Skip to main content
Chapter 13 of 36
NCERT Solutions

रचनानुवाद

CBSE · Class 10 · Sanskrit

NCERT Solutions for रचनानुवाद — CBSE Class 10 Sanskrit.

Interactive on Super Tutor

Studying रचनानुवाद? Get the full interactive chapter.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan — built for ncert solutions and more.

1,000+ Class 10 students started this chapter today

30 Questions Solved · 2 Sections

रचनानुवाद: (वाक्यरचनाकौशलम्) — अभ्यास: 1

1(i)छात्रों को ध्यान से कार्य करना चाहिए।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — छात्रों को ध्यान से कार्य करना चाहिए।

प्रयुक्त नियम: 'करना चाहिए' के लिए तव्यत्/अनीयर् प्रत्यय अथवा विधिलिङ् लकार का प्रयोग होता है। 'ध्यान से' = सावधानतया (तृतीया विभक्ति)।

संस्कृत अनुवाद:
छात्रै: सावधानतया कार्यं करणीयम्।\text{छात्रै: सावधानतया कार्यं करणीयम्।}

अथवा: छात्रा: सावधानतया कार्यं कुर्युः।
1(ii)वृक्ष पर पक्षी चहचहाते हैं।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — वृक्ष पर पक्षी चहचहाते हैं।

प्रयुक्त नियम: 'पर' = अधिकरण (सप्तमी विभक्ति) → वृक्षे। 'पक्षी' = खगाः (बहुवचन, प्रथमा)। 'चहचहाते हैं' = कूजन्ति (लट् लकार, प्रथम पुरुष, बहुवचन)।

संस्कृत अनुवाद:
वृक्षे खगाः कूजन्ति।\text{वृक्षे खगाः कूजन्ति।}
1(iii)हम सब मिलकर गाएंगे।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — हम सब मिलकर गाएंगे।

प्रयुक्त नियम: 'गाएंगे' = भविष्यत्काल → लृट् लकार। 'हम सब' = वयम् (उत्तम पुरुष, बहुवचन)। 'मिलकर' = मिलित्वा।

संस्कृत अनुवाद:
वयं सर्वे मिलित्वा गास्यामः।\text{वयं सर्वे मिलित्वा गास्यामः।}
1(iv)खिलाड़ी फुटबॉल से खेल रहे हैं।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — खिलाड़ी फुटबॉल से खेल रहे हैं।

प्रयुक्त नियम: 'से' (साधन) = करण कारक → तृतीया विभक्ति। 'खेल रहे हैं' = वर्तमानकाल → लट् लकार। खिलाड़ी = क्रीडका:।

संस्कृत अनुवाद:
क्रीडका: कन्दुकेन क्रीडन्ति।\text{क्रीडका: कन्दुकेन क्रीडन्ति।}
1(v)अध्यापक ने कहा— "सदाचार का पालन करो।"Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — अध्यापक ने कहा— 'सदाचार का पालन करो।'

प्रयुक्त नियम: 'कहा' = भूतकाल → लङ् लकार (अकथयत्)। 'करो' = आज्ञार्थ → लोट् लकार। 'का पालन करो' = अनुसरत/पालयत।

संस्कृत अनुवाद:
अध्यापक: अकथयत् — "सदाचारस्य पालनं कुरुत।"\text{अध्यापक: अकथयत् — "सदाचारस्य पालनं कुरुत।"}
1(vi)कृषक गाँव की ओर गए।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — कृषक गाँव की ओर गए।

प्रयुक्त नियम: 'की ओर' = प्रति (द्वितीया विभक्ति के साथ)। 'गए' = भूतकाल → लङ् लकार। कृषक = कृषका: (बहुवचन)।

संस्कृत अनुवाद:
कृषका: ग्रामं प्रति अगच्छन्।\text{कृषका: ग्रामं प्रति अगच्छन्।}
1(vii)तुम दोनों खीर खाओ।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — तुम दोनों खीर खाओ।

प्रयुक्त नियम: 'खाओ' = आज्ञार्थ → लोट् लकार। 'तुम दोनों' = युवाम् (मध्यम पुरुष, द्विवचन) → खादतम्। खीर = पायसम् (कर्म, द्वितीया)।

