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Chapter 8 of 38
NCERT Solutions

जूझ (Part 4) — NCERT Solutions

CBSE · Class 12 · Hindi

NCERT Solutions for जूझ (Part 4), CBSE Class 12 Hindi: 6 textbook questions solved step by step. Covers अभ्यास. Part of the CBSE Class 12 Hindi syllabus.

44 questions34 flashcards5 concepts

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6 Questions Solved · 1 Section

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अभ्यास

1'जूझ' शीर्षक के औचित्य पर विचार करते हुए यह स्पष्ट करें कि क्या यह शीर्षक कथा नायक की किसी केंद्रीय चारित्रिक विशेषता को उजागर करता है?Show solution

‘जूझ’ का अर्थ है संघर्ष करना। पूरी कथा में नायक का जीवन संघर्षों से भरा है—एक ओर खेत-घर का काम, दूसरी ओर पढ़ने की इच्छा, और बीच में दादा का डर। फिर भी वह हार नहीं मानता। वह माँ के साथ दत्ता जी राव के पास जाता है, फिर दादा को समझाने की कोशिश करता है, और अंततः फिर से पाठशाला लौटकर पढ़ाई में लग जाता है।

इसलिए यह शीर्षक कथा के केंद्रीय भाव को प्रकट करता है। साथ ही यह नायक की मुख्य चारित्रिक विशेषता भी उजागर करता है—दृढ़ इच्छा, धैर्य, और कठिन परिस्थितियों से जूझते रहने की प्रवृत्ति। वह डरता जरूर है, लेकिन भीतर से पढ़ने के लिए जूझता रहता है। इस तरह शीर्षक बिल्कुल सार्थक है।

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2स्वयं कविता रच लेने का आत्मविश्वास लेखक के मन में कैसे पैदा हुआ?Show solution

लेखक के मन में कविता रच लेने का आत्मविश्वास धीरे-धीरे पैदा हुआ। इसके मुख्य कारण थे:

  1. सौंदलगेकर मास्टर का प्रभाव — वे कविता को बहुत सुंदर ढंग से पढ़ाते थे, भाव, लय, अभिनय और गान के साथ।
  2. कवियों को ‘आदमी’ की तरह समझना — मास्टर के संस्मरणों से लेखक को लगा कि कवि कोई असाधारण प्राणी नहीं, बल्कि साधारण मनुष्य ही होता है; इसलिए वह भी कविता कर सकता है।
  3. मास्टर का प्रोत्साहन — लेखक द्वारा गाई गई और लिखी गई कविताओं पर वे शाबाशी देते थे, जिससे उसका हौसला बढ़ा।
  4. अपने आसपास की दुनिया का काव्यात्मक रूप में दिखाई देना — गाँव, खेत, फूल, भैंस, लता आदि देखकर उसे लगा कि इन पर भी कविता बन सकती है।
  5. लगातार अभ्यास — वह खेतों में, भैंस चराते हुए, पानी लगाते हुए तुकबंदी करने लगा और कागज-पेंसिल साथ रखने लगा।

इन सब कारणों से उसे विश्वास हुआ कि वह भी कविता कर सकता है।

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3श्री सौंदलगेकर के अध्यापन की उन विशेषताओं को रेखांकित करें जिन्होंने कविताओं के प्रति लेखक के मन में रुचि जगाई।Show solution

श्री सौंदलगेकर के अध्यापन की कई विशेषताओं ने लेखक के मन में कविताओं के प्रति रुचि जगाई:

  • वे कविता को सिर्फ पढ़ाते नहीं थे, जीकर दिखाते थे।
  • उनका सुरिला गला, छंद की चाल, और रसिकता कविता को जीवंत बना देती थी।
  • वे पहले कविता गाकर सुनाते, फिर अभिनय करके उसका भाव समझाते थे।
  • वे उसी भाव की अन्य कविताएँ भी सुनाते थे, जिससे तुलना और समझ विकसित होती थी।
  • वे कवियों के संस्मरण सुनाते थे, जिससे कवि लेखक को दूर की चीज़ नहीं लगते थे।
  • वे स्वयं भी कविता लिखते थे और छात्रों को शाबाशी, पुस्तकें तथा कविता-संग्रह देते थे।
  • वे कविता के साथ-साथ काव्य-शास्त्र, छंद, अलंकार, शुद्ध लेखन आदि भी सहज ढंग से समझाते थे।

इन विशेषताओं से कविता लेखक के लिए कठिन विषय न रहकर आनंद और आत्मीयता का विषय बन गई।

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4कविता के प्रति लगाव से पहले और उसके बाद अकेलेपन के प्रति लेखक की धारणा में क्या बदलाव आया?

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5आपके खयाल से पढ़ाई-लिखाई के संबंध में लेखक और दत्ता जी राव का रवैया सही था या लेखक के पिता का? तर्क सहित उत्तर दें।

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6दत्ता जी राव से पिता पर दबाव डलवाने के लिए लेखक और उसकी माँ को एक झूठ का सहारा लेना पड़ा। यदि झूठ का सहारा न लेना पड़ता तो आगे का घटनाक्रम क्या होता? अनुमान लगाएँ।

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in जूझ for CBSE Class 12 Hindi?
Key topics in जूझ include कथानक का मूल प्रवाह, प्रमुख पात्र और उनके गुण, संघर्ष और शिक्षा का महत्व, पाठशाला का वातावरण और अनुशासन. Study these first, then practise questions on each for the CBSE Class 12 board exam.
Are these NCERT Solutions for जूझ free?
The first 3 of the 6 solutions on this page are open to read. The other 3 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise जूझ for the CBSE Class 12 board exam?
Learn the core ideas first, then work through the 44 practice questions on जूझ. Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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