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Chapter 29 of 38
NCERT Solutions

संवदिया (फणीश्वरनाथ 'रेणु') — NCERT Solutions

CBSE · Class 12 · Hindi

NCERT Solutions for संवदिया (फणीश्वरनाथ 'रेणु'), CBSE Class 12 Hindi: 13 textbook questions solved step by step. Part of the CBSE Class 12 Hindi syllabus.

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एक तुलनात्मक चार्ट जो संवदिया (संदेशवाहक) की पारंपरिक भूमिका और आधुनिक संचार माध्यमों (जैसे डाकघर, डिजिटल संचार) के आगमन के बाद उसकी प्रासंगिकता को दर्शाता है।
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13 Questions Solved · 3 Sections

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प्रश्न-अभ्यास

1संवदिया की क्या विशेषताएँ हैं और गाँववालों के मन में संवदिया की क्या अवधारणा है?Show solution

संवदिया वह होता है जो संदेशवाहक का काम करता है और एक गाँव/घर का संदेश दूसरे तक पहुँचाता है। कहानी के अनुसार संवदिया के लिए यह ज़रूरी है कि वह संवाद के प्रत्येक शब्द को याद रखे, और जिस सुर-स्वर में संदेश दिया गया है, उसी ढंग से उसे पहुँचाए। वह केवल संदेश ले जाने वाला नहीं, बल्कि लोगों की भावनाएँ भी साथ लेकर चलता है।

गाँववालों की धारणा इससे अलग है। वे समझते हैं कि निठल्ला, कामचोर, पेटू, आगे नाथ न पीछे पगहा वाला आदमी ही संवदिया होता है। वे उसे ऐसा आदमी मानते हैं जो बिना मजदूरी लिए गाँव-गाँव संदेश पहुँचाता है और औरतों की मीठी बोली सुनकर तुरंत पिघल जाता है।

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2बड़ी हवेली से बुलावा आने पर हरगोबिन के मन में किस प्रकार की आशंका हुई?Show solution

बड़ी हवेली से बुलावा आने पर हरगोबिन को यह अचरज हुआ कि आज के समय में भी संवदिया की ज़रूरत क्यों पड़ सकती है। फिर उसके मन में आशंका हुई कि अवश्य ही कोई गुप्त समाचार ले जाना है, कोई ऐसा संदेश है जो खुले तौर पर नहीं कहा जा सकता। उसे लगा कि बात इतनी छिपी हुई है कि चाँद-सूरज को भी मालूम न हो, परेवा-पंछी तक न जाने। इस तरह वह संवाद के स्वरूप को लेकर उत्सुक और संशयग्रस्त हो गया।

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3बड़ी बहुरिया अपने मायके संदेश क्यों भेजना चाहती थी?Show solution

बड़ी बहुरिया अपने मायके संदेश इसलिए भेजना चाहती थी क्योंकि वह ससुराल में असह्य कष्ट झेल रही थी। देवर-देवरानियाँ और घर की टूटी-फूटी हालत के बीच वह वहाँ नहीं रह सकना चाहती थी। उसने अपनी माँ से कहलवाना चाहा कि वह भाई-भाभियों की नौकरी करके पेट पाल लेगी, बच्चों की जूठन खाकर एक कोने में पड़ी रहेगी, लेकिन अब यहाँ नहीं रहेगी। यदि माँ उसे वहाँ से नहीं ले जाएगी तो वह घड़े से पोखरे में डूब मरने की बात भी कहती है।

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4हरगोबिन बड़ी हवेली में पहुँचकर अतीत की किन स्मृतियों में खो जाता है?Show solution

बड़ी हवेली में पहुँचकर हरगोबिन अतीत की टूटन और पुराने वैभव की स्मृतियों में खो जाता है। वह याद करता है कि पहले वहाँ नौकर-नौकरानियों और जन-मजदूरों की भीड़ लगी रहती थी, पर अब हवेली नाममात्र की बड़ी हवेली रह गई है। उसे बड़े भैया के मरने के बाद बँटवारे, भाइयों की लड़ाई, रैयतों के दखल, बहुरिया के जेवर खींचे जाने और बनारसी साड़ी को तीन टुकड़ों में बाँटने जैसी बातें याद आती हैं। उसे लगता है मानो उसने द्रौपदी के चीरहरण जैसी निर्दयता देखी हो।