संस्कृत अनुवाद:
युवां पायसं खादतम्।\text{युवां पायसं खादतम्।}
1(viii)विद्यालय के दोनों ओर वृक्ष हैं।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — विद्यालय के दोनों ओर वृक्ष हैं।

प्रयुक्त नियम: 'दोनों ओर' = उभयत: (द्वितीया विभक्ति के साथ प्रयुक्त अव्यय)। वृक्ष = वृक्षा: (प्रथमा, बहुवचन)।

संस्कृत अनुवाद:
विद्यालयम् उभयत: वृक्षा: सन्ति।\text{विद्यालयम् उभयत: वृक्षा: सन्ति।}
1(ix)माता बालक को दूध देती हैं।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — माता बालक को दूध देती हैं।

प्रयुक्त नियम: 'को' (जिसे दिया जाए) = सम्प्रदान → चतुर्थी विभक्ति। √दा धातु के साथ चतुर्थी। वर्तमानकाल → लट् लकार।

संस्कृत अनुवाद:
माता बालकाय दुग्धं ददाति।\text{माता बालकाय दुग्धं ददाति।}
1(x)हमें स्वास्थ्य के नियमों का पालन करना चाहिए।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — हमें स्वास्थ्य के नियमों का पालन करना चाहिए।

प्रयुक्त नियम: 'करना चाहिए' = अनीयर्/तव्यत् प्रत्यय। 'के नियमों का' = षष्ठी विभक्ति (स्वास्थ्यस्य नियमानाम्)।

संस्कृत अनुवाद:
अस्माभि: स्वास्थ्यस्य नियमानां पालनं करणीयम्।\text{अस्माभि: स्वास्थ्यस्य नियमानां पालनं करणीयम्।}
1(xi)कल राघव कहाँ था?Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — कल राघव कहाँ था?

प्रयुक्त नियम: 'कल' (बीता हुआ) = ह्य:। 'था' = भूतकाल → लङ् लकार (आसीत्)। 'कहाँ' = कुत्र।

संस्कृत अनुवाद:
ह्य: राघव: कुत्र आसीत्?\text{ह्य: राघव: कुत्र आसीत्?}
1(xii)मेरे पिता भोजन पकाते हैं।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — मेरे पिता भोजन पकाते हैं।

प्रयुक्त नियम: 'मेरे' = सम्बन्ध → षष्ठी (मम)। 'पकाते हैं' = वर्तमानकाल → लट् लकार (पचति)। भोजन = भोजनम् (कर्म, द्वितीया)।

संस्कृत अनुवाद:
मम पिता भोजनं पचति।\text{मम पिता भोजनं पचति।}
1(xiii)मेरे पास आकर बैठो।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — मेरे पास आकर बैठो।

प्रयुक्त नियम: 'आकर' = आगत्य (क्त्वा प्रत्यय)। 'बैठो' = आज्ञार्थ → लोट् लकार (उपविश)। 'मेरे पास' = मम समीपम् / माम् अन्तिकम्।

संस्कृत अनुवाद:
मम समीपम् आगत्य उपविश।\text{मम समीपम् आगत्य उपविश।}
1(xiv)उन सबको दीवाली उत्सव अच्छा लगता है।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — उन सबको दीवाली उत्सव अच्छा लगता है।

प्रयुक्त नियम: √रुच् धातु के साथ चतुर्थी विभक्ति प्रयुक्त होती है। 'उन सबको' = तेभ्य: सर्वेभ्य: (चतुर्थी)।

संस्कृत अनुवाद:
तेभ्य: सर्वेभ्य: दीपावली-उत्सव: रोचते।\text{तेभ्य: सर्वेभ्य: दीपावली-उत्सव: रोचते।}
1(xv)ईश्वर को नमस्कार।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — ईश्वर को नमस्कार।

प्रयुक्त नियम: 'नम:' के साथ चतुर्थी विभक्ति का प्रयोग होता है।

संस्कृत अनुवाद:
ईश्वराय नम:।\text{ईश्वराय नम:।}
1(xvi)घर के बाहर कौन है?Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — घर के बाहर कौन है?

