कैमरे में बंद अपाहिज-(रघुवीर सहाय) (Part 2) — NCERT Solutions
CBSE · Class 12 · Hindi
NCERT Solutions for कैमरे में बंद अपाहिज-(रघुवीर सहाय) (Part 2), CBSE Class 12 Hindi: 9 textbook questions solved step by step.
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कविता के साथ
1कविता में कुछ पंक्तियाँ कोष्ठकों में रखी गई हैं—आपकी समझ से इसका क्या औचित्य है?Show solution
कोष्ठकों में दी गई पंक्तियाँ दृश्य-निर्देश और व्यंग्यात्मक टिप्पणी की तरह हैं। इससे पता चलता है कि मंच/टी.वी. पर क्या दिखाया जा रहा है, प्रश्नकर्ता और कैमरे का व्यवहार कैसा है, और कार्यक्रम की कृत्रिमता भी सामने आती है। इनके कारण कविता केवल संवाद नहीं रह जाती, बल्कि उसमें नाटकीयता और व्यंग्य बढ़ जाता है।
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2कैमरे में बंद अपाहिज करुणा के मुखौटे में छिपी क्रूरता की कविता है—विचार कीजिए।Show solution
यह कविता करुणा के दिखावे के पीछे छिपी संवेदनहीनता और क्रूरता को उजागर करती है। अपाहिज व्यक्ति से ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं जो उसे बार-बार उसकी पीड़ा महसूस कराते हैं। उसका दुख जानने के बजाय उसे रोने के लिए उकसाया जाता है, ताकि कार्यक्रम रोचक बन सके। इस तरह सहायता या सामाजिक उद्देश्य का दावा करने वाला कार्यक्रम वास्तव में एक दुख को बेचने वाला तमाशा बन जाता है। इसलिए कविता करुणा के मुखौटे में छिपी क्रूरता की कविता है।
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3हम समर्थ शक्तिवान और हम एक दुर्बल को लाएँगे पंक्ति के माध्यम से कवि ने क्या व्यंग्य किया है?Show solution
इस पंक्ति में कवि ने सत्ता और ताकत के अहंकार पर व्यंग्य किया है। "हम समर्थ शक्तिवान" कहकर प्रश्नकर्ता अपने आपको श्रेष्ठ और शक्तिशाली दिखाता है, जबकि "एक दुर्बल को लाएँगे" कहकर वह कमजोर व्यक्ति को केवल प्रदर्शन की वस्तु बना देता है। कवि यह दिखाता है कि ताकतवर लोग अक्सर कमजोरों की पीड़ा को संवेदना से नहीं, बल्कि मनोरंजन और लाभ के साधन की तरह देखते हैं।
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4यदि शारीरिक रूप से चुनौती का सामना कर रहे व्यक्ति और दर्शक, दोनों एक साथ रोने लगेंगे, तो उससे प्रश्नकर्ता का कौन-सा उद्देश्य पूरा होगा?Show solution
अगर शारीरिक रूप से चुनौती का सामना कर रहे व्यक्ति और दर्शक, दोनों रो पड़ें, तो प्रश्नकर्ता का उद्देश्य दोनों को एक साथ रुलाना पूरा होगा। कविता में स्पष्ट है कि वे "हमें दोनों एक संग रुलाने हैं" चाहते हैं, ताकि कार्यक्रम अधिक प्रभावशाली और रोचक लगे।
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5परदे पर वक्त की कीमत है कहकर कवि ने पूरे साक्षात्कार के प्रति अपना नज़रिया किस रूप में रखा है?Show solution
"परदे पर वक्त की कीमत है" कहकर कवि ने पूरे साक्षात्कार को अमानवीय, व्यवसायिक और जल्दबाज़ी से भरा बताया है। इससे पता चलता है कि वहाँ संवेदना या पीड़ित व्यक्ति की गरिमा से अधिक समय, दृश्य-प्रभाव और टी.वी. की उपयोगिता महत्वपूर्ण है। कवि का नज़रिया यह है कि यह साक्षात्कार किसी सामाजिक सेवा का नहीं, बल्कि दृश्य-व्यापार का हिस्सा बन गया है।
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कविता के आसपास
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उम्र पाँच साल, संपूर्ण रूप से विकलांग और दौड़ गया पाँच किलोमीटर। सुनने में थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन यह कारनामा कर दिखाया है पवन ने। बिहारी बुधिया के नाम से प्रसिद्ध पवन जन्म से ही विकलांग है। इसके दोनों हाथ का पुलवा नहीं है, जबकि पैर में सिर्फ़ एड़ी ही है।
पवन ने रविवार को पटना के कारगिल चौक से सुबह 8.40 पर दौड़ना शुरू किया। डाकबंगला रोड, तारामंडल और आर ब्लाक होते हुए पवन का सफर एक घंटे बाद शहीद स्मारक पर जाकर खत्म हुआ। पवन द्वारा तय की गई इस दूरी के दौरान 'उम्मीद स्कूल' के तकरीबन तीन सौ बच्चे साथ दौड़ कर उसका हौसला बढ़ा रहे थे। सड़क किनारे खड़े दर्शक यह देखकर हतप्रभ थे कि किस तरह एक विकलांग बच्चा जोश एवं उत्साह के साथ दौड़ता चला जा रहा है। जहानाबाद जिले का रहने वाला पवन नवरसना एकेडमी, बेउर में कक्षा एक का छात्र है। असल में पवन का सपना उड़ीसा के बुधिया जैसा करतब दिखाने का है। कुछ माह पूर्व बुधिया 65 किलोमीटर दौड़ चुका है। लेकिन बुधिया पूरी तरह से स्वस्थ है जबकि पवन पूरी तरह से विकलांग। पवन का सपना कश्मीर से कन्याकुमारी तक की दूरी पैदल तय करने का है।
—9 अक्टूबर, 2006 हिंदुस्तान से साभार
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What are the important topics in कैमरे में बंद अपाहिज-(रघुवीर सहाय) for CBSE Class 12 Hindi?
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How should I revise कैमरे में बंद अपाहिज-(रघुवीर सहाय) for the CBSE Class 12 board exam?
Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
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