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Chapter 10 of 38
NCERT Solutions

अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में (Part 2) — NCERT Solutions

CBSE · Class 12 · Hindi

NCERT Solutions for अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में (Part 2), CBSE Class 12 Hindi: 7 textbook questions solved step by step. Covers प्रश्न-अभ्यास.

45 questions34 flashcards5 concepts

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मालवा पठार की प्रमुख नदियों (शिप्रा, चंबल, गंभीर, पार्वती, कालीसिंध, चोरल, नर्मदा) और उनकी सहायक नदियों को दर्शाने वाला एक भौगोलिक मानचित्र, जिसमें उनके उद्गम स्थल और बहाव मार्ग स्पष्ट रूप से चिह्नित
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7 Questions Solved · 1 Section

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प्रश्न-अभ्यास

1मालवा में जब सब जगह बरसात की झड़ी लगी रहती है तब मालवा के जनजीवन पर इसका क्या असर पड़ता है?Show solution

जब मालवा में बरसात की झड़ी लगी रहती है, तब वहाँ जनजीवन में रौनक आ जाती है। खेत-खलिहान हरे-भरे हो जाते हैं, सोयाबीन, ज्वार, बाजरा जैसी फसलें लहलहाने लगती हैं और कुएँ, बावड़ियाँ, तालाब, नदी-नाले भर जाते हैं। लोग इसे समृद्धि का समय मानते हैं; नवरात्रि, त्योहार और खेती-बाड़ी सब में उत्साह बढ़ जाता है। पाठ में बताया गया है कि ऐसी बारिश से मालवा की धरती फिर से “गहन गंभीर, डग-डग रोटी, पग-पग नीर” जैसी दिखाई देती है।

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2अब मालवा में वैसा पानी नहीं गिरता जैसा गिरा करता था। उसके क्या कारण हैं?Show solution

अब मालवा में वैसा पानी नहीं गिरता क्योंकि जल-संरक्षण की परंपरा नष्ट हो गई है। पहले तालाब, बावड़ियाँ और कुएँ बनाए जाते थे, जिससे पानी रोका जाता था और धरती के भीतर का जल बना रहता था। आज के समय में तालाबों को गाद से भरने दिया गया, नदियों-नालों पर अतिक्रमण हुआ, और औद्योगिक विकास के कारण पर्यावरण बिगड़ा। लेखक यह भी बताते हैं कि पानी के प्राकृतिक स्रोतों की उपेक्षा और खाऊ-उजाड़ सभ्यता ने मालवा को सूखा-सा बना दिया है।

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3हमारे आज के इंजीनियर ऐसा क्यों समझते हैं कि वे पानी का प्रबंध जानते हैं और पहले जमाने के लोग कुछ नहीं जानते थे?Show solution

आज के इंजीनियर ऐसा इसलिए समझते हैं क्योंकि वे अपने को आधुनिक और वैज्ञानिक मानते हैं, और यह मान लेते हैं कि पश्चिमी ज्ञान के बाद ही सही ज्ञान आया। लेखक के अनुसार वे भूल जाते हैं कि मालवा में विक्रमादित्य, भोज और मुंज जैसे शासक बहुत पहले पानी का बहुत अच्छा प्रबंध कर चुके थे। इसलिए वे सोचते हैं कि पहले के लोग कुछ नहीं जानते थे, जबकि सच यह है कि पहले के लोग स्थानीय जल, भूमि और मौसम को समझकर पानी रोकने की व्यवस्था करते थे।

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4‘मालवा में विक्रमादित्य और भोज और मुंज रिनेसा के बहुत पहले हो गए।’ पानी के रखरखाव के लिए उन्होंने क्या प्रबंध किए?Show solution

विक्रमादित्य, भोज और मुंज ने पानी के रखरखाव के लिए तालाब बनवाए और बड़ी-बड़ी बावड़ियाँ बनवाईं। उनका उद्देश्य था कि बरसात का पानी रुका रहे, धरती में समाए और भूजल जीवंत बना रहे। इससे सूखे समय में भी पानी मिलता रहे और मालवा की धरती उपजाऊ बनी रहे।

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5‘हमारी आज की सभ्यता इन नदियों को अपने गंदे पानी के नाले बना रही है।’ क्यों और कैसे?

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6लेखक को क्यों लगता है कि ‘हम जिसे विकास की औद्योगिक सभ्यता कहते हैं वह उजाड़ की अपसभ्यता है?’ आप क्या मानते हैं?

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7धरती का वातावरण गरम क्यों हो रहा है? इसमें यूरोप और अमेरिका की क्या भूमिका है? टिप्पणी कीजिए।

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3 more solved questions in अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में for CBSE Class 12 Hindi?
Key topics in अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में include मालवा का प्राकृतिक और सांस्कृतिक रूप, यात्रा के अनुभव और नदी-संवेदना, नर्मदा, शिप्रा और चंबल का भूगोल और भाव, तालाब, बावड़ियाँ और जल-प्रबंधन. Study these first, then practise questions on each for the CBSE Class 12 board exam.
Are these NCERT Solutions for अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में free?
The first 4 of the 7 solutions on this page are open to read. The other 3 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में for the CBSE Class 12 board exam?
Learn the core ideas first, then work through the 45 practice questions on अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ सभ्यता में. Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

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