कारक और विभक्ति (Part 3) — NCERT Solutions
CBSE · Class 10 · Sanskrit
NCERT Solutions for कारक और विभक्ति (Part 3), CBSE Class 10 Sanskrit: 5 textbook questions solved step by step. Covers अभ्यासकार्यम्.
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अभ्यासकार्यम्
1कोष्ठकेषु मूलशब्दाः प्रदत्ताः। तेषु उचितविभक्तीः योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूर्यत—Show solution
प्रत्येक रिक्तस्थान में उचित विभक्ति का प्रयोग इस प्रकार होगा—
i) बालकाः अम्बाम् पृच्छन्ति।
(पृच्छ् धातु के योग में कर्म कारक → द्वितीया विभक्ति; अम्बा → अम्बाम्)
ii) नास्ति क्रोधात् समः शत्रुः।
(तुलना/समान के योग में पञ्चमी विभक्ति; क्रोध → क्रोधात्)
iii) चौरात् भीतः बालकः क्रन्दति।
(भी धातु के योग में पञ्चमी विभक्ति; चौर → चौरात्)
iv) शिष्याः गुरोः विद्यां गृह्णन्ति।
(आदान/ग्रहण के योग में पञ्चमी विभक्ति; गुरु → गुरोः)
v) अहम् अध्यापकात् प्राक् आगमिष्यामि।
(प्राक् = पहले; अपादान कारक → पञ्चमी विभक्ति; अध्यापक → अध्यापकात्)
vi) अस्माकम् बालिकाः गायने कुशलाः सन्ति।
(कुशल के योग में सप्तमी विभक्ति; गायन → गायने)
vii) माता शिशौ स्निहाति।
(स्निह् धातु के योग में सप्तमी विभक्ति; शिशु → शिशौ)
viii) कामात् क्रोधः जायते।
(उत्पत्ति/कारण में अपादान → पञ्चमी विभक्ति; काम → कामात्)
ix) सरस्वत्यै नमः।
(नमः के योग में चतुर्थी विभक्ति; सरस्वती → सरस्वत्यै)
x) अलम् विवादेन।
(अलम् के योग में तृतीया विभक्ति; विवाद → विवादेन)
xi) भिक्षुकः भिक्षां याचते।
(याच् धातु के योग में कर्म → द्वितीया विभक्ति; भिक्षा → भिक्षाम्)
xii) धिक् देशस्य शत्रुम्।
(धिक् के योग में द्वितीया विभक्ति; शत्रु → शत्रुम्)
xiii) वीरः धर्मयुद्धात् न विरमति।
(विरम् धातु के योग में अपादान → पञ्चमी विभक्ति; धर्मयुद्ध → धर्मयुद्धात्)
xiv) दुर्योधनः पाण्डवेभ्यः जुगुप्सति स्म।
(जुगुप्सा के योग में पञ्चमी विभक्ति; पाण्डव → पाण्डवेभ्यः)
xv) भ्रातृषु अर्जुनः श्रेष्ठः धनुर्धरः।
(श्रेष्ठ/तुलना के योग में सप्तमी विभक्ति; भ्रातृ → भ्रातृषु)
xvi) पितरौ अस्मभ्यम् सर्वस्वं यच्छतः।
(दा धातु के योग में सम्प्रदान → चतुर्थी विभक्ति; अस्मद् → अस्मभ्यम्)
xvii) किम् तुभ्यम् एतत् गीतं रोचते?
(रुच् धातु के योग में चतुर्थी विभक्ति; युष्मद् → तुभ्यम्)
xviii) पृथ्वीम् परितः वायुमण्डलम् अस्ति।
(परितः के योग में द्वितीया विभक्ति; पृथ्वी → पृथ्वीम्)
xix) कक्षायाः बहिः छात्राः कोलाहलं कुर्वन्ति?
(बहिः के योग में पञ्चमी विभक्ति; कक्षा → कक्षायाः)
xx) अहम् शयनात् पूर्वम् ईश्वरम् वन्दे।
(पूर्व के योग में पञ्चमी → शयनात्; वन्द् धातु के योग में द्वितीया → ईश्वरम्)
xxi) परिश्रमिणः सफलतायाम् स्पृहयन्ति।
(स्पृह् धातु के योग में चतुर्थी/सप्तमी; सफलता → सफलतायाम्)
xxii) वाल्मीकिः रामायणस्य रचयिता?
