पतंग (आलोक धन्वा) (Part 3) — NCERT Solutions
CBSE · Class 12 · Hindi
NCERT Solutions for पतंग (आलोक धन्वा) (Part 3), CBSE Class 12 Hindi: 10 textbook questions solved step by step. Part of the CBSE Class 12 Hindi syllabus.
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कविता के साथ
1'सबसे तेज बौछारें गयीं, भादो गया' के बाद प्रकृति में जो परिवर्तन कवि ने दिखाया है, उसका वर्णन अपने शब्दों में करें।Show solution
कवि के अनुसार भादो के तेज़ बादल और बौछारें समाप्त हो जाती हैं। उसके बाद सवेरा होता है, लाल चमकीला शरद-काल आता है। प्रकृति में उजाला, साफ़ी, हल्कापन और रंगीनपन छा जाता है। पुलों को पार करते हुए शरद जैसे सक्रिय रूप से आता है और आकाश को मुलायम बना देता है, ताकि पतंगें आसानी से उड़ सकें। चारों ओर चमकीलापन, ताजगी और उत्साह फैल जाता है।
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2सोचकर बताएँ कि पतंग के लिए सबसे हलकी और रंगीन चीज़, सबसे पतला कागज़, सबसे पतली कमानी जैसे विशेषणों का प्रयोग क्यों किया है?Show solution
कवि ने पतंग को सबसे हलकी और रंगीन चीज़, सबसे पतला कागज़ और सबसे पतली कमानी इसलिए कहा है क्योंकि पतंग को उड़ने के लिए हल्का, नाज़ुक और सुंदर होना चाहिए। कविता में पतंग बच्चों की उमंग, कल्पना और आज़ादी का प्रतीक है। इन विशेषणों से पतंग की सुघड़ता, कोमलता और ऊँचाई की ओर जाने की इच्छा व्यक्त होती है।
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3बिंब स्पष्ट करें—- सबसे तेज बौछारें गयीं भादो गया
- सवेरा हुआ
- खरगोश की आँखों जैसा लाल सवेरा
- शरद आया पुलों को पार करते हुए
- अपनी नयी चमकीली साइकिल तेज चलाते हुए
- घंटी बजाते हुए जोर-जोर से
- चमकीले इशारों से बुलाते हुए और
- आकाश को इतना मुलायम बनाते हुए
- कि पतंग ऊपर उठ सके।
Show solution
- सबसे तेज बौछारें गयीं भादो गया
- सवेरा हुआ
- खरगोश की आँखों जैसा लाल सवेरा
- शरद आया पुलों को पार करते हुए
- अपनी नयी चमकीली साइकिल तेज चलाते हुए
- घंटी बजाते हुए जोर-जोर से
- चमकीले इशारों से बुलाते हुए और
- आकाश को इतना मुलायम बनाते हुए
- कि पतंग ऊपर उठ सके।
इन पंक्तियों में वर्षा ऋतु के बाद शरद के आगमन और बच्चों के पतंग उड़ाने की उमंग का चित्र है।
- “सबसे तेज बौछारें गयीं, भादो गया”—भादों की तेज वर्षा समाप्त हो गई है और मौसम बदलने लगा है।
- “सवेरा हुआ”—रात के बाद नया दिन और उसके साथ नई चमक तथा चहल-पहल आई है।
- “खरगोश की आँखों जैसा लाल सवेरा”—सुबह का लालिमा-भरा उजाला खरगोश की लाल आँखों जैसा कोमल और चमकीला दिखाई देता है।
- “शरद आया पुलों को पार करते हुए”—शरद ऋतु को एक चलते-फिरते व्यक्ति की तरह दिखाया गया है, जो पुल पार करके आ रही है।
- “अपनी नयी चमकीली साइकिल तेज चलाते हुए”—शरद का आगमन तेज और प्रसन्न है; उसकी चमकीली साइकिल मौसम की ताजगी और उजास का बिंब है।
- “घंटी बजाते हुए जोर-जोर से”—साइकिल की घंटी का स्वर शरद के आने की जोरदार सूचना देता है।
- “चमकीले इशारों से बुलाते हुए”—धूप और साफ मौसम मानो चमकते संकेतों से बच्चों को बाहर आकर पतंग उड़ाने के लिए बुला रहे हैं।
- “आकाश को इतना मुलायम बनाते हुए”—आकाश को मुलायम कहना कल्पना है; इसका आशय है कि वह साफ, शांत और पतंग उड़ाने के अनुकूल हो गया है।
- “कि पतंग ऊपर उठ सके”—अनुकूल आकाश में हलकी पतंग ऊँची उड़ सकती है और बच्चों की उमंगों को अपने साथ ले जाती है।
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4जन्म से ही वे अपने साथ लाते हैं कपास— कपास के बारे में सोचें कि कपास से बच्चों का क्या संबंध बन सकता है।Show solution
कपास बच्चों की कोमलता, मासूमियत और हल्केपन का प्रतीक बन सकता है। जैसे कपास मुलायम और हल्का होता है, वैसे ही बच्चे भी नाज़ुक, चंचल और सरल होते हैं। कविता में यह भी संकेत है कि बच्चे जन्म से ही खेल, आनंद और उड़ान जैसी आकांक्षाएँ अपने साथ लेकर आते हैं।
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5पतंगों के साथ-साथ वे भी उड़ रहे हैं— बच्चों का उड़ान से कैसा संबंध बनता है?Show solution
बच्चों का उड़ान से संबंध केवल पतंग उड़ाने तक सीमित नहीं है। पतंग उड़ाते समय वे स्वयं भी उत्साह, कल्पना और साहस के साथ ऊपर उठते हुए लगते हैं। कविता में बच्चे पतंगों के साथ मानसिक और भावनात्मक रूप से उड़ते हैं। उनकी खुशी, उमंग और स्वप्न उन्हें धरती से ऊपर, ऊँचाइयों की ओर ले जाते हैं।
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- (क) छतों को भी नरम बनाते हुए
- दिशाओं को मृदंग की तरह बजाते हुए
- (ख) अगर वे कभी गिरते हैं छतों के खतरनाक किनारों से
- और बच जाते हैं तब तो
- और भी निडर होकर सुनहले सूरज के सामने आते हैं।
- * दिशाओं को मृदंग की तरह बजाने का क्या तात्पर्य है?
- * जब पतंग सामने हो तो छतों पर दौड़ते हुए क्या आपको छत कठोर लगती है?
- * खतरनाक परिस्थितियों का सामना करने के बाद आप दुनिया की चुनौतियों के सामने स्वयं को कैसा महसूस करते हैं?
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Frequently Asked Questions
What are the important topics in पतंग (आलोक धन्वा) for CBSE Class 12 Hindi?
Are these NCERT Solutions for पतंग (आलोक धन्वा) free?
How should I revise पतंग (आलोक धन्वा) for the CBSE Class 12 board exam?
Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
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