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Chapter 3 of 38
NCERT Solutions

आत्मपरिचय | एक गीत (हरिवंश राय बच्चन) (Part 3) — NCERT Solutions

CBSE · Class 12 · Hindi

NCERT Solutions for आत्मपरिचय | एक गीत (हरिवंश राय बच्चन) (Part 3), CBSE Class 12 Hindi: 8 textbook questions solved step by step. Covers अभ्यास.

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यह चित्रण बहादुरशाह जफर की कविता 'लगता नहीं है दिल मेरा उजड़े दयार में' के प्रमुख विषयों को दर्शाता है, जिसमें कैद, निराशा, और मातृभूमि से दूरी का दर्द शामिल है।
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8 Questions Solved · 1 Section

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अभ्यास

1कविता एक ओर जग-जीवन का भार लिए घूमने की बात करती है और दूसरी ओर मैं कभी न जग का ध्यान किया करता हूँ— विपरीत से लगते इन कथनों का क्या आशय है?Show solution

इन दोनों कथनों में विरोधाभास है, पर आशय एक ही है। कवि समाज और जीवन के संपर्क में रहते हुए भी उसके प्रति पूरी तरह आसक्त नहीं है। वह संसार का बोझ, दुख और अनुभव अपने साथ लिए चलता है, लेकिन अपने मन की स्वतंत्रता, निजी स्वप्न और आत्मानुभूति को भी बनाए रखता है। इसलिए वह जग-जीवन में रहते हुए भी भीतर से अपने ढंग से जीता है।

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2जहाँ पर दाना रहते हैं, वहीं नादान भी होते हैं— कवि ने ऐसा क्यों कहा होगा?Show solution

कवि यह बताना चाहता है कि संसार में ज्ञान और अज्ञान, समझदार और नादान दोनों साथ-साथ रहते हैं। जहाँ दानेदार, अनुभवी, समझदार लोग होते हैं, वहीं उनके बीच या आसपास कम समझ वाले लोग भी मिल जाते हैं। इससे यह भी व्यंग्य झलकता है कि मनुष्य सीखते हुए भी पूरी तरह दाना नहीं बन पाता।

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3मैं और, और जग और कहाँ का नाता— पंक्ति में और शब्द की विशेषता बताइए।Show solution

यहाँ “और” शब्द की विशेषता/अर्थ-भेद ध्यान देने योग्य है। पहले “और” का अर्थ “अलग” या “भिन्न” है—अर्थात *मैं अलग हूँ, जग अलग है*। दूसरे “और” का अर्थ “भी” या “अतिरिक्त” नहीं, बल्कि उसी भिन्नता को और अधिक उभारने वाला प्रयोग है। पंक्ति में यह शब्द विरोध और दूरी का भाव प्रकट करता है।

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4शीतल वाणी में आग— के होने का क्या अभिप्राय है?Show solution

“शीतल वाणी में आग” का अर्थ है कि कवि की वाणी बाहर से भले ही शांत, सहज और मधुर लगे, लेकिन उसमें भीतर से तीव्र भावनाएँ, विद्रोह, व्यंग्य या ऊर्जा छिपी हुई है। यानी उसकी भाषा कोमल है, पर उसका प्रभाव बहुत सशक्त है।

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5बच्चे किस बात की आशा में नीड़ों से झाँक रहे होंगे?

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6दिन जल्दी-जल्दी ढलता है— की आवृत्ति से कविता की किस विशेषता का पता चलता है?

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7संसार में कष्टों को सहते हुए भी खुशी और मस्ती का माहौल कैसे पैदा किया जा सकता है?

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8* जयशंकर प्रसाद की आत्मकथ्य कविता की कुछ पंक्तियाँ दी जा रही हैं। क्या पाठ में दी गई आत्मपरिचय कविता से इस कविता का आपको कोई संबंध दिखाई देता है? चर्चा करें।

आत्मकथ्य

मधुप गुन-गुना कर कह जाता कौन कहानी यह अपनी,

  • * * *

उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथ की।
सीवन को उधेड़ कर देखोगे क्यों मेरी कंथा की?
छोटे से जीवन की कैसे बड़ी कथाएँ आज कहूँ?
क्या यह अच्छा नहीं कि औरों की सुनता मैं मौन रहूँ?
सुनकर क्या तुम भला करोगे मेरी भोली आत्म-कथा?
अभी समय भी नहीं, थकी सोई है मेरी मौन व्यथा।

— जयशंकर प्रसाद

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4 more solved questions in आत्मपरिचय | एक गीत (हरिवंश राय बच्चन)

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in आत्मपरिचय | एक गीत (हरिवंश राय बच्चन) for CBSE Class 12 Hindi?
Key topics in आत्मपरिचय | एक गीत (हरिवंश राय बच्चन) include कवि-परिचय और रचनात्मक विशेषताएँ, ‘आत्मपरिचय’ कविता का केंद्रीय भाव, मुख्य पंक्तियाँ और उनका आशय, ‘एक गीत’ का भाव और शिल्प. Study these first, then practise questions on each for the CBSE Class 12 board exam.
Are these NCERT Solutions for आत्मपरिचय | एक गीत (हरिवंश राय बच्चन) free?
The first 4 of the 8 solutions on this page are open to read. The other 4 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise आत्मपरिचय | एक गीत (हरिवंश राय बच्चन) for the CBSE Class 12 board exam?
Learn the core ideas first, then work through the 46 practice questions on आत्मपरिचय | एक गीत (हरिवंश राय बच्चन). Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

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