प्रयुक्त नियम: 'बाहर' = बहि: (पञ्चमी विभक्ति के साथ)। 'कौन' = क: (प्रथमा)।

संस्कृत अनुवाद:
गृहात् बहि: क: अस्ति?\text{गृहात् बहि: क: अस्ति?}
1(xvii)भवन के ऊपर कौए बैठे हैं।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — भवन के ऊपर कौए बैठे हैं।

प्रयुक्त नियम: 'के ऊपर' = उपरि (षष्ठी विभक्ति के साथ)। कौए = काका: (बहुवचन)। 'बैठे हैं' = उपविष्टा: सन्ति।

संस्कृत अनुवाद:
भवनस्य उपरि काका: उपविष्टा: सन्ति।\text{भवनस्य उपरि काका: उपविष्टा: सन्ति।}
1(xviii)मैंने ऐसा नहीं कहा।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — मैंने ऐसा नहीं कहा।

प्रयुक्त नियम: भूतकाल → लङ् लकार। कर्तृवाच्य में 'मैंने' = अहम् (प्रथमा)। 'नहीं कहा' = न अकथयम्।

संस्कृत अनुवाद:
अहम् एवं न अकथयम्।\text{अहम् एवं न अकथयम्।}
1(xix)कक्षा में कितने छात्र हैं?Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — कक्षा में कितने छात्र हैं?

प्रयुक्त नियम: 'में' = अधिकरण → सप्तमी विभक्ति (कक्षायाम्)। 'कितने' = कति।

संस्कृत अनुवाद:
कक्षायां कति छात्रा: सन्ति?\text{कक्षायां कति छात्रा: सन्ति?}
1(xx)तुम बाज़ार से दही लाओ।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — तुम बाज़ार से दही लाओ।

प्रयुक्त नियम: 'से' (अलग होने का भाव) = अपादान → पञ्चमी विभक्ति (आपणात्)। 'लाओ' = आज्ञार्थ → लोट् लकार (आनय)। दही = दधि (कर्म, द्वितीया)।

संस्कृत अनुवाद:
त्वम् आपणात् दधि आनय।\text{त्वम् आपणात् दधि आनय।}

रचनानुवाद: (वाक्यरचनाकौशलम्) — अभ्यास: 3

3(i)उसने पत्र लिखा।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — उसने पत्र लिखा।

प्रयुक्त नियम: भूतकाल, कर्तृवाच्य → क्तवतु प्रत्यय। 'उसने' = स: (कर्ता, प्रथमा)। 'पत्र लिखा' = पत्रं लिखितवान्।

संस्कृत अनुवाद:
स: पत्रं लिखितवान्।\text{स: पत्रं लिखितवान्।}
3(ii)खाते हुए नहीं बोलना चाहिए।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — खाते हुए नहीं बोलना चाहिए।

प्रयुक्त नियम: 'खाते हुए' = शतृ प्रत्यय → खादन् (परस्मैपदी √खाद्)। 'नहीं बोलना चाहिए' = न वक्तव्यम् (तव्यत् प्रत्यय)।

संस्कृत अनुवाद:
खादन् न वक्तव्यम्।\text{खादन् न वक्तव्यम्।}
3(iii)उस कन्या ने पुस्तक पढ़ी।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — उस कन्या ने पुस्तक पढ़ी।

प्रयुक्त नियम: भूतकाल, कर्तृवाच्य → क्तवतु प्रत्यय। कन्या स्त्रीलिङ्ग → पठितवती। 'पुस्तक' = पुस्तकम् (कर्म, द्वितीया)।

संस्कृत अनुवाद:
सा कन्या पुस्तकं पठितवती।\text{सा कन्या पुस्तकं पठितवती।}
3(iv)तुम्हें भी पुस्तक पढ़नी चाहिए।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — तुम्हें भी पुस्तक पढ़नी चाहिए।

प्रयुक्त नियम: 'पढ़नी चाहिए' = अनीयर् प्रत्यय → पठनीया। 'तुम्हें भी' = त्वयापि (तृतीया, कर्मवाच्य में)।

संस्कृत अनुवाद:
त्वयापि पुस्तकं पठनीयम्।\text{त्वयापि पुस्तकं पठनीयम्।}
3(v)वह फल लेकर घर आई।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — वह फल लेकर घर आई।

