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Chapter 10 of 20
NCERT Solutions

रजनी (मन्नू भंडारी) — NCERT Solutions

CBSE · Class 11 · Hindi

NCERT Solutions for रजनी (मन्नू भंडारी), CBSE Class 11 Hindi: 11 textbook questions solved step by step. Part of the CBSE Class 11 Hindi syllabus.

46 questions30 flashcards5 concepts

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11 Questions Solved · 5 Sections

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पाठ के साथ

1रजनी ने अमित के मुद्दे को गंभीरता से लिया, क्योंकि –
क. वह अमित से बहुत स्नेह करती थी।
ख. अमित उसकी मित्र लीला का बेटा था।
ग. वह अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने की सामथ्य रखती थी।
घ. उसे अखबार की सुर्खियों में आने का शौक था।
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सही उत्तर: ग. वह अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने की सामथ्य रखती थी।

औचित्य: रजनी का स्वभाव ही अन्याय के विरुद्ध लड़ने का है। पाठ में यह स्पष्ट है कि वह किसी भी अन्याय को चुपचाप सहन नहीं करती। अमित का मामला उसे इसलिए नहीं उठाना पड़ा क्योंकि वह अमित से विशेष स्नेह रखती थी या लीला की मित्र थी, बल्कि इसलिए उठाया क्योंकि उसे लगा कि शिक्षक द्वारा अंक काटना और ट्यूशन के लिए दबाव बनाना एक सामाजिक अन्याय है। वह अन्याय को देखकर चुप नहीं रह सकती — यही उसके चरित्र की मूल विशेषता है।

2जब किसी का बच्चा कमजोर होता है, तभी उसके माँ-बाप ट्यूशन लगवाते हैं। अगर लगे कि कोई टीचर लूट रहा है, तो उस टीचर से न ले ट्यूशन, किसी और के पास चले जाएँ... यह कोई मजबूरी तो है नहीं– प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताएँ कि यह संवाद आपको किस सीमा तक सही या गलत लगता है, तर्क दीजिए।Show solution

प्रसंग: यह संवाद उस समय का है जब रजनी अमित के गणित के अंक कम आने की शिकायत लेकर स्कूल के प्रिंसिपल के पास जाती है। प्रिंसिपल यह कहकर मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश करते हैं कि यदि टीचर ट्यूशन के लिए दबाव बना रहा है तो माता-पिता किसी और के पास ट्यूशन लगवा सकते हैं, यह कोई मजबूरी नहीं।

यह संवाद किस सीमा तक सही है:
सतही तौर पर यह बात सही लगती है कि माता-पिता को किसी और शिक्षक के पास जाने का विकल्प है। व्यावहारिक दृष्टि से यह एक समाधान हो सकता है।

यह संवाद किस सीमा तक गलत है:
यह संवाद मूलतः गलत और जिम्मेदारी से बचने वाला है, क्योंकि—

  1. समस्या की जड़ को नजरअंदाज करना: यदि शिक्षक ट्यूशन न लेने पर जानबूझकर अंक काटता है, तो यह एक गंभीर नैतिक और व्यावसायिक अपराध है। इसे 'दूसरे के पास चले जाओ' कहकर नहीं टाला जा सकता।
  2. प्रशासनिक जिम्मेदारी से पलायन: प्रिंसिपल का यह कर्तव्य है कि वे अपने विद्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकें। यह कहना कि 'दूसरे के पास जाओ' उनकी जिम्मेदारी से भागना है।
  3. व्यवस्था को बनाए रखना: यदि हर माता-पिता इसी तरह चुपचाप दूसरे के पास चले जाएँ, तो भ्रष्ट शिक्षक कभी नहीं सुधरेगा और यह अन्याय चलता रहेगा।
  4. आर्थिक असमानता: सभी माता-पिता के पास इतने साधन नहीं होते कि वे महँगी ट्यूशन बदलते रहें।

निष्कर्ष: यह संवाद व्यवस्था की कमजोरी और जिम्मेदारी से पलायन का प्रतीक है। रजनी का इसका विरोध करना बिल्कुल उचित है।

3तो एक और आंदोलन का मसला मिल गया– फुसफुसाकर कही गई यह बात–
क. किसने किस प्रसंग में कही?
ख. इससे कहने वाले की किस मानसिकता का पता चलता है।
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क. किसने किस प्रसंग में कही:
यह बात स्कूल के प्रिंसिपल के कार्यालय में उपस्थित किसी अभिभावक (या स्टाफ के किसी सदस्य) ने फुसफुसाकर कही। प्रसंग यह था कि रजनी अमित के गणित के अंक कम आने और शिक्षक द्वारा ट्यूशन के लिए दबाव बनाने की शिकायत लेकर प्रिंसिपल के पास पहुँची थी। जब रजनी ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया और आंदोलन की बात की, तब किसी ने यह व्यंग्यात्मक टिप्पणी फुसफुसाकर की।

