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Chapter 23 of 36
NCERT Solutions

सूक्तय (Part 2) — NCERT Solutions

CBSE · Class 10 · Sanskrit

NCERT Solutions for सूक्तय (Part 2), CBSE Class 10 Sanskrit: 38 textbook questions solved step by step. Part of the CBSE Class 10 Sanskrit syllabus.

133 questions38 flashcards5 concepts

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38 Questions Solved · 1 Section

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अभ्यासः — सूक्तयः (Chapter: सूक्तयः, Sanskrit Class 10)

1(क)पिता पुत्राय बाल्ये किं यच्छति?Show solution

दिया गया: पाठ 'सूक्तयः' के श्लोकों पर आधारित प्रश्न।

उत्तर: पिता पुत्राय बाल्ये विद्याधनम् यच्छति।

(पिता पुत्र को बाल्यकाल में विद्यारूपी धन देता है।)

1(ख)विमूढधीः कीदृशीं वाचं परित्यजति?Show solution

उत्तर: विमूढधीः धर्मप्रदाम् (सत्यां मधुरां च) वाचं परित्यजति।

(मूर्ख व्यक्ति धर्म देने वाली — सत्य और मधुर — वाणी को छोड़ देता है।)

1(ग)अस्मिन् लोके के एव चक्षुष्मन्तः प्रकीर्तिताः?Show solution

उत्तर: अस्मिन् लोके विद्वांसः एव चक्षुष्मन्तः प्रकीर्तिताः।

(इस संसार में विद्वान् लोग ही नेत्रवान् (चक्षुष्मान्) कहे गए हैं।)

1(घ)प्राणेभ्योऽपि कः रक्षणीयः?Show solution

उत्तर: प्राणेभ्योऽपि सदाचारः रक्षणीयः।

(प्राणों से भी बढ़कर सदाचार की रक्षा करनी चाहिए।)

1(ङ)आत्मनः श्रेयः इच्छन् नरः कीदृशं कर्म न कुर्यात्?Show solution

उत्तर: आत्मनः श्रेयः इच्छन् नरः परेषाम् अहितम् (अनिष्टं) कर्म न कुर्यात्।

(अपना कल्याण चाहने वाला मनुष्य दूसरों का अहित करने वाला कर्म न करे।)

1(च)वाचि का भवेत्?Show solution

उत्तर: वाचि पटुता (वाक्पटुता) भवेत्।

(वाणी में चतुरता / कुशलता होनी चाहिए।)

2(क)संसारे विद्वांसः ज्ञानचक्षुभिः नेत्रवन्तः कथ्यन्ते। (स्थूलपद के आधार पर प्रश्न बनाइए)Show solution

स्थूलपद: विद्वांसः

निर्मित प्रश्न: संसारे के ज्ञानचक्षुभिः नेत्रवन्तः कथ्यन्ते?

2(ख)जनकेन सुताय शैशवे विद्याधनं दीयते। (स्थूलपद के आधार पर प्रश्न बनाइए)Show solution

स्थूलपद: सुताय

निर्मित प्रश्न: जनकेन कस्मै शैशवे विद्याधनं दीयते?

2(ग)तत्त्वार्थस्य निर्णयः विवेकेन कर्तुं शक्यः। (स्थूलपद के आधार पर प्रश्न बनाइए)Show solution

स्थूलपद: विवेकेन

निर्मित प्रश्न: तत्त्वार्थस्य निर्णयः केन कर्तुं शक्यः?

2(घ)धैर्यवान् लोके परिभवं न प्राप्नोति। (स्थूलपद के आधार पर प्रश्न बनाइए)Show solution

स्थूलपद: धैर्यवान्

निर्मित प्रश्न: कः लोके परिभवं न प्राप्नोति?

2(ङ)आत्मकल्याणम् इच्छन् नरः परेषाम् अनिष्टं न कुर्यात्। (स्थूलपद के आधार पर प्रश्न बनाइए)Show solution

स्थूलपद: परेषाम् अनिष्टम्

निर्मित प्रश्न: आत्मकल्याणम् इच्छन् नरः किम् न कुर्यात्?

3(क)पाठात् चित्वा अधोलिखित श्लोक का अन्वय उचित पदक्रम से पूर्ण कीजिए — पिता --- बाल्ये महत् विद्याधनं यच्छति, अस्य पिता किं तप: तेपे इत्युक्ति: ---Show solution

अन्वय (पूर्ण):

पिता पुत्राय बाल्ये महत् विद्याधनं यच्छति, अस्य पिता किं तपः तेपे इत्युक्तिः श्लाघ्या।

भावार्थ: पिता पुत्र को बाल्यकाल में महान् विद्यारूपी धन देता है। (ऐसे पुत्र को देखकर लोग कहते हैं कि) 'इसके पिता ने क्या तप किया होगा!' — यह प्रशंसनीय उक्ति है।

3(ख)येन --- यत् प्रोक्तं तस्य तत्त्वार्थनिर्णयः येन कर्तु --- भवेत्, सः --- इति ---।Show solution

अन्वय (पूर्ण):

येन केनापि यत् प्रोक्तं तस्य तत्त्वार्थनिर्णयः येन कर्तुं शक्यं भवेत्, सः विवेकी इति उच्यते।

भावार्थ: किसी के द्वारा जो भी कहा गया हो, उसके तत्त्व और अर्थ का निर्णय करने में जो समर्थ हो, वह विवेकी कहलाता है।

