग माया-मोह में डूबे और ईश्वर-विमुख दिखाई देते हैं। वे देखती हैं कि संसार के लोग सांसारिक सुख-सुविधाओं, धन-संपत्ति और लोक-लाज में इतने उलझे हुए हैं कि उन्हें परमात्मा की भक्ति का अवसर ही नहीं मिलता।

मीरा को दो बातें देखकर विशेष दुख होता है:

  1. माया का जाल: संसार के लोग माया के जाल में फँसे हैं और इस नश्वर संसार को ही सत्य मान बैठे हैं।
  1. भक्ति से वंचित: लोग कृष्ण-भक्ति जैसे परम आनंद से वंचित हैं। मीरा को स्वयं भक्ति से जो आनंद मिला है, उसे देखकर वे दूसरों की इस अज्ञानता पर करुणावश रोती हैं।

संक्षेप में, मीरा का यह रोना करुणा और विरह दोनों का मिश्रण है — एक ओर संसार की अज्ञानता पर करुणा, दूसरी ओर कृष्ण-प्रेम की तीव्र अनुभूति।

पद के आस-पास

1कल्पना करें, प्रेम प्राप्ति के लिए मीरा को किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा होगा।

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई (मीरा) for CBSE Class 11 Hindi?
Key topics in मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई (मीरा) include कवि-परिचय, पद का मुख्य भाव, पंक्ति-आधारित अर्थ, काव्य-शिल्प और भाषा. Study these first, then practise questions on each for Class 11 exams.
Are these NCERT Solutions for मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई (मीरा) free?
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Sources & Official References

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