ख. कहने वाले की मानसिकता:
इस कथन से कहने वाले की निम्नलिखित मानसिकता का पता चलता है—

  1. व्यंग्यात्मक और उपेक्षापूर्ण दृष्टिकोण: वह रजनी के प्रयासों को गंभीरता से नहीं लेता, बल्कि उसे एक 'आंदोलनकारी' के रूप में हल्के ढंग से देखता है।
  2. यथास्थितिवादी सोच: वह व्यवस्था में बदलाव नहीं चाहता। उसे लगता है कि ऐसे मुद्दे उठाना व्यर्थ है।
  3. स्त्री के प्रति पूर्वाग्रह: फुसफुसाकर कहना यह दर्शाता है कि वह रजनी जैसी सक्रिय महिला को 'झगड़ालू' या 'आंदोलनकारी' समझता है और उसकी पीठ पीछे उपहास करता है।
  4. सामाजिक जड़ता: वह यह मान चुका है कि इस व्यवस्था में कुछ नहीं बदलेगा, इसलिए रजनी के प्रयास को वह एक और 'मसला' मात्र समझता है।
4रजनी धारावाहिक की इस कड़ी की मुख्य समस्या क्या है? क्या होता अगर–
क. अमित का पर्चा सचमुच खराब होता।
ख. संपादक रजनी का साथ न देता।
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मुख्य समस्या:
इस धारावाहिक की मुख्य समस्या शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार है — विशेष रूप से वह प्रवृत्ति जिसमें शिक्षक छात्रों को जानबूझकर कम अंक देते हैं ताकि उनके माता-पिता उनसे महँगी ट्यूशन लें। यह शिक्षक की नैतिक जिम्मेदारी का उल्लंघन है और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

क. यदि अमित का पर्चा सचमुच खराब होता:
यदि अमित का पर्चा वास्तव में खराब होता, तो—

  • रजनी का पूरा तर्क कमजोर पड़ जाता।
  • शिक्षक और प्रिंसिपल का पक्ष मजबूत होता।
  • रजनी को शर्मिंदगी उठानी पड़ती और उसका आंदोलन निराधार सिद्ध होता।
  • इस पाठ का मूल संदेश — कि व्यवस्था में भ्रष्टाचार है — कमजोर पड़ जाता।
  • परंतु इससे यह भी सिद्ध होता कि किसी भी आंदोलन से पहले तथ्यों की जाँच आवश्यक है।

ख. यदि संपादक रजनी का साथ न देता:
यदि संपादक रजनी का साथ न देता, तो—

  • रजनी का संघर्ष अधूरा रह जाता।
  • शिक्षा विभाग पर दबाव नहीं बन पाता।
  • भ्रष्ट शिक्षक बच निकलता और व्यवस्था यथावत चलती रहती।
  • यह दर्शाता है कि मीडिया का सहयोग सामाजिक बदलाव में कितना महत्वपूर्ण है।
  • रजनी अकेले लड़ती रहती और शायद हार मान लेती, क्योंकि व्यक्तिगत प्रयास बिना सामूहिक समर्थन के सीमित होते हैं।

पाठ के आस-पास

1गलती करने वाला तो है ही गुनहगार, पर उसे बर्दाश्त करने वाला भी कम गुनहगार नहीं होता– इस संवाद के संदर्भ में आप सबसे ज्यादा किसे और क्यों गुनहगार मानते हैं?Show solution

यह संवाद रजनी का है जो वह उन अभिभावकों के संदर्भ में कहती है जो शिक्षक की अनुचित माँगों को चुपचाप स्वीकार कर लेते हैं।

सबसे अधिक गुनहगार:
इस संदर्भ में विभिन्न पक्षों की गुनाहगारी इस प्रकार है—

  1. भ्रष्ट शिक्षक — वह सबसे बड़ा गुनहगार है क्योंकि वह अपने पद और विश्वास का दुरुपयोग करता है। बच्चों के भविष्य को अपने स्वार्थ के लिए दाँव पर लगाता है।
  1. प्रिंसिपल — वह भी कम गुनहगार नहीं, क्योंकि उसे इस भ्रष्टाचार की जानकारी है फिर भी वह चुप रहता है और अभिभावकों को 'दूसरे के पास जाओ' कहकर टाल देता है।
  1. चुप रहने वाले अभिभावक — ये भी गुनहगार हैं क्योंकि इनकी चुप्पी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है। यदि सभी अभिभावक मिलकर आवाज उठाएँ तो व्यवस्था बदल सकती है।

