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Chapter 26 of 38
NCERT Solutions

भक्तिन-(महादेवी वर्मा) (Part 2) — NCERT Solutions

CBSE · Class 12 · Hindi

NCERT Solutions for भक्तिन-(महादेवी वर्मा) (Part 2), CBSE Class 12 Hindi: 10 textbook questions solved step by step. Covers अभ्यास.

42 questions32 flashcards5 concepts

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महादेवी वर्मा के जन्म, प्रमुख रचनाएँ (काव्य-संग्रह, निबंध-संग्रह, संस्मरण/रेखाचित्र), प्रमुख पुरस्कार (ज्ञानपीठ, भारत भारती, पद्मभूषण), और निधन को दर्शाने वाला एक सूचनात्मक ग्राफिक।
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10 Questions Solved · 1 Section

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अभ्यास

1भक्तिन अपना वास्तविक नाम लोगों से क्यों छुपाती थी? भक्तिन को यह नाम किसने और क्यों दिया होगा?Show solution

भक्तिन अपना वास्तविक नाम लछमिन इसलिए छुपाती थी, क्योंकि वह अपने समृद्धि-सूचक नाम और अपने दरिद्र/संघर्षपूर्ण जीवन के बीच के विरोधाभास को लोगों के सामने नहीं लाना चाहती थी। लेखिका के अनुसार वह बहुत समझदार थी, इसलिए नौकरी की खोज में आते समय केवल ईमानदारी दिखाने के लिए उसने अपना नाम बताया, पर यह भी अनुरोध किया कि उसका नाम कभी उपयोग न किया जाए।

उसे यह नाम उसके पिता ने दिया होगा, क्योंकि पाठ में बताया गया है कि वह एक गोपालिका की कन्या थी और उसका नाम लछमिन अर्थात् लक्ष्मी था। यह नाम संभवतः लक्ष्मी के अर्थ में, यानी समृद्धि और सौभाग्य की कामना से दिया गया होगा।

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2दो कन्या-रत्न पैदा करने पर भक्तिन पुत्र-महिमा में अंधी अपनी जिठानियों द्वारा घृणा व उपेक्षा का शिकार बनी। ऐसी घटनाओं से ही अक्सर यह धारणा चलती है कि स्त्री ही स्त्री की दुश्मन होती है। क्या इससे आप सहमत हैं?Show solution

मैं इस धारणा से पूरी तरह सहमत नहीं हूँ। पाठ में जिठानियाँ भक्तिन की बेटियों के जन्म पर उसे तिरस्कार और उपेक्षा से देखती हैं, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सभी स्त्रियाँ स्त्री की दुश्मन होती हैं।

असल में समस्या पितृसत्तात्मक सोच और पुत्र-महिमा की है, जो स्त्री को भी उसी मूल्य-व्यवस्था में ढाल देती है। जब किसी समाज में लड़के को वरीयता दी जाती है, तब कुछ स्त्रियाँ भी उसी मानसिकता से प्रभावित होकर दूसरी स्त्रियों के विरुद्ध व्यवहार करने लगती हैं। इसलिए यह कहना अधिक सही होगा कि स्त्री को स्त्री का दुश्मन समाज बनाता है, न कि स्वभावतः स्त्री दूसरी स्त्री की शत्रु होती है। भक्तिन और उसकी बेटी का पक्ष इसी सामाजिक अन्याय को उजागर करता है।

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3भक्तिन की बेटी पर पंचायत द्वारा जबरन पति थोपा जाना एक दुर्घटना भर नहीं, बल्कि विवाह के संदर्भ में स्त्री के मानवाधिकार (विवाह करें या न करें अथवा किससे करें) इसकी स्वतंत्रता को कुचलते रहने की सदियों से चली आ रही सामाजिक परंपरा का प्रतीक है। कैसे?Show solution

भक्तिन की बेटी के मामले में पंचायत का फैसला इस बात का प्रतीक है कि समाज में स्त्री की विवाह-स्वतंत्रता को कितनी आसानी से कुचल दिया जाता है। लड़की ने वर को नापसंद किया, यानी उसके पास अपने जीवनसाथी के चुनाव का अधिकार था; लेकिन पंचायत ने उसकी इच्छा को महत्व न देकर जबरन पति थोप दिया।

यह निर्णय केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं था, बल्कि उस व्यापक सामाजिक परंपरा का रूप था जिसमें स्त्री को स्वतंत्र व्यक्ति नहीं, बल्कि निर्णय का विषय समझा जाता है। समाज यह मान लेता है कि विवाह के बारे में अंतिम अधिकार स्त्री का नहीं, परिवार, पंचायत या समुदाय का है। इस तरह स्त्री के मानवाधिकार, विशेषकर विवाह करने या न करने और किससे विवाह करने की स्वतंत्रता, दबा दी जाती है।

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4भक्तिन अच्छी है, यह कहना कठिन होगा, क्योंकि उसमें दुर्गुणों का अभाव नहींShow solution

लेखिका ने यह इसलिए कहा कि भक्तिन पूरी तरह आदर्श या निष्कलंक चरित्र नहीं है। उसमें कुछ दुर्गुण भी हैं—जैसे वह कभी-कभी चोरी करती है, झूठ भी बोलती है, पैसे सँभालकर इधर-उधर रख देती है और शास्त्र के नाम पर अपनी सुविधा से तर्क गढ़ लेती है।

