घर की याद (भवानी प्रसाद मिश्र) — NCERT Solutions
CBSE · Class 11 · Hindi
NCERT Solutions for घर की याद (भवानी प्रसाद मिश्र), CBSE Class 11 Hindi: 7 textbook questions solved step by step. Covers कविता के साथ and कविता के आस-पास.
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कविता के साथ
1पानी के रात भर गिरने और प्राण-मन के घिरने में परस्पर क्या संबंध है?Show solution
दिया गया संदर्भ: कविता 'घर की याद' में कवि भवानी प्रसाद मिश्र जेल में बंद हैं और सावन की रात को वर्षा हो रही है।
संबंध:
पानी का रात भर गिरना और प्राण-मन का घिरना — दोनों में गहरा भावनात्मक संबंध है। सावन की वर्षा बाहर से बरसती है, किंतु उसकी रिमझिम ध्वनि और वातावरण कवि के मन के भीतर घर की यादों को जगा देती है। जिस प्रकार बादल चारों ओर से घिरकर वर्षा करते हैं, उसी प्रकार घर की स्मृतियाँ कवि के प्राण और मन को चारों ओर से घेर लेती हैं।
अर्थात् बाहर की वर्षा कवि के भीतर की भावनाओं को उद्वेलित करती है — दोनों एक साथ घटित होते हैं और एक-दूसरे को तीव्र करते हैं। प्रकृति की यह क्रिया कवि की विरह-वेदना को और गहरा कर देती है।
निष्कर्ष: पानी का गिरना बाह्य घटना है और प्राण-मन का घिरना आंतरिक अनुभव — दोनों में कारण-कार्य का संबंध है।
2मायके आई बहन के लिए कवि ने घर को परिताप का घर क्यों कहा है?Show solution
दिया गया संदर्भ: कवि जेल में बंद है और सावन के महीने में उसे घर की याद आ रही है।
कारण:
सावन का महीना भाई-बहन के प्रेम का, रक्षाबंधन का और मिलन का महीना होता है। इस समय बहन मायके आती है — भाई से मिलने की उम्मीद लेकर। किंतु कवि जेल में बंद है, इसलिए वह घर पर उपस्थित नहीं है।
बहन मायके आई है, परंतु भाई (कवि) का घर पर न होना उसके लिए अत्यंत दुखद है। भाई की अनुपस्थिति में घर की खुशियाँ अधूरी हैं। बहन जिस भाई से मिलने की आस लेकर आई, वह वहाँ नहीं है — यह स्थिति घर को आनंद का नहीं, बल्कि परिताप (अत्यधिक दुख) का घर बना देती है।
निष्कर्ष: कवि की अनुपस्थिति के कारण मायके आई बहन को भाई का प्यार नहीं मिल पाता, जिससे घर खुशियों की जगह दुख और पीड़ा का केंद्र बन जाता है। इसीलिए कवि ने उसे 'परिताप का घर' कहा है।
3पिता के व्यक्तित्व की किन विशेषताओं को उकेरा गया है?Show solution
दिया गया संदर्भ: कविता 'घर की याद' में कवि ने अपने पिता के व्यक्तित्व का मार्मिक चित्रण किया है।
पिता के व्यक्तित्व की विशेषताएँ:
- धैर्यशील एवं संयमी: पिता अत्यंत धैर्यवान हैं। पुत्र के जेल में होने की पीड़ा को वे मन में दबाए रखते हैं, बाहर प्रकट नहीं होने देते।
- भावनाओं को छिपाने वाले: पिता रोते नहीं, अपने दुख को अंदर ही रखते हैं — वे कठोर बाहरी आवरण में कोमल हृदय छिपाए हुए हैं।
- परिवार के स्तंभ: वे परिवार को संभालने वाले हैं। घर के सभी सदस्य उनके इर्द-गिर्द हैं और वे सबका सहारा हैं।
- पुत्र-प्रेम से भरे: पिता का हृदय पुत्र के लिए गहरे प्रेम से भरा है, यद्यपि वे इसे खुलकर व्यक्त नहीं करते।
- सहनशील: पुत्र के जेल जाने की पीड़ा को वे चुपचाप सहते हैं — यह उनकी असाधारण सहनशक्ति को दर्शाता है।
निष्कर्ष: कवि के पिता एक ऐसे व्यक्तित्व के धनी हैं जो बाहर से कठोर, किंतु भीतर से अत्यंत संवेदनशील और स्नेहमय हैं।
4निम्नलिखित पंक्तियों में 'बस' शब्द के प्रयोग की विशेषता बताइए —
मैं मजे में हूँ सही है
घर नहीं हूँ बस यही है
किन्तु यह बस बड़ा बस है,
इसी बस से सब विरस हैShow solution
दिया गया संदर्भ: ये पंक्तियाँ कविता 'घर की याद' से ली गई हैं जिनमें कवि अपनी स्थिति का वर्णन करते हुए 'बस' शब्द का बार-बार प्रयोग करता है।
'बस' शब्द के प्रयोग की विशेषता:
इन पंक्तियों में 'बस' शब्द का प्रयोग अत्यंत कुशलता और व्यंजना के साथ किया गया है:
- पहले प्रयोग में ('घर नहीं हूँ बस यही है') — 'बस' का अर्थ है 'केवल/सिर्फ'। कवि कहता है कि मैं मजे में हूँ, बस एक ही कमी है — घर पर नहीं हूँ।
- दूसरे और तीसरे प्रयोग में ('यह बस बड़ा बस है', 'इसी बस से सब विरस है') — यहाँ 'बस' का अर्थ 'छोटी-सी बात/सीमा' है, किंतु कवि कहता है कि यह 'बस' (केवल इतनी-सी बात) वास्तव में बहुत बड़ी है — इसी एक कमी ने सब कुछ विरस (नीरस/बेस्वाद) कर दिया है।
विशेषता: यहाँ यमक अलंकार का सुंदर प्रयोग हुआ है — एक ही शब्द 'बस' को तीन बार दोहराया गया है, किंतु हर बार उसका भाव गहरा होता जाता है। जो बात पहले 'केवल इतनी-सी' लगती है, वही धीरे-धीरे जीवन की सबसे बड़ी पीड़ा बन जाती है। यह लघुता में विशालता की अभिव्यक्ति है।
निष्कर्ष: 'बस' शब्द के इस प्रयोग से कवि ने घर से दूरी की पीड़ा को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से व्यक्त किया है।
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कविता के आस-पास
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Frequently Asked Questions
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Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
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