प्रयुक्त नियम: 'लेकर' = क्त्वा प्रत्यय → आदाय (√आ+दा)। 'आई' = भूतकाल → आगतवती (क्तवतु, स्त्रीलिङ्ग)। 'घर' = गृहम् (द्वितीया)।

संस्कृत अनुवाद:
सा फलम् आदाय गृहम् आगतवती।\text{सा फलम् आदाय गृहम् आगतवती।}
3(vi)तुमने ऐसा नहीं सोचा।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — तुमने ऐसा नहीं सोचा।

प्रयुक्त नियम: भूतकाल, कर्तृवाच्य → क्तवतु प्रत्यय। 'तुमने' = त्वम् (प्रथमा)। 'नहीं सोचा' = न चिन्तितवान्।

संस्कृत अनुवाद:
त्वम् एवं न चिन्तितवान्।\text{त्वम् एवं न चिन्तितवान्।}
3(vii)पुस्तक पाता हुआ छात्र प्रसन्न होता है।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — पुस्तक पाता हुआ छात्र प्रसन्न होता है।

प्रयुक्त नियम: 'पाता हुआ' = शतृ प्रत्यय → प्राप्नुवन् (√प्राप्, परस्मैपदी)। यह विशेषण के रूप में प्रयुक्त होगा।

संस्कृत अनुवाद:
पुस्तकं प्राप्नुवन् छात्र: प्रसन्न: भवति।\text{पुस्तकं प्राप्नुवन् छात्र: प्रसन्न: भवति।}
3(viii)जाते हुए बालक को देखो।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — जाते हुए बालक को देखो।

प्रयुक्त नियम: 'जाते हुए' = शतृ प्रत्यय → गच्छन्तम् (√गम्, कर्म होने से द्वितीया)। 'देखो' = आज्ञार्थ → पश्य (लोट् लकार)।

संस्कृत अनुवाद:
गच्छन्तं बालकं पश्य।\text{गच्छन्तं बालकं पश्य।}
3(ix)शिमला नगर देखने योग्य है।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — शिमला नगर देखने योग्य है।

प्रयुक्त नियम: 'देखने योग्य' = अनीयर् प्रत्यय → द्रष्टव्यम् / दर्शनीयम्। नपुंसकलिङ्ग (नगरम्) के अनुसार रूप।

संस्कृत अनुवाद:
शिमला-नगरं दर्शनीयम् अस्ति।\text{शिमला-नगरं दर्शनीयम् अस्ति।}
3(x)खाने योग्य भोजन ही खाना चाहिए।Show solution
दिया गया: हिन्दी वाक्य — खाने योग्य भोजन ही खाना चाहिए।

प्रयुक्त नियम: 'खाने योग्य' = अनीयर् प्रत्यय → खादनीयम् (विशेषण)। 'खाना चाहिए' = तव्यत् प्रत्यय → खादितव्यम्।

संस्कृत अनुवाद:
खादनीयम् एव भोजनं खादितव्यम्।\text{खादनीयम् एव भोजनं खादितव्यम्।}

Stuck on a step?

Ask Super Tutor AI to explain any solution on this page in a simpler way — free, 24x7.

Ask a Doubt Free

Frequently Asked Questions

What are the important topics in रचनानुवाद for CBSE Class 10 Sanskrit?
रचनानुवाद covers several key topics that are frequently asked in CBSE Class 10 board exams. Focus on the core concepts listed on this page and practise related questions to build confidence.
How to score full marks in रचनानुवाद — CBSE Class 10 Sanskrit?
Start by understanding all key concepts. Practise previous year questions from this chapter. Revise formulas and definitions regularly. Use flashcards for quick revision before the exam.
Where can I get free NCERT Solutions for रचनानुवाद Class 10 Sanskrit?
This page has free step-by-step NCERT Solutions for every exercise question in रचनानुवाद (CBSE Class 10 Sanskrit) — written the way examiners award marks: given, formula, working, answer.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

For serious students

Get the full रचनानुवाद chapter — for free.

Quizzes, flashcards, AI doubt-solver and a step-by-step study plan for CBSE Class 10 Sanskrit.