लेकिन लेखिका यह भी दिखाती हैं कि ये दुर्गुण उसके स्वार्थ से नहीं, बल्कि उसके स्वभाव, चतुराई, और मालकिन के प्रति सेवा-भाव से जुड़े हैं। इसलिए “भक्तिन अच्छी है” कहना कठिन है, पर वह मानवीय है; उसमें अच्छाई और कमी दोनों हैं।

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5भक्तिन द्वारा शास्त्र के प्रश्न को सुविधा से सुलझा लेने का क्या उदाहरण लेखिका ने दिया है?Show solution

लेखिका ने शास्त्र के प्रश्न को भक्तिन द्वारा सुविधा से सुलझाने का उदाहरण तब दिया है जब लेखिका ने पूछा कि स्त्रियों का सिर क्यों मुँडाया जाता है। भक्तिन ने तुरंत उत्तर दिया कि शास्त्र में लिखा है। जब लेखिका ने पूछा—“क्या लिखा है?”—तो उसने कहा: “तीरथ गए मुँडाए सिद्ध।”

यह दिखाता है कि भक्तिन शास्त्र के अर्थ को अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार समझ लेती है, और अपने पक्ष को सही ठहराने के लिए कोई-न-कोई कथन खोज लेती है।

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6भक्तिन के आ जाने से महादेवी अधिक देहाती कैसे हो गई?

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1आलो आंधारि की नायिका और लेखिका बेबी हालदार और भक्तिन के व्यक्तित्व में आप क्या समानता देखते हैं?

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1नीचे दिए गए विशिष्ट भाषा-प्रयोगों के उदाहरणों को ध्यान से पढ़िए और इनकी अर्थ-छवि स्पष्ट कीजिए-
  1. (क) पहली कन्या के दो संस्करण और कर डाले
  2. (ख) खोटे सिक्कों की टकसाल जैसी पत्नी
  3. (ग) अस्पष्ट पुनरावृत्तियाँ और स्पष्ट सहानुभूतिपूर्ण

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3पाठ में आए लोकभाषा के इन संवादों को समझ कर इन्हें खड़ी बोली हिंदी में डाल कर प्रस्तुत कीजिए।
  1. (क) ई कउन बड़ी बात आया। रोटी बनाय जानित है, दाल राँध लेइत है, साग-भाजी छँउक सकित है, अउर बाकी का रहा।
  2. (ख) हमारे मालकिन तो रात-दिन कितबियन माँ गड़ी रहती हैं। अब हमहूँ पढ़े लागब तो घर-गिरिस्ती कउन देखी-सुनी।
  3. (ग) ऊ बिचरिअउ तो रात-दिन काम माँ झुकी रहती हैं, अउर तुम पचे घूमती-फिरती हो, चलो तनिक हाथ बटाय लेउ।
  4. (घ) तब ऊ कुच्छी करिहैं-धरिहैं ना-बस गली-गली गाउत-बजाउत फिरिहैं।
  5. (ङ) तुम पचे का का बताईयहैं पचास बरिस से संग रहित है।

(च) हम कुकुरी बिलारी न होयें, हमार मन पुसाईं तो हम दूसरा के जाब नाहिं त तुम्हार पचे की छाती पै होरहा भूँजब और राज करब, समुझे रहो।

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4भवितन पाठ में पहली कन्या के दो संस्करण जैसे प्रयोग लेखिका के खास भाषाई संस्कार की पहचान करता है, साथ ही ये प्रयोग कथ्य को संप्रेषणीय बनाने में भी मददगार हैं। वर्तमान हिंदी में भी कुछ अन्य प्रकार की शब्दावली समाहित हुई है। नीचे कुछ वाक्य दिए जा रहे हैं जिससे वक्ता की खास पसंद का पता चलता है। आप वाक्य पढ़कर बताएँ कि इनमें किन तीन विशेष प्रकार की शब्दावली का प्रयोग हुआ है? इन शब्दावलियों या इनके अतिरिक्त अन्य किन्हीं विशेष शब्दावलियों का प्रयोग करते हुए आप भी कुछ वाक्य बनाएँ और कक्षा में चर्चा करें कि ऐसे प्रयोग भाषा की समृद्धि में कहाँ तक सहायक है?
  • अरे! उससे सावधान रहना! वह नीचे से ऊपर तक वायरस से भरा हुआ है। जिस सिस्टम में जाता है उसे हैंग कर देता है।
  • घबरा मत! मेरी इनस्वींगर के सामने उसके सारे वायरस घुटने टेकेंगे। अगर ज्यादा फाउल मारा तो रेड कार्ड दिखा के हमेशा के लिए पवेलियन भेज दूँगा।
  • जानी टेंशन नई लेने का वो जिस स्कूल में पढ़ता है अपुन उसका हैडमास्टर है।

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5 more solved questions in भक्तिन-(महादेवी वर्मा)

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in भक्तिन-(महादेवी वर्मा) for CBSE Class 12 Hindi?
Key topics in भक्तिन-(महादेवी वर्मा) include रचनाकार, विधा और पृष्ठभूमि, भक्तिन का परिचय और नामकरण, बचपन, विवाह और पारिवारिक जीवन, पति, बेटियाँ और स्त्री-संघर्ष. Study these first, then practise questions on each for the CBSE Class 12 board exam.
Are these NCERT Solutions for भक्तिन-(महादेवी वर्मा) free?
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How should I revise भक्तिन-(महादेवी वर्मा) for the CBSE Class 12 board exam?
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Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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