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5संवाद कहते वक्त बड़ी बहुरिया की आँखें क्यों छलछला आईं?Show solution

संवाद कहते समय बड़ी बहुरिया की आँखें इसलिए छलछला आईं क्योंकि वह भीतरी पीड़ा और असहनीय अकेलेपन से भरी हुई थी। ससुराल में उसका कोई सहारा नहीं रह गया था—देवर-देवरानियाँ दूर हो गए थे, नौकर भाग गया था, गाय भूखी-प्यासी थी और वह स्वयं बथुआ-साग खाकर जी रही थी। माँ से बात करते हुए उसका मन टूट गया, इसलिए वह सिसकने लगी और उसकी आँखों में आँसू भर आए।

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6गाड़ी पर सवार होने के बाद संवदिया के मन में काँटे की चुभन का अनुभव क्यों हो रहा था। उससे छुटकारा पाने के लिए उसने क्या उपाय सोचा?Show solution

गाड़ी पर सवार होने के बाद हरगोबिन के मन में काँटे-सी चुभन इसलिए हो रही थी क्योंकि वह बड़ी बहुरिया का दुख भरा सही संवाद माँ तक पहुँचाने के बजाय झूठ बोल आया था। उसे लग रहा था कि उसने अपना कर्तव्य नहीं निभाया, इसलिए उसका मन अपराध-बोध से काँप रहा था।

इससे छुटकारा पाने के लिए उसने मन-ही-मन सोचा कि सुबह उठते ही वह बूढ़ी माता को अक्षर-अक्षर सही संवाद सुना देगा—कि बड़ी बहुरिया बहुत कष्ट में है, आज ही किसी को भेजकर उसे बुला लिया जाए, नहीं तो वह कुछ कर बैठेगी।

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7बड़ी बहुरिया का संवाद हरगोबिन क्यों नहीं सुना सका?Show solution

हरगोबिन बड़ी बहुरिया का संवाद इसलिए नहीं सुना सका क्योंकि वह उसकी पीड़ा से अत्यंत द्रवित हो गया था। रास्ते भर उसे बड़ी बहुरिया की छलछलाई आँखें, सिसकियाँ, और उसका करुण स्वर याद आता रहा। मायके पहुँचकर वह बूढ़ी माता के सामने सच कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाया और झूठ बोल आया कि कोई संवाद नहीं है। बाद में उसे अपने झूठ पर पछतावा हुआ, लेकिन तब तक वह संवाद नहीं सुना सका था।

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8‘संवदिया डटकर खाता है और अफर कर सोता है’ से क्या आशय है?

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9जलालगढ़ पहुँचने के बाद बड़ी बहुरिया के सामने हरगोबिन ने क्या संकल्प लिया?

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10‘डिजिटल इंडिया’ के दौर में संवदिया की क्या कोई भूमिका हो सकती है?

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भाषा-शिल्प

2पाठ से प्रश्नवाचक वाक्यों को छाँटिए और संदर्भ के साथ उन पर टिप्पणी लिखिए।

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3इन पंक्तियों की व्याख्या कीजिए—

(क) बड़ी हवेली अब नाममात्र को ही बड़ी हवेली है।
(ख) हरगोबिन ने देखी अपनी आँखों से द्रौपदी की चीरहरण लीला।
(ग) बथुआ साग खाकर कब तक जीऊँ?
(घ) किस मुँह से वह ऐसा संवाद सुनाएगा।

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योग्यता-विस्तार

1संवदिया की भूमिका आपको मिले तो आप क्या करेंगे? संवदिया बनने के लिए किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है?

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6 more solved questions in संवदिया (फणीश्वरनाथ 'रेणु')

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in संवदिया (फणीश्वरनाथ 'रेणु') for CBSE Class 12 Hindi?
Key topics in संवदिया (फणीश्वरनाथ 'रेणु') include लेखक परिचय और आंचलिकता, कहानी का कथानक और प्रमुख घटनाएँ, पात्र-चित्रण, मुख्य विषय और भावार्थ. Study these first, then practise questions on each for the CBSE Class 12 board exam.
Are these NCERT Solutions for संवदिया (फणीश्वरनाथ 'रेणु') free?
The first 7 of the 13 solutions on this page are open to read. The other 6 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise संवदिया (फणीश्वरनाथ 'रेणु') for the CBSE Class 12 board exam?
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Sources & Official References

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