(सम्बन्ध → षष्ठी विभक्ति; रामायणम् → रामायणस्य)
xxiii) पंकजैः विभाति सरः।
(करण कारक → तृतीया विभक्ति; पंकज → पंकजैः)
2कोष्ठकेभ्यः शुद्धम् उत्तरं चित्वा रिक्तस्थानपूर्ति कुरुत—Show solution
i) रामेण सह सीता वनम् अगच्छत्।
(सह के योग में तृतीया विभक्ति → रामेण; 'रामस्य' षष्ठी होगी जो यहाँ अशुद्ध है।)
ii) माता मयि स्निहाति।
(स्निह् धातु के योग में सप्तमी विभक्ति → मयि; 'माम्' द्वितीया होगी जो यहाँ अशुद्ध है।)
iii) मोहनाय मोदकं रोचते।
(रुच् धातु के योग में चतुर्थी विभक्ति → मोहनाय; 'मोहनम्' द्वितीया होगी जो यहाँ अशुद्ध है।)
iv) सः रमेशाय धनं ददाति।
(दा धातु के योग में सम्प्रदान → चतुर्थी विभक्ति → रमेशाय; 'रमेशम्' द्वितीया होगी जो यहाँ अशुद्ध है।)
v) वृक्षात् पत्राणि पतन्ति।
(अपादान कारक → पञ्चमी विभक्ति → वृक्षात्; 'वृक्षेण' तृतीया होगी जो यहाँ अशुद्ध है।)
vi) अध्यापिका सुलेखायै पुस्तकं यच्छति।
(दा/यच्छ् धातु के योग में सम्प्रदान → चतुर्थी विभक्ति → सुलेखायै; 'सुलेखाम्' द्वितीया होगी जो यहाँ अशुद्ध है।)
vii) विद्यालयम् परितः वृक्षाः सन्ति।
(परितः के योग में द्वितीया विभक्ति → विद्यालयम्; 'विद्यालयस्य' षष्ठी होगी जो यहाँ अशुद्ध है।)
viii) गुरवे नमः।
(नमः के योग में चतुर्थी विभक्ति → गुरवे; 'गुरुम्' द्वितीया होगी जो यहाँ अशुद्ध है।)
3उचितविभक्तिप्रयोगं कृत्वा अधोलिखितपदानां सहायतया वाक्यरचनां कुरुत—Show solution
i) समम् (द्वितीया विभक्ति)
नास्ति क्रोधेन समम् दुःखम्।
(क्रोध के समान कोई दुःख नहीं है।)
ii) धिक् (द्वितीया विभक्ति)
धिक् तं नरम् यः स्वदेशं त्यजति।
(उस मनुष्य को धिक्कार है जो अपना देश छोड़ता है।)
iii) उभयतः (द्वितीया विभक्ति)
ग्रामम् उभयतः नद्यौ प्रवहतः।
(गाँव के दोनों ओर नदियाँ बहती हैं।)
iv) विना (द्वितीया/तृतीया/पञ्चमी विभक्ति)
जलं विना जीवनं नास्ति।
(जल के बिना जीवन नहीं है।)
v) अन्धः (प्रथमा विभक्ति — कर्ता)
सः नेत्राभ्याम् अन्धः अस्ति।
(वह नेत्रों से अन्धा है — विकार में तृतीया)
vi) बहिः (पञ्चमी विभक्ति)
विद्यालयात् बहिः छात्राः क्रीडन्ति।
(विद्यालय के बाहर छात्र खेलते हैं।)
vii) प्रवीणः (सप्तमी विभक्ति)
सः संगीते प्रवीणः अस्ति।
(वह संगीत में प्रवीण है।)
viii) अलम् (तृतीया विभक्ति)
अलम् विवादेन।
(विवाद से बाज आओ / विवाद मत करो।)
ix) विभेति (पञ्चमी विभक्ति)
बालकः सिंहात् विभेति।
(बालक सिंह से डरता है।)
x) श्रेष्ठः (सप्तमी विभक्ति)
कवीषु कालिदासः श्रेष्ठः अस्ति।
(कवियों में कालिदास श्रेष्ठ हैं।)
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Frequently Asked Questions
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Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
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