3(ग)य आत्मनः श्रेयः --- सुखानि च इच्छति, परेभ्यः अहितं --- कदापि च न ---।Show solution

अन्वय (पूर्ण):

यः आत्मनः श्रेयः प्रभूतानि सुखानि च इच्छति, परेभ्यः अहितं कर्म कदापि च न कुर्यात्।

भावार्थ: जो मनुष्य अपना कल्याण और अनेक सुख चाहता है, वह दूसरों का अहित करने वाला कार्य कभी न करे।

4-क(क)श्लोक संख्या 3 के आधार पर — धर्मप्रदां वाचं कः त्यजति?Show solution

उत्तर: धर्मप्रदां वाचं विमूढधीः (मूर्खः पुरुषः) त्यजति।

(धर्म देने वाली वाणी को मूर्ख व्यक्ति छोड़ देता है।)

4-क(ख)श्लोक संख्या 3 के आधार पर — मूढः पुरुषः कां वाणीं वदति?Show solution

उत्तर: मूढः पुरुषः परुषाम् (कठोरां / अप्रियां) वाणीं वदति।

(मूर्ख पुरुष कठोर / अप्रिय वाणी बोलता है।)

4-क(ग)श्लोक संख्या 3 के आधार पर — मन्दमतिः कीदृशं फलं खादति?Show solution

उत्तर: मन्दमतिः अपक्वम् फलं खादति।

(मन्दबुद्धि व्यक्ति कच्चा फल खाता है — अर्थात् पके (सत्य-मधुर) वचन को छोड़कर कच्चे (कठोर) वचन का सेवन करता है।)

4-ख(क)श्लोक संख्या 7 के आधार पर — कियन्ति सुखानि इच्छति?Show solution

उत्तर: सः प्रभूतानि (अत्यधिकानि) सुखानि इच्छति।

(वह अत्यधिक सुखों की इच्छा करता है।)

4-ख(ख)श्लोक संख्या 7 के आधार पर — सः कदापि किं न कुर्यात्?Show solution

उत्तर: सः कदापि परेषाम् अहितम् (अनिष्टं कर्म) न कुर्यात्।

(वह कभी भी दूसरों का अहित करने वाला कार्य न करे।)

4-ख(ग)श्लोक संख्या 7 के आधार पर — सः केभ्यः अहितं न कुर्यात्?

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5(क)'विद्याधनं महत्' — इस कथन के समक्ष मञ्जूषा से तद्भावात्मक सूक्ति लिखिए।

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5(ख)'आचारः प्रथमो धर्मः' — इस कथन के समक्ष मञ्जूषा से तद्भावात्मक सूक्ति लिखिए।

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5(ग)'चित्ते वाचि च अवक्रता एव समत्वम्' — इस कथन के समक्ष मञ्जूषा से तद्भावात्मक सूक्ति लिखिए।

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6(अ)(क)'पक्वः' का विलोम शब्द चुनिए — (परिपक्वः, अपक्वः, क्वथितः)

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6(अ)(ख)'विमूढधीः' का विलोम शब्द चुनिए — (सुधीः, निधिः, मन्दधीः)

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6(अ)(ग)'कातरः' का विलोम शब्द चुनिए — (अकरुणः, अधीरः, अकातरः)

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6(अ)(घ)'कृतज्ञता' का विलोम शब्द चुनिए — (कृपणता, कृतघ्नता, कातरता)

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6(अ)(ङ)'आलस्यम्' का विलोम शब्द चुनिए — (उद्विग्नता, विलासिता, उद्योगः)

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6(अ)(च)'परुषा' का विलोम शब्द चुनिए — (पौरुषी, कोमला, कठोरा)

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6(आ)(क)'प्रभूतम्' के तीन समानार्थक शब्द शब्द-मञ्जूषा से लिखिए।

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6(आ)(ख)'श्रेयः' के तीन समानार्थक शब्द शब्द-मञ्जूषा से लिखिए।

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7(क)विग्रह: 'तत्त्वार्थस्य निर्णयः' — समस्तपद और समास का नाम लिखिए।

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7(ख)विग्रह: 'वाचि पटुः' — समस्तपद और समास का नाम लिखिए।

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7(ग)विग्रह: 'धर्मं प्रददाति इति (ताम्)' — समस्तपद और समास का नाम लिखिए।

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7(घ)विग्रह: 'न कातरः' — समस्तपद और समास का नाम लिखिए।

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7(ङ)विग्रह: 'न हितम्' — समस्तपद और समास का नाम लिखिए।

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7(च)विग्रह: 'महान् आत्मा येषाम्' — समस्तपद और समास का नाम लिखिए।

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7(छ)विग्रह: 'विमूढा धीः यस्य सः' — समस्तपद और समास का नाम लिखिए।

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19 more solved questions in सूक्तय

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in सूक्तय for CBSE Class 10 Sanskrit?
Key topics in सूक्तय include ग्रन्थपरिचयः, प्रथमः श्लोकः — विद्याधनम्, द्वितीयः श्लोकः — चित्तवाचोः सरलता, तृतीयः श्लोकः — कठोरा वाणी तथा मूर्खता. Study these first, then practise questions on each for the CBSE Class 10 board exam.
Are these NCERT Solutions for सूक्तय free?
The first 19 of the 38 solutions on this page are open to read. The other 19 are free with a Super Tutor account — signing up is free and needs no card.
How should I revise सूक्तय for the CBSE Class 10 board exam?
Learn the core ideas first, then work through the 133 practice questions on सूक्तय. Revise definitions regularly and use flashcards for quick recall before the exam.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.

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