मेरे अनुसार सबसे बड़ा गुनहगार:
मेरे विचार में चुप रहने वाले अभिभावक सबसे अधिक गुनहगार हैं — इसलिए नहीं कि उन्होंने गलती की, बल्कि इसलिए कि उनकी सहनशीलता और चुप्पी ने भ्रष्ट शिक्षक को निरंतर अन्याय करने का अवसर दिया। यदि पहले ही किसी ने आवाज उठाई होती तो यह समस्या इतनी बड़ी न होती। जैसा रजनी कहती है — बर्दाश्त करने वाला भी उतना ही जिम्मेदार है।

2स्त्री के चरित्र की बनी बनाई धारणा से रजनी का चेहरा किन मायनों में अलग है?Show solution

समाज में स्त्री के चरित्र की एक बनी-बनाई धारणा है — वह सहनशील, चुप रहने वाली, घर तक सीमित, पुरुषों पर निर्भर और व्यवस्था से समझौता करने वाली होती है। रजनी इस धारणा से निम्नलिखित मायनों में बिल्कुल अलग है—

  1. साहसी और मुखर: रजनी अन्याय देखकर चुप नहीं रहती। वह खुलकर बोलती है, बहस करती है और अपनी बात मनवाकर ही दम लेती है।
  1. सामाजिक सरोकार: वह केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं है। दूसरों की समस्याओं को अपनी समस्या मानकर उनके लिए लड़ती है।
  1. व्यवस्था को चुनौती देने वाली: परंपरागत स्त्री व्यवस्था से समझौता करती है, परंतु रजनी प्रिंसिपल, शिक्षा विभाग और पूरी व्यवस्था को चुनौती देती है।
  1. निर्भीक: वह किसी के दबाव में नहीं आती — न प्रिंसिपल के, न अधिकारियों के।
  1. तर्कशील: वह भावनाओं में बहकर नहीं, बल्कि तथ्यों और तर्कों के आधार पर अपनी बात रखती है।
  1. स्वतंत्र निर्णय लेने वाली: वह किसी पुरुष की अनुमति या सहारे के बिना स्वयं निर्णय लेती है और उन पर अमल करती है।

निष्कर्ष: रजनी एक आधुनिक, जागरूक और सक्रिय स्त्री का प्रतिनिधित्व करती है जो समाज की रूढ़िवादी स्त्री-छवि को तोड़ती है।

3पाठ के अंत में मीटिंग के स्थान का विवरण कोष्ठक में दिया गया है। यदि इसी दृश्य को फ़िल्माया जाए तो आप कौन-कौन से निर्देश देंगे?

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4इस पटकथा में दृश्य-संख्या का उल्लेख नहीं है। मगर गिनती करें तो सात दृश्य हैं। आप किस आधार पर इन दृश्यों को अलग करेंगे?

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भाषा की बात

1निम्नलिखित वाक्यों के रेखांकित अंश में जो अर्थ निहित हैं उन्हें स्पष्ट करते हुए लिखिए—
(क) वरना तुम तो मुझे काट ही देतीं।
(ख) अमित जबतक तुम्हारे भोग नहीं लगा लेता, हमलोग खा थोड़े ही सकते हैं।
(ग) बस-बस, मैं समझ गया।

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कोड मिक्सिंग/कोड स्विचिंग

1पाठ में से कोड मिक्सिंग और कोड स्विचिंग के तीन-तीन उदाहरण चुनिए और हिंदी भाषा में रूपांतरण करके लिखिए।

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पटकथा की दुनिया

1इस पुस्तक के अपने पसंदीदा पाठ के किसी एक अंश को पटकथा में रूपांतरित कीजिए।

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5 more solved questions in रजनी (मन्नू भंडारी)

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in रजनी (मन्नू भंडारी) for CBSE Class 11 Hindi?
Key topics in रजनी (मन्नू भंडारी) include मुख्य कथावस्तु और समस्या, पात्र-चित्रण, मुख्य संवाद और उनका अर्थ, कथानक-विकास और आंदोलन. Study these first, then practise questions on each for Class 11 exams.
Are these NCERT Solutions for रजनी (मन्नू भंडारी) free?
The first 6 of the 11 solutions on this page are open to read. The other 5 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise रजनी (मन्नू भंडारी) for Class 11 exams?
Learn the core ideas first, then work through the 46 practice questions on रजनी (मन्नू भंडारी). Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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